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हनुमान चालीसा का पाठ केवल भक्ति नहीं, यौगिक ब्रीदिंग भी… हार्ट रेट रखता है स्थिर, एंग्जायटी भी करता है दूर: डॉक्टर ने चौपाइयों सहित बताए फायदे, पढ़ने का सही तरीका भी समझाया

कालचक्र किस गति से बदलता है किसी को आभास नहीं होता। पहले बड़ों के पैर छूने और माता-पिता की सेवा, सुबह उठकर आने पर परिवारजनों को राम-राम बोलना आदि का चलन था जो आज पश्चिमी सभ्यता ने लगभग समाप्त ही कर दिया। कहते हैं जिसने माता-पिता की मन से सेवा कर ली चारों धामों की यात्रा कर ली, क्योकि अगर माँ के चरणों में स्वर्ग होता है तो उस स्वर्ग में जाने का मार्ग पिता के ही चरणों में होता है। लेकिन आज लोग अपने बूढ़े माता-पिता को वृद्ध आश्रम में डाल खोखले सांसारिक सुख भोग खुश हो रहा है। इस सन्दर्भ 1960 के दशक में राजेंद्र कुमार अभिनीत फिल्म "माँ बाप" का गीत "ले लो दुआएं माँ बाप की सिर से उतरेगी गठरी महापाप की . .." मुखरित हो जाती है। 

दूसरे, जब से आयुर्वेद की जगह अलोपैथ ने ली लोगों ने डॉक्टरों को भगवान मान असली भगवान को भूल गए। जबकि ऋग्वेद में लिखा है "मै(डॉ) इलाज कर रहा हूँ, स्वस्थ परमपिता परमेश्वर करेगा", लेकिन आज बदलते परिवेश में सनातन प्रभावी होता दिख रहा है। गायत्री मन्त्र और महामृत्युंजय उच्चारण से उस मरीज को जीवित होते देखा जिसका जीवन बचा होता है। लेकिन जब कोई डॉक्टर हृदय को स्वस्थ रखने के लिए हनुमान चालीसा पढ़ने बोले हैरान नहीं होना चाहिए। एक बात और ह्रदय ही नहीं शरीर के समस्त नाड़ियों को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन 5 मिनट का उच्चारण करना चाहिए। पूजा में ताली बजाना भी धार्मिक ही नहीं प्राणी के स्वास्थ्य से भी सम्बंधित है। इसके लिए सनातन को समझना बहुत जरुरी है।               

ज्योतिष शास्त्र में हनुमान चालीसा पढ़ने के बहुत से फायदे आपने सुने होंगे, लेकिन मेडिकली भी इसके फायदे होते हैं ये शायद कम ही सुना होगा। हाल में यूट्यूब पर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ स्वेता अड़ातिया ने इसपर वीडियो बनाई है। डॉ स्वेता ने अपनी वीडियो में हनुमान चालीसा के वैज्ञानिक दृष्टि से फायदे गिनाए और दावा किया कि हनुमान चालीसा पढ़ना दिल और दिमाग के लिए बहुत लाभकारी है।

उन्होंने बताया कि हनुमान चालीसा को ‘यौगिक ब्रीदिंग’ माना जाता है। इसका अर्थ है कि जब आप इसे पढ़ते हैं, तो आपकी सांसें एक विशेष पैटर्न में चलती हैं।

उदाहरण के लिए, कुछ चौपाइयों को बोलते समय सांस अंदर ली जाती है (जैसे- जय हनुमान ज्ञान गुण सागर), जबकि अन्य चौपाइयों को बोलते समय सांस बाहर छोड़ी जाती है (जैसे- जय कपिस तिहु लोक उजागर), कुछ में होल्ड रखी जाती है (जैसे- रामदूत अतुलित बलधामम), कुछ में सांस होल्ड रखने के बाद बाहर जाती है ( जैसे-अंजनि पुत्र पवन सुत नामा।)

