राम चित्र अपमान पर ढाका में हिंदुओं का विरोध प्रदर्शन। (फोटो साभार - दिनाजपुर टीवी)
आज भारत के अधिकांश राज्यों में भगवा लहराने का देश पर इतना असर नहीं पड़ा जितना बंगाल में लहराने से पड़ना शुरू हुआ है। बंगाल चुनाव सिर्फ चुनाव नहीं था सनातन का शंखनाद था। बंगाल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी यदि मुस्तैदी से सनातन विरोधियों पर कार्यवाही करते रहेंगे, बंगाल को घुसपैठ मुक्त करने से इसकी गूंज भारत ही नहीं विश्व में होगी। भारत में आज़ादी की चिंगारी बंगाल से निकली थी। ब्रिटिश सरकार महात्मा गाँधी या कांग्रेस से डरकर नहीं बल्कि बंगाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस से डरकर गयी थी। हाथ कंगन को आरसी क्या पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या। बंगाल चुनाव के बाद से सनातन विरोधियों की पार्टियां धराशाही हो रही है। दफ्तर में छंटनी का कानून है last come first go शायद यही कानून सनातन विरोधी पार्टियों पर भी अपने आप लागु हो चूका है।
टीवी पर होनी वाली परिचर्चाओं में मुस्लिम कट्टरपंथी और इनकी समर्थक पार्टियां जब घिर रही होती है तो मुद्दे से भटकाते संविधान की दुहाई देते नज़र आते हैं। अयोध्या राममन्दिर में 200 करोड़ रूपए के घोटाले को जिस तरह उछाला जा रहा है इसके पीछे हिन्दुओं को राममन्दिर से दूर करने का बहुत गहरा षड़यंत्र है। प्रभु श्रीराम द्वारा सच्चाई सामने आने पर हिन्दुओं को बाँटने वाले चाहे वह मीडिया हो या राम विरोधी पार्टियां सब चारों खाने चित होंगे। अगर बंगाल में शुभेंदु अधिकारी शंखनाद कर रहे है तो उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पीछे नहीं रहने वाले।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका शुक्रवार (19 जून) को जय श्री राम के नारों से गूँज उठी। भगवान राम के अपमान के विरुद्ध सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतरकर हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। मसाल जुलूस निकालते हुए इस्लामी कट्टरपंथियों पर कार्रवाई के लिए बांग्लादेश की सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही कहा है कि देश के सभी 64 जिलों में एक-एक राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी ढाका के शाहबाग चौराहे पर इकट्ठा हुए थे। वहाँ उन्होंने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और न्याय की माँग की। हिंदुओं ने सरकार को दोषियों को पकड़ने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे रविवार (21 जून) को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को ज्ञापन सौंपेंगे।
Dhaka | Hindu community in Bangladesh protest against 'the insult of Lord Ram' and held a torchlight procession in Dhaka, demanding the arrest of the culprit
— Avinash K S🇮🇳 (@AvinashKS14) June 19, 2026
Construction of an idol of Lord Ram at the Sanatan Complex at Polash Bari in Gaibandha was halted after
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