असम पुलिस ने राज्य भर में बीफ(गौमांस) की अवैध बिक्री के खिलाफ सघन अभियान चलाया है। यह कार्रवाई असम मवेशी संरक्षण अधिनियम 2021 के तहत की गई। इसके तहत मंदिरों के पास और हिंदू बाहुल्य इलाकों में गौवध और बीफ की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध है। इसी को लेकर राज्य के गुवाहाटी, नगांव, चराइदेव, कोकराझार, दक्षिण कामरूप और डिब्रूगढ़ में छापेमारी की गई।
असम में मंगलवार (1 जुलाई 2025) को पुलिस ने 100 से ज़्यादा खाने-पीने की दुकानों पर छापा मारा और 1,000 किलो से ज़्यादा संदिग्ध बीफ जब्त किया। यह कार्रवाई पूरे राज्य में बीफ की अवैध बिक्री के खिलाफ की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट कहा है कि असम में धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाएगा, लेकिन कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बता दें कि पूरे राज्य में इस अभियान के तहत लगभग एक क्विंटल से अधिक बीफ बरामद किया गया है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने 112 दुकानों की तलाशी ली गई, जिसमें 132 लोगों को पकड़ा गया। यह सब तब हो रहा है जब पिछले महीने (जून 2025) से असम में बीफ और मवेशियों को लेकर काफी विवाद चल रहा है।
कई जगहों पर मंदिरों के पास मवेशियों के अवशेष मिलने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे ‘ईद-उल-जुहा’ के दौरान अशांति फैलाने की कोशिश बताया था।
वहीं डिब्रूगढ़ जिले में तीन होटलों में अभियान चलाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह अभियान ईद के दौरान हुई कथित गौवध की घटनाओं के बाद तेज किया गया है। उस दौरान इसी सिलसिले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अब तक की कार्रवाई में कुल 133 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
असम का मवेशी संरक्षण कानून 2021 गोमांस खाने पर रोक नहीं लगाता, लेकिन यह मंदिरों या हिंदू बहुल इलाकों के 5 किमी के दायरे में बीफ बेचने पर पाबंदी लगाता है।
पिछले साल 2024 में मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर बीफ खाने पर पूरी तरह से रोक लगाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कोई नया कानून नहीं बना है। यह छापे मारी अभियान राज्य के कई जिलों में जारी रहेगा।
फेसबुक पर खुद को अलकायदा का आतंकी बता रहे रेजुवान उल्ला मज़रभुइया को असम पुलिस ने दबोचा
बांग्लादेश में चल रही उठापटक के बीच भारत में कई कट्टरपंथी लोगों को भड़काने के की कोशिशों में जुट गए हैं। असम पुलिस ने खुद को अलकायदा का सदस्य बताने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम रेजुवान उल्ला मज़रभुइया है। बुधवार (7 अगस्त, 2024) को रेजुवान ने सोशल मीडिया पर लोगों को असम सहित पूरे भारत में बांग्लादेश जैसी हिंसा के लिए उकसाने की कोशिश की थी। गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ के बाद शुक्रवार (9 अगस्त, 2024) को उसे अदालत में पेश किया गया है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला असम के हैलाकांडी का है। यहाँ के रेजुवान उल्ला मज़रभुइया ने गुरुवार को फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया। उसने लिखा कि बांग्लादेश के बाद अब भारत की बारी है। साथ ही उसने कहा कि बांग्लादेश का असर जल्द ही भारत में भी दिखने वाला है। इसी दौरान एक अन्य फेसबुक यूजर ने रेजवान उल्ला के बारे में जानकारी माँगी। जवाब में रेजुवान ने बताया कि वो भारत में रहता है लेकिन काम अलक़ायदा के लिए करता है।
Anti-india comments on social media and one 24-year-old youth has been arrested in Hailakandi.
He stated, after Bangladesh, violence would be carried out in Assam this time.