डॉक्टर स्वेता के अनुसार यह प्रक्रिया हार्ट रेट वैरिएबिलिटी (HRV) को प्रभावित करती है, जो दिल की स्थिति को स्वस्थ रखने में मदद करती है। वहीं अगर हनुमान चालीसा का उच्चारण सही से किया जाए तो इसका सीधा असर ‘लिम्बिक सिस्टम’ पर पड़ता है जिसकी वजह से वाकई व्यक्ति की एंग्जायटी कम होती है और भीतर बसा डर दूर होता है।

डॉक्टर ने बताया कि हनुमान चालीसा पढ़ने से वेगस नर्व सिस्टम सक्रिय होता है, जो शरीर के कई कार्यों जैसे डाइजेशन (पाचन) और तनाव प्रबंधन में मदद करता है। जब यह नर्व सक्रिय होती है, तो शरीर की कई प्रक्रियाएँ अपने आप ठीक हो जाती हैं।

अपनी वीडियो में उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ने का सही तरीका भी बताया। उन्होंने कहा कि इसके फायदे इसे आराम से पाठ करके हासिल किए जा सकते हैं, तेज-तेज पढ़ना गलत है। उन्होंने कहा कि ये सारी बातें प्रयोग करके देखी जा चुकी हैं कि हनुमान चालीसा पढ़कर दिल और दिमाग दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इस वीडियो को यूट्यूब पर 18 जनवरी को अपलोड किया गया था। अब तक इसे 57 हजार व्यूज आ चुके हैं। वहीं इसे 2 हजार 400 लोगों ने लाइक किया है। इसमें उन्होंने हनुमान मंत्र से लेकर सांस लेने के पैटर्न तक को बताया है।

हनुमान चालीसा: जानिए किस चौपाई से क्या लाभ होता है

त्रेता युग मे सम्पूर्ण राक्षस कुल का नाश कर रामराज्य स्थापित कर प्रभु श्रीराम अपने लीला सहयोगीगणों के साथ अपने निज धाम पधारने लगे तो हनुमानजी अपने प्रभु के बिना कैसे रह सकते थे, लेकिन प्रभु मे उन्हे कलयुग मे राम नाम के प्रचार, सज्जनों की रक्षा और दुष्टों के दलन के लिये पृथ्वी मे ही रुकने का आदेश दिया। कलयुग प्रारम्भ होने पर आतताई, लुटेरों तथा अधर्मी लोगो से सज्जनों की रक्षा के लिये भगवान शिव पार्वती ने रामचरितमानस तथा हनुमानचालीसा की रचना अवधी भाषा मे की। 

