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मध्य प्रदेश : आखिरी दिन इंदौर से कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम नामांकन वापस लेकर बीजेपी में शामिल ; मुस्लिम महिलाओं में भी मच रही भगदड़

                                                                                  साभार : Facebook/Kailash Vijayvargeeya
मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के साथ ‘खेल’ हो गया है। यहाँ से कांग्रेस  प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नामांकन वापसी के आखिरी दिन अपना नाम ही वापस ले लिया और अब इंदौर में कांग्रेस लड़ाई से बाहर हो गई है।

कांग्रेस ने अपने साम्प्रदायिक मैनिफेस्टो में जो सेकुलरिज्म का नंगा नाच खेला है, यह सिर्फ कांग्रेस को ही नहीं INDI गठबंधन पर भी जरुरत से कहीं ज्यादा भारी पड़ने वाला है। क्योकि गठबंधन में शामिल किसी भी घटक दल ने इसका विरोध नहीं किया है। जिसके चलते मुस्लिम कट्टरपंथी अपने शरिया मंसूबे को पूरा होते देख मुसलमानों से एकतरफा कांग्रेस को वोट देने की घर-घर जाकर अपील कर रहे हैं, जिसका नुकसान अन्य घटक दलों को भी होगा। लेकिन INDI गठबंधन में शामिल हिन्दू भी बीजेपी को हो वोट देने की योजना पर काम कर रहे हैं कि जब मुसलमान एकतरफा वोट दे रहा है फिर हिन्दू क्यों पीछे रहे। अब 'खेला' गठबंधन को किस निचले स्तर तक लेकर जाएगा यह जून 4 को ही पता चलेगा। यानि कांग्रेस ने बड़ा जबरदस्त ध्रुवीकरण का 'खेला' खेल दिया है। 

जिस तरह गठबंधन में ही ध्रुवीकरण होने की खबरे आ रही है, उस हिसाब से गठबंधन 80/90 में ही सिमटता जान पड़ रहा है। देखना है कि सूत्रों के समाचारों पर जून 4 को ही पुष्टि हो पाएगी। दरअसल, कोई भी हिन्दू तो क्या मुस्लिम भी दोबारा गाज़ी(मुग़ल) राज नहीं चाहता, विशेषकर मुस्लिम महिला। गाज़ी राज में मुस्लिम महिला केवल बिस्तर तक सीमित रह जाएगी। मुस्लिम महिलाओं में होती जागरूकता से इस्लाम के ठेकेदारों में बेचैनी होना स्वाभाविक है। एक वीडियो में तो सुश्री नाज़िया खान मर्दों के साथ औरतों द्वारा नमाज़ पढ़ने पर इसलिए मनाही है कि मर्दों का औज़ार खड़ा होने की वजह से मर्द नमाज नहीं पढ़ पाता। 

       

बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला के साथ कलेक्टरी पहुँचकर कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने नॉमिनेशन वापस लिया है। यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। बीजेपी ने इंदौर से शंकर लालवानी को उम्मीदवार बनाया है। बाद में बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के साथ अक्षय कांति बम कार में घूमते नजर आए और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही हैं।

यही नहीं, अक्षय कांति बम ने कांग्रेस को न सिर्फ झटका दिया, बल्कि पार्टी भी छोड़ दी और वो बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसकी जानकारी दी है कि अब अक्षय कांग्रेस नहीं, बल्कि बीजेपी का हिस्सा बन चुके हैं।

कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखा, “इंदौर से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अक्षय कांति बम जी का माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी व प्रदेश अध्यक्ष श्री वीडी शर्मा जी के नेतृत्व में भाजपा में स्वागत है।”

इंदौर से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी श्री अक्षय कांति बम जी का माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री J.P.Nadda जी, मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav जी व प्रदेश अध्यक्ष श्री VD Sharma जी के नेतृत्व में भाजपा में स्वागत है।

जानकारी के मुताबिक, अक्षय कांति बम ने विधानसभा चुनाव में इंदौर की चार नंबर सीट से कांग्रेस की ओर से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन तब कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया और लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें मैदान में उतार दिया। कांति बम को कांग्रेस ने पहली बार उम्मीदवार बनाया था।

अक्षय कांति बम पेशे से कारोबारी हैं। नामांकन फॉर्म भरने के दौरान अक्षय कांति बम ने खुलासा किया था कि वह 14 लाख की घड़ी पहनते हैं। उनके पास पत्नी को मिलाकर करीब 87 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

मध्य प्रदेश की 29 में से 2 सीटों पर बीजेपी के सामने चुनौती खत्म

मध्य प्रदेश में कुल 29 विधानसभा सीटें हैं। इसमें से खजुराहो सीट को इंडी एलायंस के नाम पर समाजवादी पार्टी को दे दिया गया था, जिसपर सपा ने दो बार उम्मीदवारों के नाम बदले। हालाँकि बाद में सपा प्रत्याशी का नामांकन ही खारिज हो गया था। खजुराहो सीट पर बीजेपी के लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं है, वहीं, इंदौर में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहाँ कांग्रेस उम्मीदवार ने अपना पर्चा ही वापस ले लिया। ये नामांकन के लिए नाम वापसी के आखिरी दिन किया गया, ऐसे में कांग्रेस के पास इंदौर में भी कोई कैंडिडेट नहीं बचा। इस तरह से 29 में से 2 सीटों पर बीजेपी को पहले ही बढ़त मिलती दिख रही है।