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पकड़े गए केजरीवाल के झूठ और चोरी, पैसे देकर न्यूयॉर्क टाइम्स और ख़लीज टाइम्स में छपवाए गए लेख, केजरीवाल ने उगला सच


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी की पूरी राजनीति ही झूठे वादे, चोरी, यूटर्न, नौटंकी, विज्ञापन और पेड न्यूज पर टिकी हुई है। केजरीवाल ने अपनी राजनीति को चमकाने और सरकार में आने के लिए पहले झूठे आरोप और नौटंकी का सहारा लिया। दिल्ली की सरकार में आने के बाद विज्ञापन और पेड न्यूज का सहारा ले रहे हैं। इसके तहत केजरीवाल देश के बिके हुए कुछ पत्रकारों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर खूब पैसे लूटा रहे हैं। अपनी फर्जी खबरों के माध्यम से जनता और जांच एजेंसियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स और ख़लीज टाइम्स में प्रकाशित लेख ने केजरीवाल को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स में खबर छपने को लेकर बोला झूठ

दरअसल  केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार (19 अगस्त, 2022) की सुबह दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर छापा मार। इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, “जिस दिन अमेरिका के सबसे बड़े अख़बार NYT के फ़्रंट पेज पर दिल्ली शिक्षा मॉडल की तारीफ़ और मनीष सिसोदिया की तस्वीर छपी, उसी दिन मनीष के घर केंद्र ने CBI भेजी। CBI का स्वागत है। पूरा cooperate करेंगे। पहले भी कई जाँच/रेड हुईं। कुछ नहीं निकला। अब भी कुछ नहीं निकलेगा।”

केजरीवाल के बयान से पकड़ी गई चोरी  

इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर केजरीवाल की पोल खोलने की मुहिम शुरू हो गई। लेकिन खुद केजरीवाल ने न्यूयॉर्क टाइम्स में खबर छपने के पीछे की सच्चाई को दुनिया के सामने ला दिया। उन्होंने कहा, “अमेरिका दुनिया का सबसे अमीर देश है। और अमेरिका का सबसे बड़ा अखबार है- न्यूयॉर्क टाइम्स। न्यूयॉर्क टाइम्स में खबर छपवाने के लिए…छपने के लिए… बड़ा मुश्किल होता है न्यूयॉर्क टाइम्स में खबर छपना।” इस बयान से केजरीवाल की चोरी पकड़ में आ गई।

न्यूयॉर्क टाइम्स और खलीज टाइम्स में 6 तस्वीरें, वे भी एक जैसी

दिल्ली से बीजेपी सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ‘न्यूयॉर्क टाइम्स और खलीज टाइम्स ने वर्ड-टू-वर्ड एक जैसा आर्टिकल छापा, दोनों में 6 तस्वीरें लगी हैं, वे भी एक जैसी हैं। अगर दो-तीन अखबारों में शब्दशः एक जैसा कुछ छपे तो क्या वह खबर होती है? वह तो विज्ञापन होता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘केजरीवाल ने सुबह कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स में ऐसे ही फोटो नहीं छप जाती, बहुत मुश्किल होती है। उन्हें मालूम होगा कि कितना पैसा दिया, रिपोर्टर को कैसे सेट किया। मैंने कभी नहीं देखा कि दो अलग-अलग अखबारों में एक जैसी स्टोरी छप जाए।’

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी मयूर विहार के मदर मैरी प्राइवेट स्कूल की तस्वीर

अब सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि केजरीवाल जिस न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर का हवाला दे रहे हैं। उस खबर में मयूर विहार के मदर मैरी प्राइवेट स्कूल की तस्वीर को शेयर किया गया है। एक ट्विटर यूजर ने ट्वीट किया, “एक कहावत है चोर चोरी से जाये पर हेरा-फेरी से नहीं! वही हाल झूठों के मसीहा अरविंद केजरीवाल का है। “दिल्ली के मयूर विहार के मदर मैरी प्राइवेट स्कूल” के बच्चों की फोटो को दिल्ली के सरकारी स्कूल का बताकर, करोड़ों रुपये देकर न्यूयॉर्क टाइम्स और खलीज टाइम्स में झूठी खबर छपवा दी।”

लेखक करणदीप सिंह और केजरीवाल का खालिस्तानी लिंक

बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने तो यहां तक कह दिया कि न्यूयॉर्क टाइम्स और खलीज टाइम्स में जो लेख छपे हैं, उसको लिखने वाले खालिस्तानी हैं जो दिल्ली सरकार को फंडिंग भी करते हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल न्यूयॉर्क टाइम्स का नाम लेकर दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाना चाहते हैं। एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों के पैसे का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ये पेड न्यूज है,पैसे देकर छपवाए गए लेख- कपिल मिश्रा