हनुमान चालीसा की चमत्कारी चौपाइयां

रामचरितमानस तथा हनुमान चालीसा की एक-एक चौपाई भगवान शिव द्वारा रचित शाबर मंत्र है। जिनके पाठ करने से जातक की सभी समस्याओं का समाधान होता है। कुछ लोग रट्टा मारकर इसे पढ़ते है यदि अर्थ समझकर इसे दिल से पढ़ा जाय तो इसकी एक-एक चौपाई जीवन के हर क्षेत्र मे सफलता देने वाली है। ध्यान रहे हनुमानजी पवनपुत्र है और पवन यानी हवा आपके आसपास ही है। आप श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा की चौपाईयों का पाठ करें पवनरुप मे हनुमानजी आपकी मदद के लिये आपके साथ ही है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई के पाठ से गुरुकृपा होती है
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।
बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।
अर्थ -गुरु महाराज के चरण.कमलों की धूलि से अपने मन रुपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला हे।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से बल बुद्धि और निरोगी काया
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।
अर्थ-हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन.करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सदबुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से हनुमत कृपा मिलती है
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥
अर्थ - श्री हनुमान जी! आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है। हे कपीश्वर! आपकी जय हो! तीनों लोकों,स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से शारीरिक और आत्मिक बल की प्राप्ति होती है
राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥2॥
अर्थ- हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नही है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से बुरी संगत से छुटकारा और अच्छे लोगो का साथ मिलता है
महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥
अर्थ- हे महावीर बजरंग बली! आप विशेष पराक्रम वाले है। आप खराब बुद्धि को दूर करते है, और अच्छी बुद्धि वालो के साथी, सहायक है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से आर्थिक समृद्धि अच्छा खानपान, संस्कार और पहनावा प्राप्त होता है
कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥
अर्थ- आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।
हनुमान चालीसा की यह चौपाई विजय दिलाती है
हाथ ब्रज और ध्वजा विराजे, काँधे मूँज जनेऊ साजै॥5॥
अर्थ- आपके हाथ मे बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से प्रताप बढ़ता है
शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्रताप महा जग वंदन॥6॥
अर्थ - हे शंकर के अवतार! हे केसरी नंदन! आपके पराक्रम और महान यश की संसार भर मे वन्दना होती है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से ज्ञान, बुद्धि और त्वरित बुद्धि
विद्यावान गुणी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर॥7॥
अर्थ - आप प्रकान्ड विद्या निधान है, गुणवान और अत्यन्त कार्य कुशल होकर श्री राम काज करने के लिए आतुर रहते है।
हनुमान चालीसा की यह चौपाई रामकृपा और यश दिलाती है
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया॥8॥
अर्थ -आप श्री राम चरित सुनने मे आनन्द रस लेते है। श्री राम, सीता और लखन आपके हृदय मे बसे रहते है
हनुमान चालीसा की यह चौपाई महान संकट में चमत्कारिक कृपा दिलाती है
सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा, बिकट रुप धरि लंक जरावा॥9॥
अर्थ -आपने अपना बहुत छोटा रुप धारण करके सीता जी को दिखलाया और भयंकर रूप करके.लंका को जलाया।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से भयानक संकट या शत्रुपक्ष से घिरने पर मदद मिलती है
भीम रुप धरि असुर संहारे, रामचन्द्र के काज संवारे॥10॥
अर्थ - आपने विकराल रुप धारण करके.राक्षसों को मारा और श्री रामचन्द्र जी के उदेश्यों को सफल कराया
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से शारीरिक व्याधि निवारण मे मदद मिलती है
लाय सजीवन लखन जियाये, श्री रघुवीर हरषि उर लाये॥11॥
अर्थ -आपने संजीवनी बुटी लाकर लक्ष्मणजी को जिलाया जिससे श्री रघुवीर ने हर्षित होकर आपको हृदय से लगा लिया।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से वरिष्ठ लोगों की कृपा प्राप्त होती है
रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई, तुम मम प्रिय भरत सम भाई॥12॥
अर्थ -श्री रामचन्द्र ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा की तुम मेरे भरत जैसे प्यारे भाई हो।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से यश और मान सम्मान मिलता है
