Showing posts with label #ISCON. Show all posts
Showing posts with label #ISCON. Show all posts

भारत में सनातन पर कीजड़ फेंकने वाले बेशर्म हिन्दुओं ऑंखें खोलो ; यूनुस सरकार के वकील ने ISKCON को बताया ‘कट्टरपंथी संगठन’, बैन करने की बनाई है योजना

             बांग्लादेश ने कहा है कि ISKCON कट्टरपंथी संगठन है (फोटो साभार: UCA News & ISKCON Delhi)
बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने हाई कोर्ट में हिन्दुओं के संगठन ISKCON को ‘कट्टरपंथी’ बताया है। उन्होंने कोर्ट में बताया है कि ISKCON को बैन करने की कार्रवाई पहले से चल रही है। यूनुस सरकार ने यह बातें ISKCON के एक संत की गिरफ्तारी के बाद कही हैं। हाई कोर्ट में एक मुस्लिम वकील ने ISKCON को बैन करने की माँग को लेकर याचिका लगाई है।

बांग्लादेश हाई कोर्ट में वकील ने याचिका दायर करके कहा है कि ISKCON को बैन कर दिया जाए क्योंकि यह देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त है। वकील ने इस मामले में हाई कोर्ट में ISKCON को लेकर कथित मीडिया रिपोर्ट्स दी हैं।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने देश के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्ज्माँ से जवाब माँगा। असदुज्ज्माँ ने कोर्ट को बताया कि सरकार इस ‘कट्टरपंथी’ संगठन पर कार्रवाई को लेकर पहले ही विचार कर रही है। असदुज्ज्माँ ने बताया कि इसको बैन करने को लेकर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि ISKCON की जाँच की जा रही है।

गौरतलब है कि ISKCON के संत चिन्मय कृष्ण दास को बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार (25 नवम्बर, 2024) को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मंगलवार को उन्हें जमानत भी देने से इनकार कर दिया गया। जज काजी नजरुल इस्लाम ने इस दौरान उन्हें देशद्रोह का प्रथम दृष्टया दोषी पाया।

चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद चटगाँव कोर्ट परिसर में हंगामा हुआ। हिन्दुओं ने यहाँ प्रदर्शन किया और चिन्मय कृष्ण दास को छोड़ने की माँग की। इन हिन्दुओं पर बांग्लादेश की पुलिस और इस्लामी कट्टरपंथियों ने ईंट और पत्थर बरसाए और लाठियाँ चलाई। इस दौरान गोली चलाने की बात भी सामने आई।

प्रदर्शन के दौरान हुए हमले में एक सरकारी वकील की मौत हो गई। बांग्लादेश की पुलिस ने इस हत्या का दोष पीड़ित हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया है। हालाँकि, बांग्लादेश की सम्मिलित हिन्दू जागरण जोत समिति ने स्पष्ट किया है कि हिन्दू इस घटना में शामिल नहीं थे बल्कि दूसरी तरफ मस्जिद से हमला हुआ था।

वकील की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार (27 नवम्बर, 2024) को 33 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से 6 को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इनकी पहचान घटनास्थल के CCTV कैमरे से की गई है। यह नहीं स्पष्ट है कि यह लोग कौन है।

‘ये सबसे बड़े फ्रॉड, कसाइयों को बेचते हैं गाय’: मेनका गाँधी के आरोपों को इस्कॉन ने बताया झूठा

                                                                                                          साभार-MINT एंड ISCON
इस्कॉन ने सांसद मेनका गाँधी द्वारा बूचड़खानों को गाय बेचने के आरोपों को निराधार और झूठा बताते हुए खारिज कर दिया। इस मामले में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने मंगलवार (26 सितंबर, 2023 ) को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात पर जोर दिया कि संस्था गौवंश बेचती नहीं बल्कि वह गाय की सुरक्षा और देखभाल के लिए उच्च मानक अपनाती है। वहीं मेनका गाँधी का एक क्लिप वायरल हो रहा है जिसमें वह इस्कॉन पर बूचड़खानों को सूखी गायें और बछड़े बेचने का आरोप लगा रही हैं। 

दरअसल, सुल्तानपुर से सांसद मेनका गाँधी का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह यह कहती नजर आ रहीं हैं, “मैं आपको बता देती हूँ, सबसे बड़े धोखेबाज जो हैं वह है इस्कॉन, मैं उनके अनंतपुर गौशाला गई जहाँ एक भी सूखी गाय हमें नहीं मिली, मतलब सब सूखी गायें और बछड़े बूचड़खानों को बेचे गए। इसका मतलब इस्कॉन इनको बूचड़खानों को बेच रहा है। जितने इन्होने ऐसी गायों को बेचा होगा उतना किसी ने नहीं।”