बीजेपी नेता कपिल मिश्र ने केजरीवाल पर पटलवार करते हुए कहा कि यह कोई खबर नहीं बल्कि पेड न्यूज है। इसी तरह की एक खबर ‘खिलजी टाइम्स ‘ में भी छपी है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा,”एक है आज का न्यूयॉर्क टाइम्स और एक है खलीज टाइम्स : दोनों में एक ही दिन, एक जैसी खबर, एक ही जैसी फोटो। ये पेड न्यूज है,पैसे देकर छपवाए गए लेख। केजरीवाल की चोरी और झूठ दोनों पकड़े गए।”

फ़ोटो छपवाने के लिए दिल्ली की जनता के पैसे की बर्बादी

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल ने पैसे देकर विदेशी अखबारों में अपनी तारीफ में लेख छपवाए। उन्होंने दो अखबारों की कटिंग साझा करते हुए ट्वीट किया, “लो जी यहां भी पकड़े गये…न्यूयॉर्क टाइम्स और ख़लीज़ टाइम्स में same word to word… same author also… बेशर्म AAP दिल्ली की जनता का पैसा बर्बाद कर रही है। अपने फ़ोटो छपवाने में वो भी पैसा दे कर।”

नई इक्साइज़ पॉलिसी से केजरीवाल ने बनाया पैसा

एक अन्य ट्वीट में मनोज तिवारी ने कहा, “दोस्तवाद तो अरविंद और मनीष के बीच है। सिसोदिया ग़लत तरीक़े से शराब की नई इक्साइज़ पॉलिसी से केजरीवाल और पार्टी के लिए पैसा बनाता है और फिर केजरीवाल इस अवैध पॉलिसी का बचाव आनन फ़ानन में बुलायी कैबिनेट और मीडिया में करते हैं। पर अब ये दोस्तवाद ज़्यादा दिन नहीं चलेगा..”

कवर पेज पर छपने के लिए AAP की पीआर टीम ने दिए पैसे

बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने राघव चड्ढा के एक ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “वही PROMOTIONAL NEWS, वही तस्वीरें, वही लेखक, एक ही दिन दो अलग-अलग अखबारों- न्यूयॉर्क टाइम्स और खलीज टाइम्स में। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इसके पीछे आम आदमी पार्टी के पीआर की भूमिका है। लेकिन हमें चिंता इस बात की है कि आम आदमी पार्टी विदेशी मीडिया के कवर पेज पर छपने के लिए अरबों रुपये खर्च कर रही है। इसमें हंसने की बात नहीं है राघव चड्ढा जी ।”

करणदीप सिंह ने जलती लाशों की फोटो न्यूयॉर्क टाइम्स में छपवाए

जनार्दन मिश्रा नाम के एक ट्विटर यूजर ने न्यूयॉर्क टाइम्स में छपे लेख के लेखक के बारे में एक बड़ा खुलासा करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “आज जो न्यूयॉर्क टाइम्स में दिल्ली मॉडल दिखाया गया। वह उस करणदीप सिंह का लेख है जिसने कोविड के समय जलती लाशों के फोटो न्यूयॉर्क टाइम्स में छपवाए और भारत को बदनाम किया गया। ये एक गैंग है जो खास मकसद से लोगों के दिमाग मे केजरीवाल भर रहे हैं…!!!

भारत पर WHO के काम में रोड़े अटकाने का लगाया था आरोप 

अप्रैल 2021 में जब कोविड-19 की दूसरी लहर चल रही थी, तब भारत में भी लोगों की मौतें हो रही थीं। इस दौरान न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में भारत की स्थिति को काफी बढ़ा-चढ़ाकर बताया। रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत की स्थिति बेहद खराब है। साथ ही श्मशान घाटों में जलती चिताओं की तस्वीरें छापी थीं। इसके अलावा न्यूयॉर्क टाइम्स में 16 अप्रैल, 2022 को ‘इंडिया इज स्टॉलिंग द डब्लूएचओज एफर्ट्स टु मेक ग्लोबल कोविड डेथ टोल पब्लिक’ शीर्षक से करणदीप सिंह का लेख प्रकाशित हुआ था। इस लेख में करणदीप सिंह ने दावा किया था कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना से दुनिया भर में हुई मौतों का सही आंकड़ा प्रस्तुत करने में भारत रोड़े अटका रहा है।