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उत्तर प्रदेश : प्रयागराज में पादरी ने बेटे संग मिलकर हिंदू प्रिंसिपल का किया बलात्कार

        कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल ने बिशप और उनके बेटे पर गैंगरेप का लगाया आरोप (साभार: Dainik Bhaskar)
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ‘डायसिस ऑफ लखनऊ’ के अंतर्गत संचालित कॉन्वेंट स्कूल बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल एंड कॉलेज की हिंदू महिला प्रिंसिपल से गैंगरेप का मामला सामने आया है। प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि नौकरी से निकालने की धमकी देते हुए संस्था के चेयरमैन बिशप मॉरिस एडगर दान, उनके बेटे एलन दान और सेक्रेटरी राकेश चत्री ने बलात्कार किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित प्रिंसिपल ने कर्नलगंज थाने में 23 मई 2026 को 4 लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में प्रिंसिपल ने बताया कि बिशप और उनके साथियों ने उनसे यह भी कहा कि तुम्हें ऊपर के अधिकारियों को संतुष्ट करना है तभी तुम्हारी नौकरी बची रहेगी। प्रिंसिपल ने इस मामले में अपने पूर्व पति विशान नोवेल सिंह को भी शामिल बताया है।

पुलिस के मुताबिक, प्रिंसिपल मूलरूप से बिहार की रहने वाली है, जो करीब 15 साल पहले प्रयागराज आई थी। यहाँ कटरा के एक स्कूल में वह हेडमिस्ट्रेस रहीं, तभी से वह यहाँ काम कर रही हैं। महिला ने बताया कि उसका दो साल पहले पति से तलाक हो चुका है। आरोपित उनके तलाकशुदा होने का फायदा उठाते हैं और एक साल से शारीरिक उत्पीड़न कर रहे हैं।

पीड़िता ने नौकरी जाने के डर से इस बारे में किसी को खुलकर नहीं बताया। उन्होंने बताया कि 07 मई 2026 को बिशप मॉरिस एडगर दान ने उन्हें फोन करके सेक्रेटरी राकेश चत्री के घर जाने को कहा, लेकिन उन्होंने मना किया तो गंदी-गंदी गालियाँ देने लगा और नौकरी से भी निकालने की धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपितों ने पूर्व प्रिंसिपल को भी इसी तरह टॉर्चर कर स्कूल से निकाल दिया था।

मामले में एसीपी कर्नलगंज विमल किशोर मिश्र ने बताया कि पीड़ित प्रिंसिपल की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मामले की जाँच में जुट गई है। महिला की भी मेडिकल जाँच और बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आतंकियों के sleeper cell लगे हैं काम पर : दलित बच्ची को इस्लामी आतंकी बनाने के लिए प्रयागराज से उठा केरल ले गई दरकशा बानो, करवाया धर्मांतरण

                                          दलित बच्ची किसी तरह वापस अपने घर पहुँची
उत्तर प्रदेश में एक माह के भीतर द केरल स्टोरी की तरह का एक दूसरा मामला सामने आया है। प्रयागराज की एक नाबालिग दलित लड़की का धर्मांतरण करवा के उसे जिहाद में झोंका गया। यह काम एक मुस्लिम महिला ने किया, जिसने लड़की का ब्रेन वॉश किया। बच्ची किसी तरह बच के अपने घर पहुँची।

क्या है मामला?

 प्रयागराज की रहने वाली एक दलित नाबालिग बीते दिनों गायब हो गई थी। उसकी माँ पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुँची थी। महिला ने बताया था कि उसकी बेटी को दरकशा बानो नाम की एक महिला ने ब्रेनवॉश किया है। मामले में पुलिस ने आगे जाँच की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।

पता चला कि दरकशा बानो दलित नाबालिग लड़की को इस्लाम अपनाने के लिए ब्रेनवॉश किया और हिन्दू धर्म के प्रति जहर भरती रही। दरकशा बानो ने दलित लड़की को पैसों का लालच दिया और झाँसे में लेकर केरल चली गई।

दरकशा बानो ने दलित बच्ची को केरल ले जाकर उसका इस्लाम में धर्मांतरण करवा भी दिया। इसके बाद दरकशा ने उसे जिहाद में झोंकने का प्रयास किया। दलित बच्ची को आतंकवादी बनाने की साजिश थी। बताया गया कि दरकशा की सहायता मोहम्मद कैफ नाम के एक युवक ने की। पीड़िता किसी तरह बच कर केरल से निकली और प्रयागराज पहुँची।

पुलिस ने दरकशा बानो और कैफ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया है कि दरकशा बानो पहले भी कई नाबालिगों को जिहादी नेटवर्क में शामिल करवा चुकी है। मामले में अब जाँच चल रही है। जाँच के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं।