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं, अस कहि श्री पति कंठ लगावैं॥13॥
अर्थ - श्री राम ने आपको यह कहकर हृदय से.लगा लिया की तुम्हारा यश हजार मुख से सराहनीय है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से सभी ओर प्रसिद्धि और कीर्ति बढ़ती है
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा, नारद,सारद सहित अहीसा॥14॥
अर्थ-श्री सनक, श्री सनातन, श्री सनन्दन, श्री सनत्कुमार आदि मुनि ब्रह्मा आदि देवता नारद जी, सरस्वती जी, शेषनाग जी सब आपका गुण गान करते है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से यश कीर्ति की वृद्धि होती है, मान सम्मान मिलता है
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते, कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते॥15॥
अर्थ -यमराज,कुबेर आदि सब दिशाओं के रक्षक, कवि विद्वान, पंडित या कोई भी आपके यश का पूर्णतः वर्णन नहीं कर सकते।
हनुमान चालीसा की यह चौपाई राजकीय मान सम्मान दिलाती है।
तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा, राम मिलाय राजपद दीन्हा॥16॥
अर्थ -आपनें सुग्रीव जी को श्रीराम से मिलाकर उपकार किया, जिसके कारण वे राजा बने।
हनुमतकृपा का विश्वास सभी ओर सफलता का सूचक है
तुम्हरो मंत्र विभीषण माना, लंकेस्वर भए सब जग जाना ॥17
अर्थ-आपके उपदेश का विभिषण जी ने पालन किया जिससे वे लंका के राजा बने, इसको सब संसार जानता है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से सूर्यकृपा मिलती है, विद्या, ज्ञान और प्रतिष्ठा मिलती है
जुग सहस्त्र जोजन पर भानू, लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥18॥
अर्थ-जो सूर्य इतने योजन दूरी पर है की उस पर पहुँचने के लिए हजार युग लगे। दो हजार योजन की दूरी पर स्थित सूर्य को आपने एक मीठा फल समझ कर निगल लिया
हनुमान चालीसा की यह चौपाई जातक को महान से महान संकट से मुक्ति दिलाती है
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहि, जलधि लांघि गये अचरज नाहीं॥19॥
अर्थ- आपने श्री रामचन्द्र जी की अंगूठी मुँह मे रखकर समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई आश्चर्य नही है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से जीवन की सभी समस्याओं का अंत होता है
दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥20॥
अर्थ -संसार मे जितने भी कठिन से कठिन काम हो, वो आपकी कृपा से सहज हो जाते है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से प्रभु कृपा प्राप्त होती है
राम दुआरे तुम रखवारे, होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥21॥
अर्थ - श्री रामचन्द्र जी के द्वार के आप.रखवाले है, जिसमे आपकी आज्ञा बिना किसी को प्रवेश नही मिलता अर्थात आपकी प्रसन्नता के बिना राम कृपा दुर्लभ है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से जातक निर्भयता तथा सभी सुख प्राप्त करता है
सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू.को डरना॥22॥
अर्थ- जो भी आपकी शरण मे आते है, उस सभी को आन्नद प्राप्त होता है, और जब आप रक्षक. है, तो फिर किसी का डर नही रहता।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से जातक को अनंत कीर्ति प्राप्त होती है
आपन तेज सम्हारो आपै, तीनों लोक हाँक ते काँपै॥23॥
अर्थ-आपके सिवाय आपके वेग को कोई नही रोक सकता, आपकी गर्जना से तीनों लोक काँप जाते है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से बुरी आत्मा, भूतप्रेत दूर भागते हैं
भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महावीर जब नाम सुनावै॥24॥
अर्थ-जहाँ महावीर हनुमान जी का नाम सुनाया जाता है, वहाँ भूत, पिशाच पास भी नही फटक सकते।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से सभी कष्टों का नाश होता है
नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा॥25॥
अर्थ-वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते है,और सब पीड़ा मिट जाती है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई का स्मरण जातक को सभी बंधनों से मुक्त करता है
संकट तें हनुमान छुड़ावै, मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥26॥
अर्थ -हे हनुमान जी! विचार करने मे, कर्म करने मे और बोलने मे, जिनका ध्यान आपमे रहता है, उनको सब संकटो से आप छुड़ाते है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई का पाठ राजकीय कार्यों मे सफलता मिलती है
सब पर राम तपस्वी राजा, तिनके काज सकल तुम साजा॥ 27॥
अर्थ -तपस्वी राजा श्री रामचन्द्र जी सबसे श्रेष्ठ है, उनके सब कार्यो को आपने सहज मे कर दिया।
हनुमान चालीसा की यह चौपाई सभी मनोरथ सिद्ध करने वाली है
