‘जो मुल्क आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति मानता है, उससे नहीं करेंगे समझौता’ : UN में भारत ने PAK को धोया, कहा- अब नहीं काम आएँगे पुराने हथकंडे

                                          भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह (फोटो साभार - एक्स/@Ani)
एक समय था जब भारत पाकिस्तान से गलबहियां करता था, लेकिन बदलते परिवेश में आज उसी पाकिस्तान को उसी भारत के हाथों नीचा देखना पड़ता है। अब भारत की नीति है कि जब तक पाकिस्तान आतंकियों को अपना दामाद बनाकर पालता रहेगा कोई समझौता नहीं होगा।  

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। सिंधु जल संधि मुद्दे को लेकर बढ़ी बहस में भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए साफ कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति की तरह इस्तेमाल करता है, वह सहयोग और सद्भावना पर आधारित समझौतों का फायदा लेने की उम्मीद नहीं कर सकता।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की सचिव अनुपमा सिंह ने कहा कि 1960 में हुई सिंधु जल संधि आज के समय में पुरानी पड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि दुनिया बदल रही है और छह दशक पुराने समझौते को मौजूदा परिस्थितियों से अलग नहीं देखा जा सकता। भारत ने यह भी कहा कि एक तरफ पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है और दूसरी तरफ भारत से सहयोग की उम्मीद करता है, जो तर्कसंगत नहीं है।

पूरा कश्मीर है भारत का हिस्सा

भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के बयानों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।

भारत ने दोहराया कि अब केवल एक ही मुद्दा बचा है, वह है पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को मुक्त कराना। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दुष्प्रचार फैलाकर अपनी घरेलू नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसकी पुरानी रणनीतियाँ अब काम नहीं आएँगी।

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि 26 लोगों की मौत के बाद सिंधु जल संधि को तब तक के लिए स्थगित कर दिया गया है, जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाता। भारत ने पाकिस्तान को अपने आंतरिक मामलों पर ध्यान देने की सलाह देते हुए उसे ‘फ्रेंकेंस्टीन स्टेट’ तक करार दिया।

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