आगरा में गायब हुईं थी दो लड़कियाँ

आगरा के परिवार ने भी हाल ही में अपनी दो बेटियों के इस्लामी धर्मांतरण गैंग में फंसने की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ित परिवार ने बताया था कि उनकी बड़ी बेटी 2021 में गायब हो गई थी। पीड़ित परिवार ने बताया था कि यह बेटी आगरा के दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट से पढ़ी हुई है। इस लड़की की दोस्ती एक मुस्लिम लड़की से थी।
पीड़ित परिवार ने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी की दोस्ती सायमा नाम की एक लड़की से थी जो कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर की रहने वाली थी। इस सायमा उर्फ़ खुशबू ने हिन्दू लड़की का ‘ब्रेनवॉश’ किया था। गायब हो चुकी बड़ी लड़की के पिता ने बताया कि इसी के चलते वह 2021 में गायब हुई थी।
गायब हुई लड़की के पिता ने बताया था कि उनकी बड़ी बेटी सायमा के चलते दूसरे मजहब के प्रभाव में थी।

दूसरी का भी किया ब्रेनवॉश

पीड़ित परिवार ने यह भी बताया था कि उनकी बड़ी बेटी इस कदर प्रभाव में आ गई कि उसने घर आने के बाद अपनी छोटी बहन का ही ब्रेनवॉश करना चालू कर दिया और इसमें सफल भी रही। इसके बाद 25 मार्च, 2025 को दोनों लडकियाँ आगरा स्थित घर से गायब हो गईं थी।
उनका कोई भी पता नहीं लगा। वह किसके साथ गईं और कहाँ गईं, इस संबंध में एक भी जानकारी परिवार के पास नहीं आई है। थक हार कर यह परिवार पुलिस के पास पहुँचा। पुलिस ने दोनों लड़कियों के बालिग़ होने को लेकर कार्रवाई करने में शुरुआत में ढिलाई बरती। हालाँकि, इस मामले में 4 मई, 2025 को FIR दर्ज हो गई।
ऑपइंडिया के पास इस मामले में दर्ज FIR कॉपी मौजूद है। FIR में पीड़ित पिता ने बताया था कि सायमा ही उनकी दोनों बेटियों को ले गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि सायमा उनकी लड़कियों की शादी करवाने के लिए ले गई है।
अवलोकन करें:-
केरल के ‘इस्लामी अड्डे’ में कैद हैं कई लड़कियाँ, लंबी दाढ़ी वाले मर्द दे रहे जिहाद की ट्रेनिंग

पुलिस जाँच में धर्मांतरण गैंग का खुलासा

मामले में FIR दर्ज होने के बाद जाँच चालू की गई थी। पुलिस की शुरूआती जाँच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस को पता चला था कि यह मामला फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ जैसा है। पुलिस ने बताया कि यह दोनों बहने अब इस्लामी धर्मांतरण गिरोह का हिस्सा बन गईं हैं।
पुलिस ने इस मामले में यह भी पता किया कि इस केस के तार जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और दिल्ली-NCR से भी जुड़े हैं। पुलिस आगे और भी जानकारियाँ निकाल रही हैं। इसके अलावा मामले को आगरा की सायबर पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया है।

केरल के ‘इस्लामी अड्डे’ में कैद हैं कई लड़कियाँ, लंबी दाढ़ी वाले मर्द दे रहे जिहाद की ट्रेनिंग

दलित बच्ची का धर्मांतरण करवाने वाली दरकशा (बाएँ) और कैफ (दाएँ) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है (फोटो साभार: Dainik Bhaskar & AI)
प्रयागराज की एक 15 साल की दलित लड़की को एक मुस्लिम महिला केरल लेकर गई। यहाँ उसका इस्लाम में धर्मांतरण करवाया गया। उसको जिहादी ट्रेनिंग देने का भी प्रयास हुआ। लड़की किसी तरह बच कर वापस पहुँची। पुलिस की जाँच में सामने आया कि मुस्लिम महिला के गैंग में और भी लोग शामिल हैं और उसका काम दलित एवं गरीब बच्चों को आतंकी नेटवर्क में शामिल करवाना है। अब इस मामले में मुस्लिम महिला और उसका साथी गिरफ्तार हो गए हैं।

प्रयागराज की दलित बच्ची को फँसाया

पूरा मामला प्रयागराज के फूलपुर थाने से जुड़ा हुआ है। यहाँ लिलहट गाँव में एक दलित विधवा महिला और उसकी बेटी रहती है। बेटी की आयु मात्र 15 वर्ष है। उसके पड़ोस में ही दरकशा नाम की मुस्लिम लड़की रहती है। दरकशा बानो कथित तौर पर इस हिन्दू बच्ची की सहेली है।

दरकशा हिन्दू बच्ची के साथ रहती है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दरकशा हिन्दू बच्ची को इस्लाम के बारे में ब्रेनवॉश किया करती थी। वह हिन्दू धर्म के प्रति जहर भी भरती थी। 8 मई, 2025 को दरकशा बानो रात 10 बजे हिन्दू बच्ची को एक शादी से लेकर फूलपुर की एक मस्जिद के पास गई।

