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ब्राजील : मात्र 1.8% वोट के अंतर से 82825000 रूपए घूस लेने का आरोपी बना राष्ट्रपति

                लूला डी सिल्वा की रैलियों में भारी भीड़ उमड़ रही थी, अब तीसरी बार बने ब्राजील के राष्ट्रपति 
ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव में दो बार राष्ट्रपति रह चुके लूला डी सिल्वा (Lula da Silva) ने जीत हासिल की है। उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति बोल्सोनारो को बेहद कड़े और करीबी मुकाबले में हराया है। राष्ट्रपति चुनाव में जहाँ बोल्सोनारो को 49.1% वोट मिले। वहीं, लूला डी सिल्वा को 50.9% वोट मिले हैं। वह, 1 जनवरी 2023 को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। लूला डी सिल्वा की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया भर के कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी है।

लूला डी सिल्वा का राष्ट्रपति बनना न केवल ब्राजील के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के नजरिए से बहुत बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। दरअसल, लूला डी सिल्वा पर साल 2018 में सरकारी तेल कंपनी पेट्रोब्रास के लिए भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया गया था। साथ ही, यह भी कहा गया था कि उन्होंने समुद्र तट पर अपार्टमेंट लेने के लिए 1 मिलियन डॉलर, यानी करीब 82825000 रुपए की घूस ली है।

जिसके बाद अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए करीब 10 साल की सजा सुनाई थी। साथ ही, उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद वह साल 2018 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भी भाग नहीं ले सके थे। हालाँकि, इसके बाद साल 2021 में वहाँ की सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि पीठासीन अदालत के जज ने पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाते हुए उन्हें दोषी ठहराया था।

लूला के राजनीतिक करियर की शुरुआत ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष बनने से हुई। इस दौरान उन्होंने 1970 के दशक में सैन्य तानाशाही के विरुद्ध की गई हड़तालों और आंदोलनों का नेतृत्व किया। इसी दौरान लूला डी सिल्वा की राजनीतिक इच्छा प्रबल हो गई थी। वह साल 1980 में बनी वर्कर्स पार्टी के संस्थापक भी सदस्य हैं। उन्होंने पहली बार 1982 में साओ पाउलो के राज्य इलेक्शन में भाग लिया था, लेकिन चुनाव हार गए थे। इसके बाद उन्होंने साल 1986 के चुनावों में सबसे अधिक वोटों के साथ कॉन्ग्रेस (ब्राजील की संसद) में सीट हासिल की थी। 

इस पार्टी से ही लूला ने 1989 से लेकर 1998 तक तीन बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ा। लगातार 3 हार के बाद अंततः साल 2002 में उन्हें सफलता मिली और वह ब्राजील के 35वें राष्ट्रपति बने। इसके बाद, 2006 में हुए चुनावों में भी उन्हें जीत मिली। इस तरह से वह लगातार दो बार ब्राजील के राष्ट्रपति रहे। इस बार यह उनका छठवाँ राष्ट्रपति चुनाव था। वह ब्राजील के 39वें राष्ट्रपति होंगे।