उत्तराखंड : ‘जमीन हड़पने के लिए 90 वर्षीय नसरीन को धमकी दे रहे कांग्रेसी’: बीजेपी का प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप, कहा- सायरा वाड्रा कर रहीं कब्जे की कोशिश

                                                   प्रतिकात्मक तस्वीर (साभार- Dall-E)
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी जो कहते हैं 'Congress is Muslim, Muslim is Congress' लेकिन वही कांग्रेस ही वृद्ध मुस्लिम महिला की जमीन हड़पने में लगी है। यानि मुस्लिम सुरक्षा के नाम ढोंग। ऐसा इसलिए हो रहा परिवार पर लम्बित घोटाले केस। परिवार को लगता है कि केंद्र में अगर बीजेपी सरकार है तो क्या हुआ मनमानी तो हमारी ही चलेगी।   

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा पर उत्तराखंड के किच्छा में 90 वर्षीय मुस्लिम महिला की जमीन हड़पने की कोशिश का समर्थन करने का आरोप लगाया है। बीजेपी ने इस विवाद की तुलना ‘गाँधी-वाड्रा परिवार’ के कथित भ्रष्टाचार से करते हुए ‘नेशनल हेराल्ड मामले’ से की है।

एक प्रेस ब्रीफिंग में भंडारी ने बताया कि उधम सिंह नगर के किच्छा में खान फार्म एस्टेट में मौजूद प्रॉपर्टी के असली कागजात स्वर्गीय कुलसुम खान के नाम पर थे। उनकी 90 साल की बहन नसरीन खान अभी उसी जमीन पर बने मकान में रहती हैं।

भंडारी के मुताबिक, प्रियंका की भाभी और रॉबर्ट वाड्रा के परिवार की सदस्य सायरा वाड्रा उस प्रॉपर्टी पर कब्जा करने में लगी हुई हैं, जबकि प्रॉपर्टी के कागजात उनके नाम पर नहीं हैं।

कांग्रेस विधायक ने बुज़ुर्ग महिला को धमकाया- भंडारी

भंडारी ने बताया कि किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहर देर रात करीब 100 पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विवादित जमीन पर गए और नसरीन खान को धमकाया। विधायक तिलक राज प्रियंका गाँधी वाड्रा के करीबी माने जाते हैं।

भंडारी ने नसरीन खान का बयान दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस के कुछ लोग यहाँ आए हैं। वे मेरे फार्म का कब्जा कर वाड्रा परिवार को सौंपने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि खान ने सिर्फ सायरा वाड्रा का नाम लेने के बजाय पूरे वाड्रा परिवार का जिक्र किया था। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या कांग्रेस विधायक ने प्रियंका वाड्रा या रॉबर्ट वाड्रा के कहने पर महिला को धमकाया था। उन्होंने यह भी कहा कि सायरा और उनके पति सिकंदर आलम ने नसरीन की बहन पर झूठे हलफनामे पर दस्तखत करने का दबाव डाला और एक फर्जी वसीयत बनवाने की कोशिश की।

भंडारी ने कहा कि तरीका यह था कि असली संपत्ति के मालिक को तब तक डराया-धमकाया जाए जब तक वह उसे छोड़कर चली न जाए, जिसके बाद कोई दूसरी पार्टी सिविल विवाद में कब्जे का दावा कर सके।

नेशनल हेराल्ड मामले से घटना की तुलना की

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस विधायक की हरकतें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 के दायरे में आती हैं, जो आपराधिक धमकी से संबंधित है। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार गैर-कानूनी था। उन्होंने कहा, “बात सिर्फ कांग्रेस विधायक तक सीमित नहीं है। जिम्मेदारी प्रियंका वाड्रा की है।

भंडारी ने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े जमीन के मामलों का भी जिक्र किया, जिनमें गुरुग्राम का शिकोहपुर मामला और स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से जुड़ा बीकानेर-कोलायत जमीन का मामला शामिल है।

उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले से भी तुलना की और गाँधी परिवार पर आजादी की लड़ाई लड़ने वालों से जुड़ी संपत्तियों को निजी संपत्ति में बदलने का आरोप लगाया। गाँधी-वाड्रा परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए भंडारी ने पूछा कि क्या प्रियंका ने कांग्रेस विधायक को उस प्रॉपर्टी पर जाने के लिए कहा था और मुसलमानों, महिलाओं और गरीबों का समर्थन करने का दावा करने वाली पार्टी एक 90 साल की मुस्लिम महिला को उसकी जमीन के मामले में क्यों निशाना बना रही थी।

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