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मध्य प्रदेश : ‘गाड़ न दिया तो अपने बाप की बेटी नहीं’: मधु शर्मा, महामंत्री, महिला कांग्रेस की अलका लांबा को चुनौती, लाम्बा ने कहा था, ‘जूते मार बाहर करो’; कहा- यह ब्राह्मणों का अपमान

     मधु शर्मा (बाएँ) और अलका लांबा (दाएँ) में बहस हो गई (चित्र साभार: Daily Mail & @NarendraSaluja/X)
मध्य प्रदेश में महिला कांग्रेस की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हंगामा हो गया। यह बैठक महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ले रहीं थी। इस बैठक में प्रदेश की महामंत्री मधु शर्मा को अलका लांबा ने जूते मारकर बाहर निकालने की बात की। इसके बाद मधु शर्मा बैठक से बाहर चली आईं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बैठक भोपाल में मंगलवार (16 जुलाई, 2024) को हो रही थी। इसमें महिला कांग्रेस के पदाधिकारियों को बुलाया गया था। बैठक में 50 से अधिक पदाधिकारियों को शामिल होना था लेकिन यहाँ मात्र 19 पदाधिकारी ही पहुँचे थे।

बैठक में सिंगरौली की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री मधु शर्मा भी मौजूद थीं। उन्होंने यहाँ बैठक के लिए बनाई गई सूची पर आपत्ति जताई। शर्मा ने प्रश्न उठाया कि उनका इस सूची में नाम नहीं है। इस पर अलका लांबा ने उनके साथ बहस चालू कर दी।

अलका लांबा ने मधु शर्मा को तुरंत बैठक से बाहर निकलने को कह दिया। इस पर मधु शर्मा ने उन्हें जवाब दिया कि उनकी नियुक्ति अलका लांबा ने ही की और नियुक्ति पत्र भी दिया है। मधु शर्मा के इस जवाब पर अलका लांबा ने बता दिया कि मध्य प्रदेश में कई नियुक्तियाँ फर्जी हैं।

मधु शर्मा इस पर भड़क गईं और पूछा कि क्या पदाधिकारियों को बैठक में जूते खाने बुलाया गया है। अलका लांबा इसके बाद अभद्रता पर उतर आईं और कहा कि मधु शर्मा जूते खाने लायक हैं और उन्हें जूते मारकर बाहर निकाल दिया जाए। मधु शर्मा ने इस पर उन्हें चुनौती दे डाली कि उन्हें बैठक से कोई नहीं निकाल सकता। मधु शर्मा ने कहा कि अगर अलका लांबा अपने बाप की बेटी हैं तो उन्हें बैठक से निकाल कर दिखाएँ। मधु शर्मा ने कहा कि अगर ऐसा होगा तो अलका लांबा को जमीन में गाड़ देंगी, ऐसा नहीं किया तो अपने बाप की बेटी नहीं।

मधु शर्मा ने इसे ब्राम्हण और विंध्य क्षेत्र का अपमान बताया। मधु शर्मा ने कहा कि वह पिछले 4 दशक से कांग्रेस में हैं जबकि अलका लांबा कुछ समय पहले ही पार्टी में आई है। उन्होंने कहा कि लांबा पहले AAP में रह चुकी हैं। मधु शर्मा ने कहा कि अलका लांबा अव्यावहारिक महिला हैं। अलका अपने अभद्र रवैये के लिए शुरू से बदनाम हैं। इस मामले में अलका लांबा की तरफ से कोई बयान अभी सामने नहीं आया है।

AAP ने I.N.D.I.A. को बताया समय की बर्बादी ;कांग्रेस ने अलका लांबा को बना दिया बलि का बकरा

                                                                                                       साभार: AlkaLamba का इंस्टाग्राम
जैसाकि भाजपा विरोधियों के लामबंध होने से पूर्व ही गठबंधन के टूटने की अटकलों का बाजार जरुरत से अधिक गर्म था, लेकिन कोई गंभीरता से नहीं ले रहा था, जो इन सबका दिमागी दीवालापन सिद्ध करता है। अगर इस गठबंधन से किसी पार्टी को फायदा होगा वो है आम आदमी पार्टी और सबसे अधिक घाटे में जाएगी कांग्रेस और फिर अन्य क्षेत्रीय पार्टियां। गठबंधन के कंधे बैठ अगर आम आदमी पार्टी लोकसभा की की 20/30 लेने में सफल हो जाती है, फिर आने वाले हर चुनाव में केजरीवाल पार्टी अपनी शर्तें मनवाने में सफल होगी। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी गठबंधन को बनाए रखने के लिए बराबर दबाव बना रही है।  