दरकशा बानो का मददगार मोहम्मद कैफ यहाँ बाइक लेकर खड़ा था। दरकशा ने हिन्दू बच्ची को इस दौरान पाने जाल में फँसा लिया था। कैफ ने इन दोनों को प्रयागराज जंक्शन छोड़ा। रास्ते में कैफ ने हिन्दू बच्ची से छेड़छाड़ भी की। दरकशा प्रयागराज से बाद हिन्दू बच्ची को प्रयागराज से लेकर दिल्ली चली गई।

दरकशा की मंजिल लेकिन दिल्ली नहीं थी। यहाँ से वह हिन्दू बच्ची को लकर केरल के त्रिशूर चली गई। यहाँ हिन्दू बच्ची के साथ प्रताड़नाओं का दौर चालू हो गया। उसका धर्मांतरण करवाया गया। उसे आतंकी ट्रेनिंग की बात भी हुई। बच्ची किसी तरह बच के पुलिस के पास पहुँची, जहाँ से प्रयागराज सूचना परिवार के पास पहुँची। बच्ची वापस इसके बाद आ सकी।

हिन्दू पीड़िता बोली- दाढ़ी वाले जिहाद की बात करते थे

हिन्दू बच्ची ने बरामद होने के बाद बताया कि त्रिशूर में उसे एक ऐसे घर में ले जाया गया था जहाँ और भी कई नाबालिग लड़कियाँ मौजूद थीं। हिन्दू बच्ची ने यह भी बताया कि इसी घर में कई ‘बड़ी दाढ़ी वाले’ मौजूद थे। इन लोगों ने बच्ची पर इस्लाम में धर्मांतरण करने का दबाव बनाया।

बच्ची के अनुसार, ‘बड़ी दाढ़ी वालों’ ने उसको जिहादी ट्रेनिंग देने की बातें भी की। इस दौरान दरकशा वहाँ से गायब हो गई। डरी सहमी बच्ची किसी तरह यहाँ से भाग निकली। यहाँ वाल रेलवे स्टेशन पहुँची जहाँ पुलिस ने उससे जानकारी ली। इसके बाद बच्ची का प्रयागराज लौटना संभव हो पाया।

UP पुलिस बोली- केरल मॉड्यूल से जुड़ी है दरकशा

इस मामले में 28 जून, 2025 को प्रयागराज के फूलपुर थाने में FIR दर्ज करवाई गई है। FIR की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। पुलिस से पीड़िता की माँ ने पूरी घटना बताई है, इसके साथ ही कहा है कि उसे अब फोन पर धमकियाँ मिल रही हैं। FIR में पुलिस ने दरकशा, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद ताज समेत 4 लोगों को आरोपित बनाया गया है।

इनके खिलाफ BNS की कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा आरोपितों पर SC/ST एक्ट की धाराएँ लगाई गई हैं। पुलिस ने मामले दरकशा और कैफ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को जाँच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य पता चले हैं।

प्रयागराज के DCP कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया है कि बानो एक संगठित गिरोह का हिस्सा है जो गरीब और दलित लड़कियों को बहला-फुसलाकर, उनका ब्रेनवॉश करके और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करके आतंकवादी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल करता है।

उन्होंने शक जताया है कि दरकशा बानो केरल के एक मॉड्यूल से जुड़ी हुई है। अब इसकी जाँच 3 टीमें कर रही हैं।

तब तक चलता रहेगा यज्ञ जब तक पाकिस्तान का नहीं हो जाता समूल नाश, पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रयागराज में प्रारंभ हुआ विशेष अनुष्ठान

                                                                                            साभार 
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस बर्बरता के खिलाफ अब देशभर में आक्रोश की लहर उठ रही है, जिसकी गूँज संगम नगरी प्रयागराज तक पहुँच चुकी है। यहाँ श्रृंगवेरपुर धाम में जगद्गुरु शांडिल्य जी महाराज के नेतृत्व में संत समाज ने आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ विशेष अनुष्ठान ‘यज्ञ’ की शुरुआत की है।

इस आयोजन के तहत बटुक ब्राह्मणों द्वारा एक हजार आहुतियों के साथ हवन किया गया। ये आहुतियाँ पहलगाम में मारे गए श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति और पाकिस्तान के समूल नाश की कामना के लिए समर्पित था। जगद्गुरु शांडिल्य जी ने स्पष्ट किया कि यह यज्ञ तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान का अस्तित्व समाप्त नहीं हो जाता।

वही पहलगाम में मारे गए लोगों के लिए लखनऊ में शोक सभा का आयोजन किया गया, साथ ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने मारे गए लोगों के लिए संवेदना व्यक्त की। 23 अप्रैल 2025 को श्री काशी विश्वनाथ धाम में अति रुद्र का पाठ आयोजित किया।

देवकीनंदन महाराज ने कहा- पाकिस्तान को केंद्र सरकार मुंह तोड़ जवाब दे: वृंदावन के कथा वाचक देवकीनंदन महाराज ने कहा हमें शांति का दूत नहीं बनना। पाकिस्तान को केंद्र सरकार मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए। हर बार सनातन हिंदुओं पर ही अत्याचार क्यों किए जाते हैं. पुलवामा में आतंकवादियों ने धर्म पूछ कर गोलियां बरसाईं। क्या हिंदू गोली खाने के लिए बचे हुए हैं?