और मनोरथ जो कोइ लावै, सोई अमित जीवन फल पावै॥28॥
अर्थ -जिस पर आपकी कृपा हो, वह कोई भी अभिलाषा करे तो उसे ऐसा फल मिलता है जिसकी जीवन मे कोई सीमा नही होती।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई का पाठ जातक की हर ओर कीर्ति मे वृद्धि करती है
चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा॥29॥
अर्थ -चारो युगों सतयुग, त्रेता, द्वापर तथा कलियुग मे आपका यश फैला हुआ है, जगत मे आपकी कीर्ति सर्वत्र प्रकाशमान है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से दुष्टों का नाश होता है
साधु सन्त के तुम रखवारे, असुर निकंदन राम दुलारे॥30॥
अर्थ -हे श्री राम के दुलारे ! आप.सज्जनों की रक्षा करते है और दुष्टों का नाश करते है
हनुमान चालीसा की यह चौपाई माता सीता के आशीर्वाद से मनोरथ पूर्ण करती है
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता॥३१॥
अर्थ -आपको माता श्री जानकी से ऐसा वरदान मिला हुआ है, जिससे आप किसी को भी आठों सिद्धियां और नौ निधियां दे सकते है।
अष्ट सिद्धियों के नाम
1.) अणिमा → जिससे साधक किसी को दिखाई नही पड़ता और कठिन से कठिन पदार्थ मे प्रवेश कर.जाता है।
2.) महिमा → जिसमे योगी अपने को बहुत बड़ा बना देता है।
3.) गरिमा → जिससे साधक अपने को चाहे जितना भारी बना लेता है।
4.) लघिमा → जिससे जितना चाहे उतना हल्का बन जाता है।
5.) प्राप्ति → जिससे इच्छित पदार्थ की प्राप्ति होती है।
6.) प्राकाम्य → जिससे इच्छा करने पर वह पृथ्वी मे समा सकता है, आकाश मे उड़ सकता है।
7.) ईशित्व → जिससे सब पर शासन का सामर्थय हो जाता है।
8.)वशित्व → जिससे दूसरो को वश मे किया जाता है।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से मूल रहस्यों की प्राप्ति होती है
राम रसायन तुम्हरे पासा, सदा रहो रघुपति के दासा॥32॥
अर्थ-आप निरंतर श्री रघुनाथ जी की शरण मे रहते है, जिससे आपके पास बुढ़ापा और असाध्य रोगों के नाश के लिए राम नाम औषधि है।
हनुमान चालीसा की यह चौपाई हनुमत कृपा से सभी दुखों का नाश करती है
तुम्हरे भजन राम को पावै, जनम जनम के दुख बिसरावै॥33॥
अर्थ -आपका भजन करने से श्री राम.जी प्राप्त होते है, और जन्म जन्मांतर के दुःख दूर होते है
हनुमान चालीसा की यह चौपाई आपका बुढ़ापा और परलोक दोनो सुधारती है
अन्त काल रघुबर पुर जाई, जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥34॥
अर्थ -अंत समय श्री रघुनाथ जी के धाम को जाते है और यदि फिर भी जन्म लेंगे तो भक्ति करेंगे और श्री राम भक्त कहलायेंगे
अन्य किसी देव की आराधना करने की आवश्यकता नही होती
और देवता चित न धरई, हनुमत सेई सर्व सुख करई॥35॥
अर्थ -हे हनुमान जी! आपकी सेवा करने से सब प्रकार के सुख मिलते है, फिर अन्य किसी देवता की आवश्यकता नही रहती।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई का पाठ सभी प्रकार के कष्ट हरने मे समर्थ है
संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥36॥
अर्थ-हे वीर हनुमान जी! जो आपका सुमिरन करता रहता है, उसके सब संकट कट जाते है और सब पीड़ा मिट जाती है।
हनुमानजी गुरु स्वरूप मे आपकी मदद करते है
जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करहु गुरु देव की नाई॥37॥
अर्थ- हे स्वामी हनुमान जी! आपकी जय हो, जय हो, जय हो! आप मुझपर कृपालु श्री गुरु जी के समान कृपा कीजिए।
जातक बंधन से छुटकारा पाता है
जो सत बार पाठ कर कोई, छुटहि बँदि महा सुख होई॥38॥
अर्थ - जो कोई इस हनुमान चालीसा का सौ बार पाठ करेगा वह सब बन्धनों से छुट जायेगा और उसे परमानन्द मिलेगा।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई से शिव पार्वती की कृपा होती है
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा॥39॥
अर्थ -भगवान शंकर ने यह हनुमान चालीसा लिखवाया, इसलिए वे साक्षी है कि जो इसे पढ़ेगा उसे निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई का पाठ निरंतर प्रभु कृपा दिलाती है
तुलसीदास सदा हरि चेरा, कीजै नाथ हृदय मँह डेरा॥40॥
अर्थ -हे नाथ हनुमान जी! तुलसीदास सदा ही श्री राम का दास है।इसलिए आप उसके हृदय मे निवास करते है
हनुमान चालीसा की यह चौपाई जीवन मे मंगलदायक और संकटों को हरती है
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
अर्थ -हे संकट मोचन पवन कुमार! आप आनन्द मंगलो के स्वरुप है। हे देवराज! आप श्री राम, सीता जी और लक्ष्मण सहित मेरे हृदय मे निवास कीजिये।
रामचरितमानस, हनुमान चालीसा और रामरक्षास्त्रोत सभी शिव आज्ञा से रचित है इन पर भगवान शिव जो की आदिगुरु है। महाकाल है मां भगवती सहित कृपा है इसीलिये गणेशजी और शिवपार्वती का ध्यान कर इन चौपाई का निरन्तर पाठ करें निश्चित ही सफलता प्राप्त होगी। प.चंद्रशेखर हिमांशु

