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दाऊद के भाई का पैसा, ISI की प्लानिंग: निशाने पर 6 राज्यों के 15 शहर, ओडिशा में DRDO के 4 कर्मचारी निकले पाकिस्तानी जासूस

देशद्रोहियों का जाल कितना फैला हुआ है, इसका अंदाज़ा लगाना बहुत मुश्किल है। दिल्ली पुलिस थोड़े दिनों के अंतराल में कोई न कोई खुलासा कर जनता को घर में छिपे बैठे देशद्रोहियों से सतर्क रहने के संकेत देती आ रही है। इन देशद्रोहियों के लिए देश से अधिक चांदी के कुछ टुकड़े हैं, जो इस लालच में अपने परिवार तक को जोखिम में डाल रहे हैं।  
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अलग-अलग राज्यों से 6 आतंकियों को पकड़कर बड़ी साजिश नाकाम कर दी है। इनमें से दो आतंकियों ने पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिया था। इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक भी मिले थे। त्योहारी सीजन में 6 राज्यों के 15 शहर इनके निशाने पर थे।

यह बात भी सामने आई है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इसके लिए फंड मुहैया करा रहा था। इस बड़े आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने रची थी। इस बीच ओडिशा पुलिस ने चार लोगों को पाकिस्तान की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में संविदा पर काम कर रहे थे। इन पर विदेशी एजेंटों को गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है।

रिपोर्टों के अनुसार बालासोर स्थित DRDO के एकीकृत परीक्षण रेंज से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के 4 आरोपितों को ओडिशा पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा है कि ये लोग लगातार आईएसडी नंबरों के जरिए विदेशी एजेंटों के संपर्क में थे।

 रिपोर्टों के मुताबिक, सभी चार संविदा कर्मचारी काफी समय से रक्षा स्थापना में मैनुअल ऑपरेशनल कार्य में थे। इसी कारण रक्षा प्रतिष्ठान में उनकी नियमित पहुँच थी। ये चारों डीआरडीओ की एकीकृत परीक्षण रेंज चांदीपुर से महत्वपूर्ण जानकारी लीक कर रहे थे। सभी आरोपित बालासोर जिले के चांदीपुर के झामपुरा हाटा और नुआनाई इलाके के रहने वाले हैं।

बालासोर जिले के सुधांशु मिश्रा ने बताया कि उन्हें विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि कुछ लोग पाकिस्तान के एजेंटों को गोपनीय जानकारी लीक कर रहे हैं। पुलिस ने कहा, “चारों आरोपितों से लगातार विभिन्न आईएसडी से संपर्क किया जा रहा था और खुफिया जानकारी के बदले में उन्हें पैसे दिए जा रहे थे। इनपुट के आधार पर अपराधियों को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। छापे के दौरान कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।”

हैंडलर से संपर्क 

सूत्रों के मुताबिक, पृथ्वी मिसाइल केंद्र के पैड III में काम करने वाला एक आरोपित बसंत बेहरा लगातार अपने हैंडलर से संपर्क बनाए हुए था। वह बार-बार कॉल करते और आईएसडी कॉल रिसीव करते पाया गया। अधिकारियों को शक है कि उसने DRDO के मिसाइल सीक्रेट्स को पाकिस्तानी एजेंटों को बेचा होगा।

पुलिस ने चारों आरोपितों को 13 सितंबर 2021) देर रात डीआरडीओ गेट के पास उनके घरों से गिरफ्तार किया। चारों के खिलाफ चांदीपुर थाने में IPC-R/W की धारा 120-B (आपराधिक साजिश के लिए सजा), 121-A (भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), 34 (सामान्य इरादे से किया गया कृत्य) और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3, 4 और 5 के तहत कार्रवाई की गई है।

इससे पहले चांदीपुर आईटीआर के एक संविदा फोटोग्राफर ईश्वर बेहरा को मिसाइल डिजाइन और प्रौद्योगिकी से संबंधित जानकारी पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे हाल ही में इस गंभीर मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सितंबर 14, 2021 को पाकिस्तान द्वारा संचालित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें पाकिस्तान से प्रशिक्षित दो आतंकवादी भी शामिल हैं। पुलिस ने अपने इस मल्टी स्टेट ऑपरेशन में विस्फोटक व अन्य चीजों को भी बरामद किया। पुलिस का कहना था कि ये संदिग्ध देश में हत्याओं और विस्फोटों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इसके अलावा इनके निशाने पर नामचीन लोग भी शामिल थे।