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बंगाल : पुलिस निकाल रही गुंडों की परेड; किसी को उठाया कच्छे में, किसी को अय्याशी करते हुए दबोचा: 1 हफ्ते में 70+ TMC नेता-कार्यकर्ता गिरफ्तार

                                   TMC नेताओं पर एक्शन जारी ( फोटो साभार-chatgpt)
पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के बाद कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ-साथ आपराधिक नेटवर्क पर लगाम कसी जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बांग्लादेशियों को बाहर निकाल रही है, वहीं ‘तोलाबाजी’ यानी सिंडिकेट, चुनाव बाद हिंसा और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ अभियान चला रही है। बीते एक हफ्ते में 70 से ज्यादा टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

कोई बनियान-कच्छे में तो कोई लुंगी पहने हुआ गिरफ्तार

अपराधियों को हर हाल में गिरफ्तार करने के आदेश हैं। यही वजह है कि कई ऐसी तस्वीरें सामने आई जब इन लोगों को अचानक घरों, अड्डों और शराब के ठेकों से उठाया गया और सड़कों पर घुमाया गया। ये वे लोग हैं, जिन्होंने बंगाल में अराजकता फैला दी थी और जनता दहशत में जीने के लिए मजबूर थी।

बंगाल पुलिस ने हावड़ा के गैंगस्टर आकाश सिंह को कच्छा और बनियान में सड़कों पर घुमाया था। वह हावड़ा के डॉन कहलाता था। आकाश सिंह पर 2021 में पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने और 20 से ज्यादा बम फेंकने का आरोप है। एक कड़ा संदेश देने के लिए उसे हावड़ा की सड़कों पर सिर्फ अंडरवियर में घुमाया गया।

इसके बाद 25 मई 2026 को टीएमसी के गुंडे और कुख्यात सनी मोल्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर सड़कों पर बनियान-पैजामा में घुमाया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सनी मोल्ला TMC से जुड़ा एक संविदा आधारित होम गार्ड था और लंबे समय से संकराइल और आसपास के इलाकों में रंगदारी और दबंगई का नेटवर्क चला रहा था। वह व्यापारियों, छोटे दुकानदारों से रंगदारी वसूलता था। विरोध करने पर धमकी देता, मारपीट करता और कारोबार बंद कराने की चेतावनी देता था। इलाके में लोग उसे ‘छोटा डॉन’ कहकर बुलाते हैं।

टीएमसी से जुड़ा और ‘बड़े भाई’ कहलाने वाले शमीम अहमद को भी पश्चिम बंगाल पुलिस ने बनियान- ऑफ पेंट में सड़कों पर घुमाया। दरअसल ये वह व्यक्ति है, जिस पर शिबपुर में इस्लामी हिंसा भड़काने, सड़कों पर बमबारी करने और BJP समर्थकों पर गोली चलाने के आरोप है।

जलपाईगुड़ी जिले में टीएमसी नेता पंचानन रॉय को एक कार में शराब पीते हुए पकड़ा गया था। वह स्थानीय पंचायत समिति के अध्यक्ष हैं और शराब पार्टी करते हुए गिरफ्तार किया गया। टीएमसी पार्षद मोनी गाजी को भी पुलिस रेड के दौरान शराब की बोतलों और आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। उस पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप है।

 ऐसे अपराधी शुभेंदु शासन के आते ही छिपने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि इनलोगों को बनियान कच्छा शॉर्ट पैंट में ही पुलिस उठा कर ले गई। इनलोगों को सड़कों पर घुमा भी रही है, ताकि लोगों के मन में उनका भय खत्म हो सके, जो पिछले 15 सालों से व्याप्त है। सरकार ‘नो नोटिस एक्शन’ वाली छवि बना रही है। अपराधियों को देर रात छापेमारी कर भी गिरफ्तार किया जा रहा है। कई जिलों में लगातार तलाशी के बाद कई लोगों को दबोचा गया, ताकि लोगों को संदेश मिले कि ‘भागने पर भी बचना मुश्किल’ है।

बीते 18 मई से करीब एक हफ्ते में राज्य में भ्रष्टाचार वसूली और चुनाव बाद हिंसा को लेकर टीएमसी के 70 से ज्यादा नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें पूर्व मंत्री सुजीत बसु भी शामिल हैं। वहीं पूर्व मंत्री के करीबी बंगाल के बिधाननगर नगर निगम के 34 नंबर वार्ड के टीएमसी पार्षद और बोरो चेयरमैन रंजन पोद्दार को बिधाननगर उत्तर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ तोलाबाजी यानी जबरन वसूली करने और लोगों को डराने-धमकाने का आरोप है।

बीते 23 मई 2026 को एक दिन में राज्यभर में 17 टीएमसी नेताओं को गिरफ्तार किया गया। इनमें कोलकाता और बिधाननगर के कई पार्षद शामिल हैं। मुर्शिदाबाद के बड़ंचा में दबंग तृणमूल नेता अबु बक्कर को हत्या के प्रयास और हथियार से हमला करने के आरोप में पकड़ा गया।