He was arrested in Lala town and had identified himself as a member of al-Qaeda on social media. pic.twitter.com/I0gmSWPx20
— Nandan Pratim Sharma Bordoloi (@NANDANPRATIM) August 8, 2024
रेजुवान ने अपने जवाब में कहा कि वो हमेशा खुद को बांग्लादेश के करीब मानता है। यह बातें रेजुवान ने ‘अमादर हैलाकांडी’ नाम के एक ग्रुप में लिखी थीं। इस कमेंट पर हैलाकांडी पुलिस की नजर पड़ी। पुलिस ने जाँच की और रेजुवान को रंगपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को लाला पुलिस स्टेशन ला कर पूछताछ की गई। पूछताछ में रेजुवान ने बताया कि उसके कनेक्शन पाकिस्तान में सक्रिय अलकायदा के आतंकियों से हैं।
रेजुवान की फेसबुक पोस्ट
हैलाकांडी पुलिस के एडिशनल एसपी क्राइम समीर दप्तर बरुआ ने रेजुवान पर की गई कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आरोपित ने अपनी फेसबुक प्रोफ़ाइल पर भी बांग्लादेश से जुड़े आपत्तिजनक पोस्ट किए थे। पुलिस को रेजुवान उल्ला मज़रभुइया के खिलाफ सबूत मिले और इसी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), 147 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और 196 (शत्रुता को बढ़ावा देना) के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) की धारा 39 के तहत कार्रवाई की गई है।
Accused person Rezuwan Ulla Mazarbhuiya, 24 years, S/O Badar Uddin Mazarbhuiya of Vill. Rongpur Part V, PS Lala, Dist. Hailakandi, was arrested by the O/C, Lala PS, in connection with a case of Unlawful Activities/ pic.twitter.com/eHy3hlBMV8
बगावत के तेवर दिखा रहा हैलाकांडी का रेजुवान ही ऐसी मानसिकता वाला अकेला व्यक्ति नहीं है। बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों को जमात-ए-इस्लामी जैसे कट्टरपंथी समूहों द्वारा हाईजैक किए जाने के बाद उन्हीं हरकतों को भारत में भी दोहराने के खतरनाक मंसूबे कई अन्य लोगों ने भी पाल रखे हैं। कई राज्यों में ऐसे लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। ऐसी टिप्पणियाँ करने वालों में कॉन्ग्रेस पार्टी के कई नेता भी शामिल हैं। इन नेताओं में सलमान खुर्शीद और मणिशंकर अय्यर भी शामिल हैं।
रोहिंग्या घुसपैठियों की मदद करने वाले 47 दलाल गिरफ्तार (प्रतीकात्मक चित्र)
असम में त्रिपुरा से ट्रेन के माध्यम से पहुँचे 450 रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेज दिया गया। असम के स्पेशल DGP (विशेष पुलिस महानिदेशक) हरमीत सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस सतर्क थी। अवैध घुसपैठियों को सीमा सुरक्षा बलों की सहायता से वापस भेजा गया। जुलाई में असम के स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने एक ऑपरेशन लॉन्च किया था। इस अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी में सक्रिय दलालों की पहचान करने के लिए ये ऑपरेशन चलाया गया था।
SDGP ने बताया कि ऐसे 10 दलालों को त्रिपुरा से दबोचने में कामयाबी मिली। उनसे पूछताछ के आधार पर जाँच की गई तो पता चला कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है जिसके दुष्प्रभाव कई राज्यों पर पड़े हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिन से ही मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा (जो राज्य के गृह मंत्री भी हैं) को इस मामले की जानकारी थी और सरकार ने इस मामले को NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) के पास भेजने का निर्णय लिया। फिर केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस संबंध में निवेदन किया गया।
असम के विशेष पुलिस प्रमुख हरमीत सिंह ने जानकारी दी कि NIA ने इस मामले की जाँच अपने हाथों में ली और मिलजुल कर जाँच की गई जिसके बाद देश भर में ऐसे दलालों की सूची तैयार की गई जो घुसपैठियों की मदद करते हैं। बकौल स्पेशल DGP, अब इस मामले में बुधवार (8 नवंबर, 2023) को तड़के सुबह ऑपरेशन लॉन्च किया गया जिसमें 47 ऐसे दलाल पकड़े गए हैं जो एक गिरोह बना कर काम कर रहे थे। इनमें से 25 तो अकेले त्रिपुरा से गिरफ्तार किए गए हैं।
#WATCH | Guwahati: Special DGP, Assam, Harmeet Sigh says, "Noticed a group of Rohingyas who were travelling in a train from Tripura and had entered Assam...450 such illegal infiltrators were stopped and turned back with the help of border guarding forces. There was an operation… pic.twitter.com/MoDIhoBreL
