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‘भाषण’ देना नहीं आया केजरीवाल के काम, कोर्ट ने 1 अप्रैल तक के लिए ED को सौंपा: ASG बोले – मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की हिरासत अवधि राउज एवेन्यू कोर्ट ने 4 दिन और बढ़ा दी है। हालाँकि, ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने उनकी 7 दिनों की रिमांड की माँग की थी। वो पिछले एक सप्ताह से ED की कस्टडी में हैं। अब सोमवार (1 अप्रैल, 2024) तक दिल्ली के मुख्यमंत्री ED की कस्टडी में रिमांड पर रहेंगे। उनके खिलाफ शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है। स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने उनकी रिमांड की अवधि बढ़ाने वाला आदेश दिया।

4 दिनों के लिए बढ़ाई गई अरविंद केजरीवाल की ED कस्टडी

ED पहले ही अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बता चुकी है। आरोप है कि 2021-22 में शराब नीति बनाने के लिए दारू माफियाओं की ‘साउथ लॉबी’ से 100 करोड़ रुपए बतौर घूस लिए गए और इस रकम को गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया गया। अरविंद केजरीवाल पर जाँच में सहयोग न करने का आरोप लगा है। ASG SV राजू ने कोर्ट में अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि आखिर शराब नीति को भाजपा से क्यों जोड़ा जा रहा है?
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल भाजपा के पास पैसे आने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इसका शराब नीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं है, वो एक आम आदमी है। उन्होंने बताया कि जाँच एजेंसी के पास कई सबूत हैं कि खुद दिल्ली के CM ने 100 करोड़ रुपए की घूस की माँग की थी। अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका डाली गई थी, लेकिन 22 मार्च को अगले ही दिन उसे वापस ले लिया गया।
अब अरविंद केजरीवाल को 1 अप्रैल, 2024 को सुबह के साढ़े 11 बजे कोर्ट में फिर से पेश किया जाएगा। हाईकोर्ट पहले ही उन्हें अंतरिम राहत देने की याचिका ठुकरा चुका है, और कह चुका है कि 3 अप्रैल को ED की प्रतिक्रिया जानने के बाद ही फैसला सुनाया जाएगा। AAP के गोवा के प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर को भी जाँच एजेंसी ने समन भेजा है। बता दें कि ED के 9 समन ठुकराने के बाद अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था।

शराब घोटाला: कोर्ट में क्या-क्या हुआ?