कोलकाता नगर निगम के पार्षद सुदीप पोल्ले और बिधाननगर के पार्षद बरुआ को तोलाबाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हावड़ा से 2021 विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोपित उपग्राम प्रधान गुरुपद माझी और उसके भाई राजू माझी को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा हुगली, नदिया, मुर्शिदाबाद से लेकर कूचबिहार तक के टीएमसी गुंडों को पुलिस ने पकड़ा।

उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक पार्षद को घर के अंदर सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बनगांव नगर पालिका के वार्ड नंबर 22 से TMC पार्षद सुकुमार राय को पुलिस कॉलर पकड़कर थाने ले गई।

पश्चिम बर्धमान के पांडवेश्वर में शेख कमरुद्दीन को चुनावी आतंक, भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहीं कूच बिहार से भवरंजन बर्मन को बीजेपी कार्यकर्ता को पीटने और पैसे माँगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बीजेपी नेता पप्पू साना पर हमले और शुभेंदु अधिकारी के पीएम रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद पुलिस ने कई इलाकों में लगातार छापेमारी की है और कई लोगों को हिरासत में लिया।

टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के जुल्मों से त्रस्त जनता की प्रतिक्रिया भी इस दौरान सामने आई। जब कोलकाता के युवा टीएमसी अध्यक्ष तपन बिस्वास और उसके साथियों को पुलिस गिरफ्तार कर ले जा रही थी तो उसे लोगों ने थप्पड़ मारे। कुछ ऐसा ही हाल हावड़ा से गिरफ्तार श्यामला मित्रा का हुआ। उसे भी लोगों ने पीटा।

दक्षिण 24 परगना से जब TMC नेता अरित्रा बोस को गिरफ्तार किए जाने के बाद महिलाएँ उसे पीटने के लिए चप्पल- झाड़ू लेकर दौड़ी। जब पुलिस उसे वैन में बैठाकर ले जा रही थी, तब झाड़ू, चप्पल और पानी की बोतलें पुलिस वैन पर फेंकने लगी। संदेशखाली में ईडी टीम पर हमले को लेकर गिरफ्तार टीएमसी नेता शाहजहाँ की मदद करने वाली दो महिला नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया। इन पर शाहजहाँ को बचाने के लिए भीड़ जमा कर हिंसा भड़काने का आरोप है।

घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान

अवैध घुसपैठ और बॉर्डर नेटवर्क पर भी कार्रवाई तेज हुई है। बंगाल सरकार ने ‘होल्डिंग सेंटर’ शुरू किए हैं और पुलिस-आरपीएफ-बीएसएफ के समन्वय से संदिग्ध घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान चलाया जा रहा है।

हाल ही में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे 100 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठियों को मंगलवार सुबह (26 मई 2026) को बांग्लादेश लौटने के लिए उत्तरी 24 परगना के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर जमा किया गया।

हाल ही में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि बगैर दस्तावेज वाले बांग्लादेशियों की पहचान कर उसे पुलिस के हवाले करें, ताकि जनता से इनलोगों को अलग किया जा सके और देश से निकाला जा सके।

बीजेपी सरकार का पूरा अभियान ये दिखाता है कि अपराधियों और घुसपैठियों को अब ‘पहले जैसा संरक्षण’ नहीं दिया जाएगा। अपराधियों का जेल भेजा जाएगा और घुसपैठियों को ‘देश निकाला’ मिलेगा। चाहे ये लोग कहीं भी छिप जाएँ, पुलिस उन्हें ढूंढ निकालेगी और हर हाल में सलाखों के पीछे भेजेगी। इसलिए अपराधी कहीं जंगल में छिपे मिल रहे हैं तो कहीं घरों में छिप कर शराब पीते।

‘BJP को वोट मत देना वरना…’: लोगों को घर-घर जाकर धमका रहा था TMC का मुस्लिम नेता, पुलिस ने किया गिरफ्तार

                           वोटर्स को धमकाया, TMC नेता राजू मंडल गिरफ्तार (साभार : Video SS)
चुनाव आयोग के सख्त निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने मुर्शिदाबाद से तृणमूल कांग्रेस  (TMC) मुस्लिम 
नेता राजू मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। राजू मंडल पर मतदाताओं को डराने और धमकानेका गंभीर आरोप है। धमकी देते हुए मुस्लिम नेता राजू मंडल का Video भी शामिल आया है।

सवाल है कि क्या चुनाव आयोग TMC को इस क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इजाजत देगा? चाहिए तो ये कि इस क्षेत्र से TMC को इस क्षेत्र से चुनाव ही लड़ने की इजाजत नहीं दे, जो आगे आने वाले चुनावों के लिए मिसाल बनेगी। चुनाव आयोग को इस बात पर भी निगाह रखनी होगी जो मुस्लिम क्षेत्रों में घुसपुसाहट कर बीजेपी को वोट नहीं देने का खेल खेला जाता है।     

