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‘हिंदू कोई धर्म नहीं, एक गाली… हिंदू का अर्थ चोर-डकैत-लुटेरा-गुलाम’: क्रिश्चियन मोर्चा , देवी-देवताओं पर भी अभद्र टिप्पणी

मंच से हिंदुओं के खिलाफ उगली गई आग (फोटो साभार : Youtube/Prasant Tirkey Vlogs)
छत्तीसगढ़ के जशपुर में जन जागृति सभा के नाम पर हिंदुओं, देवी देवताओं के खिलाफ जमकर आग उगली गई। इस सभा का आयोजन भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा और राष्ट्रीय एकता परिषद की ओर से संयुक्त रूप से किया गया था। इस कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं और हिंदुओं के खिलाफ जमकर आग उगली जा रही है। इस मामले में विहिप समेत तमाम हिंदूवादी संगठनों ने हस्तक्षेप करते हुए कार्रवाई की माँग की, जिसके बाद राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा के 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।

जानकारी के मुताबिक, जशपुर के कुनकुरी थाना इलाके में 27 फरवरी 2024 को इस सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा के मंच से हिंदुत्व और ब्राम्हणों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जमकर आग उगली गई। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष करनैल सिंह ने हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक, अभद्र और गलत टिप्पणी करते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने की शिकायत दर्ज कराई। याचिका में कहा गया है कि आरोपितों ने अलग-अलग संप्रदाय और धर्म के लोगों के बीच शत्रुता और घृणा पैदा कर राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता को धक्का पहुँचाया है।

मंच से हिंंदुओं और ब्राह्मणों के खिलाफ लोगों को भड़काते हुए कहा गया, “खुद को हिंदू कहना बंद करें। हिंदू कोई धर्म नहीं, हिंदू कहना गाली है। ये फारसी भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ चोर, डकैत, लुटेरा, गुलाम होता है। जिस तरह से 3.5 परसेंट ब्राह्मणों के द्वारा हमें 4000 साल से गुलाम बनाए रखा जा रहा है, वैसे ही आज हमें हिंदू के नाम पर गुलाम बनाए रखने का काम किया जा रहा है।” इसे आप नीचे दिए गए वीडियो में 2.20 मिनट से सुन सकते हैं।

ईवीएम तोड़ने की भी अपील

इस सभा के मंच से लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान लोगों से ईवीएम तोड़ने को भी कहा गया। इस दौरान एक वक्ता ने 2023 में हुए 3 राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं के विवादित बोल के वीडियो इंटरनेट पर शेयर किए जा रहे हैं।
मिस्टर सिन्हा नाम के एक्स यूजर ने इस घटना का वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने इस मंच से बोले गए जहरीले बयानों को शेयर करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कार्रवाई की माँग की है।

12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

एसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि शिकायत और कार्यक्रम से जुड़े वीडियो की जाँच के बाद आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। कुनकुरी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 153 (क), 153 (ख), 295(क), 505(2), 109, 294 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में सुनील खलखो निवासी गोढ़ी थाना बागबहार, श्याम सुंदर मरावी निवासी कुनकुरी, मीरा तिर्की निवासी कांसाबेल, व्लासियुस तिग्गा निवासी अंबिकापुर, संजय सक्सेना निवासी कापू. रायगढ़, रेमिश तिर्की निवासी कांसावेल, दिनेश भगत निवासी नारियल डांड थाना कांसाबेल, हर्ष कुजूर निवासी पिराई थाना बगीचा, रूपनारायण एक्का निवासी जशपुर के साथ ही अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है।

छत्तीसगढ़ : ‘धर्मांतरण हमारी संस्कृति पर खतरा’ : ईसाई मिशनरियों के खिलाफ सड़क पर उतरे सैकड़ों ग्रामीण