@PMOIndia Mr @narendramodi said after 16th May 2014 all illegal Bangladeshis etc will have to go back home but even after 9 years borders are porous. Why could we not take help of @IDF@netanyahu@SecBlinken etc to plug these loopholes? Our Aadhar, digital system are excellent…
वहीं 9 कर्नाटक से, 5 दलाल असम से, 3 पश्चिम बंगाल से, 3 तमिलनाडु से और एक-एक हरियाणा और तेलंगाना से दबोचे गए हैं। SDGP ने बताया कि NIA और असम पुलिस ने मिल कर परस्पर सहयोग करते हुए ये अभियान चलाया है। इसमें विभिन्न स्थानीय पुलिस ने भी मदद की। असम पुलिस की इस प्रकरण में 17 टीमें ग्राउंड पर हैं। बता दें कि म्यांमार और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी मुल्कों से बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिम भारत में आकर बसे हुए हैं।
साभार न्यूज़ 24 के वीडियो का स्क्रीन शॉट हिन्दू पुराणों में सत्य लिखा है कि 'सच को आंच नहीं', अब कोई फिर भी अपनी आंखे बंद कर ले, किसी का दोष नहीं। भ्रष्ट बुद्धि वाले मोदी-योगी विरोधियों को कौन समझाए? जो तीर छोड़ रहे हैं, उल्टा इन्हे ही लग रहा है। याद है CAA विरोध में कट्टरपंथियों की गुप्त मीटिंग में हिन्दुओं को धोखा देने के लिए 'हाथ में तिरंगा' और 'भारत माता की जय' तब तक बोलो जब तक हिन्दुस्तान इस्लामिक राष्ट्र नहीं बनता। विस्तार से लिख चुका हूँ और यह मेरा सर्वाधिक पढ़ा जाने वाला लेख है। कहने का मतलब उसका भांडा फूट गया, फिर भी अक्ल से पैदल हिन्दू इन कट्टरपंथियों की पूंछ बने इनके साथ विरोध में लगे रहे। इस विरोध में इन लालची हिन्दुओं के सामने हिंदुत्व के अपमानित शब्दों का इस्तेमाल हुआ। अब तथाकथित किसान आंदोलन को लीजिए, उसमे भी 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' नारेबाज़ी हुई और कल(23 फरवरी) को भी वही नारेबाजी। फिर नुपुर शर्मा जब सुप्रीम कोर्ट गयी, तब नूपुर को पहले हाई कोर्ट जाने के लिए कहने वाली सुप्रीम कोर्ट ने कल कैसे सीधी सुनवाई कर ली? प्रश्न तो खड़ा होगा ही। खैर, मोदी विरोधी बिल्लियां थैलों से बाहर आ चुकी हैं।
दिल्ली : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को प्लेन से नीचे उतारने पर नाराज हुए कांग्रेस के नेता
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को 23 फरवरी को रायपुर जाते वक्त दिल्ली हवाईअड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया। असम पुलिस की अपील पर दिल्ली पुलिस ने ये कार्रवाई की है। कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। अपमानजनक टिप्पणी पर रोके जाने के बाद भी पवन खेड़ा मुस्कुराते हुए तंज कसते रहे। इसे लेकर असम में उनके खिलाफ कई शिकायत दर्ज कराई गई है। असम पुलिस के अनुरोध पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा पवन खेड़ा को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेसी नेताओं ने दिल्ली एयरपोर्ट पर खूब हंगामा किया। नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी नेता एयरपोर्ट पर धरने पर बैठ गए और प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द बोलने लगे। कांग्रेसी नेताओं ने कहना शुरू कर दिया कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी।
कुछ याद आ रहा है....नुपुर शर्मा को इसी SC ने कहा था पहले निचली अदालत जाओ, और भी काफी कुछ....शायद अब नियम बदल गए होंगे 😷
शर्मनाक😡😡😡भाई साहब, कृपया इस वीडियो को भारत के हर News चैनल और पूरे सोशल मीडिया में डाल दीजिए फैला दीजिए ताकि लोगो को इस पाक परस्त गैंग की असलियत सबको पता चल जाए और हो सके तो हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को भी भेज दे ताकि उनकी भी आखों में पड़ा पर्दा हट सके 🙏🙏🙏
'अभिव्यक्ति की आजादी' का मतलब यह नहीं है कि कांग्रेसी प्रवक्ता @Pawankhera भारत के PM को अति अमर्यादित गाली देंगे? PM को गाली देना देश की जनता को गाली देना हुआ। जनता जनार्दन है, जनता ही सरकार चूनते व गिड़ाते हैं। पवन खेड़ा की #बदतमीजी काँग्रेस को 2024 में जनता #गटर में डुबोएगी?😡
कब-कब कांग्रेसी नेताओं ने दी हत्या की धमकी और साजिश में लिया हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिल रही राजनीतिक सफलता से कांग्रेसी हताश और परेशान है। उन्हें लग रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी जनता के दिलों में इस कदर बस गए है कि उन्हें सियासी मैदान में हराना मुश्किल ही नहीं, अब नामुमकिन है। ऐसे में कांग्रेसियों की सत्ता में वापसी के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा प्रधानमंत्री मोदी है। उनको लगता है कि जब तक प्रधानमंत्री मोदी है, उन्हें केंद्र की सत्ता में वापसी नहीं हो सकती। यही वजह है कि वे प्रधानमंत्री मोदी के जान के प्यासे हो गए हैं। वे प्रधानमंत्री मोदी को अपने रास्ते से हटाने के लिए उनकी हत्या के लिए लगातार साजिश करते रहते हैं और लोगों को भी भड़काते रहते हैं। आइए देखते हैं कब-कब कांग्रेसी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी की हत्या की धमकी दी और साजिश में हिस्सा लिया…
मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया संविधान यदि बचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो
11/12/2022
मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राजा पटेरिया प्रधानमंत्री मोदी की हत्या कराना चाहते हैं। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘मोदी इलेक्शन खत्म कर देगा। मोदी धर्म, जाति, भाषा के आधार पर बांट देगा। दलितों को, आदिवासियों को, अल्पसंख्यकों का जीवन खतरे में है। संविधान यदि बचाना है तो मोदी की हत्या करने के लिए तत्पर रहो।’ राजा पटेरिया रविवार 11 दिसंबर को मध्य प्रदेश के पन्ना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की हत्या के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उकसाने का काम किया। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पटेरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय
मोदी हिटलर की मौत मरेगा, याद रखो मोदी 20/06/2022
कांग्रेस पार्टी ने 20 जून 2022 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सत्याग्रह किया। इस दौरान झारखंड से आने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे सुबोधकांत सहाय ने मंच से प्रधानमंत्री मोदी की तुलना हिटलर से करते हुए मर्यादा लांघ दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री हिटलर के रास्ते पर चलेंगे तो वह हिटलर की मौत मरेंगे। सहाय ने कहा, “‘मुझे तो लगता है हिटलर का सारा इतिहास इसने पार कर लिया। हुड्डा साहब बड़े गांव की भाषा में समझा रहे थे। हिटल ने भी ऐसी संस्था बनाई थी जिसका नाम था खाकी, सेना के बीच उसने बनाया था। मोदी हिटलर की राह चलेगा तो हिटलर की मौत मरेगा। याद रखो मोदी।” सुबोधकांत सहाय ने अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी को मदारी बताया था।
#WATCH | Modi will die Hitler's death if he follows his path, says Congress leader Subodh Kant Sahay at party's 'Satyagrah' protest against ED questioning of Rahul Gandhi & Agnipath scheme in Delhi pic.twitter.com/fO8LfRShvK
#WATCH | Seeing PM Modi's increasing popularity & his work for the welfare of the poor, the Congress leader has given such a statement in anger and panic. He should apologize to the nation and PM Modi: Union Minister Anurag Thakur on Congress leader Subodh Kant Sahay's statement pic.twitter.com/M9BEExrOif
कांग्रेस की नागपुर इकाई के पूर्व अध्यक्ष शेख हुसैन जैसे कुत्ते की मौत होती है, वैसे ही नरेन्द्र मोदी की मौत होगी 13/06/2022
महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित विरोध-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की नागपुर इकाई के पूर्व अध्यक्ष शेख हुसैन ने प्रधानमंत्री मोदी की हत्या की धमकी दी। हुसैन ने कहा, “जैसे कुत्ते की मौत होती है, वैसे ही नरेन्द्र मोदी की मौत होगी। हो सकता है इस बयान के खिलाफ नोटिस मिल जाए। लेकिन मुझे उसकी कोई परवाह नहीं है।” जब हुसैन देश के प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक बयान दे रहे थे उस वक्त कांग्रेस के कुछ नेता ताली बजा रहे थे। बीजेपी ने कहा कि इस बयान से कांग्रेस की मानसिकता का पता चलता है। कांग्रेस के दो मंत्रियों के सामने प्रधानमंत्री मोदी को गाली दी गई। कांग्रेस घटिया और निचले स्तर पर उतर आई है। बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस के लोग हिंसक हो गए हैं और अब तो ये पीएम तक को मारने की धमकी दे रहे हैं। आखिर कैसे ये महात्मा गांधी के नाम पर प्रदर्शन की बात कर रहे हैं।
देश के पीएम पर ऐसी टिप्पणी?
