अहमदाबाद के चंडोला में अवैध बांग्लादेशी बस्ती पर बुलडोजर चलाया गया (फोटो साभार-Video SS )
अहमदाबाद के चंडोला तालाब क्षेत्र में बसे अवैध बांग्लादेशियों को हटाने के लिए बुलडोजर एक्शन शुरू हो चुका है। मंगलवार (20 मई 2025) की तड़के 6 बजे से ही अतक्रमण हटाने का काम तेजी से शुरू हो चुका है।
ईसानपुर क्षेत्र में स्थित सूर्यनगर पुलिस चौकी से मीरा सिनेमा की ओर जाने वाले सड़क पर सभी अवैध मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। इस जगह पर इससे पहले भी अतिक्रमण हटाने का एक्शन किया जा चुका है।
चंडोला तालाब के पास अवैध रूप से रहने वाले बांग्लादेशियों की इतनी तादाद है कि इस जगह को ‘मिनी बांग्लादेश’ के नाम से भी बुलाया जाने लगा है। यहाँ पर अवैध बस्तियों के ध्वस्तीकरण का मंगलवार (20 मई 2025) को दूसरा चरण शुरू हो गया है। धवस्तीकरण की प्रक्रिया में सुरक्षा के लिहाज से 3000 पुलिस वालों की तैनाती की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने ध्वस्तीकरण के लिए अपनी पूरी तैयारी की है। 60 जेसीबी, 40 क्रेन मशीनें लगाई गई हैं। इससे पहले, प्रथम चरण में 1.5 लाख वर्ग मीटर जमीन पर बने अतिक्रमण को ध्वस्त किया हगया था। दूसरे चरण में 2.5 लाख वर्ग मीटर जमीन को साफ करने का लक्ष्य AMC ने तय किया है। इसके तहत 8000 अवैध घर ध्वस्त हो सकते हैं।
250 बांग्लादेशी पकड़े गए, इनमें 207 चंडोला से
अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त जीएस मलिक ने इस कार्रवाई को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चंडोला तालाब काफी समय से बांग्लादेशियों के अवैध रूप से बसने का अड्डा बन चुका है।
2025 में अहमदाबाद से 250 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे, जिनमें से 207 केवल चंडोला क्षेत्र से थे। चंडोला से हर वर्ष लगभग 10 से 40 बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े जाते हैं।
मलिक ने आगे बताया कि दूसरे चरण की कार्रवाई के लिए एक संयुक्त आयुक्त, एक अतिरिक्त आयुक्त, 6 डीसीपी और पीआई समेत कुल लगभग 3000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
पुलिस के साथ साथ 25 SRPF कंपनियाँ भी लगाई गई हैं। साथ ही पूरे एक्शन पर नजर बनाए रखने के लिए ड्रोन का उपयोग भी किया जा रहा है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि ये बुल्डोजर एक्शन लगभग तीन-चार दिन तक चलेगा। ऐसे में पुलिस और प्रशासन पूरी तैयारी करके वहाँ पर तैनात है। हालाँकि अगर समय बढ़ता है तो भी पुलिस पूरी तरह तैयार है।
कानूनी प्रक्रिया में पहुँचे घुसपैठिए
चंडोला ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से शुरू की है। हालाँकि इसे रोकने के लिए कई घुसपैठियों के समर्थक हाईकोर्ट तक पहुंच गए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने इस कार्रवाई को रोकने से मना कर दिया। इससे पहले हजारों की संख्या में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया था।