आतिशी, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय जैसे दिल्ली के मंत्रीगण सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता भी इस दौरान वहाँ थीं। कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान मीडिया से अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी गिरफ़्तारी एक राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसका जनता जवाब देगी। ASG (एडिशनल सॉलिसिटर जनरल) SV राजू ने ED की तरफ से पेश होते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल का बयान रिकॉर्ड किया जा चुका है, उन्होंने गोलमोल जवाब दिए हैं।
उन्होंने बताया कि ED अब उन्हें कुछ अन्य आरोपितों के साथ आमने-सामने बिठा कर पूछताछ करेगी। AAP के गोवा के 4 अन्य उम्मीदवारों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, उनके साथ भी दिल्ली सीएम को आमने-सामने बिठाया जाएगा। बता दें कि शराब घोटाले में माफियाओं की साउथ लॉबी से मिली 100 करोड़ रुपए की घूस को गोवा के चुनाव प्रचार में खर्च किया गया था। अब तक अरविंद केजरीवाल ने अपने गैजेट्स के पासवर्ड्स ही नहीं बताए हैं, जिस कारण ED उनका डिजिटल डेटा नहीं मिल पाया है।
बकौल ASG, अरविंद केजरीवाल कह रहे हैं कि वो अपने वकीलों से बात कर के तय करेंगे कि पासवर्ड्स देने हैं या नहीं। अगर वो पासवर्ड्स नहीं देते हैं तो ED गैजेट्स की छानबीन के लिए दूसरा रास्ता अख्तियार करेगी। बकौल ED, अरविंद केजरीवाल जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और अपने ITR (आयकर विवरण) भी नहीं दिखा रहे हैं। पंजाब के एक्साइज अधिकारियों को भी समन किया गया है। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने भी कोर्ट में अपनी बात रखी।
उन्होंने खुद बोलते हुए कहा कि वो ED अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहते हैं, ये मामला 2 वर्षों से चल रहा था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें अब तक अदालत ने दोषी साबित नहीं किया है, वो सिर्फ गिरफ्तार हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि 31,000 पन्ने CBI ने दायर किए हैं और 25,000 पन्नों के विवरण ED ने, लेकिन उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया इसका जवाब इनमें नहीं है। कोर्ट ने जब उनसे पूछा कि वो ये सब लिखित में क्यों नहीं दे रहे, तो दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि वो बोलना चाहते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मेरा नाम 4 जगह आया है बस। एक C अरविंद है जिसने कहा है कि उसने मेरी उपस्थिति में कुछ दस्तावेज मनीष सिसोदिया को दिए। मेरे घर रोज विधायक आते रहते हैं। क्या एक वर्तमान CM को गिरफ्तार करने के लिए ये एक बयान काफी है? आरोपितों को बयान बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ED का मिशन है – केवल मुझे और मुझे फँसाना। अगर 100 करोड़ रुपए का शराब घोटाला शुरू हुआ तो पैसा किधर है? असली शराब घोटाला ED की जाँच के बाद शुरू हुआ। ED का मकसद है – AAP को खत्म करना।”
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे एक वसूली का रैकेट चलने के लिए ये सब किया जा रहा है, जिसके जरिए पैसे इकट्ठे किए जा रहे हैं। उन्होंने मामले के एक गवाह सार्थक रेड्डी पर भाजपा को 50 करोड़ रुपए गिरफ़्तारी के बाद दान देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ED जितने दिन मन उन्हें कस्टडी में रखे, वो रिमांड का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन ये घोटाला है। ASG ने आपत्ति जताते हुए कहा कि केजरीवाल को कैसे पता कि ED के पास कितने दस्तावेज हैं, ये सब उनकी कल्पना की उपज है।
अधिवक्ता रमेश गुप्ता जब अरविंद केजरीवाल के लिए बोलने उठे तो कोर्ट ने उनसे कहा कि उनके मुवक्किल तो पहले ही बोल चुके, इस पर भड़कते हुए वकील ने पूछा कि आखिर उन्हें बोलने से कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि वो पूरे एक घंटे बोलेंगे, जिस पर जज ने कहा, “ठीक है, आप शांत हो जाइए।” कोर्ट ने कहा कि ED ने रिमांड एप्लिकेशन दिया है और ये जज निर्णय करेंगे कि वो सही है या नहीं। इसके बाद ऑर्डर रिजर्व रख लिया गया। फिर कुछ देर बाद फैसला सुनाया कि आरोपित की रिमांड की अवधि 4 दिन बढ़ाई जाती है।

अपने ही जाल में फंस रहा केजरीवाल; पानी, अस्पतालों की समस्या एक दिन में बिगड़ गई क्या?

सुभाष चन्द्र

अरविन्द केजरीवाल ने एक बार कहा था कि "मै anarchy हूँ", पहले भी कई बार ऐसी हरकतें करता रहा है, और अब ED की हिरासत में रहकर। दिल्ली की जनता ने ऐसे उपद्रवी मानसिकता वाले को अपना मुखिया चुना, जो इन्ही का भविष्य घोर संकट में डाल रहा है। कहावत है 'हम तो डूबेंगे सनम, तुमको भी लेकर डूबेंगे' को साबित कर रहा है केजरीवाल। या कहा जाये कि 'जब सियार की मौत आती है, शहर की तरफ भागता है।     

केजरीवाल जैसी हरकतें कर रहा है ED की custody में रह कर वो उसी के लिए मुसीबत बन जाएगी इसमें कोई शक नहीं है। जो मोबाइल नहीं संभाल सका, उसने दिल्ली का क्या किया होगा 

लेखक 
शीश महल पर रेड के बाद 21 मार्च को केजरीवाल गिरफ्तार हुआ और 22 मार्च को कोर्ट ने उसे ED की custody में भेज दिया 28 मार्च तक के लिए

