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POL-KHOL: राहुल गाँधी Leader of Opposion है या Leader of Pakhand?; कांग्रेस के ‘युवराज’ राहुल गांधी झूठों के सरताज, देखिए झूठ की लंबी फेहरिस्त

                                                                                                                                                                        साभार 
जिस तरह राहुल गाँधी एक के बाद एक झूठ बोलकर देश में अशांति फ़ैलाने की कोशिश कर रहे हैं, अब जनता में यह शक होने लगा है कि चांदी के चमच मुंह में लेकर पैदा हुए कांग्रेस के युवराज राहुल गाँधी Leader of Opposion है या Leader of Pakhand? इनके द्वारा मोदी सरकार से लेकर चुनाव आयोग आदि संवैधानिक संस्थाओं पर बोला जा रहा झूठ जमीन पर औंधे मुंह गिर रहा है। प्रधानमंत्री के लिए बोलना कि "लोग डंडों से मारेंगे" और तू-तुराके से बोलना ये किसी Leader of Opposion की भाषा नहीं बल्कि किसी उपद्रवी की भाषा है। राहुल ने  Leader of Opposion पद की गरिमा तक को तार-तार कर दिया है। हैरानी इस बात की होती लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला या सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं कोई कार्यवाही करते? अगर विपक्ष राहुल पर होने वाली कार्यवाही पर सदन में हंगामा करता है या बहिष्कार करता है, उसे नज़रअंदाज कर सदन की कार्यवाही चालू रखनी चाहिए। INDI गठबंधन में शामिल पार्टियों को भी इस गंभीर विषय पर गंभीरता से सोंचना चाहिए। अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए कांग्रेस से किनारा करना चाहिए। वोट चोरी का शोर मचाकर राहुल खुद कांग्रेस का काला चिठ्ठा खोल रहा है, क्योकि एक चुनाव नहीं अनेक चुनावों में वोट चोरी कर कांग्रेस सत्ता पर काबिज रही है। कहानी शुरू होती है जब इंटरिम सरकार में प्रधानमंत्री पद के बहुमत सरदार पटेल के पक्ष में था लेकिन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू बन गए। दूसरे, कोर्ट ने इंदिरा गाँधी का चुनाव रद्द करने के साथ-साथ 6 सालों के चुनाव लड़ने पर पाबन्दी लगाने पर देश में इमरजेंसी लगाकर सत्ता पर काबिज रही।         

   
भारत और मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए विदेशी ताकतें तरह-तरह के नैरेटिव बनाती हैं। बिना किसी तर्क के ऐसे नैरेटिव्स को आगे बढ़ाने में काम कांग्रेस के युवराज और सांसद राहुल गांधी करते हैं। इसलिए उनके झूठ की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि यदि वे खुद इसे देख लें तो शर्मसार हो जाएं। गांधी परिवार में झूठों के सरदार राहुल गांधी तो झूठ बोलने में नित-नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। यहां तक कि अपने झूठ और गलतबयानी के लिए राहुल गांधी को कोर्ट तक से माफी मांगनी पड़ी है। लेकिन झूठ बोलने की आदत है कि जाती ही नहीं। किसी शायर ने क्या खूब कहा है कि झूठ दर झूठ बोले हैं तुमने सनम, सोचोगे तो दिल भी दहल जाएगा…राहुल गांधी के झूठ के कारोबार पर यह पंक्तियां एकदम सटीक बैठती हैं। क्योंकि वे एक के बाद एक कितने झूठ बोल रहे हैं कि इसका अंदाजा खुद उन्हें भी नहीं हैं। राहुल गांधी ने तो चीन से लेकर पाकिस्तान तक, सेना से लेकर राफेल तक और ईवीएम से लेकर वोट चोरी तक इतने झूठ बोले हैं कि खुद झूठ को ही अपने-आपसे शर्म आ रही है।