अमित मालवीय ने ट्विट कर जानकारी दी और राजू मंडल को मुस्लिम नेता बताया है। राजू मंडल अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने लोगों से कहा, “आप भाजपा (पद्म फूल) को वोट नहीं दे सकते। अगर कोई समस्या हुई तो वोट डालने जाने की जरूरत नहीं है। मैं आपके घर चनबारा और रसगुल्ला भेज दूँगा, वरना आपको तृणमूल को ही वोट देना होगा।”

जानकारों का मानना है कि मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए ऐसे और भी नेताओं पर कार्रवाई की जरूरत है। कई अन्य TMC नेताओं पर भी वोटरों को डराने के आरोप लगे हैं। राज्य में शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए पुलिस पर भविष्य में ऐसी और गिरफ्तारियाँ करने का दबाव बढ़ सकता है।

भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने के आरोप में 6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी गिरफ्तार, यूरोप से ड्रोन मँगाकर म्यांमार भेज रहे

        यूरोप से ड्रोन मंगवाकर म्यांमार भेज रहे थे विदेशी, भारत में रची आतंकी साजिश (साभार : Moneycontrol)
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें 6 यूक्रेन के और 1 अमेरिका का नागरिक शामिल है। इन आरोपितों को दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़ा गया है।

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने भी विधानसभा में पुष्टि की कि अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई विदेशी नागरिक मिजोरम के रास्ते म्यांमार जाकर उग्रवादियों को हथियारों की ट्रेनिंग दे रहे हैं। इनमें से कुछ के रूस-यूक्रेन युद्ध में शामिल होने की भी खबर है।

NIA के मुताबिक, ये लोग यूरोप से ड्रोन की बड़ी खेप मँगाकर भारत के रास्ते म्यांमार के विद्रोही समूहों को सप्लाई कर रहे थे, जो भारतीय उग्रवादियों की मदद करते हैं। जाँच में सामने आया है कि ये सभी आरोपित वैध वीजा पर भारत आए थे, लेकिन अनिवार्य ‘प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट’ (RAP) के बिना मिजोरम पहुँच गए।

वहाँ से इन्होंने सीमा पार कर म्यांमार में भारत विरोधी जातीय समूहों से मुलाकात की। NIA ने कोर्ट को बताया कि ये आरोपित ड्रोन की सप्लाई के साथ-साथ आतंकी ट्रेनिंग और हथियारों के नेटवर्क में भी शामिल थे।

पटियाला हाउस कोर्ट ने साजिश की गहराई और फंडिंग के स्रोतों का पता लगाने के लिए आरोपितों की हिरासत 27 मार्च तक बढ़ा दी है। एजेंसी अब इनके मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है ताकि भारत में छिपे इनके अन्य साथियों और विदेशी हैंडलर्स का पर्दाफाश किया जा सके।

केरल के ‘इस्लामी अड्डे’ में कैद हैं कई लड़कियाँ, लंबी दाढ़ी वाले मर्द दे रहे जिहाद की ट्रेनिंग

दलित बच्ची का धर्मांतरण करवाने वाली दरकशा (बाएँ) और कैफ (दाएँ) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है (फोटो साभार: Dainik Bhaskar & AI)
प्रयागराज की एक 15 साल की दलित लड़की को एक मुस्लिम महिला केरल लेकर गई। यहाँ उसका इस्लाम में धर्मांतरण करवाया गया। उसको जिहादी ट्रेनिंग देने का भी प्रयास हुआ। लड़की किसी तरह बच कर वापस पहुँची। पुलिस की जाँच में सामने आया कि मुस्लिम महिला के गैंग में और भी लोग शामिल हैं और उसका काम दलित एवं गरीब बच्चों को आतंकी नेटवर्क में शामिल करवाना है। अब इस मामले में मुस्लिम महिला और उसका साथी गिरफ्तार हो गए हैं।

प्रयागराज की दलित बच्ची को फँसाया

पूरा मामला प्रयागराज के फूलपुर थाने से जुड़ा हुआ है। यहाँ लिलहट गाँव में एक दलित विधवा महिला और उसकी बेटी रहती है। बेटी की आयु मात्र 15 वर्ष है। उसके पड़ोस में ही दरकशा नाम की मुस्लिम लड़की रहती है। दरकशा बानो कथित तौर पर इस हिन्दू बच्ची की सहेली है।

दरकशा हिन्दू बच्ची के साथ रहती है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दरकशा हिन्दू बच्ची को इस्लाम के बारे में ब्रेनवॉश किया करती थी। वह हिन्दू धर्म के प्रति जहर भी भरती थी। 8 मई, 2025 को दरकशा बानो रात 10 बजे हिन्दू बच्ची को एक शादी से लेकर फूलपुर की एक मस्जिद के पास गई।