23 मार्च को केजरीवाल की पत्नी उसे ED की custody में मिलती है और अगले दिन 24 मार्च को केजरीवाल का पत्र जनता के नाम मीडिया के सामने केजरीवाल की मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ कर पढ़ती है जबकि न वो कोई मंत्री है और न किसी ओहदे पर है सरकार में

24 मार्च को ही आतिशी मार्लेना केजरीवाल के Custody से उसके नाम जारी किया हुआ आदेश मीडिया में सुनाते हुए भावुक हो कर कहती है कि केवल केजरीवाल जी ही ऐसे व्यक्ति हैं जो कैद में रहते हुए भी जनता की चिंता कर सकते हैं केजरीवाल ने आतिशी को कहा दिल्ली के कई इलाकों में लोगों को पानी की समस्या हो रही है जिसे तुरंत देखिए 

26 मार्च को केजरीवाल का एक और कथित आदेश सौरभ भारद्वाज के नाम जारी हुआ जो खुद सौरभ ने पढ़ कर सुनाया कि मोहल्ला clinics और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और tests के गंभी समस्याएं हैं और इस पर तुरंत कार्रवाई करो जिससे जनता को कोई समस्या न हो 

अब ये दोनों कार्यालय आदेश केजरीवाल ने sign नहीं किए जिससे साफ़ पता चलता है कि आतिशी और सौरभ ने खुद ये फर्जी पत्र केजरीवाल के नाम से बनाए क्योंकि केजरीवाल को कोई computer नहीं दिया गया और ये पत्र computer पर type किए गए हैं

केजरीवाल हो सकता है सुनीता को दिया पत्र और आतिशी/सौरभ को दिए पत्र गिरफ्तार होने से पहले ही कह गया हो कि ऐसे पत्र जारी कर देना या जो बड़े बड़े नौकरशाह (रिटायर्ड) जो feed back unit में काम करते रहे हैं, उन्होंने लिखे हों लेकिन केजरीवाल यह भूल गया कि इन पत्रों को जारी करना तो Custody में रह कर ही माना जाएगा

फिर केजरीवाल यह भी भूल गया कि पानी और अस्पतालों/मोहल्ला क्लीनिक की दुर्दशा बता कर वह अपने ही मंत्रियों को निकम्मा साबित कर रहा है क्योंकि उसके कहने का मतलब है कि 21 मार्च तक जब तक मैं था, तब तक कोई समस्या नहीं थी और 2 दिन में आतिशी ने पानी की व्यवस्था बिगाड़ दी और सौरभ ने 4 दिन में अस्पतालों का बेड़ा गर्क कर दिया

पानी की समस्या इसलिए बता रहा है कि जेल जाने पर पता नहीं कैसा पानी मिले और फिर जाना भी सरकारी अस्पताल में पड़ेगा

जेल से सरकार चलाने का भूत जल्दी उतरेगा क्योंकि सब पर जल्द जांच में धोखाधड़ी का केस बना देगी ED और सारे अपने ही जाल में फंस जाएंगे

यह फर्जीवाड़ा Constitutional machinery का ध्वस्त होना माना जा सकता है और सरकार को बर्खास्त किया जा सकता है जबकि यदि केजरीवाल त्यागपत्र देता है और किसी को कुर्सी सौंप देता है तो “आप” की हुकूमत शायद चलती रहे

एक मामला जो बहुत गंभीर मोड़ पर पहुँच सकता है वह है ED के अधिकारियों की जासूसी का जिसके लिए हो सकता है देशद्रोह का भी केस चल जाए एक खबर के मुताबिक केजरीवाल ने अपनी FeedBack Unit में 15 से ज्यादा रिटायर्ड नौकरशाहों के जरिए यह जासूसी कराई थी और जिनकी जासूसी की गई उनमे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज, वकील, नौकरशाह, तीनो सेना के अधिकारी और विपक्ष के नेता शामिल थे इसकी जांच CBI पहले ही कर रही है मजे की बात है इस कलाकार CM ने इज़रायल को Military Grade Snooping Device का order भी दिया था खरीदने के लिए जो उस कंपनी ने देने से मना कर दिया था

जो रिटायर्ड नौकरशाह इस  Feedback Unit में काम कर रहे थे, उन पर तुरंत रेड होनी चाहिए और मामले की गंभीरता को देखते हुए हो सके तो उनकी पेंशन रोक देनी चाहिए