‘इस्तीफा नहीं दूँगी, अब मैं आजाद परिंदा हूँ’, मेरे पेट पर लात मारी : ममता बनर्जी ; लेकिन आरोपों का एक भी सबूत पेश नहीं किया

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने 15 साल से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी को कुर्सी से उतार दिया है। हार के बाद पहली बार मीडिया के सामने आईं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बेहद आक्रामक नजर आईं। उन्होंने न केवल चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर धांधली के आरोप लगाए, बल्कि खुद के साथ मारपीट होने का भी सनसनीखेज दावा किया। हालाँकि, इन गंभीर आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं किया।

‘मेरे पेट और पीठ पर मारी लात’

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जब वे मतगणना केंद्र के अंदर गईं, तो उनके साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने दावा किया, “उन्होंने मेरे पेट में लात मारी, मुझे पीछे से पीटा और मेरे साथ हाथापाई की। उस समय वहाँ के CCTV कैमरे बंद कर दिए गए थे।” ममता का आरोप है कि करीब 200 बाहरी गुंडों और CRPF के जवानों ने मिलकर उनके काउंटिंग एजेंट्स को डराकर बाहर निकाल दिया। उनके मुताबिक, जब वे 30 हजार वोटों से आगे चल रही थीं, तब ‘खेल’ करके उन्हें हराया गया।

चुनाव आयोग को बताया ‘विलेन’

ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें लोकतंत्र का ‘विलेन’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग और बीजेपी के बीच ‘सेटिंग’ थी। ममता ने ईवीएम (EVM) पर भी सवाल उठाए और कहा कि मतदान के कई दिनों बाद भी मशीनों में 80-90% चार्ज कैसे रह सकता है? उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले लाखों वोटरों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे।

‘इस्तीफा नहीं दूँगी, अब मैं आजाद परिंदा हूँ’

हार के बावजूद ममता बनर्जी के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि वे राजनीति से पीछे नहीं हटेंगी और इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा, “अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं एक आम नागरिक और एक आजाद परिंदा हूँ। अब मैं पूरे देश में घूमकर ‘इंडिया गठबंधन’ (INDI Alliance) को मजबूत करूँगी।”
ममता बनर्जी ने बताया कि राहुल गाँधी, अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे जैसे नेताओं ने उन्हें फोन कर अपना समर्थन दिया है।


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