मध्य प्रदेश : दरगाह-ए-हकीमी की खेत में गंदगी में पड़ी मिली हनुमान प्रतिमा: हिंदुओं ने ताला तोड़ की पूजा-अर्चना ; 1912 के नक्शे में मंदिर का जिक्र

                                      प्राचीन मंदिर के लिए रास्ता देने की माँग को लेकर विवाद
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में दरगाह-ए-हकीमी और इच्छेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच अतिक्रमण को लेकर विवाद जारी है। इस बीच एक दूसरा विवाद भी सामने आ गया है जिसे लेकर हिंदू संगठन और दरगाह-ए-हकीमी आमने सामने आ गए हैं। मंगलवार(3 जनवरी, 2023) के दोपहर को तो दरगाह के पिछले हिस्से में जमकर हंगामा हुआ। हिंदुवादी संगठनों, इच्छेश्वर हनुमान मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने दरगाह के पास प्रदर्शन किया।

मगंल को क्यों हुआ प्रदर्शन?

बुरहानपुर‎ के लोधीपुरा स्थित दरगाह-ए-हकीमी के स्वामित्व वाले खेत में हनुमान जी की प्रतिमा के पूजन को लेकर पूरा विवाद हुआ। हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों का दावा है कि इस स्थान पर पहले मंदिर हुआ करती थी जिसे सुरक्षित रखने के वादे के साथ जमीन का सौदा दरगाह के साथ किया गया था। लेकिन दरगाह की तरफ से न केवल मंदिर नष्ट किया गया बल्कि यहाँ तक पहुँचने वाले रास्ते पर ताला लगा दिया गया।

खेत में मंदिर होने का पता कैसे चला?

दरगाह-ए-हकीमी और इच्छेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच चल रहे पूर्व विवाद को सुलझाने के लिए पिछले दिनों विधायक सुमित्रा कास्डेकर के साथ मंदिर ट्रस्ट के लोग खेत के पास चर्चा कर रहे थे। ट्रस्ट के लोगों का दावा था कि यहाँ एक प्राचीन शिव मंदिर हुआ करता था। घनी झाड़ियों के बीच उन्हें हनुमानजी की प्राचीन प्रतिमा नजर आई, जिससे मंदिर ट्रस्ट और हिंदुवादी संगठन के लोगों के दावों को बल मिला। हनुमान जी की प्रतिमा मिलने के बाद भक्त उनकी पूजा करना चाहते थे। परन्तु दरगाह की तरफ से खेत की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद करवा दिया गया। जिससे ताज़ा विवाद उत्पन्न हुआ।

