बंगाल : पुलिस निकाल रही गुंडों की परेड; किसी को उठाया कच्छे में, किसी को अय्याशी करते हुए दबोचा: 1 हफ्ते में 70+ TMC नेता-कार्यकर्ता गिरफ्तार

                                   TMC नेताओं पर एक्शन जारी ( फोटो साभार-chatgpt)
पश्चिम बंगाल में BJP सरकार बनने के बाद कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ-साथ आपराधिक नेटवर्क पर लगाम कसी जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बांग्लादेशियों को बाहर निकाल रही है, वहीं ‘तोलाबाजी’ यानी सिंडिकेट, चुनाव बाद हिंसा और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ अभियान चला रही है। बीते एक हफ्ते में 70 से ज्यादा टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

कोई बनियान-कच्छे में तो कोई लुंगी पहने हुआ गिरफ्तार

अपराधियों को हर हाल में गिरफ्तार करने के आदेश हैं। यही वजह है कि कई ऐसी तस्वीरें सामने आई जब इन लोगों को अचानक घरों, अड्डों और शराब के ठेकों से उठाया गया और सड़कों पर घुमाया गया। ये वे लोग हैं, जिन्होंने बंगाल में अराजकता फैला दी थी और जनता दहशत में जीने के लिए मजबूर थी।

बंगाल पुलिस ने हावड़ा के गैंगस्टर आकाश सिंह को कच्छा और बनियान में सड़कों पर घुमाया था। वह हावड़ा के डॉन कहलाता था। आकाश सिंह पर 2021 में पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने और 20 से ज्यादा बम फेंकने का आरोप है। एक कड़ा संदेश देने के लिए उसे हावड़ा की सड़कों पर सिर्फ अंडरवियर में घुमाया गया।

इसके बाद 25 मई 2026 को टीएमसी के गुंडे और कुख्यात सनी मोल्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर सड़कों पर बनियान-पैजामा में घुमाया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सनी मोल्ला TMC से जुड़ा एक संविदा आधारित होम गार्ड था और लंबे समय से संकराइल और आसपास के इलाकों में रंगदारी और दबंगई का नेटवर्क चला रहा था। वह व्यापारियों, छोटे दुकानदारों से रंगदारी वसूलता था। विरोध करने पर धमकी देता, मारपीट करता और कारोबार बंद कराने की चेतावनी देता था। इलाके में लोग उसे ‘छोटा डॉन’ कहकर बुलाते हैं।

टीएमसी से जुड़ा और ‘बड़े भाई’ कहलाने वाले शमीम अहमद को भी पश्चिम बंगाल पुलिस ने बनियान- ऑफ पेंट में सड़कों पर घुमाया। दरअसल ये वह व्यक्ति है, जिस पर शिबपुर में इस्लामी हिंसा भड़काने, सड़कों पर बमबारी करने और BJP समर्थकों पर गोली चलाने के आरोप है।

जलपाईगुड़ी जिले में टीएमसी नेता पंचानन रॉय को एक कार में शराब पीते हुए पकड़ा गया था। वह स्थानीय पंचायत समिति के अध्यक्ष हैं और शराब पार्टी करते हुए गिरफ्तार किया गया। टीएमसी पार्षद मोनी गाजी को भी पुलिस रेड के दौरान शराब की बोतलों और आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। उस पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप है।

 ऐसे अपराधी शुभेंदु शासन के आते ही छिपने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि इनलोगों को बनियान कच्छा शॉर्ट पैंट में ही पुलिस उठा कर ले गई। इनलोगों को सड़कों पर घुमा भी रही है, ताकि लोगों के मन में उनका भय खत्म हो सके, जो पिछले 15 सालों से व्याप्त है। सरकार ‘नो नोटिस एक्शन’ वाली छवि बना रही है। अपराधियों को देर रात छापेमारी कर भी गिरफ्तार किया जा रहा है। कई जिलों में लगातार तलाशी के बाद कई लोगों को दबोचा गया, ताकि लोगों को संदेश मिले कि ‘भागने पर भी बचना मुश्किल’ है।

बीते 18 मई से करीब एक हफ्ते में राज्य में भ्रष्टाचार वसूली और चुनाव बाद हिंसा को लेकर टीएमसी के 70 से ज्यादा नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें पूर्व मंत्री सुजीत बसु भी शामिल हैं। वहीं पूर्व मंत्री के करीबी बंगाल के बिधाननगर नगर निगम के 34 नंबर वार्ड के टीएमसी पार्षद और बोरो चेयरमैन रंजन पोद्दार को बिधाननगर उत्तर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ तोलाबाजी यानी जबरन वसूली करने और लोगों को डराने-धमकाने का आरोप है।