वहीं संत दिनेश शर्मा ने कहा कि इस आतंकवादी वारदात ने पूरे देश को विचलित कर दिया है। हिंदुओं को चुन-चुन कर गोली मारी गई है। कश्मीर में जितने भी मदरसे हैं, उनको बंद कर देना चाहिए। वहां के कट्टरपंथी और मौलवियों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए।

श्रृंगवेरपुर में अनुष्ठान किया गया: जगद्गुरु रामानुजाचार्य शांडिल्य जी महाराज ने कहा कि भगवान राम ने यहा से पूजन हवन के बाद पूरी लंका पर विजय हासिल की थी। आज भगवान राम की नगरी से पाकिस्तान और आंतकवाद का स्वाहा करने के लिए यज्ञ किया जा रहा है। हमारे लोग जो इस आंतकवादी हमले में मारे गए हैं, उनको संतों और बटुक ब्राह्मणो द्वारा श्रद्धांजलि दी गई। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए आहूति दी जा रही है। बटुक ब्राह्मणों के साथ संत समाज ने पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ एक हजार आहुतियां दीं।

नहाती हुई महिला, कपड़े बदलती हुई महिला… महाकुंभ की फोटो-वीडियो बता बेच रहे थे डार्क बेव पर: UP पुलिस हुई सख्त तो कई अकाउंट हुए बंद, ‘पत्रकार’ कामरान पहुँचा हवालात

महाकुंभ को बदनाम करने के क्रम में सोशल मीडिया पर हिंदू लड़कियों की इज्जत उछालने का मामला प्रकाश में आया है। पता चला है कि सोशल मीडिया पर कुछ अकॉउंटों से लड़कियों की नदियों में नहाते हुए फोटो-वीडियो साझा की जा रही है। इसके अलावा ये भी जानकारी सामने आई कि लड़कियों के नहाने की वीडियो को डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। उन्हें टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर कुछ हजार रुपयों में वायरल करने का काम हो रहा है।

पुलिस ने अब इन शिकायतों की जाँच करनी शुरू कर दी है। वीडियोज डार्क वेब पर बेची गईं या नहीं, इसकी जाँच के लिए पुलिस ने इंस्टाग्राम के हेडऑफिस कैलिफोर्निया को एक ईमेल भेजकर अकाउंट की डिटेल्स माँगी है। साथ ही जिन अकॉउंट ने लड़कियों के नहाने की फोटो साझा करते हुए महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश की है उनके ऊपर भी पुलिस ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने कामरान अलवी नाम के कथित पत्रकार को गिरफ्तार किया है। उसने महिलाओं की नदी में नहाने की एक वीडियो को शेयर किया हुआ था और लिखा था- संगम घाट का भव्य नजारा। पुलिस ने इस वीडियो को देखने के बाद कामरान अलवी को अरेस्ट कर लिया है।

वहीं अन्य लोगों की भी छानबीन कर रही है जिन्होंने महिलाओं की ऐसी वीडियो प्रसारित करने का काम किया। जानकारी के मुताबिक इस मामले में कुंभ मेला प्रयागराज के साइबर थाने में सब इंस्पेक्टर पूजा रायकवार ने एक इंस्टाग्राम अकाउंट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा–79, 353, IT एक्ट की धारा–67 में 17 फरवरी को FIR कराई है। एफआईआर में बताया गया है कि आईडी में महिलाओं के नहाने के वीडियो डाले गए हैं। अब पुलिस इस केस की जाँच कर रही है।

ये भी कहा जा रहा है कि इन वीडियोज को बनाने के बाद टेलीग्राम ग्रुप पर 1900 से 4000 रुपए तक में बेचा जा रहा है। इसकी सच्चाई क्या है पुलिस लगातार इसे जानने का प्रयास कर रही है। वहीं जो कोई भी महाकुंभ पर झूठ फैलाने का या महिलाओं की इज्जत से छेड़छाड़ करने का काम कर रहा है उनपर कार्रवाई हो रही है। जानकारी के मुताबिक कुंभ में अब तक सोशल मीडिया से जुड़ी 12 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एक टेलीग्राम चैनल ‘सीसीटीवी चैनल 11’ पर भी कार्रवाई हुई है।

प्रयागराज महाकुंभ : सृजित हुआ 3 लाख करोड़ रूपए का कारोबार, 56.25 करोड़ श्रद्धालु लगा चुके हैं डुबकी: व्यापार और आस्था-संस्कृति का नया बेंचमार्क स्थापित