दरकशा बानो का मददगार मोहम्मद कैफ यहाँ बाइक लेकर खड़ा था। दरकशा ने हिन्दू बच्ची को इस दौरान पाने जाल में फँसा लिया था। कैफ ने इन दोनों को प्रयागराज जंक्शन छोड़ा। रास्ते में कैफ ने हिन्दू बच्ची से छेड़छाड़ भी की। दरकशा प्रयागराज से बाद हिन्दू बच्ची को प्रयागराज से लेकर दिल्ली चली गई।

दरकशा की मंजिल लेकिन दिल्ली नहीं थी। यहाँ से वह हिन्दू बच्ची को लकर केरल के त्रिशूर चली गई। यहाँ हिन्दू बच्ची के साथ प्रताड़नाओं का दौर चालू हो गया। उसका धर्मांतरण करवाया गया। उसे आतंकी ट्रेनिंग की बात भी हुई। बच्ची किसी तरह बच के पुलिस के पास पहुँची, जहाँ से प्रयागराज सूचना परिवार के पास पहुँची। बच्ची वापस इसके बाद आ सकी।

हिन्दू पीड़िता बोली- दाढ़ी वाले जिहाद की बात करते थे

हिन्दू बच्ची ने बरामद होने के बाद बताया कि त्रिशूर में उसे एक ऐसे घर में ले जाया गया था जहाँ और भी कई नाबालिग लड़कियाँ मौजूद थीं। हिन्दू बच्ची ने यह भी बताया कि इसी घर में कई ‘बड़ी दाढ़ी वाले’ मौजूद थे। इन लोगों ने बच्ची पर इस्लाम में धर्मांतरण करने का दबाव बनाया।

बच्ची के अनुसार, ‘बड़ी दाढ़ी वालों’ ने उसको जिहादी ट्रेनिंग देने की बातें भी की। इस दौरान दरकशा वहाँ से गायब हो गई। डरी सहमी बच्ची किसी तरह यहाँ से भाग निकली। यहाँ वाल रेलवे स्टेशन पहुँची जहाँ पुलिस ने उससे जानकारी ली। इसके बाद बच्ची का प्रयागराज लौटना संभव हो पाया।

UP पुलिस बोली- केरल मॉड्यूल से जुड़ी है दरकशा

इस मामले में 28 जून, 2025 को प्रयागराज के फूलपुर थाने में FIR दर्ज करवाई गई है। FIR की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। पुलिस से पीड़िता की माँ ने पूरी घटना बताई है, इसके साथ ही कहा है कि उसे अब फोन पर धमकियाँ मिल रही हैं। FIR में पुलिस ने दरकशा, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद ताज समेत 4 लोगों को आरोपित बनाया गया है।

इनके खिलाफ BNS की कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा आरोपितों पर SC/ST एक्ट की धाराएँ लगाई गई हैं। पुलिस ने मामले दरकशा और कैफ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को जाँच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य पता चले हैं।

प्रयागराज के DCP कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया है कि बानो एक संगठित गिरोह का हिस्सा है जो गरीब और दलित लड़कियों को बहला-फुसलाकर, उनका ब्रेनवॉश करके और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करके आतंकवादी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल करता है।

उन्होंने शक जताया है कि दरकशा बानो केरल के एक मॉड्यूल से जुड़ी हुई है। अब इसकी जाँच 3 टीमें कर रही हैं।

376 मर्द, 284 औरत… राजस्थान में 1000+ बांग्लादेशी-रोहिंग्या पकड़े गए : हरियाणा में 237 घुसपैठिए ‘बंगाली’ बनकर काम कर रहे थे

                      रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई जारी (फोटो साभार: IDR)
राजस्थान और हरियाणा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्थान में 30 अप्रैल 2025 से शुरू हुए विशेष अभियान में अब तक 1,000 से ज्यादा घुसपैठिए पकड़े गए हैं, जबकि हरियाणा के तीन जिलों- नूहँ, झज्जर और हाँसी में 237 बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में लिए गए हैं। इनमें से कई ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए खुद को भारत का नागरिक बताने की कोशिश की थी। अब घुसपैठियों को खास प्लेन से पश्चिम बंगाल भेजा जा रहा है, जहाँ से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) इन्हें बांग्लादेश और म्यांमार वापस भेजेगा।

राजस्थान में पकड़े गए घुसपैठियों में 341 बच्चे, 284 महिलाएँ और 376 पुरुष शामिल हैं। राजस्थान में सबसे ज्यादा घुसपैठिए सीकर जिले से पकड़े गए हैं, जहाँ 394 लोग हिरासत में हैं। जयपुर (218), अलवर (103), कोटपूतली-बहरोड़ (117) और भिवाड़ी (67) जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में घुसपैठिए पकड़े गए।

