इराक में बच्ची की हत्या ( फोटो साभार-X@ndtv)
इराक की राजधानी बगदाद में एक 13 साल की मासूम बच्ची कौसर बशर अल हुसैजावी को उसके अब्बा, चचाजान और मंगेतर ने मिलकर हत्या कर दी। बच्ची का कसूर सिर्फ इतना था कि वह निकाह नहीं करना चाहती थी, क्योंकि मंगेतर शराबी और ड्रग्स डीलर था। इतना ही नहीं हत्यारों ने उसकी हत्या कर जश्न मनाया। ढोल-नगाड़े बजाए गए और पुरुषों की जमात उस पर ताल मिलाती नजर आई।
उसे मारने का तरीका भी विभत्स था। मृतक की एक रिश्तेदार के मुताबिक, मेरे कबीले के आदमियों ने मेरी रिश्तेदार 15 साल की कौसर बशर अल-हुसैजावी को एक गड्ढे में फेंक दिया और उसके शरीर पर मिट्टी डाल दी। उन्होंने कुल्हाड़ी से उसका सिर फोड़ दिया और फिर 10 गोलियाँ दाग दी। फिर मेरा परिवार भी दूसरों के साथ सड़कों पर आकर नाचने और उसकी मौत का जश्न मनाने लगा।
इराक में उम्रदराज से शादी से बचकर भागी बच्ची, परिवार ने सिर में मारी 10 गोलियां; हत्या कर मनाया जश्न#Iraqhttps://t.co/1ml1IV2yrm
— NDTV India (@ndtvindia) June 1, 2026
दरअसल कौसर की 13 साल की उम्र में पहला निकाह हुआ था। बगदाद के दक्षिण-पूर्व में कवथर जिले के अल-नहरावन में रहती थी। उसे स्कूल छुड़वाया गया और 13 साल की उम्र में उससे कई साल बड़े एक शराबी से निकाह कर दिया गया।
वह एक साल तक हिंसा का शिकार होती रही। मौका पाते ही वह अपने परिवार के पास वापस भाग गई। परिवारवालों ने उसे घर में नजरबंद रखा और उसे अपने पति के पास जाने के लिए मजबूर करता रहा। इस दौरान कौसर ने अपनी जान लेने की धमकी दी और आखिरकार 2025 के आखिर में कोर्ट में उसका तलाक हो गया।
इसके तुरंत बाद उसका कजिन जेल से रिहा हो गया और उसने कौसर के माता-पिता से निकाह करने की बात कही। कौसर ने मना कर दिया। परिजनों को भी पता था कि दूल्हा ड्रग्स और शराब का धंधा करता है। उसके परिवार ने फिर भी कौसर पर निकाह का दबाव डाला। कबीले की नीति के मुताबिक, ‘लड़की किसी आदमी की बात नहीं टाल सकती।’ घर पर उसकी माँ और महिला रिश्तेदार उसके पक्ष में खड़ी नहीं हो सकी। वह अकेली पड़ गई।
जैसे-जैसे निकाह का दिन नजदीक आ रहा था, उसे लगता था कि रेप और हिंसा का एक नया दौर पास आ रहा है। डर के साए में जी रही कौसर ने अपना घर छोड़ दिया। उसने न तो पढ़ाई ठीक से की थी और न ही उसे पैसा कमाना आता था। वह अकेले अपने कुछ कपड़े लेकर घर से निकल गई।
घर से भागते हुए उसे एक पड़ोसी ने देख लिया, फिर क्या था मौके का फायदा उठाकर उसे 3 दिनों तक अपने कब्जे में रखा और उसके साथ ‘बहुत बुरा’ किया। कौसर की रिश्तेदार ने ये नहीं बताया कि उन तीन दिनों में उसके साथ क्या हुआ। परिवार को लगा कि वह उसके साथ जानबूझकर गई है। हालाँकि कौसर ये विश्वास दिलाती रही कि उसका किडनेप हुआ है और वह अपनी मर्जी से वहाँ नहीं थी।
सर्विलांस कैमरों में भी उसे जबरदस्ती घसीट कर ले जाते हुए वीडियो सामने आए, लेकिन परिवार ने लड़की को सजा दी। उसे गड्ढे में फेंक दिया गया और मिट्टी डाल दी गई। सभी वहाँ जमा होने लगे। थोड़ी देर बाद उसे निकाल कर पीटा। सिर फोड़ दिया और अंत में 10 गोलियाँ दाग दी।
No comments:
Post a Comment