जब भगवान का पूजा किए बिना नहीं रह सके भक्त

आराध्य की पूजा से रोके जाने के बाद प्रदर्शन कर रहे भक्तों की संख्या बढ़ने लगी। भक्तों ने गेट के बाहर भजन और हनुमान चालीसा‎ का पाठ किया। इसके बाद गेट बंद होने पर विरोध‎ करते हुए ताला तोड़कर खेत के उस स्थान तक बढ़े जहाँ हनुमान जी की प्राचीन प्रतिमा प्राप्त हुई थी। वहाँ उन्होंने हनुमान जी का पूजन किया। हिंदू संगठन हनुमानजी की प्रतिमा के पूजन के पूरे‎ अधिकार की बात कह रहा है। वहीं, दरगाह प्रबंधन का‎ कहना है बिना अनुमति के निजी‎ संपत्ति में जबरन प्रवेश किया गया है।‎
                             दरगाह ने भक्तों को रोकने के लिए गेट पर जड़ा ताला (फोटो साभार नई दुनिया)

मामले पर दरगाह-ए-हकीमी का पक्ष

खेत के विवाद पर दरगाह का पक्ष है कि उन्होंने 1986 में यह खेत शंकर सिंह नाम के व्यक्ति से खरीदा था। वहाँ कई वर्षों से हनुमानजी की मूर्ति रखी हुई थी। दरगाह का कहना है कि जिस व्यक्ति का खेत था उसी ने प्रतिमा स्थापित की थी। यह कोई सार्वजनिक स्थान या मंदिर नहीं था। यहाँ निजी चबूतरा और मूर्ति थी। आज भी वह उसी स्थिति में है। ट्रस्ट ने उसे सुरक्षित रखा हुआ है। मंगलवार को‎ विवाद के समय हमने पूजा-पाठ के लिए दरगाह की अनुमति लेने की बात कही जिसे स्वीकार नहीं किया गया। दरगाह की तरफ से खेत को निजी संपत्ति बताया जा रहा है। दरगाह की तरफ से कहा गया कि इस तरह ताला तोड़कर किसी की निजी संपत्ति में प्रवेश करना पूरी तरह गलत है।‎ दरगाह की तरफ से इस मामले में 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

मामले पर हिंदुवादियों और मंदिर ट्रस्ट का पक्ष

रिपोर्ट्स के मुताबिक इच्छेश्वर मंदिर समिति के सदस्य महेश सिंह चौहान का कहना है, “हमने 1912 का नक्शा देखा। वहाँ मंदिर होने का उल्लेख है। खेत में हनुमान जी की प्रतिमा भी मिली है। हमारी धार्मिक स्वतंत्रता के तहत वहाँ पूजन करने का हमें अधिकार है। इसको लेकर दरगाह प्रबंधन से समझौता भी हुआ था, लेकिन जब पूजन के लिए लोग पहुँचे तो बाहर गेट पर ताला लगा दिया गया। इससे नाराज भक्तों ने ताला तोड़ दिया।” महेश सिंह चौहान ने नक्शे के हवाले से कहा कि इलाके के लगभग 4 एकड़ भूमि पर हनुमान मंदिर और बड़े शिवलिंग का जिक्र है। स्थानीय लोगों ने भी दरगाह के पीछे खेतों में प्राचीन मंदिर होने की बात कही। जब हमलोग वहाँ पहुँचे तो हमें गंदगी में हनुमान जी की मूर्ति मिली। उसके बाद हमारा और भक्तों का विश्वास मजबूत हो गया।

खेत बेचने वाले शंकर सिंह चौहान के वंशज का पक्ष

दरगाह को जमीन बेचने वाले शंकर सिंह चौहान के वंशज जगदीश सिंह चौहान ने आरोप लगाया है कि दरगाह की तरफ से जमीन बेचने से पहले हुए समझौते का पालन नहीं किया जा रहा है। समझौते के तहत मंदिर और मंदिर का रास्ता छोड़कर खेत बेचा गया है। जगदीश सिंह ने मामले में पुलिस को शिकायत भी दी है। शिकायत में कहा गया है कि दरगाह के निसरीन अली ने जगदीश सिंह को झूठी गवाही देने के लिए प्रलोभन दिया। जगदीश सिंह से कहा गया कि आप खेत में बजरंग बली की मूर्ति होने की बात से इनकार कर दें। गवाही दें कि समिति वालों ने मूर्ति यहाँ लाकर रख दी है। जबकि सच्चाई यह है कि यह मंदिर कई पीढ़ियों से स्थापित है।
दरगाह के तकरीबन 100 एकड़ जमीन में से 4 एकड़ पर मंदिर होने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा दरगाह और इच्छेश्वर हनुमान मंदिर के बीच अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद के निपटारे के लिए पिछले दिनों सर्वे का काम भी किया गया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