                                                            प्रयागराज महाकुंभ
महाकुम्भ को लेकर सनातन विरोधी खुलकर सामने आ गए हैं। अभिनेता से लेकर नेता तक सब बेनकाब हो गए हैं। महाकुम्भ को आरोपित करने हिन्दू नहीं बल्कि कालनेमि राक्षस जाति के हैं। राक्षसों का काम उपद्रव करना, ऋषि-मुनियों के यज्ञ में विध्न डालना होता था, वही काम कलयुगी कालनेमि कर रहे हैं। हिन्दू तीर्थों को विवादित बना साम्प्रदायिकता फ़ैलाने वाले ये ही लोग हैं। 

इतिहास साक्षी है कि सनातन विरोधी धीरे-धीरे पतन की ओर जा चुके हैं। 'हवा में उड़ गए जय श्रीराम' कहने वाली मायावती की बहुजन समाजवादी पार्टी ही हवा हो गयी और उसी राह पर समाजवादी पार्टी जा रही है और कांग्रेस भी पीछे नहीं। कांग्रेस पुरानी पार्टी होने की वजह से अपनी कुछ पहचान रखे हुए हैं।        

प्रयागराज महाकुंभ अपने अवसान पर है। दुनिया का सबसे बड़ा समागम कुंभ सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक केंद्र बनकर भी उभरा है। कुंभ के लगभग 40 दिनों में लगभग 3 लाख करोड़ रुपए (360 अरब अमेरिकी डॉलर) का कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसकी जानकारी अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) ने दी है।

CAIT के महासचिव और चाँदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कुंभ ने आस्था और अर्थव्यवस्था के बीच संबंध स्थापित कर दिया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के कारण स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है, क्योंकि महाकुंभ थीम पर आधारित उत्पादों जैसे डायरी, कैलेंडर, जूट बैग और स्टेशनरी की माँग में भारी वृद्धि हुई है। सावधानीपूर्वक ब्रांडिंग के कारण बिक्री में वृद्धि हुई है।

खंडेलवाल ने कहा कि महाकुंभ के शुरुआत होने से पहले प्रारंभिक अनुमानों में 40 करोड़ लोगों के आने और लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान लगाया गया था। हालाँकि, 40 दिनों में महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 18 फरवरी तक 56 करोड़ पहुँच चुकी है। महाकुंभ 26 फवरी तक है। ऐसे में यह आँकड़ा कम से कम 60 करोड़ पहुँचने का अनुमान है।

श्रद्धालुओं की इस आँकड़े के साथ ही कारोबार भी 3 से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके कारण उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त वृद्धि हुई है और रोजगार के नए साधन भी पैदा हुए हैं। खंडेलवाल ने कहा कि महाकुंभ के कारण कई व्यावसायिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियाँ देखी गई हैं, जिनमें आतिथ्य और आवास, खाद्य और पेय क्षेत्र, परिवहन और रसद प्रमुख हैं।

इसके अलावा, धार्मिक पोशाक, पूजा सामग्री, हस्तशिल्प, वस्त्र, अन्य उपभोक्ता सामान, स्वास्थ्य देखभाल एवं कल्याण सेवाएँ, मीडिया, विज्ञापन एवं मनोरंजन, नागरिक सेवाएँ, दूरसंचार, मोबाइल, एआई-आधारित तकनीक, सीसीटीवी कैमरे और अन्य उपकरण आदि से संबंधित व्यवसायिक क्षेत्रों के कारोबार में भारी उछाल देखने को मिला है।

खंडेलवाल ने कहा कि महाकुंभ से संबंधित आर्थिक फायदा सिर्फ प्रयागराज तक ही सीमित नहीं है। इसका असर प्रयागराज के 150 किलोमीटर क्षेत्र की परिधि में देखने को मिला है। इसके अलावा, अयोध्या, काशी, मथुरा, विंध्याचल में श्रद्धालुओं के जाने के कारण इन शहरों एवं उसके आसपास के इलाकों में भी भारी आर्थिक गतिविधियाँ हुई हैं, जिसका फायदा लोगों और सरकार को हुआ है।

खंडेलवाल के अनुसार, महाकुंभ ने भारत में व्यापार, वाणिज्य, कारोबार, सांस्कृतिक क्षेत्र में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ को लेकर प्रयागराज में फ्लाईओवर, सड़कों और अंडरपास के सुधार के लिए 7500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इनमें से 1,500 करोड़ रुपए महाकुंभ व्यवस्था के लिए निर्धारित किए गए थे।

महाकुंभ को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 19 फरवरी को 2 बजे तक 56.25 करोड़ लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। उन्होंने कहा, “जब हम सनातन धर्म, मां गंगा, भारत या महाकुंभ के खिलाफ कोई निराधार आरोप या फर्जी वीडियो बनाते हैं तो यह इन 56 करोड़ लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है।”

