प्रयागराज महाकुंभ पर एक-एक कर सनातन विरोधी नेताओं की सामने आ रही ‘घृणा’, अब ममता बनर्जी ने बताया ‘मृत्यु कुंभ’: जया बच्चन से लेकर लालू यादव तक उगल चुके हैं जहर

प्रयागराज महाकुंभ में दिन-प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है सनातन विरोधियों की नींद, रोटी और पानी हराम हो रही है। आज(फरवरी 18) news18 पर गूंज के लाइव शो में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने तो मर्यादा की सारी हदें पार कर दी। अनुराग ने शो में कहा कि शौच में लोगों को डुबकी लगवाई जा रही है। क्या अरविन्द केजरीवाल अनुराग पर इस आपत्तिजनक बयान देने पर कार्यवाही करेंगे या उसकी पीठ थप थपाएंगे। बेशर्मी की भी एक सीमा होती है। आखिर मुस्लिम तुष्टिकरण में कब तक विरोधी सनातन का विरोध करते रहेंगे?       
प्रयागराज महाकुंभ को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘मृत्युकुंभ’ करार दिया है। प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी ने महाकुंभ को मृत्यु कुंभ करार देते हुए कहा कि महाकुंभ में VIPs को खास सुविधाएँ दी जा रही हैं, लेकिन गरीबों को इससे वंचित रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘महाकुंभ अब मृत्यु कुंभ में बदल चुका है। यहाँ वीआईपी लोगों को ही खास सुविधाएँ मिल रही हैं।

महाकुंभ को लेकर योगी सरकार पर हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने आगे कहा, आपको इस तरह के बड़े आयोजन की योजना बनानी चाहिए थी। भगदड़ की घटना के बाद कितने आयोग कुंभ भेजे गए। बिना पोस्टमार्टम के ही शवों को बंगाल भेज दिया गया। ममता बनर्जी ने आगे कहा, आप देश को बाँटने के लिए धर्म बेचते हैं। हमने यहाँ पोस्टमॉर्टम किया क्योंकि आपने बिना डेथ सर्टिफिकेट के शव भेज दिए। इन लोगों को मुआवजा कैसे मिलेगा?

ममता बनर्जी पहली विपक्षी नेता नहीं हैं, जिन्होंने ऐसी बात बोली हो। इससे पहले, अफजाल अंसारी, लालू यादव, जया बच्चन और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेता भी ऐसी टिप्पणियाँ कर चुके हैं।

गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने कहा था- ‘महाकुंभ में नहाने से पाप धुलता तो नरक में कोई रहेगा ही नहीं’। उनके इस बयान के बाद काफी बवाल हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज भी कराई गई थी।

यही नहीं, सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन भी महाकुंभ और प्रयागराज को लेकर आग उगल चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि संगम सबसे अधिक गंदा है। उन्होंने दावा किया था कि भगदड़ में मारे गए लोगों के शवों को उठाकर पानी (नदी) में डाल दिया गया। यही नहीं, उन्होंने प्रयागराज पहुँचे श्रद्धालुओं की संख्या पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि सरकार और लोग झूठ बोल रहे हैं कि प्रयागराज में इतने लोग आए। इतने लोग तो आ ही नहीं सकते।

वहीं, कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महाकुंभ और प्रयागराज पर सवाल उठाते हुए उसे लोगों की गरीबी से जोड़ दिया था। उन्होंने मंच से पूछा था ‘गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर होगी क्या?’ बीजेपी ने उनके भाषण को हिंदू विरोधी करार दिया था।

इन सबके बीच, आरजेडी के अध्यक्ष और सजायाफ्ता नेता लालू यादव ने भी कुंभ को लेकर अनर्गल टिप्पणी की थी। लालू यादव ने कहा था, ‘कुंभ का कोई मतलब नहीं, फालतू का कुंभ’। लालू यादव ने मौनी अमावस्या के मौके पर हुए भगदड़ को लेकर अपनी हिंदुओं से घृणा का सार्वजनिक प्रदर्शन किया था।

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