                                                                       ईसाई मिशनरियों के खिलाफ सड़क पर उतरे सैकड़ों ग्रामीण
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में धर्मान्तरण के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने घर परिवार के लोगों के ईसाई बन जाने का आरोप लगाया है। ग्रमीणों ने इसे अपनी संस्कृति पर खतरा बताया है और ये सब न रुकने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। हालाँकि, मौके पर पुलिस ने पहुँच कर हालात को संभाला। घटना रविवार (7 अगस्त 2022) की है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक मामला राजिम के गाँव कौंदकेरा का है जहाँ हर रविवार को ईसाइयों की प्रार्थना सभा होती है। इस बार प्रार्थना सभा आयोजित होते ही वहाँ ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उस प्रार्थना में कुछ बाहरी लोग भी आते है। वो हमें ईसाई बनाने के लिए तरह-तरह के लालच देते हैं। हालत ऐसे हो चुके हैं कि एक ही माता-पिता के अलग-अलग बच्चे अब अलग-अलग मजहब में हैं।”

मिली जानकारी के मुताबिक यह सभा कांकेर के संतोष कुमार मरकाम के घर पर होती है। हालाँकि, ग्रामीणों के गुस्से को देख कर उन्होंने भी अपने कदम पींछे खींच लिए हैं। उन्होंने दुबारा किसी को बाहर से न बुलाने की हामी भरी है। आक्रोश की सूचना पर मौके पर पहुँचे SDM अविनाश को भी ग्रामीणों ने सख्त अंदाज़ में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि धर्मान्तरण न रुका तो वो सब उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने SDM से ये भी कहा कि धर्मान्तरण सिर्फ उनके ही नहीं बल्कि अन्य कई गाँवों में भी हो रहा है।

गाँव वालों ने सोशल मीडिया से भी ईसाई धर्मान्तरण के विरोध की अपनी इस मुहिम को हवा दी है। अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान गाँव वालों ने न सिर्फ गाँव में दोबारा इसे धर्मान्तरण न करने देने का संकल्प लिया बल्कि धर्मांतरित हो चुके लोगों की घर वापसी का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा, “जो लोग भी अपना मूल धर्म बदल चुके हैं उन्हें एक बार फिर से वापस लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए उनके हाथ में नारियल पकड़ाया जाएगा। जो भी व्यक्ति वापस आता है वही उनका अपना होगा। जो वापस नहीं आता उसे विदेशी माना जाएगा।”

वहीं छत्तीसगढ़ के जशपुर के साजबहार गाँव से भी एक मामला सामने आया है। यहाँ सरपंच सोनम लकड़ा के घर चंगाई सभा में ईसाई धर्मान्तरण का आरोप लगाया है। जिसमें भाजयुमो ने हंगामा कर दिया। बता दें कि यहाँ हिन्दू युवा नेता विजय सिंह जूदेव सरपंच सोनम लकड़ा के घर पहुँचे थे। उनके मुताबिक यहाँ चंगाई सभा कर रहे थे। उनका आरोप है कि यहाँ चंगाई सभा की आड़ में लोगों को ईसाई बनाने का काम हो रहा था। लेकिन हमने उनकी करतूत पर पानी फेर दिया। उनके मुताबिक प्रार्थना सभा में हिन्दू समुदाय के 4 लोग शामिल थे। जिसके बाद भाजयुमो के कार्यकर्ता भड़क गए और सरपंच को बर्खास्त करने की माँग करने लगे।

हालाँकि, यहाँ पुलिस ने उल्टे हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं को ही गिरफ्तार कर लिया है। और ईसाई धर्मान्तरण से इनकार कर दिया है।

मई 2022 में छत्तीसगढ़ के जशपुर में ग्रामीणों की शिकायत पर 2 पादरी धर्मान्तरण करवाते हुए गिरफ्तार किए गए थे। इसी के साथ अक्टूबर 2021 में भी दुर्ग जिले में ग्रामीणों ने धर्मान्तरण के आरोप में 45 ईसाइयों को बंधक बना लिया था। बता दें कि ईसाई धर्मान्तरण को रोकने के लिए दिसम्बर 2021 में जशपुर में आयोजित एक सम्मेलन में जनजातीय सुरक्षा मंच ने राज्य सरकार से अवैध धर्मान्तरण पर तत्काल रोक लगाने को कहा था।