बनवा लिए थे फर्जी निवास प्रमाण पत्र

जाँच में पता चला कि ये लोग फर्जी आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र बनवाकर राजस्थान के मूल निवासी होने का दावा कर रहे थे। कई महिलाएँ घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थीं, जबकि पुरुष ईंट भट्टों, खान मजदूरी, कबाड़ बीनने और बेलदारी जैसे कामों में लगे थे। कुछ के खिलाफ चोरी और अन्य अपराधों के मामले भी सामने आए हैं।
राजस्थान सरकार ने 8 मई 2025 को केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर हर जिले में विशेष टास्क फोर्स और होल्डिंग सेंटर बनाए। इन सेंटरों में घुसपैठियों को अस्थायी रूप से रखा जा रहा है। 15 मई 2025 को 148 लोगों का पहला जत्था विशेष विमान से पश्चिम बंगाल भेजा गया। अगले कुछ दिनों में और लोगों को भेजने की तैयारी है। गृह विभाग इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहा है ताकि कोई चूक न हो।

हरियाणा में भी अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अभियान

हरियाणा के मेवात इलाके में अब तक 237 से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा जा चुका है। इनमें से नूहँ जिले में पुलिस ने 125 बांग्लादेशियों को पकड़ा, जो बिना वैध दस्तावेजों के ईंट भट्टों पर काम कर रहे थे। झज्जर के भदानी गाँव में 47 और हाँसी में 26 घुसपैठिए हिरासत में लिए गए। 12 मई को भी हाँसी में 39 लोग पकड़े गए थे। इनमें से कई ने खुद को बंगाली मजदूर बताकर भट्टा मालिकों को गुमराह किया था।
पुलिस अब उन मालिकों पर भी कार्रवाई की योजना बना रही है, जो बिना दस्तावेज जाँच के अवैध मजदूरों को काम दे रहे हैं। नूहँ पुलिस ने स्थानीय कारोबारियों से कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने की अपील की है।

बांग्लादेश से पहले खुद घुसा चाँद मियाँ, फिर भारत में घुसपैठियों को बसाने के लिए चलाने लगा गैंग: 25 हजार रूपए में एंट्री-रोजगार भी, दिल्ली पुलिस ने 44 को पकड़ा

                                       बांग्लादेशी घुसपैठियों को भारत में बसाने वाला गिरोह
दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस बांग्लादेशी गैंग के दिल्ली से लेकर चेन्नई तक कनेक्शन सामने आए हैं। ये गैंग फर्जी दस्तावेजों के जरिए घुसपैठियों को भारत में रोजगार मुहैया कराता था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक कुल 44 लोगों को गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना चाँद मियाँ है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों में से 33 बांग्लादेशी नागरिक हैं और 5 भारतीय एजेंट हैं। इनमें 33 बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं। यह गैंग फर्जी दस्तावेज बनवाने और रहने की व्यवस्था कराने और ट्रांसपोर्टेशन में मदद करता था।

गिरफ्तार लोगों के पास से 11 फर्जी आधार कार्ड, आईडी प्रूफ के साथ दो बांग्लादेशी दस्तावेज,एक कंप्यूटर और 4 हार्ड डिस्क, एक कलर प्रिंटर और फिंगरप्रिंट स्कैनर, 8 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए हैं। इसके अलावा इनके पास से लगभग 20 हज़ार रूपए बरामद किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस की जाँच में सामने आया कि गैंग के सदस्य बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से सीमा पार कराकर भारत में लाते थे। फिर यहाँ उनके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाते थे। इसके बाद उन्हें किराए का मकान दिलवा कर दिल्ली, बंगलुरु, चेन्नई जैसे बड़े शहरों में रोजगार भी मुहैया कराते थे।

पुलिस ने बताया है कि इनके चलते घुसपैठियों को पुलिस या सरकारी एजेंसी की नजर से बचने में आसानी होती थी। यह गैंग दिल्ली के सीमापुरी, संगम विहार, शाहीन बाग, महिपालपुर जैसे इलाकों में सक्रिय था। इन इलाकों में बांग्लादेशी नागरिक रहते हैं।

पुलिस के मुताबिक, गैंग का सरगना चाँद मियाँ दिल्ली के संगम विहार इलाके में रह रहा था। पुलिस की जाँच में सामने आया कि वह खुद भी बांग्लादेशी नागरिक है। जो पिछले 5 साल से पहले अवैध रूप से भारत आया था।

इसके बाद उसने एक पूरा नेटवर्क तैयार किया जो 3 साल से बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसा रहा है। चाँद मियाँ पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा के बेनापोल सीमा के ज़रिए बांग्लादेशियों को अवैध तरीके से भारत में घुसपैठ करवाता था। वह इस काम के 25 हजार रूपए लेता था।

दिल्ली पुलिस के DCP रवि कुमार सिंह ने बताया कि 12 मार्च 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि एक बांग्लादेशी नागरिक असलम उर्फ मसूम मोहम्मद तैमूर नगर में अवैध रूप से रह रहा है। पूछताछ में उसने बताया कि वह बांग्लादेश के नोआखाली का रहने वाला है और हाल ही में भारत में आया है।