दिल्ली में I.N.D.I.A. का झगड़ा अलका लांबा के बयान के बाद सार्वजनिक हो गया है। लांबा ने कहा था कि कांग्रेस दिल्ली की सभी 7 सीटों पर लोकसभा का चुनाव लड़ेगी। इसके बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने I.N.D.I.A. गठबंधन को समय की बर्बादी बता दिया। ​फिर डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि ऐसे मुद्दों पर बयान देने के लिए अलका लांबा अधिकृत नहीं हैं। लेकिन हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि बिना चिंगारी कभी धुआं नहीं होता। इतना ही अलका को तो बलि का बकरा बनाया गया है, क्योकि अलका से पूर्व दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने ही आप पर हमला बोला था। अब तो कुछ वरिष्ठ नेता भी केजरीवाल पार्टी से दूरी बनाने की बात बोल रहे हैं। 

दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया ने अलका लांबा के बयान पर आप की प्रतिक्रिया को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। साथ ही इस विवाद का ठीकरा मीडिया पर फोड़ दिया है। बाबरिया ने कहा, “मेरी तो समझ में नहीं आ रहा है कि आम आदमी पार्टी की समझ को लेकर मैं क्या कहूँ। अलका लांबा पार्टी की प्रवक्ता हैं। लेकिन इतने बड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने के लिए वह अधिकृत नहीं हैं। जिस पत्रकार ने इस मुद्दे पर सवाल किया उसकी सोच को लेकर भी मुझे शंका है।” उनसे पूछा गया था कि आप ने कहा है कि कांग्रेस दिल्ली में गठबंधन नहीं करती है तो I.N.D.I.A. की बैठक में जाने का कोई मतलब नहीं है।

बाबरिया ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “जब मैंने कहा था कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है, तब इस प्रकार की बात करना। आम आदमी पार्टी को समझ आ जाना चाहिए कि पूरा का पूरा मीडिया भाजपा को मदद करना चाहता है, AAP को उकसाना चाहता है। वे उकसावे के बाद इस प्रकार की बात करते हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस बारे में कोई बात नहीं उसको लेकर काल्पनिक बात करते हैं। हमारी अपरिपक्व प्रवक्ता के बारे में बता रहे हैं। अलका लांबा ने तो मुझे बताया था कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है। फिर भी किसी ने उनके मुँह में शब्द रख दिए। मीडिया यह सब भारतीय जनता पार्टी की मदद करने के लिए कह रहा है। आम आदमी पार्टी भी इस तरह की हरकत कर अपने आप को नुकसान पहुँचा रही है।”

दरअसल, अलका लांबा के बयान के बाद आप की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा था, “अगर वो दिल्ली में गठबंधन नहीं करते तो I.N.D.I.A. गठबंधन में जाने का कोई मतलब नहीं है। यह सिर्फ समय की बर्बादी है। हमारा शीर्ष नेतृत्व तय करेगा कि गठबंधन की अगली बैठक में जाना है या नहीं। गठबंधन के लिए कांग्रेस हमारे पास आई थी। दिल्ली में कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है।”

16 अगस्त, 2023 को पार्टी हाईकमान ने दिल्ली कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक के बाद अलका लांबा ने कहा था, ”तीन घंटे तक चली बैठक में राहुल गाँधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और दीपक बाबरिया मौजूद थे।हमें आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी करने को कहा गया है। यह निर्णय लिया गया है कि हम सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। 7 महीने बचे हैं और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को सभी सात सीटों के लिए तैयारी करने को कहा गया है।”

कांग्रेस के इस बयान के बाद दिल्ली की AAP सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज का भी बयान आया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर फैसला लेगा। पार्टी की राजनीतिक समिति  I.N.D.I.A. गठबंधन के साथ बैठक करेगी। इसके बाद इस पर चर्चा की जाएगी।

केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के लिए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, जदयू, राजद समेत कई विपक्षी पार्टियों ने I.N.D.I.A. गठबंधन तैयार किया है। हालाँकि गठबंधन में शामिल कुछ पार्टियों के अब तक के रुख को देखते हुए 2024 के आम चुनावों से पहले इसमें बिखराव के आसार अधिक नजर आ रहे हैं।