कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोमवार (1 जून 2026) को रेप के आरोपित 23 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र को जमानत देने से इनकार कर दिया। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि भारत में कानून की धार खत्म हो गई है, इसलिए अब लोग कानून का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे में अगर हाथ-पैर काटे दिए जाएँ तो लोग खुद कानून का पालन करने लगेंगे।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने अरब देशों की सख्त सजाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लोग वहाँ कानून का पालन करते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि सजा क्या मिलेगी। वहीं अब भारत में लोगों को कानून का डर नहीं है।
मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस आर नटराज ने कहा, “कानून की धार इसलिए खत्म हो गई है क्योंकि हम अपराधियों के साथ सख्ती से पेश नहीं आते। इसी वजह से अपराध करना बहुत आसान हो गया है। अगर आप किसी का हाथ या पैर काट देंगे, तो शायद लोग कानून का पालन करना सीख जाएँगे। क्योंकि हमारे पास लोकतंत्र है, हर कोई इसका फायदा उठाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आज अपराध इस तरह किए जा रहे हैं जैसे यह एक सामान्य बात हो। उन्होंने कुछ पश्चिम एशियाई यानी अरब देशों की दंड देने की व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ की सख्त सजा लोगों को कानून का सम्मान करने और अपराध करने से पहले सोचने के लिए मजबूर करती है।
नमक खाओगे तो पानी भी पीना पड़ेगा: कर्नाटक हाई कोर्ट
आरोपित अप्रैल 2026 की शुरुआत से न्यायिक हिरासत में है। बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि उनका आरोपित करीब दो महीने से जेल में है और उस पर लगाए गए आरोप वर्ष 2023 की घटना से जुड़े हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि उसने कोई अपराध नहीं किया है।
हालाँकि सुनवाई के दौरान जस्टिस नटराज ने कहा, “अगर नमक खाओगे तो पानी भी पीना पड़ेगा। उसे चार-पाँच दिन और जेल में रहने दो। उसे जेल की आदत हो जाए। कौन जाने, अगर सजा हुई तो फिर से जेल जाना पड़ सकता है।” हाई कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 8 जून को निर्धारित की है।
सहपाठी ने लगाया था यौन शोषण का आरोप
अभियोजन के अनुसार, आरोपित और शिकायतकर्ता मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के छात्र थे और एक-दूसरे को पहले से जानते थे। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों के बीच पहले संबंध भी रहे थे, लेकिन बाद में युवती ने आरोपित से दूरी बना ली थी। शिकायत के अनुसार, सितंबर 2023 में आरोपित ने बातचीत करने के बहाने युवती को एक अपार्टमेंट में बुलाया।
आरोप है कि वहाँ उसने युवती का यौन शोषण किया। शिकायतकर्ता ने बाद में राष्ट्रीय महिला आयोग (NSW) से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई और जाँच शुरू हुई।
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