सीएम योगी ने कहा, “यह आयोजन किसी पार्टी या संगठन विशेष का नहीं, यह आयोजन समाज का है। सरकार अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए सेवक के रूप में है। यह हमारा सौभाग्य है कि हमारी सरकार को इस सदी के महाकुंभ से जुड़ने का अवसर मिला। देश और दुनिया ने इस आयोजन में भाग लिया है और तमाम झूठे अभियानों को दरकिनार करते हुए इसे सफलता की नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है।”

भगदड़ में हुई मौत को लेकर सीएम योगी ने कहा, “महाकुंभ के सात दिन बचे हैं। हमारी संवेदनाएँ उन सभी लोगों के साथ हैं, जो 29 जनवरी को भगदड़ के शिकार हुए। हम उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने कुंभ के लिए यात्रा करते समय सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गँवाई। हमारी संवेदनाएँ परिजनों के साथ हैं। सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव मदद करेगी। इस पर राजनीति करना उचित नहीं है।”

प्रयागराज महाकुंभ पर एक-एक कर सनातन विरोधी नेताओं की सामने आ रही ‘घृणा’, अब ममता बनर्जी ने बताया ‘मृत्यु कुंभ’: जया बच्चन से लेकर लालू यादव तक उगल चुके हैं जहर

प्रयागराज महाकुंभ में दिन-प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है सनातन विरोधियों की नींद, रोटी और पानी हराम हो रही है। आज(फरवरी 18) news18 पर गूंज के लाइव शो में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने तो मर्यादा की सारी हदें पार कर दी। अनुराग ने शो में कहा कि शौच में लोगों को डुबकी लगवाई जा रही है। क्या अरविन्द केजरीवाल अनुराग पर इस आपत्तिजनक बयान देने पर कार्यवाही करेंगे या उसकी पीठ थप थपाएंगे। बेशर्मी की भी एक सीमा होती है। आखिर मुस्लिम तुष्टिकरण में कब तक विरोधी सनातन का विरोध करते रहेंगे?       
प्रयागराज महाकुंभ को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया है। प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी ने महाकुंभ को मृत्यु कुंभ करार देते हुए कहा कि महाकुंभ में VIPs को खास सुविधाएँ दी जा रही हैं, लेकिन गरीबों को इससे वंचित रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘महाकुंभ अब मृत्यु कुंभ में बदल चुका है। यहाँ वीआईपी लोगों को ही खास सुविधाएँ मिल रही हैं।

महाकुंभ को लेकर योगी सरकार पर हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने आगे कहा, आपको इस तरह के बड़े आयोजन की योजना बनानी चाहिए थी। भगदड़ की घटना के बाद कितने आयोग कुंभ भेजे गए। बिना पोस्टमार्टम के ही शवों को बंगाल भेज दिया गया। ममता बनर्जी ने आगे कहा, आप देश को बाँटने के लिए धर्म बेचते हैं। हमने यहाँ पोस्टमॉर्टम किया क्योंकि आपने बिना डेथ सर्टिफिकेट के शव भेज दिए। इन लोगों को मुआवजा कैसे मिलेगा?

ममता बनर्जी पहली विपक्षी नेता नहीं हैं, जिन्होंने ऐसी बात बोली हो। इससे पहले, अफजाल अंसारी, लालू यादव, जया बच्चन और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेता भी ऐसी टिप्पणियाँ कर चुके हैं।

गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने कहा था- ‘महाकुंभ में नहाने से पाप धुलता तो नरक में कोई रहेगा ही नहीं’। उनके इस बयान के बाद काफी बवाल हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज भी कराई गई थी।

यही नहीं, सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन भी महाकुंभ और प्रयागराज को लेकर आग उगल चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि संगम सबसे अधिक गंदा है। उन्होंने दावा किया था कि भगदड़ में मारे गए लोगों के शवों को उठाकर पानी (नदी) में डाल दिया गया। यही नहीं, उन्होंने प्रयागराज पहुँचे श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि सरकार और लोग झूठ बोल रहे हैं कि प्रयागराज में इतने लोग आए। इतने लोग तो आ ही नहीं सकते।

वहीं, कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाकुंभ और प्रयागराज पर सवाल उठाते हुए उसे लोगों की गरीबी से जोड़ दिया था। उन्होंने मंच से पूछा था ‘गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर होगी क्या?’ बीजेपी ने उनके भाषण को हिंदू विरोधी करार दिया था।

इन सबके बीच, आरजेडी के अध्यक्ष और सजायाफ्ता नेता लालू यादव ने भी कुंभ को लेकर अनर्गल टिप्पणी की थी। लालू यादव ने कहा था, ‘कुंभ का कोई मतलब नहीं, फालतू का कुंभ’। लालू यादव ने मौनी अमावस्या के मौके पर हुए भगदड़ को लेकर अपनी हिंदुओं से घृणा का सार्वजनिक प्रदर्शन किया था।