‘जब मुस्लिम देशों में लाउडस्पीकर पर अजान बैन है, तो भारत में ही क्यों हो रहा है ऐसा?' : गायिका अनुराधा पौडवाल

बॉलीवुड के मशहूर गायक सोनू निगम के बाद अब देवी-देवताओं के भजन गाने के लिए प्रसिद्ध, गायिका अनुराधा पौडवाल ने लाउडस्पीकर पर होती अजान के मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि जैसे भारत में अजान दी जाती है। वैसे तो मुस्लिम देशों में भी नहीं होता। उन्होंने बताया कि वो किसी मजहब के विरुद्ध नहीं हैं, लेकिन इस तरह लाउडस्पीकर पर जब अजान होती है तो बाकी धर्म के लोग भी चाहते हैं कि वह भी स्पीकर चलाएँ।

अनुराधा पौडवाल ने अपना पक्ष जी न्यूज से बातचीत में रखा। उन्होंने कहा, “मैं दुनिया की कई जगहों पर घूमी हूँ। लेकिन जैसे भारत में होता है वैसा कहीं और नहीं होता। मैं किसी धर्म के खिलाफ नहीं हूँ। पर हमारे यहाँ इसे जबरदस्ती बढ़ावा दिया जा रहा है। ऊँची आवाज में मस्जिद से लाउडस्पीकर लगाकर अजान चलाई जाती है जिसे देख दूसरों को भी लगता है कि वो अपना लाउडस्पीकर क्यों न चलाएँ।”

उन्होंने कहा, “मैं तो मिडिल ईस्टर्न देशों में भी ट्रैवेल कर चुकी हूँ। लेकिन वहाँ तो लाउडस्पीकर पर अजान बैन है। जब मुस्लिम देशों में लाउडस्पीकर पर अजान नहीं हो रही तो भारत में ही क्यों हो रहा है ऐसा? उन्होंने कहा, “यहाँ लाउडस्पीकर पर अजान चलती है तो यहाँ लोगों ने कहा हम हनुमान चालीसा चलाएँगे। इसी कारण से विवाद बढ़ता है जो बेहद दुखद है।”

उन्होंने नवरात्रि और रामनवमी जैसे हिंदू त्योहारों को लेकर बात की। साथ ही युवाओं को संदेश दिया। उन्होंने कहा, “हमें अपने बच्चों को देश की संस्कृति के बारे में जागरुक करना चाहिए। उन्हें ये बात बताई जानी चाहिए कि आदि शंकराचार्य हमारे धर्म गुरु हैं।: वह बोलीं, “पोप का संबंध ईसाइयों से है, ये जानकारी तो सबको होगी ही। इसीलिए हमारे धर्म के बारे में भी ये पता होना ही चाहिए कि हिंदुओं के पास चार वेद, 18 पुराण और 4 मठ हैं।”

सोनू निगम और लाउडस्पीकर विवाद

अनुराधा की तरह ही साल 2017 में ऐसा ही सवाल सोनू निगम ने उठाया था। उन्होंने पूछा था कि आखिर जब इस्लाम बना तो बिजली नहीं थी। फिर ये सब क्यों होता है। उनका कहना था कि वो मुस्लिम नहीं है फिर भी सुबह उठना पड़ता है। आखिर कब जबरन मजहब थोपना बंद किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद उनके विरुद्ध कट्टरपंथियों ने उन्हें गंजा करने के लिए फतवा जारी कर दिया था।