ख्वाजा आसिफ के बिगड़े बोल पर इजरायली PM नेतन्याहू ने लताड़ा (फोटो साभार : NDTV)
इजरायल और पाकिस्तान के बीच कड़वाहट काफी बढ़ गई है। विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को इंसानियत के लिए ‘अभिशाप’ और ‘कैंसर’ कह दिया। इस पर पलटवार करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दफ्तर ने कड़ा बयान जारी किया है। नेतन्याहू ने कहा कि किसी देश की सरकार से इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकती, खासकर उस देश से जो शांति के लिए बिचौलिया बनने का दावा करता हो। बता दें कि पहली बार इजरायल ने सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान को एक ‘आतंकवादी देश’ करार दिया है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने क्या कहा था?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट डाला था। ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को ‘बुराई’ और ‘इंसानियत के लिए श्राप’ बताया। ख्वाजा आसिफ ने लिखा कि जब इस्लामाबाद में शांति की बातें हो रही हैं, तब इजरायल लेबनान में नरसंहार कर रहा है।
ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान में मासूमों का खून बहाया जा रहा है। उन्होंने इजरायल को एक ‘कैंसर वाला देश’ बताते हुए ‘वे नरक में जलें’ जैसे विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया।
नेतन्याहू का जवाब, पाकिस्तान पर भरोसा नहीं
पाक रक्षा मंत्री के इस बयान के बाद इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को मोर्चा संभाला। इजरायल की ओर से कहा गया कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा इजरायल को मिटाने की बात करना बेहद अपमानजनक है। इजरायल ने पाकिस्तान की साख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो देश खुद को शांति का दूत बताता हो, उसके मुँह से ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं।
इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह शांति वार्ता में पाकिस्तान को एक भरोसेमंद खिलाड़ी नहीं मानता। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि अमेरिका भले ही अपने कारणों से पाकिस्तान की मदद ले रहा हो, लेकिन इजरायल पाकिस्तान को क्रेडिबल (भरोसेमंद) नहीं मानता। उन्होंने इसकी तुलना कतर और तुर्की जैसे देशों से की, जिन्हें इजरायल समस्या पैदा करने वाला मानता है। इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह केवल अमेरिका के साथ तालमेल बिठाकर ही आगे बढ़ना चाहता है।
No comments:
Post a Comment