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अब जम्मू-कश्मीर में भी बुलडोजर एक्शन की तैयारी: बोले LG मनोज सिन्हा- आतंकियों को पनाह दी तो मिट्टी में मिला देंगे घर, नहीं दिखाएँगे रहम

सुप्रीम कोर्ट लाख मुस्लिम कट्टरपंथियों और मुस्लिम तुष्टिकरण करने वालों के आगे नतमस्तक होकर बुलडोज़र पर आदेश दे, लेकिन जनहित और देश में शांति बनाए रखने के लिए योगी प्लान बुलडोज़र ज्यादा सफल है। दंगाइयों को कोर्ट भले ही जेल भेज दे देती हो, लेकिन कई स्थितियों में जमानत भी दे देती है। लेकिन जब तक इन उपद्रवियों, इनके समर्थकों पर डर नहीं बैठाया जाएगा ये अशांति फैलाते रहेंगे। कई दिनों से दिल सोंचता था कि आखिर इन आतंकियों को संरक्षण देने वालों पर क्यों नहीं कार्यवाही होती? गोलीबारी बहुत महँगी पड़ती है। जब तक घरों में संरक्षण देने वालों पर कार्यवाही नहीं होगी आतंकवाद समाप्त नहीं होगा। बहुत तमाशा हो गया देश को अशांत करने का।  लगता है सुप्रीम कोर्ट भी देशहित और जनहित में बुलडोज़र कार्यवाही पर सोंच-समझकर कोई निर्णय देगी। निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट को बुलडोज़र रोकने की पेटिशन फाइल करने वालों क्यों नहीं पूछती कि 'ऐसी नौबत क्यों आने दी?" पत्थरबाज़ी करना, पेट्रोल बम फेंकना और आतंकियों को संरक्षण देना क्या उचित है?     
जम्मू कश्मीर में भी अब आतंक के मददगारों पर बुलडोजर एक्शन होने वाला है। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने चेतावनी दी है कि जो लोग आतंकियों को शरण देंगे, उनका घर जमींदोज कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि इस कार्रवाई पर कोई समझौता नहीं होगा। LG मनोज सिन्हा ने राज्य की जनता से अपील की है कि वह आतंक के मददगारों के खिलाफ हो जाएँ।

मंगलवार (5 नवम्बर, 2024) को श्रीनगर में राब्ता-ए-आवाम नाम के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में LG मनोज सिन्हा ने यह बात कही। उन्होंने कहा, “आतंक को पहचानना सिर्फ प्रशासन या सुरक्षाबलों का नहीं है। आवाम का भी यह काम है और अगर तीनों एक साथ तय कर लें तो इसे (आतंक) खत्म होने में एक साल से ज्यादा समय नहीं लगेगा।”

LG मनोज सिन्हा ने इसके बाद कहा, “हमारे देश में आतंक को प्रश्रय देने वाले लोग हैं और फिर कहते हैं कि हमारे ऊपर अन्याय हो रहा है। यह उचित बात नहीं है। 40000-50000 लोगों की जान जा चुकी है। कितनी महिलाएँ विधवा हो चुकी हैं, कितनी बहनों के भाई चले गए बावजूद इसके अगर जनता इन लोगों के खड़ी नहीं होती तो ये कश्मीर कभी नहीं बदलेगा।”

LG मनोज सिन्हा ने इसके बाद आतंक के मददगारों को चेताया। उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर कह रहा हूँ, बेगुनाह को छेड़ो मत, गुनाहगार को छोड़ो मत। अगर कोई आतंकवादी को शरण देगा तो उसका घर जमींदोज किया जाएगा। ये मैं कहना चाहता हूँ, इसमें कोई समझौता नहीं होगा।”

आतंकियों को शरण देने के खिलाफ यह बयान ऐसे समय में आया है जब बीते कुछ दिनों में लगातार सुरक्षाबलों ने कई आतंकियों को रिहायशी इलाके में मार गिराया है। हाल ही में श्रीनगर में सेना एक घर में छुपे 3 आतंकियों को मार गिराया था। सेना ने इस घर को भी जमींदोज कर दिया था।

श्रीनगर के अलावा बाकी इलाकों में भी सुरक्षाबलों ने कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में अपने ऑपरेशन तेज कर दिए हैं। बीते एक सप्ताह में लगभग 4-5 जगह ऑपरेशन हो चुके हैं। इनमें स्थानीय और पाकिस्तानी, दोनों तरह के आतंकी मार गिराए गए हैं।

LG मनोज सिन्हा ने अपने बयान में जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिए जाने को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा मिलने की बात उतनी ही पक्की है जितना सूर्य का पूरब से निकलना। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य की नई सरकार कोशिश करेगी।