जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा बांग्लादेश; प्रभु श्रीराम की फोटो पर जूते मारने वालो को गिरफ्तार करो; सभी 64 ज़िलों में बनेगा राम मन्दिर

                   राम चित्र अपमान पर ढाका में हिंदुओं का विरोध प्रदर्शन। (फोटो साभार - दिनाजपुर टीवी)
आज भारत के अधिकांश राज्यों में भगवा लहराने का देश पर इतना असर नहीं पड़ा जितना बंगाल में लहराने से पड़ना शुरू हुआ है। बंगाल चुनाव सिर्फ चुनाव नहीं था सनातन का शंखनाद था। बंगाल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी यदि मुस्तैदी से सनातन विरोधियों पर कार्यवाही करते रहेंगे, बंगाल को घुसपैठ मुक्त करने से इसकी गूंज भारत ही नहीं विश्व में होगी। भारत में आज़ादी की चिंगारी बंगाल से निकली थी। ब्रिटिश सरकार महात्मा गाँधी या कांग्रेस से डरकर नहीं बल्कि बंगाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस से डरकर गयी थी। हाथ कंगन को आरसी क्या पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या। बंगाल चुनाव के बाद से सनातन विरोधियों की पार्टियां धराशाही हो रही है। दफ्तर में छंटनी का कानून है last come first go शायद यही कानून सनातन विरोधी पार्टियों पर भी अपने आप लागु हो चूका है। 

टीवी पर होनी वाली परिचर्चाओं में मुस्लिम कट्टरपंथी और इनकी समर्थक पार्टियां जब घिर रही होती है तो मुद्दे से भटकाते संविधान की दुहाई देते नज़र आते हैं। अयोध्या राममन्दिर में 200 करोड़ रूपए के घोटाले को जिस तरह उछाला जा रहा है इसके पीछे हिन्दुओं को राममन्दिर से दूर करने का बहुत गहरा षड़यंत्र है। प्रभु श्रीराम द्वारा सच्चाई सामने आने पर हिन्दुओं को बाँटने वाले चाहे वह मीडिया हो या राम विरोधी पार्टियां सब चारों खाने चित होंगे। अगर बंगाल में शुभेंदु अधिकारी शंखनाद कर रहे है तो उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पीछे नहीं रहने वाले।  

बांग्लादेश की राजधानी ढाका शुक्रवार (19 जून) को जय श्री राम के नारों से गूँज उठी। भगवान राम के अपमान के विरुद्ध सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतरकर हिंदुओं ने प्रदर्शन किया। मसाल जुलूस निकालते हुए इस्लामी कट्टरपंथियों पर कार्रवाई के लिए बांग्लादेश की सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही कहा है कि देश के सभी 64 जिलों में एक-एक राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

प्रदर्शनकारी ढाका के शाहबाग चौराहे पर इकट्ठा हुए थे। वहाँ उन्होंने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और न्याय की माँग की। हिंदुओं ने सरकार को दोषियों को पकड़ने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे रविवार (21 जून) को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को ज्ञापन सौंपेंगे।

64 जिलों में आंदोलन की चेतावनी

मशाल जुलूस में शामिल हिंदुओं ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपित गिरफ्तार नहीं हुए, तो आंदोलन पूरे देश में फैलेगा। बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में उग्र प्रदर्शन किए जाएँगे। शनिवार (20 जून) को ‘बांग्लादेश पूजा उद्जापन परिषद’ ने भी देशव्यापी विरोध का ऐलान किया है। हिंदुओं का कहना है कि वे हर जिले में भगवान राम का मंदिर बनाकर रहेंगे।

जगह-जगह हुआ विरोध प्रदर्शन

शुक्रवार (19 जून) सुबह भी ढाका में अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए। हिंदू महाजोत के दो गुटों ने नेशनल प्रेस क्लब और ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी में कार्यक्रम किए। प्रेस क्लब के सामने एक बड़ा मानव बंधन बनाया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री से मिलने और रैलियाँ निकालने की भी योजना बनाई है। उनकी माँग है कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
अवलोकन करें:-
बांग्लादेश : भगवान राम के पोस्टर पर मारे जूते-चप्पल, जुमे की नमाज के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने
nigamrajendra.blogspot.com
बांग्लादेश : भगवान राम के पोस्टर पर मारे जूते-चप्पल, जुमे की नमाज के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने
भारत में घुसपैठियों को अपना दामाद बनाकर पालने वाले नेताओं और उनकी पार्टियों में लेशमात्र भी शर्म है सभी को एकजुट ह... 

पूरा मामला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रंगपुर डिवीजन के गाइबांधा जिले में भगवान राम का मंदिर और 81 फीट ऊँची प्रतिमा बनाई जा रही थी। कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों ने इस निर्माण को रुकवा दिया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भगवान राम की तस्वीर वाले बैनर पर चप्पलें मारी गईं। इसका Video वायरल हुआ। इस घटना से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है।

No comments: