करोड़ों की वसूली में TMC नेता सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार (फोटो साभार : ETVbharat)
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने TMC को एक और बड़ा झटका दिया है। पुलिस ने बिधाननगर नगर निगम के पूर्व चेयरमैन और दिग्गज TMC नेता सब्यसाची दत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। सब्यसाची दत्ता पर करोड़ों रुपए की रंगदारी और उगाही करने का गंभीर आरोप है।
बिधाननगर नॉर्थ पुलिस ने सोमवार (8 जून) को उन्हें राजारहाट स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। राज्य में सरकार बदलने के बाद से TMC नेताओं पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। सब्यसाची दत्ता बिधाननगर-राजारहाट इलाके के बेहद प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।
जानकारी के अनुसार, सब्यसाची दत्ता पर दंगा करने का आरोप है। एक व्यापारी ने सब्यसाची के खिलाफ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी एफआईआर के आधार पर पुलिस ने तृणमूल के पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया। सब्यसाची ने 26वें चुनाव में तृणमूल के टिकट पर बारासात से चुनाव लड़ा था। इससे पहले वे राजारहाट-न्यूटाउन निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल के विधायक रह चुके हैं। सब्यसाची बिधाननगर नगरपालिका के महापौर भी रह चुके हैं।
पुलिस काफी समय से इन आरोपों की जाँच कर रही थी। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब TMC में बड़ी बगावत के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी के करीब 20 विधायक दिल्ली में एनडीए (NDA) के बड़े नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। ये सभी विधायक जल्द ही एनडीए में शामिल होना चाहते हैं।
देर रात हुए गिरफ्तार
उस शिकायत के आधार पर, सब्यसाची को सोमवार रात को उनके न्यूटाउन स्थित फ्लैट से गिरफ्तार कर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। लंबी पूछताछ के बाद, जब उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो पुलिस ने उन्हें देर रात गिरफ्तार कर लिया। उन्हें मंगलवार(9 जून) को बिधाननगर अदालत में पेश किया जाएगा। हालांकि, बिधाननगर उत्तर पुलिस स्टेशन ने इस संबंध में अब तक कोई घोषणा नहीं की है। सब्यसाची के खिलाफ जबरन वसूली या मानसिक उत्पीड़न के आरोप नए नहीं हैं। न सिर्फ व्यापारी और आम लोग, बल्कि पार्टी के भीतर भी उनके खिलाफ कई आरोप लग चुके हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी समय-समय पर लगते रहे हैं।
पहले भी होती रही है शिकायत
मधुसूदन चक्रवर्ती ने पहले भी कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, तृणमूल सरकार के दौरान पुलिस की निष्क्रियता के आरोप लगे थे। आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। लेकिन सरकार बदलने के बाद वही पुलिस अब सक्रिय हो गई है। राज्य में सत्ता में आने के बाद से भाजपा सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को किसी भी तरह से बख्शा नहीं जाएगा। तब से पुलिस लगातार सक्रिय है। तृणमूल नेताओं और पार्षदों को एक के बाद एक गिरफ्तार किया जा रहा है। इस बार सब्यसाची का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है।
No comments:
Post a Comment