Showing posts with label terror module. Show all posts
Showing posts with label terror module. Show all posts

असम : टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार, 2 मदरसे सील: आतंकी संगठन अल कायदा ने ‘गो टू असम’ का दिया नारा

चित्र साभार- ANI
'हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या' इस्लामिक स्कॉलर्स जब भी टीवी पर मदरसों में हो रही तालीम पर बात होने पर कहते हैं कि कोई एक मदरसा दिखाओं, लेकिन असम पुलिस उन्हें दिखा ही नहीं, मदरसे भी सील कर रही है। और अब तक सैंकड़ों मदरसे बंद किए जा चुके हैं। जुलाई 28 को एक चैनल पर चर्चा के दौरान एडवोकेट अश्विनी कुमार ने बताया कि भारत में 3 लाख से अधिक मदरसे हैं, इतने किसी भी मुस्लिम देश में नहीं। पता नहीं मीडिया भी अपनी TRP के चक्कर में इन समाचारों को बॉयकॉट कर रहा है और यदि स्थिति विपरीत होती देखो हर चैनल बढ़चढ़ कर उस समाचार को दिखाता।  
असम पुलिस (Assam Police) ने आतंकी गठजोड़ का खुलासा करते हुए अल कायदा से जुड़े अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के 12 सदस्यों को अब तक गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियाँ मोरगाँव, गुवाहाटी, बारपेटा और गोलपारा जिलों से की गई हैं। वहीं, एक को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है।

एक दिन पहले असम पुलिस ने मोरीगाँव जिले के मोरियाबारी के एक मदरसा के टीचर मुफ्ती मुस्तफा को गिरफ्तार था। नेटवर्क से जुड़े बाकी फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों पर UAPA के तहत कार्रवाई की गई है।

बारपेटा से गिरफ्तार हुए आरोपितों के नाम 25 वर्षीय जुबेर खान, 27 वर्षीय रफीकुल इस्लाम, 20 वर्षीय दीवान हमीदुल इस्लाम, 42 वर्षीय मोइनुल हक, 37 वर्षीय कज़ीबुर हुसैन, 50 वर्षीय मुजीबुर रहमान, 34 साल के शाहजहाँ अली और शहनूर आलम हैं। जुबेर खान को छोड़ कर बाकी सभी स्थानीय बरपेटा थानाक्षेत्र के ही रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक इन आरोपितों पर UAPA एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अल-कायदा के वर्तमान मुखिया अल जवाहिरी ने ‘गो टू असम’ का एलान किया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियाँ और अधिक सतर्क हो गई हैं। मोरीगाँव में जमीउल हुडा मदरसा चलाने वाले मुफ़्ती मुस्तफा की गिरफ्तारी के बाद 39 साल के अफसरूद्दीन भुयान को भी मोरीगाँव में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक अन्य गिरफ्तारी अब्बास अली की हुई है। इन सभी पर एक फरार आतंकी महबूब उर रहमान को शरण देने का आरोप है।

अवलोकन करें:-

असम : मदरसे से चल रहा था आतंकी गिरोह, ‘हदीस’ पढ़ा कर युवाओं को भड़का रहे जिहादी मुफ़्ती मुस्तफा गिरफ

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
असम : मदरसे से चल रहा था आतंकी गिरोह, ‘हदीस’ पढ़ा कर युवाओं को भड़का रहे जिहादी मुफ़्ती मुस्तफा गिरफ

मोरीगाँव की SP अपर्णा के मुताबिक, पकड़े गए आरोपितों से उनके बाकी नेटवर्क और फंडिंग आदि के स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक पुलिस द्वारा 2 मदरसों को सील किया जा चुका है। उसमें पढ़ने वाले बच्चों को सरकारी स्कूल में शिफ्ट किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए हैं।

दाऊद के भाई का पैसा, ISI की प्लानिंग: निशाने पर 6 राज्यों के 15 शहर, ओडिशा में DRDO के 4 कर्मचारी निकले पाकिस्तानी जासूस