इसी क्लिप में मेनका गाँधी ने इस्कॉन का मजाक भी उड़ाया है। वह मॉक करते हुए कहती हैं कि जो सड़क पर जाकर हरे रामा-हरे कृष्णा करते हैं। यह वही लोग हैं जो दूध-दूध करते हैं। ये बूचड़खानों को गायें बेच रहे हैं। जबकि गौशाला चलाने के लिए उन्हें सरकारों से कई लाभ मिलते हैं।

इस्कॉन ने किया मेनका गाँधी के आरोपों का खंडन 

मेनका गाँधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए इस्कॉन के राष्ट्रीय प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंदा दास ने कहा कि मेनका गाँधी का एक वीडियो जिसमें वह इस्कॉन पर आरोप लगा रही हैं, उनके संज्ञान में आया है। उनके आरोप झूठे हैं। संस्था आखिरी साँस तक गायों और बैलों की सेवा करता है और उन्हें कभी भी कसाइयों को नहीं बेचता है।
राष्ट्रीय प्रवक्ता युधिष्ठिर गोविंदा दास ने इस मामले में एक पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने लिखा, “श्रीमती मेनका गाँधी के अप्रमाणित और झूठे बयानों पर प्रतिक्रिया: इस्कॉन न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर गाय और बैल की सुरक्षा और देखभाल में सबसे आगे रहा है। यहाँ गायों और बैलों की जीवनपर्यंत सेवा की जाती है, उन्हें कसाइयों को नहीं बेचा जाता है।”
अपने आधिकारिक बयान में, इस्कॉन ने बताया, “इस्कॉन ने दुनिया के कई हिस्सों में गाय संरक्षण का बीड़ा उठाया है, जहाँ गोमांस एक मुख्य आहार है। भारत के भीतर, इस्कॉन 60 से अधिक गौशालाएँ चलाता है जो सैकड़ों पवित्र गायों और बैलों की रक्षा करती हैं और उनका जीवनभर देखभाल करती हैं। वर्तमान में इस्कॉन की गौशालाओं में कई लावारिस, घायल पाए जाने वाले या वध से बचाए जाने के बाद हमारे पास लाए गए गायों की देखभाल की जाती है। 
उन्होंने यह भी कहा कि उसके पास गाय की देखभाल/संरक्षण के उच्च मानक हैं, संगठन गाय की पूजा की संस्कृति को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है और किसानों को गाय की देखभाल की तकनीकों पर प्रशिक्षण दे रहा है।
इस्कॉन ने अपने बयान में कहा कि वे अपने खिलाफ मेनका गाँधी के बयानों से हैरान हैं। वहीं एक अन्य ट्वीट में, इस्कॉन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने इस बात को उजागर करने के लिए एक पशु चिकित्सक का एक पत्र शेयर किया जिसमें अनंतपुर गौशाला में भी कई बैल और दूध न देने वाली गायों की सेवा की बात सामने आई है।  
पत्र में बताया गया है, “गौशाला दूध देने वाली गायों के साथ-साथ 76 बैल और 246 गैर-दूध देने वाली गायों की प्रेम और भक्ति के साथ सेवा करती हैं।”

बीजेपी से कार्रवाई की माँग

इसी विवाद में इस्कॉन के और प्रवक्ता राधा रमण दास ने सोशल मीडिया एक्स पर लिख, “वह एक चिड़चिड़ी महिला है जो सब झूठ बोलती है। अगर वह अपने गलत बयानों के लिए माफी नहीं माँगती हैं तो हम उन पर मुकदमा करेंगे। उनके बेटे को पहले ही भाजपा से बाहर कर दिया गया है और ऐसा लग रहा है कि वह भी बाहर जा रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सनातन धर्म विरोधी पार्टियों में जल्दी प्रवेश पाने के लिए सनातनी संगठन को निशाना बनाना एक फैशन बन गया है। हम उन्हें इस्कॉन को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए एक सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे। बीजेपी से अनुरोध है कि उनके खिलाफ कार्रवाई करे। मोहम्मद जुबैर जैसे जिहादियों द्वारा उनका समर्थन करना ही पूरी कहानी बयाँ करता है।