बीते 23 मई 2026 को एक दिन में राज्यभर में 17 टीएमसी नेताओं को गिरफ्तार किया गया। इनमें कोलकाता और बिधाननगर के कई पार्षद शामिल हैं। मुर्शिदाबाद के बड़ंचा में दबंग तृणमूल नेता अबु बक्कर को हत्या के प्रयास और हथियार से हमला करने के आरोप में पकड़ा गया।

कोलकाता नगर निगम के पार्षद सुदीप पोल्ले और बिधाननगर के पार्षद बरुआ को तोलाबाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हावड़ा से 2021 विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोपित उपग्राम प्रधान गुरुपद माझी और उसके भाई राजू माझी को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा हुगली, नदिया, मुर्शिदाबाद से लेकर कूचबिहार तक के टीएमसी गुंडों को पुलिस ने पकड़ा।

उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक पार्षद को घर के अंदर सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बनगांव नगर पालिका के वार्ड नंबर 22 से TMC पार्षद सुकुमार राय को पुलिस कॉलर पकड़कर थाने ले गई।

पश्चिम बर्धमान के पांडवेश्वर में शेख कमरुद्दीन को चुनावी आतंक, भ्रष्टाचार और वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहीं कूच बिहार से भवरंजन बर्मन को बीजेपी कार्यकर्ता को पीटने और पैसे माँगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बीजेपी नेता पप्पू साना पर हमले और शुभेंदु अधिकारी के पीएम रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद पुलिस ने कई इलाकों में लगातार छापेमारी की है और कई लोगों को हिरासत में लिया।

टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के जुल्मों से त्रस्त जनता की प्रतिक्रिया भी इस दौरान सामने आई। जब कोलकाता के युवा टीएमसी अध्यक्ष तपन बिस्वास और उसके साथियों को पुलिस गिरफ्तार कर ले जा रही थी तो उसे लोगों ने थप्पड़ मारे। कुछ ऐसा ही हाल हावड़ा से गिरफ्तार श्यामला मित्रा का हुआ। उसे भी लोगों ने पीटा।

दक्षिण 24 परगना से जब TMC नेता अरित्रा बोस को गिरफ्तार किए जाने के बाद महिलाएँ उसे पीटने के लिए चप्पल- झाड़ू लेकर दौड़ी। जब पुलिस उसे वैन में बैठाकर ले जा रही थी, तब झाड़ू, चप्पल और पानी की बोतलें पुलिस वैन पर फेंकने लगी। संदेशखाली में ईडी टीम पर हमले को लेकर गिरफ्तार टीएमसी नेता शाहजहाँ की मदद करने वाली दो महिला नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया। इन पर शाहजहाँ को बचाने के लिए भीड़ जमा कर हिंसा भड़काने का आरोप है।

घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान

अवैध घुसपैठ और बॉर्डर नेटवर्क पर भी कार्रवाई तेज हुई है। बंगाल सरकार ने ‘होल्डिंग सेंटर’ शुरू किए हैं और पुलिस-आरपीएफ-बीएसएफ के समन्वय से संदिग्ध घुसपैठियों को बाहर निकालने का अभियान चलाया जा रहा है।

हाल ही में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे 100 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठियों को मंगलवार सुबह (26 मई 2026) को बांग्लादेश लौटने के लिए उत्तरी 24 परगना के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर जमा किया गया।

हाल ही में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि बगैर दस्तावेज वाले बांग्लादेशियों की पहचान कर उसे पुलिस के हवाले करें, ताकि जनता से इनलोगों को अलग किया जा सके और देश से निकाला जा सके।

बीजेपी सरकार का पूरा अभियान ये दिखाता है कि अपराधियों और घुसपैठियों को अब ‘पहले जैसा संरक्षण’ नहीं दिया जाएगा। अपराधियों का जेल भेजा जाएगा और घुसपैठियों को ‘देश निकाला’ मिलेगा। चाहे ये लोग कहीं भी छिप जाएँ, पुलिस उन्हें ढूंढ निकालेगी और हर हाल में सलाखों के पीछे भेजेगी। इसलिए अपराधी कहीं जंगल में छिपे मिल रहे हैं तो कहीं घरों में छिप कर शराब पीते।

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