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साथ सोने को कहता था, गलत इरादे से छूता था: जंतर-मंतर पर बिरयानी वाला जुनैद निकला ‘मोलेस्टर’, जानें ऑपइंडिया से बातचीत में क्या बोलीं CJP वॉलंटियर?

छात्रों को बिरयानी खिलाने वाला मोहम्मद जुनैद असल में ठरकी निकला! ये मैं नहीं कह रही, खुद जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल हुईं लड़कियाँ ये कह रही हैं। उन्हीं में एक महिला माहिरा कश्यप ने जुनैद के खिलाफ कानून शिकायत दर्ज कराई है, इन्हें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने वॉलंटियर बनाया था, और ये प्रदर्शन स्थल पर झाड़ूँ और बाकी साफ-सफाई का जिम्मा संभालती थीं।

माहिरा कश्यप की 4 अगस्त 2026 को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में की गई लिखित शिकायत ने जुनैद का असली चेहरा सबके सामने ला दिया है। ये वही जुनैद है, जिसके चेहरे पर प्रोटेस्ट को सेकुलर बताया जा रहा था, लिबरल-वामपंथी गैंग जुनैद के खाने बाँटने की वीडियोज को खूब सराह रहे थे। लेकिन असल में वह प्रोटेस्ट में किस एजेंडा के साथ गया था, वो माहिरा कश्यप की शिकायत से पता लग गया है।

                                        साभार सोशल मीडिया 
लिखित शिकायत से खुले प्रोटेस्ट में जुनैद के कारनामे
 

इंस्टाग्राम पर ठीक-ठाक फॉलोवर्स वालीं माहिरा कश्यप ने 04 अगस्त 2026 को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने में मोहम्मद जुनैद के खिलाफ लिखित शिकायत की। शिकायत में माहिरा कश्यप बताती हैं कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में वह वॉलंटियर के तौर पर मदद कर रही थीं। इसी दौरान उनकी बातचीत मोहम्मद जुनैद से हुई। शुरुआत में माहिरा ने जुनैद से दोस्ताना तरीके से ही बात की और उस पर भरोसा किया।

माहिरा का कहना है कि कुछ समय बाद उन्होंने नोटिस किया कि जुनैद कई लड़कियों के साथ ठीक तरीके से पेश नहीं आ रहा था। उसके व्यवहार से लड़कियाँ असहज हो रही थीं। माहिरा ने शिकायत में कहा कि उनके साथ भी जुनैद ने इसी तरह का व्यवहार किया, जो उन्हें पसंद नहीं आया। उनका कहना है कि इस तरह के व्यवहार की वजह से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के बीच असहज और असुरक्षित माहौल बन रहा था।

 माहिरा के मुताबिक, कुछ लड़कियों ने भी जुनैद के व्यवहार को लेकर अपनी परेशानी बताई थी। उन्होंने खुद भी ऐसी चीजें देखी थीं। इसके बाद उन्होंने अभिजीत दिपके से इस बारे में बात की। माहिरा का कहना है कि 11 जुलाई को उन्होंने जुनैद से प्रदर्शन वाली जगह छोड़ने को कहा और उसे वहाँ से हटा दिया, ताकि वहाँ मौजूद महिलाओं के लिए माहौल सुरक्षित रहे।

माहिरा ने पुलिस से यह भी कहा है कि 11 जुलाई की इस घटना की जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्डिंग हो सकती है। इसलिए उन्होंने जाँच अधिकारी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज निकलवाने और उसे सुरक्षित रखने की माँग की है।

अभिजीत दिपके के बयान दर्ज करने की माँग

शिकायत में माहिरा ने आगे बताया कि सोनम वांगचुक की हिरासत के अगले दिन जुनैद दोबारा प्रदर्शन स्थल पर आया। उसने माहिरा से अपने व्यवहार के लिए माफी माँगी। माहिरा के मुताबिक, बातचीत के दौरान जुनैद ने माना कि उसका व्यवहार गलत था और उसने इसके लिए माफी माँगी। माहिरा का कहना है कि इस बातचीत की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास है, जिसे वह पुलिस को सबूत के तौर पर देने के लिए तैयार हैं।

