प्रतीकात्मक तस्वीर (साभार: दैनिक जागरण)
सीरिया से लौटते ही ऑस्ट्रेलिया में तीन महिलाओं को आतंकवाद और गुलामी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया है। मेलबर्न एयरपोर्ट पर 53 वर्षीय महिला और उसकी 31 वर्षीय बेटी को हिरासत में लिया गया। दोनों पर आरोप है कि वे 2014 में इस्लामिक स्टेट (ISIS) का समर्थन करने के लिए सीरिया गई थीं।
शुरू में तो पैसे के लालच में लड़कियां ISIS में शामिल होने अपना मुल्क छोड़ देती है, लेकिन दुर्गति होने पर ISIS के चुंगल से भाग जाती है। 2019 में भी एक हसीना ब्रिटेन से भाग ISIS में शामिल हो गयी और ‘जिहादी दुल्हन’ के नाम से दुनिया भर चर्चित हुई।
ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस के मुताबिक, 53 वर्षीय महिला ने करीब 10 हजार अमेरिकी डॉलर (साढ़े 8 लाख से 9 लाख तक) देकर एक महिला को गुलाम के तौर पर खरीदा था, जबकि उसकी बेटी ने उसे अपने घर में गुलाम बनाकर रखा। दोनों पर मानवता के खिलाफ अपराध और गुलामी से जुड़े आरोप लगाए गए हैं, जिनमें 25 साल तक की सजा हो सकती है।
पुलिस के अनुसार, ISIS के पतन के बाद 2019 में कुर्द बलों ने इन महिलाओं को पकड़ लिया था। तब से वे सीरिया के अल-रोज कैंप में रह रही थीं। गुरुवार (7 मई 2026) की रात कतर एयरवेज की फ्लाइट से मेलबर्न पहुँचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
वहीं 32 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई महिला जनई सफर को सिडनी एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उस पर प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने और ISIS में शामिल होने का आरोप है। जाँच एजेंसियों का कहना है कि वह 2015 में अपने शौहर के पास सीरिया गई थी, जो पहले से ISIS का लड़ाका था।
ISIS की ‘जिहादी दुल्हन’ के नवजात बच्चे की मौत, सीरिया से आना चाहती है वापस
2019 में ब्रिटेन ‘जिहादी दुल्हन’ के नाम से दुनिया भर चर्चित हुई शमीमा बेगम के नवजात बेटे की मौत हो गई है। यह जिहाद का जुनून ही था कि आईएसआईएस में शामिल होने के लिए बेगम महज 15 साल की उम्र में लंदन से भागकर सीरिया पहुँच गई थी। आज उसके उसी जुनून ने उसकी ज़िन्दगी ज़हन्नुम बना दी है।
दुनिया भर में उस समय सुर्खियों में छा गई, जब इस ‘ज़िहादी दुल्हन’ ने उसने सार्वजनिक रूप से ब्रिटिश सरकार से उसे वापस आने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
बांग्लादेशी मूल की ब्रिटिश युवती ने 2015 में सीरिया जाकर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल होने का फैसला लिया था। ब्रिटेन से भागकर आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल हुई शमीमा बेगम को पिछले दिनों बांग्लादेश और नीदरलैंड्स ने भी झटका दिया था। दोनों ही देशों ने उसे अपने यहाँ शरण देने से मना कर दिया था।
इससे पहले ब्रिटेन ने जिहादी दुल्हन के नाम से पहचान बना चुकी शमीमा की नागरिकता रद्द कर दी थी। तब बांग्लादेश ने अपनी सफाई में कहा था कि शमीमा के पास अब दोहरी नागरिकता नहीं है, इसलिए उसका फिलहाल उनके देश से कोई लेना-देना नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीरियन डेमोक्रेट के प्रवक्ता ने बताया कि बेगम के नवजात बेटे की मौत खराब स्वास्थ्य के कारण हुई है। दो सप्ताह पहले ही जन्मे बच्चे का नाम जर्राह था और जन्म के समय से ही न्यूमोनिया पीड़ित था।
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