राष्ट्रवादी ताकतों और कानून की एक बड़ी जीत के तहत वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अफसर अंकित शर्मा की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दंगाइयों को दोषी करार दिया। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिंह ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत के इस न्यायपूर्ण फैसले पर आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान ने खुलकर दंगाइयों के प्रति अपनी सहानुभूति दिखाते हुए दुख जाहिर किया है। वहीं पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल वोटबैंक की खातिर सुंदरकांड कार्यक्रम के जरिये हिंदुओं को भ्रमित करने में जुटे हैं।
ये आम आदमी पार्टी का असली चेहरा है—दिल्ली में दंगे करवाकर हिंदुओं का कत्लेआम करने वाले को अगर कानून सजा दे रहा है, तो इन्हें दुख हो रहा है। वहीं केजरीवाल जो आजकल चुनावी लाभ के लिए हिंदू हृदय सम्राट बने घूम रहे हैं, वो असल में तुष्टीकरण की राजनीति के तहत देशविरोधी तत्वों को संरक्षण देते रहे हैं।
मर्डर केस में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी
दिल्ली की अदालत ने आईबी कर्मी अंकित शर्मा हत्याकांड में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच कट्टरपंथियों को दोषी करार दिया है। दोषी ठहराए गए आरोपितों में ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस शामिल हैं। इन देशद्रोहियों और दंगाइयों की सजा पर अदालत अलग से सुनवाई करेगी।
ताहिर हुसैन पर कौन से लगे आरोपअदालत ने ताहिर हुसैन को सरकारी आदेश की अवहेलना, सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने, दंगा करने, घातक हथियार के साथ दंगा करने, अपहरण, हत्या तथा गैरकानूनी जमाव के साझा उद्देश्य से अपराध करने के गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया। यह साबित करता है कि ताहिर हुसैन दिल्ली को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने का मुख्य सूत्रधार था।
अंकित शर्मा की हत्या कर शव नाले में फेंका
यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी कर्मी अंकित शर्मा की निर्दयी और बर्बर हत्या से जुड़ा है। कर्तव्यनिष्ठ अंकित शर्मा का शव 26 फरवरी 2020 को चांदबाग इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था। अभियोजन पक्ष ने अदालत में पुख्ता सबूतों के साथ साबित किया कि हिंसक भीड़ ने उनकी हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया था।एक तरफ अदालत ने AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को मर्डर केस में दोषी ठहराया, वहीं AAP विधायक अमानतुल्लाह खान खुलेआम इस खूंखार दोषी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया: “आज अदालत के जरिए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों में दोषी क़रार दिए जाने पर बहुत दुखी हूँ, अल्लाह उसके घर वालों को सब्र अता करे…” अमानतुल्लाह खान का यह बयान साफ दिखाता है कि आम आदमी पार्टी के लिए देश की सुरक्षा और न्याय से बढ़कर उनका खास वोटबैंक है।
आज अदालत के ज़रिए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों में दोषी क़रार दिए जाने पर बहुत दुखी हूँ, अल्लाह उसके घर वालों को सब्र अता करे हमारा क़ानून पर पूरा भरोसा है और अल्लाह की ज़ात से उम्मीद है कि ताहिर हुसैन को ऊपरी अदालत से इंसाफ़ ज़रूर मिलेगा। pic.twitter.com/A9IQNBH1h7
— Amanatullah Khan AAP (@KhanAmanatullah) July 13, 2026
दिल्ली में आयोजित सुंदरकांड कार्यक्रम में लगे पोस्टरों ने एक नये विवाद और आक्रोश को जन्म दे दिया है। भगवान राम और संकटमोचन हनुमान के साथ अरविंद केजरीवाल की तस्वीरों वाले ये पोस्टर सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि हिंदुओं को भ्रमित करने और आम आदमी पार्टी के दंगों में संलिप्त चेहरे पर परदा डालने के उद्देश्य से बनाए गए हैं। एक तरफ पार्टी का पूर्व पार्षद सांप्रदायिक दंगे फैलाता है, मर्डर केस में दोषी करार दिया जाता है, वहीं पार्टी का विधायक अमानतुल्लाह खान दोषी के बचाव में छाती पीटता है। दूसरी तरफ केजरीवाल दिखावे के लिए सुंदरकांड कार्यक्रम करके बहुसंख्यक समाज की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे हैं।
सियावर रामचंद्र की जय..
