हिम्मत है तो अभिजीत दिपके लोकसभा का चुनाव लड़ कर दिखा; मेघालय की शिलांग सीट और असम की नौगावं सीट खाली हैं; देखें वीडियो

सुभाष चन्द्र

धर्मेंद्र प्रधान की बलि लेकर ये मत समझना अभिजीत दिपके खेल ख़त्म हो गया। खेल तुमने शुरू किया है लेकिन ख़त्म मोदी ही करेगा। प्रधान का resignation भी मोदी का मास्टर स्ट्रोक साबित होगा लेकिन ये समझ लो तुम अब ख़त्म हो गए।

हिम्मत है तो पंजाब में पेपर लीक करने पर आंदोलन करके दिखाओं जहाँ तुम्हारे आका केजरीवाल की सरकार है। नहीं करोगे पिटाई होने पर कोई बचाओ में नहीं आएगा क्योकि वहां बीजेपी सरकार नहीं। 

दूसरे, दिपके और इसके आका केजरीवाल, राहुल, अखिलेश और विदेशों में बैठे धर्मेंद्र के इस्तीफे को अपनी जीत समझने की भूल मत करना। धर्मेंद्र का इस्तीफा पूरे गैंग पर ब्रह्मोस का काम करेगा। राँका का प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कबूलना कि हमारे agitation में गुंडों ने घुस माहौल ख़राब किया। इतना ही बोलना इस सच्चाई को साबित करता है कि उपद्रवी पार्टियां छात्रों के नाम और दिपके जैसे बिकाऊ गुंडों के कंधे पर बन्दूक रख चला रहे थे, वही तिलचट्टों का सबसे बड़ा नुकसान है। खेल तो अब शुरू होगा।      

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चर्चित YouTuber 
मोदी ने Farmers’ laws को वापस लेते हुए कहा था किसानों के हित में कानून लाया, देश हित में वापस ले रहा हूँ। 

अब मोदी ने छात्रों के हितों की बात की है और दोषियों को सजा देने का वादा किया है। तो समझ लो तुम्हारे गुंडे भी नपेंगे

तुम कह रहे हो सरकार ने छात्रों के खिलाफ FIR रद्द करने का फैसला लिया है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ वापस लेने की बात कही है, गुंडों के खिलाफ नहीं जिन्होंने पुलिस पर हमला किया, पथराव किया। FIR अगर कथित छात्रों पर वापस भी हो गई तब भी पुलिस रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज हो ही गया और जब पासपोर्ट के लिए पुलिस इन्क्वायरी आएगी, तब काम हो जायेगा

जिस भीड़ को तुमने इकठ्ठा किया किया था उसमे किसी को क्या मिला प्रधान के इस्तीफे से, और तुम्हे भी क्या मिला? धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा नीति में मुगलों को साफ़ किया और यही वामपंथियों और कांग्रेस की आँख की किरकिरी थी लेकिन बहाना बना दिया NEET का। मूर्खों NEET परीक्षा हो गयी रिजल्ट आ गया, छात्र दाखिले में व्यस्त है, फिर ये जमावड़ा क्यों? मोदी के लिए अभ्रद शब्द और जो लड़कियों ने जिस अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया दिखा दिया कि कैसे गिरे हुए परिवार से ये लड़कियां हैं।    

अब ये बताओ तुम्हारा बाप कौन है?

दिपके, तुम कहते हो, ये आंदोलन सोनम वांगचुक का नहीं था;

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि कह रही है राहुल गांधी का PM House पर धरना दिखावा था; 

समाजवादी पार्टी कांग्रेस को कोस रही है;

केजरीवाल की फिर क्या वैल्यू रही;

मतलब किसी को नहीं पता दिपके का बाप कौन है?

या इनका बाप योगेंद्र यादव है जो कहता है सरकार लोकतंत्र से नहीं, सड़क से चलेगी। कुछ पता नहीं कब वो अंदर हो जाये?

अब दिपके कहता है आंदोलन में anti-social elements घुस गए थे

ये कह कर पिंड नहीं छुड़ा सकता। जो भी आए तुम्हारे आंदोलन में आए और उनकी जिम्मेदारी तुम्हारी ही है। 

2500 बदमाश भीड़ में पुलिस ने पहचाने हैं और 250 लोग क्रिमिनल बैकग्राउंड के थे 

दंगा किया इन सबने और पुलिस पर हमला किया। उसकी जिम्मेदारी से तुम बच नहीं सकते

तुम्हारे लोगों ने मोदी के लिए गंदी गंदी भाषा बोली। अर्धनग्न लड़कियों ने बाज़ारू लड़कियों की तरह मोदी के लिए अपशब्द बोले। उसकी जिम्मेदारी भी तुम्हारी है। तुम्हारे गैंग ने उन्हें ऐसी भाषा बोलने के लिए ट्रेनिंग दी। तुम्हारे गुंडों ने जो पुलिस पर हमला किया, अब कौन बचाएगा उन्हें, अब तुम उनकी FIR वापस करने के लिए भी आंदोलन नहीं कर सकते। कोई नहीं आएगा और पब्लिक sympathy नहीं मिलेगी 

NEET exam के लिए  इन नारों का क्या मतलब था -

-सीता का पति नीता के पति का काम कर रहा है;

-RSS मुर्दाबाद, ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद;

भगवान भी मोदी की तरह कमीना है जब चाहे मौसम बदल देता है;

-नाम रहेगा अल्लाह का;

- संत प्रेमानंद जी महाराज नहीं हैं;

-हम हिंदू नहीं हैं हमें हिंदू मत कहो;

-भारत तेरे टुकड़े होंगे

दुबई, कतर, बांग्लादेश से जो खाना भेज रहे थे वो भी लपेटे में आएंगे और सप्लाई करने वाले भी
पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा ने पेपर लीक और परीक्षा विवादों में जवाबदेही को लेकर बड़ा सवाल उठाया है।

उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कर्नाटक के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा विवादों में जवाबदेही का पैमाना सबके लिए एक जैसा होना चाहिए।
“सवाल सिर्फ एक से क्यों, जवाबदेही सबकी होनी चाहिए।”
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आज NEET पेपर लीक विवाद और लंबे विरोध प्रदर्शनों के बीच हुआ है।
केंद्र में इस्तीफा तो राज्यों में क्यों नहीं? अजय जडेजा ने उठाया जवाबदेही में ‘एक देश, एक पैमाना’ वाला सवाल!

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