असलम से पूछताछ के चलते ही सरगना चाँद मियाँ तक पहुँचा जा सका। पुलिस ने सभी सबूतों के आधार पर खोजबीन शुरु की। कनेक्शन जोड़ते हुए मुख्य सरगना चाँद मियां को विजयवाड़ा से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया। बाकी साथियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ सकती है।

  • दिल्ली पुलिस की जाँच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह भी बताया गया कि कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए ट्रांसजेंडर का वेश धारण कर दिल्ली की सड़कों, रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में जबरन पैसे वसूलते थे। कई ने तो कानून और समाज धोखा देने को सर्जरी और हार्मोनल इलाज से पहचान तक छिपा ली थी।
ये लोग विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले इलाकों में काम करते थे और खुद को पहचान छिपाने के लिए नकली पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस का मानना है कि यह गैंग केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था बल्कि इसकी पहुँच देश के दक्षिणी राज्यों तक थी।

बांग्लादेश : ISKCON के हिन्दू संत चिन्मय कृष्ण दास को करो रिहा: शेख हसीना ने यूनुस सरकार को लताड़ते हुए कहा

     चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की आलोचना पीएम शेख हसीना ने की है (फोटो साभार: Ht & tribune india)
बांग्लादेश के चटगाँव में गिरफ्तार किए गए हिन्दू संत चिन्मय कृष्ण दास के 2 और सहायकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह दोनों चिन्मय कृष्ण दास को खाना देने गए थे। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर यूनुस सरकार को लताड़ा है। वहीं इस बीच ISKCON को बैन करवाने के लिए बांग्लादेश की इस्लामी पार्टियों ने जोर लगाया हुआ है। उन्होंने ISKCON को एक ‘कट्टरपंथी संगठन’ करार दिया है।

रिपब्लिक की एक खबर के अनुसार, देशद्रोह के कथित मामले में जेल भेजे गए हिन्दू संत चिन्मय कृष्ण दास को जेल के भीतर खाना देने गए उनके दो सहायकों को गुरुवार (29 नवम्बर, 2024) को गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों को किस आधार गिरफ्तार किया गया है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

चिन्मय कृष्ण दास को मंगलवार को जज काजी नजरुल इस्लाम ने जेल भेज दिया था। उन्हें जमानत भी नहीं दी गई थी। उनके खिलाफ की गई इस कार्रवाई को बांग्लादेशी वकीलों ने गैरकानूनी करार दिया है। चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी की आलोचना तख्तापलट के कारण बांग्लादेश सत्ता से बाहर हुईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने की है।

शेख हसीना ने कहा है कि चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी अवैध है और उन्हें तुरंत ही छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने यूनुस सरकार पर प्रश्न उठाए। शेख हसीना ने कहा, “सनातन धर्म के एक बड़े नेता को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।”

शेख हसीना ने आगे कहा, “चटगाँव में एक मंदिर को जला दिया गया है। इससे पहले अहमदिया समुदाय की मस्जिदों, दरगाहों, चर्चों, मठों और घरों पर हमला किया गया, तोड़फोड़ की गई, लूटपाट की गई और आग लगा दी गई।” शेख हसीना ने यूनुस सरकार को सत्ता हथियाने वाला बताया है।

वहीं इस बीच बांग्लादेश ISKCON के खिलाफ षड्यंत्र तेज हो गया है। बांग्लादेश हाई कोर्ट ने हाल ही में ISKCON पर बैन लगाने की माँग करने वाली याचिका को ठुकरा दिया था। इसके बाद अब बांग्लादेश की इस्लामी पार्टियों ने ऐसी ही माँग उठाई है। जमीयत उलेमा ए बांग्लादेश के अब्दुल युसूफ ने ISKCON को ‘कट्टरपंथी संगठन’ बताया है।

इस्लामी पार्टियों ने कहा है कि यूनुस सरकार बिना देरी के ISKCON को बैन कर दे। उन्होंने ISKCON के साधु संतों को ‘हथियारबंद लड़ाके’ करार दिया है। इस्लामी पार्टियों ने यह सारी बातें एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही हैं। यह पार्टियाँ बांग्लादेश में कड़े इस्लामी कानून चाहती हैं।

‘बांग्लादेश के बाद अब भारत की बारी, जल्द दिखेगा असर’: रेजुवान को असम पुलिस ने दबोचा, पूछताछ में कहा – अलकायदा के लिए काम करता हूँ