देशद्रोहियों का जाल कितना फैला हुआ है, इसका अंदाज़ा लगाना बहुत मुश्किल है। दिल्ली पुलिस थोड़े दिनों के अंतराल में कोई न कोई खुलासा कर जनता को घर में छिपे बैठे देशद्रोहियों से सतर्क रहने के संकेत देती आ रही है। इन देशद्रोहियों के लिए देश से अधिक चांदी के कुछ टुकड़े हैं, जो इस लालच में अपने परिवार तक को जोखिम में डाल रहे हैं।  
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अलग-अलग राज्यों से 6 आतंकियों को पकड़कर बड़ी साजिश नाकाम कर दी है। इनमें से दो आतंकियों ने पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिया था। इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक भी मिले थे। त्योहारी सीजन में 6 राज्यों के 15 शहर इनके निशाने पर थे।

यह बात भी सामने आई है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इसके लिए फंड मुहैया करा रहा था। इस बड़े आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने रची थी। इस बीच ओडिशा पुलिस ने चार लोगों को पाकिस्तान की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में संविदा पर काम कर रहे थे। इन पर विदेशी एजेंटों को गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है।

रिपोर्टों के अनुसार बालासोर स्थित DRDO के एकीकृत परीक्षण रेंज से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के 4 आरोपितों को ओडिशा पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा है कि ये लोग लगातार आईएसडी नंबरों के जरिए विदेशी एजेंटों के संपर्क में थे।

 रिपोर्टों के मुताबिक, सभी चार संविदा कर्मचारी काफी समय से रक्षा स्थापना में मैनुअल ऑपरेशनल कार्य में थे। इसी कारण रक्षा प्रतिष्ठान में उनकी नियमित पहुँच थी। ये चारों डीआरडीओ की एकीकृत परीक्षण रेंज चांदीपुर से महत्वपूर्ण जानकारी लीक कर रहे थे। सभी आरोपित बालासोर जिले के चांदीपुर के झामपुरा हाटा और नुआनाई इलाके के रहने वाले हैं।

बालासोर जिले के सुधांशु मिश्रा ने बताया कि उन्हें विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि कुछ लोग पाकिस्तान के एजेंटों को गोपनीय जानकारी लीक कर रहे हैं। पुलिस ने कहा, “चारों आरोपितों से लगातार विभिन्न आईएसडी से संपर्क किया जा रहा था और खुफिया जानकारी के बदले में उन्हें पैसे दिए जा रहे थे। इनपुट के आधार पर अपराधियों को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। छापे के दौरान कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।”

हैंडलर से संपर्क 

सूत्रों के मुताबिक, पृथ्वी मिसाइल केंद्र के पैड III में काम करने वाला एक आरोपित बसंत बेहरा लगातार अपने हैंडलर से संपर्क बनाए हुए था। वह बार-बार कॉल करते और आईएसडी कॉल रिसीव करते पाया गया। अधिकारियों को शक है कि उसने DRDO के मिसाइल सीक्रेट्स को पाकिस्तानी एजेंटों को बेचा होगा।

पुलिस ने चारों आरोपितों को 13 सितंबर 2021) देर रात डीआरडीओ गेट के पास उनके घरों से गिरफ्तार किया। चारों के खिलाफ चांदीपुर थाने में IPC-R/W की धारा 120-B (आपराधिक साजिश के लिए सजा), 121-A (भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), 34 (सामान्य इरादे से किया गया कृत्य) और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3, 4 और 5 के तहत कार्रवाई की गई है।

इससे पहले चांदीपुर आईटीआर के एक संविदा फोटोग्राफर ईश्वर बेहरा को मिसाइल डिजाइन और प्रौद्योगिकी से संबंधित जानकारी पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे हाल ही में इस गंभीर मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सितंबर 14, 2021 को पाकिस्तान द्वारा संचालित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें पाकिस्तान से प्रशिक्षित दो आतंकवादी भी शामिल हैं। पुलिस ने अपने इस मल्टी स्टेट ऑपरेशन में विस्फोटक व अन्य चीजों को भी बरामद किया। पुलिस का कहना था कि ये संदिग्ध देश में हत्याओं और विस्फोटों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इसके अलावा इनके निशाने पर नामचीन लोग भी शामिल थे।