इसके बाद माहिरा ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर लोगों को इस पूरे मामले के बारे में बताया। इसी लाइव के दौरान जुनैद का साथी राशिद भी जुड़ा और उसने कहा कि जुनैद अपने व्यवहार के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी माँगेगा। हालाँकि, माहिरा का कहना है कि इसके बाद भी जुनैद की तरफ से अभी तक कोई सार्वजनिक माफी नहीं माँगी गई है।

माहिरा ने शिकायत में यह भी बताया कि उन्होंने अभिजीत दिपके को जुनैद के महिलाओं के साथ गंदे व्यवहार के बारे में जानकारी दी थी। उनका कहना है कि वह अकेली महिला नहीं थीं जिसने इस बारे में शिकायत की थी। दूसरी महिलाओं ने भी अभिजीत दिपके और उनकी टीम से संपर्क करके जुनैद के व्यवहार को लेकर अपनी परेशानी बताई थी। इसलिए माहिरा ने पुलिस से अभिजीत दिपके का बयान दर्ज करने की माँग की है, क्योंकि उन्हें इस मामले में हुई दूसरी शिकायतों के बारे में भी जानकारी हो सकती है।

आखिर में माहिरा ने कहा है कि उनकी शिकायत उनके खुद के अनुभव, उनके सामने हुई घटनाओं और उनके पास मौजूद सबूतों पर आधारित है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जाँच करने और मोहम्मद जुनैद के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की माँग की है।

ऑपइंडिया से बातचीत में क्या बोलीं माहिरा कश्यप?

ऑपइंडिया ने इस शिकायत को लेकर माहिरा कश्यप से संपर्क किया। माहिरा ने बताया कि उनकी शिकायत पर पुलिस ने अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जुनैद इस शिकायत के डर से ही झारखंड के प्रोटेस्ट में पहुँचा है। जुनैद के गंदे व्यवहार के बारे में बताते हुए माहिरा ने कहा कि वह इकलौती लड़की नहीं हैं, जिसके साथ उसने ऐसा व्यवहार किया।

उनके मुताबिक, जुनैद कई लड़कियों से बात करते हुए उन्हें गलत इरादे से छूता था। माहिरा ने कहा, “जुनैद कभी कंधे पर, कभी सिर पर, कभी बालों पर और कभी हाथ पर छूकर लड़कियों से पूछता था कि उनका स्वास्थ्य कैसा है।” माहिरा का कहना है कि उनके साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया।

माहिरा ने आगे बताया कि जुनैद कुछ लड़कियों को देर रात तक कॉल भी करता था। जुनैद के बारे में एक और गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उसने प्रोटेस्ट में शामिल एक लड़की को अपने साथ सोने का प्रस्ताव तक दिया था। माहिरा का कहना है कि ऐसी घटनाओं की वजह से उन्होंने यह मामला पुलिस के सामने उठाने का फैसला किया, ताकि प्रोटेस्ट में शामिल दूसरी लड़कियों को भी इस तरह के व्यवहार का सामना न करना पड़े।

माहिरा कहती हैं कि वह अब सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन दूसरी लड़कियों के लिए भी सामने आई हैं, जिनके साथ जुनैद ने ऐसा गंदा व्यवहार किया। उन्हें उम्मीद है कि अगर वह आज जुनैद के खिलाफ आवाज उठा रही हैं, तो कल दूसरी लड़कियाँ भी हिम्मत जुटाकर सामने आ पाएँगी। माहिरा ने बताया कि वह ऐसी लड़कियों से संपर्क भी कर रही हैं। उनका कहना है कि जुनैद का ‘असली चेहरा’ सामने आना जरूरी है, ताकि दूसरी लड़कियाँ भी उसके खिलाफ अपनी बात रख सकें।