नागपुर में ईडी कार्यालय के बाहर एक विरोध प्रदर्शन में, कांग्रेस नेता और पूर्व शहर अध्यक्ष शेख हुसैन ने पीएम मोदी को यह कहकर धमकी दी - "नरेंद्र मोदी कुत्ते की मौत मरेंगे"!
विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस मंत्री नितिन राणे और विजय वडेट्टीवार भी मौजूद थे! pic.twitter.com/eJ29gXna8U
पिंडरा विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय 7 मार्च को चुनाव के दिन मोदी को जमीन में गाड़ देंगे 04/02/2022
यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता और वाराणसी की पिंडरा विधानसभा के प्रत्याशी अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि बोरी में नमक भर के तैयार रखिये आप सभी, योगी और मोदी को 7 मार्च को उसी बोरी में डाल कर जमीन के अंदर गाड़ देंगे। नमक का सही उपयोग यही है। उनकी इस धमकी का वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अजय राय की इलाके में दबंग नेता की छवि है। वे कई बार वाराणसी से विधायक रह चुके हैं। वे वर्ष 2014 में कांग्रेस के टिकट पर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ वाराणसी सीट से एमपी के चुनाव में भी खड़े हुए थे लेकिन बुरी तरह हार झेलनी पड़ी थी।
ये कैसी भाषा है… बनारस में कांग्रेस नेता अजय राय वोट माँगने के लिए लोगों को भड़का रहे हैं और कह रहे हैं कि “नमक की बोरी सम्भाल कर रखो 7 मार्च को मोदी और योगी को ज़मीन में गाड़ने के काम आएगा” pic.twitter.com/2dKnna959r
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक नाना पटोले मोदी को मार सकता हूं और उसे गाली भी दे सकता हूं 04/02/2022
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष और विधायक नाना पटोले ने 16 जनवरी को भंडारा जिले में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “मैं इतने सालों से राजनीति में हूं लेकिन एक स्कूल नहीं खुलवाया। एक ठेकेदारी अपने नाम नहीं की। जो आता है, उसकी मदद करता हूं। इसलिए मैं मोदी को मार सकता हूं, उन्हें गाली दे सकता हूं। इसीलिए मोदी मेरे विरोध में प्रचार करने आए। आपके सामने एक प्रामाणिक नेतृत्व खड़ा है।” मराठी में दिए गए इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ। विवाद बढ़ने पर पटोले ने सफाई में एक और विवादित बयान देते हुए कहा कि भंडारा जिले के ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उन्होंने जिस मोदी का उल्लेख किया वह प्रधानमंत्री ना होकर एक स्थानीय गुंडा है, जिसे गिरफ्तार किया गया है। जबकि इस नाम का कोई व्यक्ति वहां गिरफ्तार नहीं किया गया था।
'मैं मोदी को मार सकता हूं और गालियां भी दे सकता हूं'- महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले
नाना पटोले का यह बयान बेहद गंभीर एवं आपत्तिजनक है
काँग्रेस पार्टी का यह बयान पंजाब में किए गए प्रयोग से जुड़ा तो नहीं? लगता है पंजाब में पीएम के काफिले में सुरक्षा चूक जानबूझकर की गई थी pic.twitter.com/1zQkm9t3S9
— Chaudhari Dhiren #प्रशासक समिति 100℅ Follow Back (@ChaudhariDhir13) January 17, 2022
कर्नाटक में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक बेलूर गोपालकृष्णा यदि तुम्हारे पास साहस है तो तुम अपने मोदी को गोली मार दो 4/02/2019
कर्नाटक में एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक बेलूर गोपालकृष्ण ने प्रधानमंत्री मोदी को शूट करने की बात 4 फरवरी, 2019 को अपनी पार्टी के एक कार्यक्रम में कही थी। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शूट करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो में गोपालकृष्ण ने कहा था, ‘मित्रों ये लोग जो आज गोडसे के समर्थन में बोल रहे हैं वे देश में रहने के भी काबिल नहीं हैं। वे इस देश के लोकतंत्र की हत्या करने की तरफ बढ़ेंगे। यदि तुम्हारे पास साहस है तो तुम अपने मोदी को गोली मार दो किसी और को नहीं तो मुझे खुशी होगी।” उनके इस बयान के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। कर्नाटक बीजेपी ने उनका एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया और गृह मंत्रालय से जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी।
सहारनपुर में कांग्रेस के उम्मीदवार इमरान मसूद मुसलमान मोदी को कड़ा सबक सिखाएंगे और उनकी बोटी-बोटी काट देंगे 28/03/2014
जब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार थे, तब उन्हें बोटी-बोटी काट देने की धमकी खुलेआम दी गयी थी। लोकसभा चुनाव के दौरान सहारनपुर में कांग्रेस के उम्मीदवार रहे इमरान मसूद ने 28 मार्च, 2014 को ये बयान देकर यूपी ही नहीं पूरे देश में नफरत की सियासत को हवा देने की कोशिश की। मसूद का एक ऐसा वीडियो सामने आया था जिसमें वह एक सभा में प्रधानमंत्री मोदी को जान से मारने की धमकी देते दिखाई दिए थे। वह कह रहे थे- ‘मोदी यूपी को गुजरात न समझें। गुजरात में सिर्फ 4 प्रतिशत मुसलमान हैं, जबकि यूपी में मुसलमानों की संख्या 42 प्रतिशत है। यदि मोदी ने यूपी को गुजरात बनाने की कोशिश की, तो यहां के मुसलमान मोदी को कड़ा सबक सिखाएंगे और उनकी बोटी-बोटी काट देंगे। मैं एक छोटे बच्चे को भी उसकी ताकत का एहसास करा दूंगा, ताकि वह किसी से भी न डरे। हम अपने साथियों के लिए किसी को भी मार देंगे या मर जाएंगे।’ प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने तो इस बयान का कोई जवाब नहीं दिया था, लेकिन जनता ने इसका करारा जवाब दिया था। आदि आदि
वैसे तो सूची बहुत लम्बी है, यदा-कदा प्रकाशित करता रहा हूँ।
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कांग्रेस प्रवक्ता ने किया मोदी के दिवंगत पिताजी का अपमान कर पार्टी को पहुंचा दिया नुकसान
पंजाब कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू एक बात कहते थे कि 'कांग्रेस ही कांग्रेस को ख़त्म करेगी', वह शत-प्रतिशत ठीक साबि...
मोदी की हत्या के लिए कांग्रेस ने वामपंथियों को की थी फंडिंग
28 अगस्त, 2018 को पांच वामपंथी कार्यकर्ताओं- सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वारवरा राव, अरुण फरेरा और वर्नोन गोंजाल्वेज की गिरफ्तारी के बाद मिले एक पत्र से जो खुलासे हुए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। पहला, यह कि 01 जनवरी, 2018 को महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में पूरी प्लांनिग के साथ हिंसा ‘प्रायोजित’ की गई थी। दूसरा, इस हिंसा के लिए कांग्रेस ने फंडिंग की थी। तीसरा, इनके तार कश्मीर के अलगाववादियों-पत्थरबाजों से भी जुड़े थे। चौथा, प्रधानमंत्री मोदी की हत्या की सुनियोजित साजिश रची गई थी। गौरतलब है कि सुधा भारद्वाज ने एक चिट्ठी कॉमरेड प्रकाश और दूसरी कॉमरेड सुरेन्द्र को लिखी थी।
06 जून, 2018 को पुणे से रोना विल्सन, सुधीर ढवले, सुरेंद्र गडलिंग, शोमा सेन और महेश राउत की गिरफ्तारी हुई थी। उस समय रोना विल्सन का लिखा एक पत्र सामने आया था, जिसमें ये बातें सामने आईं थीं कि नक्सल समर्थक तथाकथित बुद्धिजीवी तबका भाजपा के विस्तार से नाखुश हैं और उन्हें रास्ते से हटाना चाहते थे। हालांकि इस प्लानिंग में कांग्रेस पार्टी शामिल थी इस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल हो रहा था। लेकिन सुधा भारद्वाज के एक पत्र से पुख्ता सबूत भी सामने आ गए कि कांग्रेस इस ग्रुप को फंडिंग कर रही थी। चिट्ठी से ऐसे संकेत मिले थे कि प्रधानमंत्री मोदी की हत्या हो जाने पर देश जातिवादी दंगों में उलझ जाती। माना जा रहा है कि इसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिलता और वह फिर से सत्ता पर काबिज हो जाती। इस बात का खुलासा पूर्व कांग्रेसी शहजाद पूनावाला ने भी अपने एक ट्वीट में किया था कि कांग्रेस और नक्सलियों के संबंध हैं।
दरअसल चिट्ठी से पता चला कि कैसे नक्सली किसी बड़ी साज़िश को अंजाम देने के लिए हथियारों का इंतज़ाम कर रहे थे। कैसे हिंसा फैलाने के लिए कांग्रेस का एक नेता फंडिंग के लिए तैयार था। महेश राउत की गिरफ्तारी का कांग्रेसी नेता जयराम रमेश ने विरोध भी किया था। उनका नक्सल कनेक्शन तब भी सामने आया था जब 2013 में उन्होंने महाराष्ट्र के सीएम पृथ्वीराज चौहान चिट्ठी लिख कर कहा था कि महेश राउत के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए और उसे आजादी से काम करने दिया जाए। बहरहाल कांग्रेस नक्सलियों की मददगार है इसका एक सबूत 29 अगस्त को तब भी सामने आया था, जब पार्टी के सीनियर नेता और प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पकड़े गए आरोपियों को बचाने कोर्ट पहुंच गए थे। जबकि गिरफ्तार 5 लोगों में से सभी पर यूपीए सरकार के दौरान भी कार्रवाई की गई थी और इनमें से दो को तो जेल भी भेजा गया था।