फेसबुक पर खुद को अलकायदा का आतंकी बता रहे रेजुवान उल्ला मज़रभुइया को असम पुलिस ने दबोचा
बांग्लादेश में चल रही उठापटक के बीच भारत में कई कट्टरपंथी लोगों को भड़काने के की कोशिशों में जुट गए हैं। असम पुलिस ने खुद को अलकायदा का सदस्य बताने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम रेजुवान उल्ला मज़रभुइया है। बुधवार (7 अगस्त, 2024) को रेजुवान ने सोशल मीडिया पर लोगों को असम सहित पूरे भारत में बांग्लादेश जैसी हिंसा के लिए उकसाने की कोशिश की थी। गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ के बाद शुक्रवार (9 अगस्त, 2024) को उसे अदालत में पेश किया गया है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला असम के हैलाकांडी का है। यहाँ के रेजुवान उल्ला मज़रभुइया ने गुरुवार को फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया। उसने लिखा कि बांग्लादेश के बाद अब भारत की बारी है। साथ ही उसने कहा कि बांग्लादेश का असर जल्द ही भारत में भी दिखने वाला है। इसी दौरान एक अन्य फेसबुक यूजर ने रेजवान उल्ला के बारे में जानकारी माँगी। जवाब में रेजुवान ने बताया कि वो भारत में रहता है लेकिन काम अलक़ायदा के लिए करता है।

रेजुवान ने अपने जवाब में कहा कि वो हमेशा खुद को बांग्लादेश के करीब मानता है। यह बातें रेजुवान ने ‘अमादर हैलाकांडी’ नाम के एक ग्रुप में लिखी थीं। इस कमेंट पर हैलाकांडी पुलिस की नजर पड़ी। पुलिस ने जाँच की और रेजुवान को रंगपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को लाला पुलिस स्टेशन ला कर पूछताछ की गई। पूछताछ में रेजुवान ने बताया कि उसके कनेक्शन पाकिस्तान में सक्रिय अलकायदा के आतंकियों से हैं।

                                                               रेजुवान की फेसबुक पोस्ट

हैलाकांडी पुलिस के एडिशनल एसपी क्राइम समीर दप्तर बरुआ ने रेजुवान पर की गई कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आरोपित ने अपनी फेसबुक प्रोफ़ाइल पर भी बांग्लादेश से जुड़े आपत्तिजनक पोस्ट किए थे। पुलिस को रेजुवान उल्ला मज़रभुइया के खिलाफ सबूत मिले और इसी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), 147 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और 196 (शत्रुता को बढ़ावा देना) के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) की धारा 39 के तहत कार्रवाई की गई है।

अवलोकन करें : -

बगावत के तेवर दिखा रहा हैलाकांडी का रेजुवान ही ऐसी मानसिकता वाला अकेला व्यक्ति नहीं है। बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों को जमात-ए-इस्लामी जैसे कट्टरपंथी समूहों द्वारा हाईजैक किए जाने के बाद उन्हीं हरकतों को भारत में भी दोहराने के खतरनाक मंसूबे कई अन्य लोगों ने भी पाल रखे हैं। कई राज्यों में ऐसे लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। ऐसी टिप्पणियाँ करने वालों में कॉन्ग्रेस पार्टी के कई नेता भी शामिल हैं। इन नेताओं में सलमान खुर्शीद और मणिशंकर अय्यर भी शामिल हैं।

असम : 450 रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेजने के बाद 47 दलाल गिरफ्तार: 7 राज्यों में NIA और असम पुलिस की कार्रवाई

रोहिंग्या घुसपैठियों की मदद करने वाले 47 दलाल गिरफ्तार (प्रतीकात्मक चित्र)
असम में त्रिपुरा से ट्रेन के माध्यम से पहुँचे 450 रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेज दिया गया। असम के स्पेशल DGP (विशेष पुलिस महानिदेशक) हरमीत सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस सतर्क थी। अवैध घुसपैठियों को सीमा सुरक्षा बलों की सहायता से वापस भेजा गया। जुलाई में असम के स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने एक ऑपरेशन लॉन्च किया था। इस अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी में सक्रिय दलालों की पहचान करने के लिए ये ऑपरेशन चलाया गया था।

SDGP ने बताया कि ऐसे 10 दलालों को त्रिपुरा से दबोचने में कामयाबी मिली। उनसे पूछताछ के आधार पर जाँच की गई तो पता चला कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है जिसके दुष्प्रभाव कई राज्यों पर पड़े हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिन से ही मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा (जो राज्य के गृह मंत्री भी हैं) को इस मामले की जानकारी थी और सरकार ने इस मामले को NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) के पास भेजने का निर्णय लिया। फिर केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस संबंध में निवेदन किया गया।

असम के विशेष पुलिस प्रमुख हरमीत सिंह ने जानकारी दी कि NIA ने इस मामले की जाँच अपने हाथों में ली और मिलजुल कर जाँच की गई जिसके बाद देश भर में ऐसे दलालों की सूची तैयार की गई जो घुसपैठियों की मदद करते हैं। बकौल स्पेशल DGP, अब इस मामले में बुधवार (8 नवंबर, 2023) को तड़के सुबह ऑपरेशन लॉन्च किया गया जिसमें 47 ऐसे दलाल पकड़े गए हैं जो एक गिरोह बना कर काम कर रहे थे। इनमें से 25 तो अकेले त्रिपुरा से गिरफ्तार किए गए हैं।