किसी का फोकस ‘अंबेडकरवाद’ पर, किसी का ‘फ्री फिलिस्तीन’ पर: CJP प्रदर्शन से पनपे ‘इंफ्लुएंसर्स’ का अपना-अपना एजेंडा, जानिए कंटेंट की माइनिंग कर कैसे कमाए लाखों फॉलोअर्स

                                     CJP प्रदर्शन से जन्में इंफ्लुएंसर्स (फोटो साभार: Instagram)
जब से कॉकरोच पार्टी बनी तभी से सोशल मीडिया पर इनकी मंशा पर सवाल उठ रहे थे, राष्ट्रीय मीडिया ने भी उस समय गंभीरता से नहीं लिया। और न ही सरकार ने। असली वजह अमेरिकी लेखिका रेनी लिन ने भी बताया। क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी स्कूल की किताबों में मुगलों की इतनी तारीफ क्यों होती थी? अमेरिकी लेखिका रेनी लिन का एक बयान आजकल सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है! उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का खुलकर सपोर्ट किया है और एक बहुत बड़ा दावा किया है। 
रेनी का कहना है कि हमारी NCERT की पुरानी किताबें विदेशी आक्रमणकारियों के महिमामंडन से भरी पड़ी थीं।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर टिका कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन आखिरकार अपनी माँग पूरी होने के बाद खत्म हो गया। करीब डेढ़ महीने तक चले इस तथाकथित ‘छात्र आंदोलन’ ने सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी कई नए चेहरे खड़े कर दिए। इस दौरान कई पुराने इंफ्लुएंसर्स ने अपने लिए भरपूर कंटेन्ट तैयार किया, वहीं कई ऐसे लोग भी थे जिन्हें पहचान ही इस प्रदर्शन ने दिलाई।

किसी ने पीएम नरेंद्र मोदी को गाली देकर वायरल हुआ, किसी ने मीडिया को निशाना बनाकर फॉलोवर्स जुटाए, किसी ने प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने के वीडियो बनाए तो किसी ने पुलिस से बहस और टकराव को अपना कंटेन्ट बना लिया।

इनमें मोहम्मद जुनैद, हर्षित, उज्जवल, रिया अहिर और नीशू जैसे तथाकथित इंफ्लुएंसर्स शामिल हैं। जिनकी पोस्ट पर पहले दो-चार लाइन भी मुश्किल से आते थे, आज वही लाखों फॉलोअर्स के साथ मिलियन में रीच हासिल कर रहे हैं। पिछले डेढ़ महीने में इंस्टाग्राम के बदले हुए एल्गोरिदम ने भी इनकी लोकप्रियता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।

चिंता की बात यह है कि इन सभी का कंटेन्ट किसी न किसी एजेंडे के इर्द-गिर्द घूमता है। ऐसे में इन्हें फॉलो करने वाले लाखों युवा भी धीरे-धीरे उसी सोच और उसी नैरेटिव से प्रभावित हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से मिली लोकप्रियता ने इन लोगों को बड़ा मंच तो दे दिया है, लेकिन यह देखना भी जरूरी है किस उस मंच का इस्तेमाल किस मकसद और किस दिशा में किया जा रहा है।

नीशु आजाद

इस प्रदर्शन में ‘जय भीम’ के नारे तो जमकर लगे। प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले दलित समाज से आने वाले अभिजीत दिपके ने भी खुद को ‘अंबेडकरवादी’ विचारधारा का प्रतिनिधि बताते हुए इसी सोच को आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनाया। लेकिन इसी प्रदर्शन से 15 साल की नीशू आजाद भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

