भारत में घुसे बांग्लादेशी मियाँ-बीवी (रमजान-सादिना) ने 14 साल में खड़ा कर लिया करोड़ों का साम्राज्य: कभी सड़क किनारे बेचते थे नारियल-ताड़

        सड़क पर नारियल बेचने वाले बांग्लादेशी रमजान-सादिना निकले करोड़ों के मालिक(फोटो साभार : ChatGPT)
अक्सर फल-सब्ज़ी और खोमचे वाले को लोग गरीब कहते हैं, जबकि वह किसी वेतनभोगी से ज्यादा खुशहाल होते हैं। वेतनभोगी एक छोटा-सा मकान लेने से पहले हज़ार बार सोंचता है लेकिन ये खड़े-खड़े शानदार मकान का सौदा करने की हिम्मत रखते हैं। दिल्ली गोलचा सिनेमा के पीछे तिराहे बहराम खां पर रेहड़ी पर फल बेचने वाले मकान मालिक बने बैठे हैं। 
दो बार एक जूस बेचने वाले और एक गोलगप्पे बेचने वाले के बच्चों की शादी में जाने का मौका मिला। कोई वेतनभोगी उस तरह की शादी नहीं कर सकता जिस तरह की शानदार शादी इन लोगों ने की। 
इतना ही नहीं, जामा मस्जिद पर कल्लन स्वीट्स के थोड़ा-सा आगे शाम के समय एक माँ-बेटी भीख मांगती थी। कई दिन से नहीं दिखने पर जानकर दुकानदारों से पूछने पर मालूम हुआ की लड़की का निकाह हो गया। उन्होंने जो खुलासा किया वाकई चौकाने वाला था। महावीर वाटिका में निकाह हुआ, दहेज़ में कार, चिकन और मटन(कोई दूसरा मीट नहीं)  की दावत। दहेज़ में कार सुनकर हैरानी तो हुई लेकिन उन्होंने बताया कि इसकी दो कारें पहले ही किराये पर चल रही है। 
भीखना मांगना अपने आपमें एक बहुत बड़ा व्यापार है। शायद ध्यान हो, कुछ महीने पहले शायद मुंबई से एक भिखारी को गिरफ्तार करने पर मालूम हुआ कि वह करोड़ों का मालिक है और सैकड़ों भिखारी उसके अंतर्गत भीख मांग रहे हैं। सोशल मीडिया पर बहुत उस करोड़पति व्यापारी की फोटो भी खूब वायरल हुई थी। देखिए वीडियो 

              
पश्चिम बंगाल के हावड़ा से पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठिया दंपती रमजान गाजी और उसकी बीवी सादिना बेगम को गिरफ्तार कर लिया है। जाँच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

कभी सड़क किनारे कच्चा नारियल (डाब) और ताड़ के फल बेचने वाला यह दंपती महज कुछ ही सालों में करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन बैठा। अब पुलिस और जाँच एजेंसियाँ इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या इस खेल के पीछे सत्ताधारी पार्टी TMC के स्थानीय नेताओं का हाथ है।

दलालों के सहारे आए, प्रमोटर बनकर छाए

यह दंपती करीब 14 साल पहले दलालों की मदद से बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत घुसा था। शुरुआत में दोनों ने पेट पालने के लिए फल बेचे। इसके बाद रमजान गाजी ने चालाकी से स्थानीय प्रमोटरों से साँठगाँठ कर ली। वह पुराने मकान तोड़ने और जमीन की खरीद-बिक्री के धँधे में उतर गया।

कारोबार चमकते ही रमजान ने मलबा ढोने के लिए अपना ट्रक खरीद लिया और जमीनों की डीलिंग करने लगा। इसी अवैध कमाई से उसने कई जमीनें खरीदीं और अपना एक आलीशान दोमंजिला पक्का मकान भी बना लिया। पुलिस अब इनके पूरे सिंडिकेट और पॉलिटिकल नेटवर्क को खंगाल रही है। 

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