Showing posts with label #Chaudhari Charan Singh. Show all posts
Showing posts with label #Chaudhari Charan Singh. Show all posts

कांग्रेस ने जिन अपनों को “गैर” बनाया, उन्हें मोदी ने “अपनाया”

सुभाष चन्द्र

शायद भारत के इतिहास में यह पहली बार होगा, जब एक ही वर्ष में इतने भारत रत्न वितरित किये जा रहे हैं। हालाँकि विपक्ष इसे चुनावी हत्कण्डा मान रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री ने 2024 चुनाव पर अति मजबूत पकड़ होने के बावजूद इस इतिहास को रच एक तीर से कई निशाने साधे हैं, क्योकि मोदी अक्सर कहते हैं, 'जहाँ विपक्ष की सोंच ख़त्म होती है, मेरी वहां से शुरू होती है।'

जब प्रधानमंत्री मोदी इतने भारत रत्न वितरित कर रहे हैं तो अपने हाथों से भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर पर भी उपकार कर दें, राम मंदिर के ही कारण इनकी सरकार चली गयी थी। जब रामजन्मभूमि और बाबरी पक्षों की वार्ता निष्फल हुई थी, इन्होने मुख्य न्यायधीश को अपने निवास पर बुलवाकर कहा था कि 'तारीख आ रही है, मुझे निर्णय चाहिए।' और जैसे ही राजीव गाँधी को चंद्रशेखर के इस साहसिक कदम मालूम हुआ, तुरन्त अपना समर्थन वापस लेकर सरकार गिरा दी थी। 

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और नरसिम्हा राव को भारत रत्न दे कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबित कर दिया कि वह सही मायने में आज की राजनीति में सच्चे राजनेता (Statesman) हैं क्योंकि एक सच्चा राजनेता ही “गैरों” को सम्मान दे सकता है खासकर उन्हें जिन्हें कांग्रेस ने अपना होते हुए भी “गैर” बना दिया। 

वास्तव में जितने भारत रत्न कांग्रेस ने नेहरू-गाँधी तक ही सीमित रख सभी प्रतिभावों को नज़रअंदाज़ कर गौरवविंत होती थी। देश में नेहरू-गाँधी से अधिक प्रतिभाशाली नेता हुए है जिनको अगर प्रोत्साहन मिला होता, देश कभी का प्रखर हो गया होता, लेकिन इस परिवार ने अन्यों को केवल एक तुच्छ समझा। क्या कारण था कि नरसिम्हा के पार्थिव शरीर को कांग्रेस के मुख्यालय में नहीं रखने दिया? 

वर्ष 2019 में नरेंद्र मोदी ने प्रणब मुख़र्जी को भारत रत्न दिया था और यह सबको पता है कांग्रेस प्रणब दा को कुछ खास पसंद नहीं करती थी ऐसा उनकी बेटी की किताब में भी उजागर हुआ है, अपना पूरा जीवन कांग्रेस को देने वाले प्रणब मुख़र्जी को सही सम्मान देने का काम किया नरेंद्र मोदी ने

लेखक 
डॉ आंबेडकर को कांग्रेस ने 1956 में मृत्यु के बाद भारत रत्न देने की जरूरत नहीं समझी और यह वी पी सिंह सरकार के समय में 1990 में दिया गया सरदार पटेल को 1950 में उनकी मृत्यु के बाद नरसिम्हा राव सरकार ने 1991 में भारत रत्न राजीव गांधी के साथ दिया जो शायद सोनिया गांधी को पसंद नहीं आया था और इसी वजह से राव को कभी कांग्रेस ने सम्मान नहीं दिया

आज उसी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने का काम नरेंद्र मोदी ने किया है जिसके राजनीतिक मायने अलग हो सकते हैं आंध्र प्रदेश तेलंगाना और दक्षिण के अन्य राज्यों में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है लेकिन कांग्रेस द्वारा अपमानित नेता को सम्मान देने का काम मोदी ने किया है

इसी तरह चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर कांग्रेस को याद कराया गया है कि किसी तरह उन्हें धोखा देकर कर उनकी सरकार गिराने का काम किया गया था कांग्रेस ने चरण सिंह को सम्मान देकर कई राज्यों में जाट समुदाय को साधने में मदद मिलेगी 

सबसे बड़ी बात तो यह देखने को मिली कि मोदी सरकार ने Dr MS Swaminathan जैसे महान वैज्ञानिक की सेवाओं को सम्मान दिया है हरित क्रांति के जनक और किसानों के कल्याण के काम करने वाले स्वामीनाथन जी को सम्मान सराहनीय कदम है हो सकता है तमिलनाडु की जनता इस फैसले से कुछ हद तक खुश हो

कुछ दिन पहले मोदी सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर पिछड़े और गरीब वर्ग के साथ देने का प्रयास किया था, अलबत्ता कुछ लोगों को आडवाणी जी को भारत रत्न देना रास नहीं आया था लेकिन वह उनके द्वारा देश में सांस्कृतिक उत्थान को जाग्रत करने के लिए जरूरी था

कल ही प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा था कि लोकतंत्र के प्रति मनमोहन सिंह की प्रतिबद्धता और निष्ठा प्रेरणादायी है और कहा कि देश में जब भी लोकतंत्र की चर्चा होगी, तब लोकतंत्र में उनके योगदान को याद किया जाएगा 

मोदी तीर कहां चलाते हैं और निशाना कहां होता है यह बाद में पता चलता है मोदी उनके कार्यकाल में हुए कामों की भी सराहना कर रहे हों, यह जरूरी नहीं, क्योंकि उसी दिन मोदी सरकार कांग्रेस के कामकाज पर “श्वेत पत्र” लेकर आई थी खड़गे जी, इसलिए इस ग़लतफ़हमी में न रहें कि मोदी जी मनमोहन सिंह के समय के घोटालों और आर्थिक कुप्रबन्धन की भी तारीफ कर रहे हैं 

मजे की बात तो यह है कि कांग्रेस का युवराज जो खुद जन्म से भारतीय नहीं है वह ढोल पीट रहा है कि मोदी जन्म से OBC नहीं हैं राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि वो दोनों भाई बहन जन्म के समय इटालियन नागरिक सोनिया गांधी के बच्चे थे जिन्हें जन्म से भारतीय नहीं माना जा सकता 

आज के हालात ऐसे हो गए कि नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और उसके “इंडी” ठगबंधन को कहीं का नहीं छोड़ा - बड़े बड़े चाणक्य फेल कर दिए