नीशू का पहला वायरल वीडियो वही था, जिसमें वह एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा पर सवाल कर रही हैं, वहीं दूसरी वीडियो में वह CBSE और NEET की फुलफॉर्म तक नहीं बता पा रही थी। हैरानी की बात यह थी कि वह खुद 10वीं कक्षा की छात्रा है और उसी CJP प्रदर्शन का हिस्सा बनी हुई थी, जो NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा था।

ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नीशू को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इसके बाद नीशू ने CJP प्रदर्शन के मंच पर जगह पाने के लिए अपने पिता पर हमले की खबर फैलाई। नीशू ने रोते हुए वीडियो बनाया कि उनके पिता को मारने वाले लोग ‘बीजेपी के अंधभक्त’ हैं, बिना उनकी नाम-पहचान जाने नीशू ने यह नैरेटिव गढ़ा और प्रदर्शन में शामिल लोगों को बीजेपी के खिलाफ भड़काया। यह देखा भी गया कि धीरे-धीरे यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था के नाम पर नहीं, बल्कि बीजेपी बनाम CJP हो गया, जिसमें विपक्षी दलों के अमूमन हर चेहरे ने भाग लिया।   

नीशू आजाद यहीं नहीं रुकी। और ज्यादा वायरल होने के लिए नीशू ने मीडियाकर्मियों को बयान देते हुए खुद को हिंदुओं के खिलाफ जहर तक उगला और एक दलित समाज से आते हुए भी नीशू खुद को ‘हिंदू’ मानने से इनकार कर दिया। और इतना ही नहीं, प्रदर्शन के अंत दिनों में नीशू का एक और वीडियो सामने आता है, जिसमें वह हाथ में समोसा दिखाते हुए लोगों को ‘मोदी की तेरहवीं’ का खाना खाने को कहती है।

वैसे तो इस लोकप्रियता के बाद अब नीशू के 383K फॉलोअर्स हैं, लेकिन यह जान लेते हैं कि प्रदर्शन से वायरल इंफ्लुएंसर बनी नीशू इस प्रदर्शन से पहले क्या कर रही थी? उसकी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर नजर डालें तो प्रदर्शन से पहले भी नीशू का अधिकतर कंटेन्ट उन लोगों को रोस्ट करने पर केंद्रित था, जो हिंदू हितों की बात करते हैं। इस कंटेन्ट पर भी नीशू को ठीक-ठाक व्यूज आ जाते थे।

लेकिन इस तरह के कंटेन्ट पर शिफ्ट होने की वजह यह थी कि नीशू जब केवल ‘अंबेडकरवाद’ का बखान कर रही थी, तब उन्हें कोई नहीं पूछता था और तब वही किसी तरह की भी ‘इंफ्लुएंसर’ की कैटेगरी में उन्हें नहीं गिना जाता था।

मोहम्मद जुनैद

अभी अगर गूगल पर टाइप करें कि ‘कौन है जुनैद?’ तो गूगल का SEO आपको सबसे पहले जंतर-मंतर के CJP प्रदर्शन से वायरल हुए ‘जुनैद भाई’ के बारे में कंटेन्ट दिखेगा। ये जुनैद भाई वैसे तो एक मामूली वकील है, लेकिन प्रदर्शन में लोगों को मुफ्त खाना-पानी, मुफ्त दवाइयाँ देते जब इनकी वीडियो वायरल हुईं, तो कब ये सोशल मीडिया पर 1 मिलियन फॉलोअर के साथ इंफ्लुएंसर बन गए पता ही नहीं लगा।

मोहम्मद जुनैद की इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखें, तो आज उनका हर वीडियो मिलियंस व्यूज पार कर रहा है। जुनैद के इंस्टाग्राम पर केवल CJP प्रदर्शन का ही कंटेन्ट दिखाई देता है, इससे पता लगता है कि वह भी CJP प्रदर्शन का एक मुख्य चेहरा रहे हैं। प्रदर्शन में CJP ने जुनैद को अपनी ‘सेकुलर’ विचारधारा पेश करने के लिए इस्तेमाल किया, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन में जय श्री राम के नारों पर बवाल के वीडियो भी खूब सामने आए।

