ये 57 इस्लामिक देशों का संगठन OIC (Organisation of Islamic Countries) अपनी हर बैठक में भारत के जम्मू कश्मीर पर जहर उगलता है और अबकी बार भारत के अल्पसंख्यकों और इस्लामिक फोबिया पर भी बकबक की। यह संगठन पाकिस्तान को भाव देता है और उसके उकसावे में भारत के खिलाफ टीका टिप्पणी करता है। मजे की बात कि इसके कई सदस्य देशों की भारत के साथ मित्रता है और वे भारत से व्यापार करते हैं। अनेक इस्लामिक देशों में भारतीय काम करते हैं।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
इस पाकिस्तान को दुनिया की 10 शीर्ष भुखमरी से जूझ रहे देशों में शामिल किया गया। यह पाकिस्तान हमारा कब्जाया हुआ POJK तो संभाल नहीं पा रहा लेकिन नज़रें हमारे जम्मू कश्मीर पर हैं जिसके लिए 4 युद्ध लड़ कर मार खा चुका है। इस पाकिस्तान को OIC इतना भाव क्यों दे रहा है?
भारतीय विदेश मंत्रालय ने OIC के रुख पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए OIC के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा है कि “OIC पाकिस्तान का हथियार न बने। OIC की भारत के बारे में की गई टिप्पणियां “दुर्भावनापूर्ण, पक्षपातपूर्ण और झूठी हैं जो पाकिस्तान के इशारे पर की गई हैं”।
भारत ने यह भी कहा है कि “OIC को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं और राजनीतिक मकसद से किया जाने वाला दुष्प्रचार इस हकीकत को कभी नहीं बदल सकता”।
OIC को भारत पर बोलने से पहले पाकिस्तान के खुद के हालात देखने चाहिए जिसके पास लोगों को देने के लिए भोजन नहीं है लेकिन भारत में दंगा फसाद करने के लिए ISI 1300 करोड़ का बजट रखता है। कभी OIC बलूचिस्तान को भी देखे और POJK में हो रहे नरसंहार को देखे। वहां चल रहा है पाकिस्तान का असली इस्लामिक फोबिया।
OIC ने ईरान से कभी कुछ नहीं कहा जिसने मिडिल ईस्ट के सभी इस्लामिक देशों पर हमले किए और अब हूती सऊदी अरब को बर्बाद करने में लगे हैं जहां से इस्लाम शुरू हुआ। सऊदी अरब का मक्का मदीना ही ख़तम हो गए तो इस्लाम तो स्वतः ही ख़त्म हो जाएगा। मक्का समझौते के बावजूद OIC का प्रिय पाकिस्तान और तुर्की सऊदी अरब की मदद करने को तैयार नहीं हैं, मतलब समझौता कर अपनों को ही धोखा दे रहे हैं।
OIC यह भी देखे कि आज डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में पिछले 6 महीनों में 75,000 प्रदर्शनकारी मार दिए गए। वो है असली इस्लामिक फोबिया।
इस्लामिक फोबिया का नज़ारा तो यूरोप के कई देशों में दिखाई दे रहा है। OIC को अगर भारत में अल्पसंखयक सुरक्षित नहीं लगते तो अपने 57 देशों में ले जाए लेकिन ये काम OIC कभी नहीं करेगा क्योंकि वो तो इस्लामिक देशों के गरीब शरणार्थियों को भी अपने किसी देश में पनाह नहीं देता।


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