महाकुंभ में फिर लगी आग, कई टेंट जलकर खाक, कोई हताहत नहीं: रिपोर्ट्स में दावा- AC का गैस सिलेंडर फटने के कारण हुआ हादसा


प्रयागराज के महाकुंभ मेला क्षेत्र में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। यह आग 7 फरवरी 2025 को शंकराचार्य मार्ग पर स्थित सेक्टर-18 में लगी। दमकल विभाग की गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुँची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। आग लगने की वजह एसी का गैस सिलेंडर फटना बताया जा रहा है।

इससे पहले 30 जनवरी को सेक्टर-22 में कई पंडालों में आग लग गई थी, जिसमें 15 टेंट जलकर खाक हो गए थे। इसके अलावा, 19 जनवरी को सेक्टर-19 में एक शिविर में घास-फूस में आग लगने से करीब 18 शिविर जल गए थे।

मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज में जुटे, स्नान के लिए संगम घाट जाने की होड़ से मची अफरातफरी: बोले CM योगी- नियंत्रण में हैं हालात, अफवाहों पर न दें ध्यान


प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में बुधवार (29 जनवरी 2025) को अफरा-तफरी में कुछ लोगों के मौत की बात कही जा रही है। हालाँकि, आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया है और घायल हुए लोगों को जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने बताया इनमें से कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है।

योगी ने कहा, “प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुजनों की भारी भीड़ है। लगभग 8-10 करोड़ श्रद्धालु इस समय प्रयागराज में मौजूद हैं। कल भी 5.5 करोड़ श्रद्धालुजनों ने महाकुंभ का स्नान किया था। ये भारी दबाव श्रद्धालुजनों और उनके संगम नोज पर जाने के कारण बना हुआ है, लेकिन पूरा प्रशासन वहाँ मौके पर पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद है।”

घटना को लेकर उन्होंने बताया, “रात्रि को 1 बजे से 2 बजे के बीच में अखाड़ा मार्ग पर अमृत स्नान के लिए बैरिकेड लगाए गए थे। वहाँ बैरिकेड्स को फाँदकर आने में कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल हॉस्पिटल में पहुँचाकर उनके उपचार आदि की व्यवस्था की गई है। प्रशासन मौनी अमावस्या के मुहूर्त प्रारंभ होने के बाद से ही श्रद्धालुओं को कुशल स्नान कराने में लगा हुआ है।”

सीएम योगी ने बताया, “श्रद्धालुओं के कुशलक्षेम के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी सुबह से चार बार फोन किया है। माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी, माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा श्री जेपी नड्डा जी और प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने भी फोन करके सबकी कुशलक्षेम और सबके सकुशल स्नान कराने के बारे में जानकारी ली। यहाँ प्रमुख सचिव और डीजीपी के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक हो रही है।”

हालात को सामान्य बताते हुए CM ने कहा, “प्रयागराज में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन भीड़ का दबाव बहुत बना हुआ है। अखाड़ा परिषद से जुड़े हुए पदाधिकारियों के साथ मैंने स्वयं भी बातचीत की है। आचार्य महामंडलेश्वरों और संतों से भी मेरी बातचीत हुई है। संतों ने बहुत विनम्रता के साथ कहा है कि पहले श्रद्धालु जन स्नान करेंगे और उनका दबाव जब कम होगा और वे वहाँ से निकल जाएँगे, तब हम लोग संगम की तरफ स्नान करने के लिए जाएँगे।”

उन्होंने देश के कोने-कोने से आए लोगों और संतों से किसी अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील है। सीएम योगी ने कहा, “संयम से काम लें। यह आयोजन लोगों का है। प्रशासन उनकी सेवा के लिए पूरी तत्परता के साथ लगा हुआ है। प्रदेश और केंद्र सरकार वहाँ पर हर तरह का सहयोग करने के लिए वहाँ पर तत्पर है। जो व्यक्ति अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, उससे नुकसान हो सकता है।”

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उन्होंने कहा, “लगभग 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में अस्थायी घाट बनाए गए हैं। जो जहाँ पर है, वो कहीं भी स्नान कर सकता है। आवश्यक नहीं है कि संगम नोज की तरफ ही आएँ। सब गंगाजी के ही घाट हैं। वहाँ भी उन्हें वही पुण्य प्राप्त होगा। स्नान का महत्व है। सभी लोगों को प्रशासन के निर्देश का पालन करना चाहिए। इससे सभी लोग सकुशल स्नान कर सकेंगे। मेरी सबसे अपील है कि शासन और प्रशासन को इसमें मदद करें।”

पीलीभीत में ढेर हुए थे जिस खालिस्तानी संगठन के आतंकी, उसने ही ली महाकुंभ में आग की जिम्मेदारी: ATS-NIA की रडार पर 1000 संदिग्ध, NSUI नेता शाहिद से पूछताछ

