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गोकशी पर असम की हिमंता सरकार का 112 दुकानों पर छापा: 1000 KG से ज्यादा ‘बीफ’ बरामद, पुलिस ने 132 को पकड़ा


असम पुलिस ने राज्य भर में बीफ(गौमांस) की अवैध बिक्री के खिलाफ सघन अभियान चलाया है। यह कार्रवाई असम मवेशी संरक्षण अधिनियम 2021 के तहत की गई। इसके तहत मंदिरों के पास और हिंदू बाहुल्य इलाकों में गौवध और बीफ की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध है। इसी को लेकर राज्य के गुवाहाटी, नगांव, चराइदेव, कोकराझार, दक्षिण कामरूप और डिब्रूगढ़ में छापेमारी की गई
। 

असम में मंगलवार (1 जुलाई 2025) को पुलिस ने 100 से ज़्यादा खाने-पीने की दुकानों पर छापा मारा और 1,000 किलो से ज़्यादा संदिग्ध बीफ जब्त किया। यह कार्रवाई पूरे राज्य में बीफ की अवैध बिक्री के खिलाफ की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट कहा है कि असम में धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाएगा, लेकिन कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि पूरे राज्य में इस अभियान के तहत लगभग एक क्विंटल से अधिक बीफ बरामद किया गया है। 

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने 112 दुकानों की तलाशी ली गई, जिसमें 132 लोगों को पकड़ा गया। यह सब तब हो रहा है जब पिछले महीने (जून 2025) से असम में बीफ और मवेशियों को लेकर काफी विवाद चल रहा है।

कई जगहों पर मंदिरों के पास मवेशियों के अवशेष मिलने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे ‘ईद-उल-जुहा’ के दौरान अशांति फैलाने की कोशिश बताया था।

वहीं डिब्रूगढ़ जिले में तीन होटलों में अभियान चलाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह अभियान ईद के दौरान हुई कथित गौवध की घटनाओं के बाद तेज किया गया है। उस दौरान इसी सिलसिले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अब तक की कार्रवाई में कुल 133 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

असम का मवेशी संरक्षण कानून 2021 गोमांस खाने पर रोक नहीं लगाता, लेकिन यह मंदिरों या हिंदू बहुल इलाकों के 5 किमी के दायरे में बीफ बेचने पर पाबंदी लगाता है।

पिछले साल 2024 में मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर बीफ खाने पर पूरी तरह से रोक लगाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कोई नया कानून नहीं बना है। यह छापे मारी अभियान राज्य के कई जिलों में जारी रहेगा।