Showing posts with label #Vocal for Local. Show all posts
Showing posts with label #Vocal for Local. Show all posts

इस दीपावली 3.75 लाख करोड़ रूपए का कारोबार, लेकिन ‘वोकल फॉर लोकल’ से चीन को 1 लाख करोड़ रूपए का नुकसान

दीपावली के इस त्योहारी सीजन में देश में करीब 3.75 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड कारोबार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वोकल फॉर लोकल’ अपील के असर से चीन को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।

देश के व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था कन्फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कारोबार का यह आँकड़ा दिया है। यह आँकड़ा धनतेरस, छोटी दीवाली और दीवाली तक के कारोबार का है। भाई दूज और छठ के आँकड़े आने के बाद इसमें करीब 50 हजार करोड़ रुपए का और इजाफा होने की संभावना है। इसी तरह चीन को होने वाले नुकसान में भी वृद्धि की संभावना है।

CAIT ने बताया है कि इस वर्ष बाजार में चीन की हिस्सेदारी घटी है। उसके उत्पादों की बिक्री काफी घट गई है। गौरतलब है कि देश भर में धनतेरस से लेकर दीवाली तक सजावट के सामान, सोना-चाँदी, खाने-पीने के समान और गाड़ियों की बम्पर बिक्री होती है। इसके कारण कुछ ही दिनों में लाखों करोड़ का व्यापार हो जाता है।

CAIT का कहना है कि कुछ वर्ष पहले चीन के सस्ते उत्पादों का कब्जा बाजार पर था। दीवाली के दौरान बिकने वाले लगभग 70% उत्पादों पर चीन ने कब्ज़ा कर लिया था। बीते कुछ वर्षों में यह स्थिति बदली है। CAIT ने इस बार यह स्थिति बदलने के लिए ‘भारतीय उत्पाद-सबका उस्ताद’ जैसी मुहिम चलाई थी।

इस स्थिति के बदलने में भारत के ‘मेक इन इंडिया’ जैसी पहल को बढ़ाने और प्रधानमंत्री मोदी के स्थानीय उत्पादों को खरीदने की अपील सबसे ज्यादा कारगर सिद्ध हुई है। अब लोग चीन से बनकर आने वाली लड़ियाँ और मूर्तियाँ तथा अन्य सजावट के सामान ना खरीद कर भारतीय सामान पसंद कर रहे हैं।

CAIT ने बताया है कि इस खरीददारी में से 13% खाने-पीने के सामान पर, 9% सोने-चाँदी और गहनों पर, 12% कपड़ों पर तथा बाकी छोटे-छोटे हिस्सों में मिठाइयों, सजावट के सामान, बर्तन और मोबाइल जैसे उत्पादों का हिस्सा रहा।

CAIT का कहना है कि अभी भाई दूज और छठ जैसे त्यौहारों में 50,000 करोड़ रूपए का और व्यापार होने की आशा है। इस प्रकार इस त्योहारी सीजन का यह आँकड़ा 4.25 लाख करोड़ के पार पहुँच जाएगा। इसके अलावा 23 नवम्बर से चालू हो रहे शादियों के सीजन में भी लगभग 4 लाख करोड़ रूपए का व्यापार होने की उम्मीद है।