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WHO की ‘इंटरनेशनल वॉर्निंग’: इबोला वायरस का बुंडीबुग्यो स्ट्रेन बरपा रहा कहर, कांगो-युगांडा से लेकर केन्या तक अलर्ट

                                                                                                                             साभार - आज तक
कांगो में इबोला वायरस तेजी से कहर बरपा रहा है। यहाँ इस वायरस के चलते करीब 80 लोगों की मौत हुई है और इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी सतर्क हो गया है। WHO ने इसे इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। हालाँकि, WHO का कहना है कि अभी यह महामारी की श्रेणी में नहीं है।

यह बीमारी बंडिबुग्यो स्ट्रेन से फैल रही है, जो बेहद खतरनाक मानी जाती है और शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है।

कांगो में सबसे ज्यादा असर, सैकड़ों केस सामने आए

कांगो के इतुरी प्रांत के बुनिया, रवामपारा और मोंगब्वालू जैसे इलाकों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहाँ करीब 80 संदिग्ध मौतें और 246 से ज्यादा संदिग्ध केस दर्ज किए गए हैं, जबकि 8 मामलों की लैब में पुष्टि हुई है। अफ्रीका CDC के अनुसार, कुल मौतों की संख्या 87 तक पहुँच गई है और संक्रमण अब समुदाय के भीतर फैल रहा है, जिससे रोकथाम मुश्किल हो रही है।

बुनीया में लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासी जीन मार्क असिम्वे ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से लगातार लोगों की मौत हो रही है। कई बार एक ही दिन में दो-तीन या उससे अधिक लोगों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रकोप एक नर्स के मामले से शुरू हुआ और धीरे-धीरे कई इलाकों में फैल गया। मोंगब्वालू में सक्रिय केस ज्यादा होने से ट्रैकिंग और इलाज की प्रक्रिया और कठिन हो गई है।

हालात तब और चुनौतीपूर्ण हो गए जब पड़ोसी देश युगांडा में भी एक मामला सामने आया, जहाँ संक्रमित व्यक्ति की मौत हो चुकी है। हालाँकि सरकारें और स्वास्थ्य एजेंसियाँ स्क्रीनिंग, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और निगरानी बढ़ाकर इसे रोकने की कोशिश कर रही हैं।

अफ्रीका की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यह बीमारी युगांडा और दक्षिण सूडान तक फैल सकती है। वहीं, क्षेत्र में लोगों की लगातार आवाजाही को देखते हुए केन्या ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।