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 12, 2026
आज मुझे रोहिणी, दिल्ली में आयोजित भव्य सुंदरकांड पाठ में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आज हम सभी राम भक्तों ने यह संकल्प लिया है कि श्री राम मंदिर में डकैती करने वाले महापापियों को फांसी की सजा दिलवाकर ही दम लेंगे। यही भगवान राम का आदेश है और… pic.twitter.com/yn9FontEhw
ताहिर हुसैन को दोषी करार दिए जाने पर प्रियंका वाड्रा के करीबी कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने विक्टिम कार्ड खेलते हुए बेहद शर्मनाक बयान दिया है। उनका कहना है कि ताहिर को सजा इसलिए मिली क्योंकि उसका नाम ताहिर है, उसका नाम कपिल नहीं है। न्यायालय पर सवाल उठाने वाले इस बयान से आप समझ सकते हैं कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का चरित्र क्या है। ये लोग सांप्रदायिक दंगा और मर्डर के दोषी के बचाव में उतर गए हैं। जबकि अदालत ने छह साल चले मुकदमे में ठोस सबूतों के आधार पर ही ताहिर हुसैन को दोषी ठहराया है। यह साफ है कि राष्ट्रवादी भाजपा जहां पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं पूरा विपक्ष देश के दुश्मनों और दंगाइयों की ढाल बनकर खड़ा हो गया है।
यह वीडियो देखिए
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) July 13, 2026
फिर आप समझ जाएंगे कि मैं क्यों बार-बार कहता हूं की जो कोई कांग्रेस का वोट देता है वह किसी हिंदू की औलाद हो ही नहीं सकता
उसके घर जरूर किसी असलम किसी अब्दुल का आना-जाना लगा है
दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन को दोषी पाया गया बाकायदा 6 साल मुकदमा चला हर तरह के… pic.twitter.com/5XEXOm7X6c
24 फरवरी 2020 को चांदबाग इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के नाम पर उग्र मुस्लिम भीड़ ने दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की निर्मम हत्या कर दी थी। हिंसा का यह तांडव यहीं नहीं रुका; इसके अगले दो दिनों तक, यानी 25 और 26 फरवरी को, ताहिर हुसैन की इमारत का इस्तेमाल एक रणनीतिक ठिकाने के रूप में किया गया। इस पांच मंजिला इमारत की छत से पूरे दिन आस-पास की हिंदू बस्तियों पर योजनाबद्ध तरीके से भारी पत्थर, ईंटें, तेजाब की बोतलें और पेट्रोल बम बरसाए गए, जिससे पूरा इलाका जल उठा।
25 फरवरी की शाम, ताहिर हुसैन की इमारत के नीचे जुटी हिंसक और उन्मादी भीड़ ने आईबी अफसर अंकित शर्मा को निशाना बनाया। कर्तव्यनिष्ठ अंकित शर्मा को भीड़ ने जबरन घसीटकर उस इमारत के अंदर खींच लिया, जहां उनके साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। भीड़ ने उनकी बेरहमी से लिंचिंग (हत्या) कर दी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उनके शव को पास के एक गंदे नाले में फेंक दिया। कोर्ट में यह साबित हुआ है कि आम आदमी पार्टी के तत्कालीन पार्षद ताहिर हुसैन ने न केवल इस पूरी खूनी साजिश को अंजाम देने के लिए अपनी इमारत मुहैया कराई, बल्कि उसने अपने समुदाय के लोगों को हिंदुओं के नरसंहार के लिए खुलेआम उकसाया और भड़काया।
The heavily crowded building on the left belongs to @AamAadmiParty leader Tahir Hussain
— Swati Goel Sharma (@swati_gs) July 14, 2026
This is the tallest building in the area where Ankit Sharma lived
Muslim crowds protesting CAA Act killed Constable Ratan Lal in same area on 24 Feb 2020. Then on 25 and 26 Feb, thet used… pic.twitter.com/Q7TKGZdR6Q
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल के दोहरे चरित्र पर सीधा और तीखा हमला बोला है। गौरव भाटिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दंगे और मर्डर के दोषी ताहिर हुसैन के तार आज भी अरविंद केजरीवाल से जुड़े हुए हैं और उसे आज भी केजरीवाल का पूरा संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के अदालती फैसले पर दिए गए बयान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश के न्यायालय ने पुख्ता साक्ष्यों, प्रमाणों और गवाहों की गवाही के आधार पर जो सजा सुनाई है, उसेअमानतुल्लाह खान द्वारा ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताना बेहद शर्मनाक है। गौरव भाटिया ने तीखे सवाल दागते हुए पूछा कि क्या यह सीधे तौर पर देश विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने वाली घटिया ‘वोटबैंक की राजनीति’ नहीं है? उन्होंने केजरीवाल को घेरते हुए पूछा कि क्या अरविंद केजरीवाल अब स्वयं को इस देश के कानून और न्यायालय से भी ऊपर मानने लगे हैं?
अरविंद केजरीवाल से आज भी ताहिर हुसैन के तार जुड़े हुए हैं। आज भी उसे अरविंद केजरीवाल का संरक्षण प्राप्त है।
— Gaurav Bhatia गौरव भाटिया 🇮🇳 (@gauravbhatiabjp) July 14, 2026
अमानतुल्लाह खान ने आज बयान देते हुए कहा कि हमारे देश के न्यायालय ने साक्ष्य, प्रमाण और गवाहों की गवाही के आधार पर जो सज़ा सुनाई है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
क्या यह वोटबैंक… pic.twitter.com/crvG8JMiBZ
आईबी अफसर अंकित शर्मा के हत्यारे ताहिर हुसैन को सजा मिलने के बाद देश के तथाकथित ‘लिबरल इकोसिस्टम’ का घिनौना चरित्र पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान जब अंकित शर्मा की निर्मम हत्या कर उनके शव को नाले में फेंक दिया गया था, तब इस इकोसिस्टम ने पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने के बजाय, मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन को ‘पीड़ित’ साबित करने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। राणा अय्यूब जैसे चेहरों ने खुलेआम विक्टिम कार्ड खेलते हुए दावा किया था कि ताहिर को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार किया गया “क्योंकि उसका सरनेम हुसैन है।” इस पूरे वामपंथी गैंग ने ताहिर को एक बेगुनाह मुस्लिम के रूप में पेश किया, जिसे एक तथाकथित ‘हिंदू बहुसंख्यकवादी राज्य’ द्वारा फंसाया जा रहा था। उन्होंने न्याय की हर मांग को सांप्रदायिक करार दिया और हर कड़वे सच को प्रोपेगैंडा कहकर खारिज कर दिया।
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