                                  इस अग्निकांड में जान का नुकसान नहीं हुआ था (फोटो साभार: Jansatta)
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में हाल ही में लगी आग की जिम्मेदारी खालिस्तान जिंदाबाद फ़ोर्स (KZF) ने ली है। इस संगठन के ही तीन आतंकी हाल में पीलीभीत में पुलिस ने मार गिराए थे। KZF ने अग्निकांड को एनकाउंटर का बदला करार दिया है। इस अग्निकांड की जाँच अब NIA और यूपी ATS कर रही हैं। कई संदिग्धों को इस मामले में पकड़ा भी गया है।

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, 19 जनवरी, 2025 को प्रयागराज महाकुंभ के कुछ टेंटों में लगी आग में खालिस्तानी एंगल सामने आया है। लंदन और ग्रीस से चलने वाले KZF आतंकी समूह ने इस आग का कारण ब्लास्ट बताया था और दावा किया था कि उसने ही यह काम किया है।

KZF ने दावा किया है कि वह किसी को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहते थे और केवल यह दिखाना चाहते थे कि क्या करने की क्षमता रखते हैं। यह पूरी बात उन्होंने मीडिया संस्थानों को भेजे गए एक ईमेल में लिखी है। उन्होंने इसे एक शुरुआत बताया है और पीलीभीत एनकाउंटर को फर्जी करार दिया है। पुलिस अभी इस खालिस्तानी एंगल को नकार रही है।

हालाँकि, NIA और ATS ने आग लगने के दौरान आसपास मौजूद 1000 लोगों पर जाँच चालू की है। यह भी बताया गया है कि इन 1000 में से लगभग 900 हिन्दू नहीं हैं। ऐसे में शक और भी गहरा हो गया है। इनसे पूछताछ के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।

दावा है कि ATS वाराणसी से 10 लोगों को हिरासत में ले चुकी है। इनसे पूछताछ चल रही है। संदिग्धों से पूछताछ के लिए सवालों की एक लिस्ट तैयार की गई है। इसमें उनकी महाकुंभ में आस्था से लेकर घटनास्थल के वीडियो फोटो से जुड़े सवाल तक हैं।

वाराणसी में NSUI नेता शाहिद से भी पूछताछ हुई है। उन्हीं लोगों से मुख्य तौर पर पूछताछ हो रही है जिन्होंने घटना के दिन महाकुंभ को सोशल मीडिया पर दिखाया था और लोकेशन भी साझा की थी। इनमें से शक उन पर अधिक है जिन्होंने बाद में फोटो वीडियो डिलीट किए।

मामले में दूसरे प्रदेशों की पुलिस को भी अलर्ट भेज दिया गया है। जिनसे पूछताछ हुई है, उन्हें शहर ना छोड़ने को कहा गया है। धमकी में फ़तेह सिंह बागी का नाम भी लिखा है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह वही बागी है जिसका हाल ही में गुरदासपुर हमले में नाम आया था। वह ब्रिटिश आर्मी का एक सैनिक रहा है और आतंकियों का हैंडलर है।

महाकुंभ शुरू होने से पहले खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने भी हमला करने की बात कही थी। उसने भी पीलीभीत एनकाउंटर को फेक बताया था और बदला लेने की बात कही थी। इसको लेकर उसने वीडियो जारी किए थे।

पन्नू ने मंगलवार (24 दिसम्बर, 2024) को एक वीडियो जारी किया। 3 मिनट के इस वीडियो में उसने कहा है कि यह एनकाउंटर फर्जी था और मारे गए तीनों आतंकी असल में शहीद हैं। उसने परिवार को मदद देने का भी ऐलान किया है। उसने कहा है कि SFJ उन तीनों परिवारों को ₹5 लाख देगा।

उसने साथ ही में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर भी अपशब्द कहे। पन्नू ने कहा है पीलीभीत में ही 1991 में एक फर्जी एनकाउंटर हुआ था जिसमें 11 सिखों को मार दिया गया था। उसने कहा है कि हालिया एनकाउंटर का बदला वह प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ में लेगा।

पन्नू ने कहा है कि 14 जनवरी, 29 जनवरी और 3 फरवरी, 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में हमला किया जाएगा। उसने हिंदुत्व को आतंकवाद करार दिया है। उसने पंजाब की आजादी और खालिस्तान को लेकर भी अपना प्रलाप दोहराया है। पन्नू की धमकी को पीलीभीत पुलिस ने संज्ञान में लिया है।

पीलीभीत पुलिस ने साइबर थाने में इस संबंध में एक FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने बताया है कि वह इस वीडियो को लेकर जाँच कर रहे हैं। कई जगह दावा किया गया है कि पीलीभीत पुलिस को भी इस घटना के बाद धमकियाँ दी गई हैं।

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19 जनवरी, 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में आग लगी थी। यह आग सेक्टर 19 में लगी थी। इसमें कई टेंट जल गए थे। आग पर कुछ ही मिनटों के भीतर काबू पा लिया गया था। इसका कारण एक खाना बनाने वाले सिलेंडर का फटना बताया गया था। आग में किसी की जान नहीं गई थी।