इफ्तार पार्टी हो या फिर नमाज के दौरान मुस्लिम महिलाओं की तरह ममता हिजाब धारण करने पर इनके हिन्दू ब्राह्मण होने पर सन्देह होता है, जिसका खुलासा कोई खोजी पत्रकार या ममता की ही पार्टी कर सकती है।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर थाने में एक FIR दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 2025 में कोलकाता में आयोजित ईद कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म को ‘गंदा धर्म’ बताया था।
एफआईआर दर्ज होने के बाद से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो में उन्हें विवादित टिप्पणी करते सुन सकते हैं। वो कहती सुनाई पड़ रही हैं- “हम जानबूझकर एक गंदा धर्म, जिसे जुमला पार्टी ने बनाया, हम उसे नहीं मानते हैं।”
West Bengal | A complaint lodged against former CM Mamata Banerjee at Cyber Thana, Siliguri, by a lawyer, Advocate Rinki Chatterjee Singh over her alleged statement against Sanatana Dharma.
— ANI (@ANI) May 26, 2026
यह शिकायत वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने दर्ज कराई है। उनका कहना है कि इस बयान से हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस के कुछ नेता पहले भी हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान देते रहे हैं।
MAMATA BANERJEE : "I don't believe in 'ganda dharm' that this 'jumla' party has made. I don’t believe in that dharm" pic.twitter.com/XYN0t5C4pK https://t.co/WfixyKsd9i
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) May 26, 2026
रिंकी चटर्जी सिंह ने दावा किया कि उन्होंने 2025 में भी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
वहीं, तृणमूल कॉन्ग्रेस के दार्जिलिंग यूनिट के महासचिव और वकील अत्री शर्मा ने भी बयान को अनुचित बताया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
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