प्रदर्शन के बाद इंफ्लुएंसर के रूप में उभरे मोहम्मद जुनैद का अब रोना सामने आ रहा है, जब पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की है। पूछताछ भी इसीलिए जिस पर लोगों ने शक जताया है, शक यह है कि एक मामूली वकील के तौर पर जुनैद ने हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों के लिए खाने की सुविधा कैसे जुटाई? पुलिस जब जुनैद को पूछताछ के लिए ले गई तो उन्होंने अपनी सोशल मीडिया रीच का इस्तेमाल कर इसे बवाल बनाकर पेश किया। मीडिया में रोते हुए खूब इंटरव्यू भी दिए। 

अब बात करें कि जुनैद प्रदर्शन से पहले क्या कर रहे थे, तो इनका पास्ट रिकॉर्ड ‘आंदोलनजीवी’ का ही रहा है। जुनैद की इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखें तो वह पहले भी ‘फ्री फिलिस्तीन’ के प्रदशनों, बाबरी मस्जिद को दोबारा खड़ा करने, माँस की दुकानों को बंद करने का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं। दूसरी तरफ जुनैद अपने सोशल मीडिया पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री जैसे हिंदू संतों का भी मजाक उड़ाते हैं। लेकिन CJP प्रदर्शन का चेहरा बनने से पहले उनका ये कंटेन्ट उतना वायरल नहीं था।

LGBTQ के उज्जवल और हर्षित

16 जून 2026 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के पहले ही दिन LGBTQ समाज के दो चेहरे वायरल होते हैं। इनमें एक का नाम उज्जवल और दूसरे का नाम है हर्षित। छात्रों के इस प्रदर्शन में दोनों का एक वीडियो वायरल होता है, जिसमें उनकी पहचान को लेकर रिपोर्टर सवाल पूछता है तो दोनों बिफर जाते हैं। इस वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर कहीं न कहीं उन्हें एक वायरल कंटेन्ट के रूप में पहचान मिल जाती है और इसके जरिए दोनों ने खूब फॉलोवर्स भी इकट्ठा कर लिए।

CJP प्रदर्शन में भी यूट्यूब चैनलों और कई मीडिया संस्थानों ने उज्जवल और हर्षित के जमकर इंटरव्यू किए, जो उनकी लोकप्रियता बढ़ाने का जरिया बना। एक वीडियो में उज्जवल यह भी कहते नजर आए, “आपने मुझे मीठा बोल दिया… लेकिन एप्पल का फोन बनाने वाला टिम कुक भी गे है, ChatGPT का फाउंडर भी गे ही है, AI का फाउंडर भी गे ही है, इसीलिए हम लोग आपसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं।” 

सोशल मीडिया फॉलोइंस की बात करें तो उज्जवल के अब इंस्टाग्राम पर 17.6K फॉलोअर्स और हर्षित के 134K फॉलोअर्स हैं। पहचान की बात करें तो हर्षित खुद को एक कलाकार और उज्जवल 19 वर्षीय एक छात्र बताता है। सोशल मीडिया गतिविधियों से पता लगता है कि दोनों ही ‘ट्रांसजेंडर बिल’ का विरोध भी कर चुके हैं। लेकिन CJP प्रदर्शन से मिली सोशल मीडिया पर लोकप्रियता अब उनकी एकमात्र पहचान बन चुकी है।

रिया अहिर

जंतर-मंतर की तर्ज पर ही मुंबई में हुए प्रदर्शनों से भी एक चेहरा सामने आया, जो अब खूब वायरल है। रिया अहीर, ये वो लड़की है जिनकी पुलिस वैन को एक हाथ से रोकते तस्वीर सामने आई थी। जो रोकने का प्रयास कम और फोटोशूट ज्यादा लग रहा था। दिलचस्प बात यह है कि रिया पेशे से मॉडल ही हैं। शायद यह बात उनको भी नहीं मालूम थी कि उनकी यह तस्वीर इतनी वायरल हो जाएगी कि मीडिया में इंटरव्यू देने पड़ेंगे। लोगों ने उनकी ये तस्वीर ‘महिला शक्ति’ के रूप में प्रस्तुत की। 

