जुलाई, 20 से जंतर मंतर पर बिना पुलिस अनुमति प्रदर्शन करने वाला अभिजीत दिपके तब बड़ा नेता बना हुआ था और सोनम वांगचुक के साथ नेहा बोरा भी अनशन पर बैठी हुई थी। 5 दिन हिंसा का नंगा नाच किया कॉकरोचों ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटिया से घटिया गलियां दिलाई अपनी बेशर्म लड़कियों से।
सौरव दास और आशुतोष रांका पुलिस ने दबोच लिए 10 अक्टूबर को फिर से जंतर मंतर में घुसने के लिए। उसके पहले दिपके, सौरव और रांका पुलिस में बांड भर चुके थे। लेकिन दिपके डगमगाता रहा, कभी कहा बांड नहीं भरा, कभी कहा भरा तो पर ये नहीं लिखा और वो नहीं लिखा। केजरीवाल को अपना पिता समान बताने लगा।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
अब इस नेहा बोरा की कहानी सुनो कि इसकी जुबान कैसे लड़खड़ाई है।
जब CJP के मंच पर अनशन पर थी तब कोई दिक्कत नहीं थी। फिर 13 अक्टूबर को अपना खुद एक 39 सेकंड का वीडियो बनाया जिसमें उसने बांग्लादेश के Socialist Students Front (SSF) को भारतीयों को मार्ग दिखाने के लिए धन्यवाद किया। वीडियो में बांग्लादेश की तरह सरकार बनाने की बात की नेहा बोरा ने।
लेकिन बांड न भरने के लिए हाई कोर्ट गई जहां उसके वकील ने कहा कि उसका CJP से कोई लेना देना नहीं है। बांड के मामले में उसकी अपील ख़ारिज होने के बाद नेहा बोरा ने कहा कि “उसका वीडियो doctored है, असली नहीं है, उसमे छेड़छाड़ की गई है जिससे उसकी बातों को तोड़ मरोड़ कर रखा गया”। हम किसी सरकार को Overthrow नहीं करना चाहते”।
लेकिन प्रशांत भूषण की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसके बगल में बैठी थी जिसमें वो छाती ठोक कर कह रहा था “हमारी लड़ाई रिजीम चेंज के लिए है और हम रिजीम चेंज करके रहेंगे। तब क्यों नहीं कहा कि आप प्रशांत भूषण की बात से सहमत नहीं हो?
मतलब लोगों को ये वामपंथी बेवकूफ समझते हैं। 14 अक्टूबर को इसने वीडियो अपलोड किया और वह 10 दिन तक टीवी में दिखाया जाता रहा, तब नहीं कहा कि ये वीडियो Doctored है, इसे चलाना बंद करो। अगर वीडियो गलत था तो नेहा बोरा को पुलिस में FIR करनी चाहिए थी कि उसके वीडियो में छेड़छाड़ की जांच के जाए।
इसका एक बयान और देखा मैंने जिसमें उसने कहा कि “मैं भारत की धरती से BJP और RSS को ख़त्म करना चाहती हूं”। उधर राहुल गांधी बोला कि “RSS पुरुषों का एक ऐसा समूह है जो संविधान के खिलाफ है और मानता है कि औरतें पुरुषों की संपत्ति हैं, मैं शिव-शक्ति में विश्वास रखता हूं, इसलिए उनसे लड़कर मुझे बहुत ख़ुशी मिलती है”।
इन लोगों को RSS से कितनी नफरत है। लगता है इन लोगों को RSS की वजह से नींद भी नहीं आती होगी। नेहा बोरा और राहुल गांधी को पता होना चाहिए RSS दुनिया का 100 वर्ष से निरंतर बिना विभाजित हुए चलने वाला संगठन है। नेहरू और फर्जी गांधी परिवार से जोर लगा दिए उसे ख़त्म करने के लेकिन सफल नहीं हुए।
राहुल गांधी क्या शिव-शक्ति की बात करता है जब उसके परिवार के सभी नेता बाबर की कब्र पर माथा रगड़ आए। यह ऐसा निकम्मा है जो शिव को मानने का ढोंग करता है मगर भगवान राम को नहीं मानता जबकि सत्य यह है जो राम का नहीं उसे भगवान शिव भी कभी स्वीकार नहीं करते।


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