Showing posts with label #Gyanesh Kumar. Show all posts
Showing posts with label #Gyanesh Kumar. Show all posts

नीचता पर उतरी कांग्रेस : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी के भी पीछे पड़ा कांग्रेसी इकोसिस्टम, राहुल गाँधी से ‘वोट चोरी’ पर माँगा था हलफनामा

                                      सीईसी ज्ञानेश कुमार (बाएँ), राहुल गाँधी (साभार: India Today/ET)
राहुल गाँधी के ‘वोट चोरी’ वाले प्रोपेगेंडा की पोल खोलने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अब 
कांग्रेस इकोसिस्टम टारगेट कर रहा है। यहाँ तक की उनके परिवार को भी सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। ज्ञानेश कुमार की दोनों बेटी मेधा रूपम और अभिश्री को भी इसका हिस्सा बनाया गया।

सोशल मीडिया पर कांग्रेस इकोसिस्टम ने ज्ञानेश कुमार के परिवार को बीजेपी का परिवार करार दिया। कांग्रेसियों ने सोशल मीडिया पर एक क्रम से ज्ञानेश कुमार के परिवार पर पोस्ट डालने चालू किए। हर पोस्ट में ज्ञानेश कुमार के परिवार का डाटा निकालकर ट्रोल किया गया।

पोस्ट में बताया गया कि ज्ञानेश कुमार की पहली बेटी मेधा रूपम, जो नोएडा की डीएम हैं और उनके पति मनीष बंसल सहारनपुर के डीएम हैं। इसके बाद दूसरी बेटी अभिश्री श्रीनगर IRS की डिप्टी डायरेक्टर हैं और उनके पति अखय लाब्रू श्रीनगर के डीएम हैं।

अब ज्ञानेश कुमार की बेटी और उनके पति को प्रशासन में उच्च पद हासिल करने को लेकर सवाल उठाए गए। कांग्रेस इकोसिस्टम ने इसे बीजेपी से जोड़ दिया। इनमें कांग्रेस के सोशल मीडिया स्टार और कांग्रेस की चापलूसी करने वाले कई वामपंथी लोग शामिल हैं।

मुंबई कॉन्ग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के परिवार को टारगेट किया। उन्होंने भी ज्ञानेश कुमार, उनकी बेटी और दामाद के प्रशासनिक पद हासिल करने पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश के परिवार को ‘बीजेपी का परिवार’ करार दिया।

भारतीय युवा कांग्रेस(IYC) के सोशल मीडिया की स्टार मिनी नागरारे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के परिवार को टारगेट किया।

इसी क्रम में आगे ज्ञानेश कुमार को ‘बीजेपी का परिवार’ बताते हुए कांग्रेस इकोसिस्टम ने पोस्ट किए।

ये वही लोग हैं जो ऑपरेशन सिंदूर की मीडिया ब्रीफिंग करने वाले विदेश सचिव विक्रम मिस्री की बेटी के ट्रोल होने पर दक्षिणपंथी को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। उस समय ट्रोलर्स को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने फटकार भी लगाई थी। 

ज्ञानेश कुमार और उनके परिवार पर ये हमला ऐसे समय में शुरु हुआ है, जब उन्होंने वोट चोरी के आरोपों पर राहुल गाँधी से 7 दिनों के भीतर हलफनामा देने या माफी माँगने के लिए कहा है। इसके बाद से वो लगातार कांग्रेसी इकोसिस्टम से जुड़े लोगों के निशाने पर आ चुके हैं।

कांग्रेस संवैधानिक पदों को अपमानित करने की नौटंकी कब बंद करेगी? चुनाव आयोग से कांग्रेस की घृणा जारी, ज्ञानेश कुमार के CEC बनने पर राहुल गाँधी ने जताया ऐतराज: पार्टी नेता ने कहा- शेरो-शायरी वाला गया और कव्वाली वाला आया

ज्ञानेश कुमार, राहुल गाँधी (फोटो साभार: UP Tak)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई चयन समिति की बैठक में ज्ञानेश कुमार को भारत का नया मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) नियुक्त किया गया। वे राजीव कुमार की जगह लेंगे, जो मंगलवार (18 फरवरी 2025) को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। हालाँकि, इस नियुक्ति पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस नेता ने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस  के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने उन्हें ‘कव्वाली’ वाला तक कह दिया।

ज्ञानेश कुमार को चुनने वाली समिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी शामिल थे। बैठक के दौरान राहुल गाँधी ने इस चयन प्रक्रिया का विरोध किया और इसे सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका के चलते स्थगित करने की माँग की। उनका कहना था कि जब तक शीर्ष अदालत इस मुद्दे पर निर्णय नहीं ले लेती, तब तक नया सीईसी नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए था।

कांग्रेस का विरोध क्यों?

पिछले साल केंद्र सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति से संबंधित नया कानून पारित किया था, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को चयन प्रक्रिया से हटा दिया गया। पहले, यह नियुक्ति सीनियरिटी के आधार पर होती थी और चयन समिति में CJI भी शामिल होते थे। इस बदलाव को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बता रहा है। 
दरअसल लोकतंत्र को ही कांग्रेस से खतरा है। सबूत संवैधानिक पद बैठे अधिकारी को "कव्वाली वाला" बोल दिया। 
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है और यह संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का हवाला देते हुए कहा कि जब यह मामला 19 फरवरी को अदालत में सुना जाना है, तो सरकार को इतनी जल्दीबाजी नहीं करनी चाहिए थी।
सिंघवी और गोपाल को इतना ज्ञान होना चाहिए था कि कांग्रेस ने नियमों को ताक पर रख संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां की थी, आज जब सत्तारूढ़ पार्टी अपनी विचारधारा वालों को नियुक्त कर रही है क्यों बिलबिला रहे हो?  

कौन हैं ज्ञानेश कुमार?

ज्ञानेश कुमार, 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वे उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से एनवायरमेंटल इकोनॉमिक्स में विशेषज्ञता हासिल की है। अपने करियर में वे केरल सरकार और भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। वे भारत निर्वाचन आयोग में 14 मार्च 2024 को चुनाव आयुक्त नियुक्त हुए थे।

कांग्रेस नेता का विवादित बयान

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर कहा कि “शेरो-शायरी (राजीव कुमार) वाला गया और कव्वाली वाला (ज्ञानेश कुमार) आया”। उन्होंने आरोप लगाया कि चयनित नाम सरकार के हिसाब से काम करेंगे। पाटिल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले ये नियुक्ति गलत है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का इंतजार करना चाहिए था।
इस बीच, सभी की नजरें अब सुप्रीम कोर्ट में है। जिसमें बुधवार (19 फरवरी 2025) को मामले की सुनवाई होनी है।