वहीं 9 कर्नाटक से, 5 दलाल असम से, 3 पश्चिम बंगाल से, 3 तमिलनाडु से और एक-एक हरियाणा और तेलंगाना से दबोचे गए हैं। SDGP ने बताया कि NIA और असम पुलिस ने मिल कर परस्पर सहयोग करते हुए ये अभियान चलाया है। इसमें विभिन्न स्थानीय पुलिस ने भी मदद की। असम पुलिस की इस प्रकरण में 17 टीमें ग्राउंड पर हैं। बता दें कि म्यांमार और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी मुल्कों से बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिम भारत में आकर बसे हुए हैं।

उत्तर प्रदेश : शहीदों का अपमान करने वाले गिरफ्तार, कई युवकों के खिलाफ दर्ज हुई FIR



आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
कश्मीरी मामलों के विशेषज्ञ सुशील पण्डित का कहना शत-प्रतिशत चरितार्थ हो रहा है कि "पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत भारत में पल रहे सैकड़ों मिनी पाकिस्तान और करोड़ों समर्थक हैं।" इसी सन्दर्भ में स्मरण होता है 1965 भारत-पाक युद्ध के दौरान चर्चित गायक मोहम्मद रफ़ी का गाया एक बहुचर्चित गैर-फ़िल्मी गीत "कहनी है एक बात हमें, इस देश के पहरेदारों से, संभल कर रहना अपने घर में छिपे हुए गद्दारों से...", यदि उस समय के पुलिस रिकॉर्ड को देखा जाये, तब अनेको पाकिस्तान की जासूसी करते पकडे गए थे। 
जिसका वर्णन "फिल्म अभिनेताओं का राजनीती में दखल" अध्याय में मेरी लिखित पुस्तक में उल्लेख है। जिसे तीन बार भारत के सर्वोच्च पदाधिकारी को प्रस्तुत करने का प्रयास किया था। तीनों बार 5-पुस्तकें जमा करवाईं थी, लेकिन उक्त लेख में एक चर्चित नाम होने के कारण लिखित में देने की बजाए सन्देश देकर,मना कर दिया गया।
जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गयी आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए उत्तर प्रदेश में गिरफ्तारियां हुई हैं । राजधानी में बीए प्रथम वर्ष के एक छात्र को पुलिस ने आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया है। हुसैनगंज थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया, ”रजब खान श्री जय नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय का छात्र है । उसे पुलिस ने कृष्णानगर इलाके से गिरफ्तार किया । रजब ने पुलवामा हमले के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी सोशल मीडिया पर की थी।
कालेज के प्राचार्य एस डी शर्मा ने बाद में सूचित किया कि छात्र को कालेज से निष्कासित कर दिया गया है। दूसरी ओर मउ में मोहम्मद ओसामा नामक युवक को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया गया है। मउ पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि दक्षिणटोला थानाक्षेत्र के मदनपुरा का निवासी ओसामा ने पुलवामा आतंकी हमले पर आपत्तिजनक टिप्पणी सोशल मीडिया पर की थी।
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सिद्धार्थनगर जिले में पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने और फेसबुक पर उसे पोस्ट करने के लिए एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। बंसी थाने के सब इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया, ”सीआरपीएफ जवानों की शहादत पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सभा आयोजित की गयी थी। वहां मोहम्मद तौफीक ने पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे लगाये । जब उसे रोका गया तो वह बदसलूकी पर उतर आया। उसने बाद में यही टिप्पणी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी।
इस बीच बलिया में खुद को सपा का कथित समर्थक बताने वाले एक युवक के खिलाफ सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर फिदायीन हमले के दोषी आतंकी का समर्थन करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बलिया के प्रभारी पुलिस अधीक्षक विजय पाल सिंह ने शनिवार को बताया कि फेसबुक पर स्वयं को सपा से जुड़ा बताने वाले रवि प्रकाश मौर्य ने फिदायीन हमले के दोषी आतंकी आदिल अहमद का कथित समर्थन करते हुए उस पर गर्व जताया है तथा अश्रु पूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है।
उन्होंने बताया कि मौर्य फेफना थाना क्षेत्र का रहने वाला है। मौर्य का पोस्ट आज वायरल हुआ, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उसके विरुद्ध फेफना थाने में आईटी एक्ट व भारतीय दंड विधान की सुसंगत धाराओं में पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज किया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
दूसरी ओर शाहजहांपुर जिले में सोशल मीडिया पर कथित तौर पर हिंदुस्तान मुर्दाबाद तथा राष्ट्रीय ध्वज को आग के हवाले करते हुए एक युवक ने फेसबुक पर पोस्ट की है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है। नगर पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने शनिवार को बताया कि फेसबुक पर मोहम्मद फरहान खान नामक युवक ने एक पोस्ट की है जिसमें उसने हिंदुस्तान मुर्दाबाद का नारा लिखा है और उसने पोस्ट पर एक फोटो भी डाला है । उन्होंने बताया कि इसमें कुछ लोग राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को आग के हवाले कर रहे हैं।
त्रिपाठी ने बताया कि थाना सदर बाजार में आरोपी युवक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश की जा रही है।