दरअसल कांग्रेस अपने राजनीति लाभ के लिए आतंकवाद को भी धर्म के चश्मे से देखती रही है। इस क्रम में वह कभी आतंकियों की फांसी का विरोध करती है तो कभी पत्थरबाजों का समर्थन करती है।अलगाववादियों और सिमी जैसे संगठनों से रिश्ते में गुरेज नहीं करती है। अब तो कांग्रेस को ISIS जैसा खूंखार आतंकवादी संगठन भी भाने लगा है।
‘बाल विवाह’ के खिलाफ असम सरकार सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के आदेश के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू करते हुए 1800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 3 फरवरी, 2023 से शुरू हुई। असम में बाल विवाह के 4000 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर कहा है कि बाल विवाह कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “बाल विवाह अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्यव्यापी गिरफ्तारी का अभियान चल रहा है। अब तक 1800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मैंने असम पुलिस को महिलाओं के खिलाफ हो रहे अक्षम्य और जघन्य अपराधों के लिए जीरो टॉलरेंस के साथ कार्रवाई करने के लिए कहा है।”
इससे पहले उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार बाल विवाह को लेकर कड़े कदम उठाएगी। हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर कहा था, “असम सरकार राज्य में बाल विवाह के खतरे को समाप्त करने के अपने दृढ़ संकल्पित है। असम पुलिस ने अब तक राज्य भर में 4004 मामले दर्ज किए गए हैं। आने वाले दिनों में और अधिक मामले सामने आ सकते हैं। इन मामलों पर कार्रवाई 3 फरवरी से शुरू होगी। मैं सभी से सहयोग करने का अनुरोध करता हूँ।”
Huge crackdown on child marriage by @himantabiswa Govt
Over 1800 men arrested by #Assam police for marrying girls below 18 years of age. Highest #childmarriage offenders were arrested in #Muslim dominated Dhubri, Biswanath, Barpeta and Nagaon Districts.
हाल ही में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, असम में मातृ और शिशु मृत्यु दर बहुत अधिक है। इसके लिए बाल विवाह को जिम्मेदार ठहराया जाता है। इसके बाद से असम सरकार ने बाल विवाह करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने आदेश दिया था। इस आदेश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 4004 मामले दर्ज किए। इसमें से धुबरी जिले में 370, होजई में 255 व उदालगुड़ी 235 तथा मोरीगाँव में 224 मामले दर्ज किए हुए हैं।
एक अन्य बयान में उन्होंने कहा था, “इतने सारे मामले नौ दिनों के भीतर दर्ज किए गए है। कल तक यह संख्या 8000 या 9000 के पार हो सकती है। शुक्रवार (3 फरवरी, 2023) से हमारी गिरफ्तारी और कार्रवाई शुरू होगी। राज्य भर से लोगों को उठाया जाएगा। यह एक बड़ी कार्रवाई होगी। पिछले सात सालों में बाल विवाह में शामिल सभी लोगों पर मामला दर्ज किया जाएगा। हमारा मुख्य टारगेट मुल्ला, काजी या पुजारी होंगे जो इन विवाहों को बढ़ावा देते हैं।”
सरमा ने 23 जनवरी को ऐलान करते हुए कहा था कि असम सरकार बाल विवाह के खिलाफ एक राज्यव्यापी अभियान शुरू करेगी। इसमें 14 साल से कम उम्र की लड़कियों से शादी करने वाले पुरुषों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। वहीं, 14-18 साल की लड़कियों से शादी करने वालों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज होगा।
'हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या' इस्लामिक स्कॉलर्स जब भी टीवी पर मदरसों में हो रही तालीम पर बात होने पर कहते हैं कि कोई एक मदरसा दिखाओं, लेकिन असम पुलिस उन्हें दिखा ही नहीं, मदरसे भी सील कर रही है। और अब तक सैंकड़ों मदरसे बंद किए जा चुके हैं। जुलाई 28 को एक चैनल पर चर्चा के दौरान एडवोकेट अश्विनी कुमार ने बताया कि भारत में 3 लाख से अधिक मदरसे हैं, इतने किसी भी मुस्लिम देश में नहीं। पता नहीं मीडिया भी अपनी TRP के चक्कर में इन समाचारों को बॉयकॉट कर रहा है और यदि स्थिति विपरीत होती देखो हर चैनल बढ़चढ़ कर उस समाचार को दिखाता। असम पुलिस (Assam Police) ने आतंकी गठजोड़ का खुलासा करते हुए अल कायदा से जुड़े अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के 12 सदस्यों को अब तक गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियाँ मोरगाँव, गुवाहाटी, बारपेटा और गोलपारा जिलों से की गई हैं। वहीं, एक को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है।
एक दिन पहले असम पुलिस ने मोरीगाँव जिले के मोरियाबारी के एक मदरसा के टीचर मुफ्ती मुस्तफा को गिरफ्तार था। नेटवर्क से जुड़े बाकी फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों पर UAPA के तहत कार्रवाई की गई है।
As an outcome of close watch being kept on suspicious activities in Lower Assam, @assampolice busted, another module of AQIS supported ABT module in Barpeta district and arrested 8 persons for indoctrination, recruitment, training and collection of funds for terrorist activities
बारपेटा से गिरफ्तार हुए आरोपितों के नाम 25 वर्षीय जुबेर खान, 27 वर्षीय रफीकुल इस्लाम, 20 वर्षीय दीवान हमीदुल इस्लाम, 42 वर्षीय मोइनुल हक, 37 वर्षीय कज़ीबुर हुसैन, 50 वर्षीय मुजीबुर रहमान, 34 साल के शाहजहाँ अली और शहनूर आलम हैं। जुबेर खान को छोड़ कर बाकी सभी स्थानीय बरपेटा थानाक्षेत्र के ही रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक इन आरोपितों पर UAPA एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
We got info about a man named Mustafa who runs a madrassa in Moriabari associated with anti-national activities. He's linked with financing of Ansarullah Bangla Team related to Al-Qaeda in the sub-continent. Case registered under various sections of UAPA: Aparna N, SP, Morigaon pic.twitter.com/WiomTD2tJ9
Assam | Mustafa alias Mufti Mustafa & Abbas Ali detained from Morigaon & Goalpara respectively today
Mustafa runs a madrassa & is linked with financing of ABT related to Al-Qaeda in the sub-continent while Abbas provided logistics &shelter to one of the absconding members of ABT pic.twitter.com/wP4vTmjZRD
Eight persons have been arrested by Barpeta Police for links with AQIS/ABT. Case registered at Barpeta Police Station, Sections 17/18/18(B)/19/20 UA(P) Act, 1967: Special DGP L&O, Border, Director V&AC & Chief Anti-Rhino Poaching Task Force, Assam pic.twitter.com/N9I6cARher
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अल-कायदा के वर्तमान मुखिया अल जवाहिरी ने ‘गो टू असम’ का एलान किया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियाँ और अधिक सतर्क हो गई हैं। मोरीगाँव में जमीउल हुडा मदरसा चलाने वाले मुफ़्ती मुस्तफा की गिरफ्तारी के बाद 39 साल के अफसरूद्दीन भुयान को भी मोरीगाँव में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक अन्य गिरफ्तारी अब्बास अली की हुई है। इन सभी पर एक फरार आतंकी महबूब उर रहमान को शरण देने का आरोप है।
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असम : मदरसे से चल रहा था आतंकी गिरोह, ‘हदीस’ पढ़ा कर युवाओं को भड़का रहे जिहादी मुफ़्ती मुस्तफा गिरफ
मोरीगाँव की SP अपर्णा के मुताबिक, पकड़े गए आरोपितों से उनके बाकी नेटवर्क और फंडिंग आदि के स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक पुलिस द्वारा 2 मदरसों को सील किया जा चुका है। उसमें पढ़ने वाले बच्चों को सरकारी स्कूल में शिफ्ट किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए हैं।