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अरविंद केजरीवाल ने फिर बोला झूठ, दिल्ली में सबसे अधिक कोविड टेस्ट का किया गलत दावा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आखिर झूठ की कितनी पराकाष्ठाओं को तोड़ेंगे? झूठ बोल-बोलकर क्यों जनता को भ्रमित कर रहे हो? शायद भारत का अरविन्द केजरीवाल ऐसा मुख्यमंत्री होगा, जो अपनी नाकामियों को छुपाने बार-बार झूठ और यू-टर्न लेकर मुफ्तखोर जनता को गुमराह करने का कोई मौका नहीं छोड़ता। अब दिसंबर 19, 2020 को जनता को गुमराह करते हुए दावा किया कि दिल्ली सरकार ने देश में किसी भी अन्य राज्य की तुलना में अधिक संख्या में कोरोना वायरस टेस्ट किए।

मीडिया को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली अब कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर से उबर गई है और हर दिन 90,000 कोरोना वायरस टेस्ट कर रही है, जो उनके अनुसार देश में ही नहीं बल्कि संयुक्त राज्य अमेरिका से भी अधिक था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली के लोगों के प्रयासों से हमने कोरोना की तीसरी लहर को प्रभावी ढंग से और सफलतापूर्वक पार कर लिया है। ऐसा लगता है कि दिल्ली में कोविड -19 की तीसरी लहर अब समाप्त हो रही है। आज दिल्ली में रोजाना लगभग 90,000 परीक्षण किए जा रहे हैं। यह देश में एक दिन में कोरोना परीक्षण की सबसे ज्यादा संख्या है।”

हालाँकि, अरविंद केजरीवाल द्वारा किया जा रहा यह दावा झूठा है कि रोजाना 90,000 कोरोना वायरस टेस्ट हो रहे हैं।

विभिन्न राज्यों द्वारा जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, देश में सबसे अधिक कोरोना टेस्ट करने वाला राज्य दिल्ली नहीं है। आँकड़ों में कहा गया है कि कोरोना वायरस के ताजा मामलों का पता लगाने के लिए सबसे अधिक परीक्षण उत्तर प्रदेश द्वारा किए जा रहे हैं, न कि दिल्ली में।

18 दिसंबर को दिल्ली के 88,400 परीक्षणों की तुलना में उत्तर प्रदेश में 1,50,036 COVID-19 परीक्षण किए गए।

देश में प्रतिदिन होने वाले COVID- 19 परीक्षण की संख्या के मामले में दिल्ली दूसरे स्थान पर भी नहीं है। बिहार और कर्नाटक ने दिल्ली की तुलना में अधिक परीक्षण किए। बिहार ने शुक्रवार (दिसंबर 18, 2020) को 1.22 लाख परीक्षण किए, जबकि कर्नाटक ने 1.04 लाख COVID परीक्षण किए।

इससे स्पष्ट है कि अरविंद केजरीवाल कोरोना वायरस टेस्ट की संख्या मामले में झूठ बोल रहे हैं।