अब वे इस तस्वीर के पीछे संघर्ष की ‘मनगढ़ंत’ कहानी पूरे मीडिया में सुना रही हैं। रिया का कहना है कि जब उन्होंने देखा कि प्रदर्शनकारियों को पुलिस वैन में भरकर ले जाया जा रहा है, तो वह पुलिस वैन के आगे आकर उसे रोकने लग गईं। और हैरानी की बात तो यह है कि तभी उनके कैमरामैन ने वो तस्वीर खींच ली, जिसे शेयर कर अब ‘महिला शक्ति’ का उदाहरण पेश कर रहे हैं।  

खैर रिया अहीर को प्रदर्शनों में मिली लोकप्रियता से उनके फॉलोअर्स की काउंटिंग अब 275K पहुँच गई है। उनका हालिया कंटेन्ट बेशक CJP प्रदर्शन की आवाज बनने और वायरल तस्वीर के फेम में दिए गए इंटरव्यू को लेकर हो, लेकिन बात करें उनके सोशल मीडिया के पास्ट रिकॉर्ड की तो उनका कंटेन्ट अधनग्न तस्वीरें अपलोड करना है। यहाँ तक कि ऐसी और तस्वीरें देखनी हैं तो उन्होंने ₹149 का इंस्टाग्राम सब्सक्रिप्शन प्लान भी चालू किया है, जिसमें उनके 9250 सब्सक्राइबर्स भी हैं। कुल बात यह है कि ‘महिला शक्ति’ का उदाहरण बनने वाली रिया अहीर सोशल मीडिया पर ‘सॉफ्ट पॉर्न’ बेचती हैं।

कुल मिलाकर, CJP का यह प्रदर्शन सिर्फ सड़कों पर हुआ एक आंदलन नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया के लिए एक ऐसा मंच बन गया, जहाँ कई नए इंफ्लुएंसर्स पैदा हो गए। इन लोगों ने आंदोलन के हर पल को कंटेन्ट बनाया और देखते ही देखते लाखों लोगों तक अपनी पहुँच बना ली। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि ये लोग वायरल कैसे हुए, बल्कि इससे भी बड़ी सवाल यह है कि वायरल होने के बाद ये अपने उस प्रभाव का इस्तेमाल किस मकसद के लिए कर रहे हैं।

इनमें से कोई ‘अंबेडकरवाद’ के नाम पर अपनी बात रख रहा है, कोई ‘फ्री फिलिस्तीन’ जैसे मुद्दों को आगे बढ़ा रहा है, कोई हिंदुओं के खिलाफ बयान देकर लोकप्रियता कमा रहा है, तो कई LGBTQ की राजनीति को अपनी पहचान बना रहा है। हर किसी का अपना-अपना एजेंडा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इन सबकी पहुँच अब लाखों युवाओं तक हो चुकी है। ऐसे में इनके हर वीडियो और हर बयान का असर भी उतनी ही तेजी से फैल रहा है।

यही वजह है कि इस पूरे प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर शायद सड़कों पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर देखने को मिलेगा। इस आंदोलन ने कुछ ऐसे इंफ्लुएंसर्स को जन्म दिया है, जिनकी सबसे बड़ी पहचान किसी उपलब्धि से नहीं, बल्कि विवाद, टकराव और एजेंडा आधारित कंटेन्ट से बनी है। आने वाले समय में ये चेहरे सिर्फ वायरल वीडियो नहीं बनाएँगे, बल्कि लाखों युवाओं की सोच और नैरेटिव को भी प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। यही इस पूरे घटनाक्रम की सबसे बड़ी चिंता है।