अमन कुमार ने राहुल गांधी के झूठ की पोल 
राहुल गांधी ने अपनी वोट अधिकार यात्रा में निर्दोष मतदाताओं को झूठ बोलने के लिए मजबूर करने का नया चलन अपनाया है। कांग्रेस और आजेडी के कार्यकर्ता पहले झूठ बोलने के लिए भोले-भाले लोगों को फंसाते हैं और फिर राहुल गांधी उस झूठ पर अपने नाम की मुहर लगाकर झूठ के कारोबार को आगे बढ़ाते हैं। बिहार के अमन कुमार भी ऐसे ही राहुल गांधी के झांसे में आ गए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमन कुमार का वोट जानबूझकर काट दिया गया है। गरीबों से वोट का अधिकार छीना जा रहा है। लेकिन अमन कुमार ने राहुल के झूठ की पोल खोलकर रख दी। उसने बताया कि नई मतदाता सूची में उसका नाम मौजूद है।

बिहार के सुबोध पर राहुल का ट्वीट निकला झूठा
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ऐसा ही झूठ बिहार के सुबोध कुमार को लेकर बोला। राहुल गांधी ने एक वीडियो में सुबोध कुमार से दावा कराया कि उनका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। राहुल गांधी ने बिहार से एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कहा, “जो सुबोध कुमार जी के साथ हुआ, वही लाखों लोगों के साथ बिहार में हो रहा है। वोट चोरी भारत माता पर आक्रमण है, बिहार की जनता ये होने नहीं देगी।” बाद में चुनाव आयोग ने फैक्ट चेक करके बताया कि सुबोध RJD का बूथ एजेंट है। उसका नाम SIR-2025 से पहले भी वोटर लिस्ट में नहीं था तो एकदम आरोप झूठा है।

राहुल के झूठ का रंजू देवी ने किया पर्दाफाश!
बिहार की वोटर अधिकार यात्रा में राहुल ने वोट चोरी का झूठ बार-बार फैलाने की असफल कोशिश की। राहुल ने बिहार के नौहटा प्रखंड की भोली-भाली रंजू देवी के जरिए झूठ बोला कि उनके परिवार के छह लोगों का नाम वोटर लिस्ट से कट गया है। लेकिन बीएलओ की मतदाता सूची ने राहुल के झूठ की पोल खोल दी। इसके बाद रंजू देवी ने बताया कि उनको ऐसा कहने के लिए राहुल और तेजस्वी यादव के आदमियों ने ही बोला था और कहा था उनके सामने कहोगी तो राहुल गांधी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा देंगे। लेकिन असलियत यह है कि नई वोटर लिस्ट में रंजू देवी समेत सभी छह परिजनों के नाम दर्ज हैं।

CSDS के झूठे डेटा ने वोट चोरी मुद्दे की हवा निकाली
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दिल्ली स्थित एक प्रमुख सर्वेक्षण एजेंसी – सेंटर फार स्टडी आफ डेवेलपिंग सोसायटीज (सीएसडीएस) के ‘झूठे आंकड़ों’ को आधार बनाकर महाराष्ट्र की मतदाता सूची में वोट चोरी का आरोप लगाते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर हमलावर हुए थे। राहुल गांधी ने जिस CSDS के डेटा के आधार पर आरोप लगाए, उसी के प्रमुख संजय कुमार ने अपनी बड़ी गलती के लिए माफी मांगते हुई अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। ऐसे में झूठ पर झूठ बोले जा रहे राहुल का बम फिर से फुस्स हो गया। राहुल गांधी के वोट चोरी मुद्दे की भी हवा निकल गई।

राहुल ने शकुन के दो बार वोट देने का झूठ बोला
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यवाही पर बार-बार सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक चुनाव में वोट चोरी और फर्जी वोटर आईडी के आरोप लगाए। 7 अगस्त को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि शकुन रानी नामक महिला ने दो बार मतदान किया। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि उनके कार्यालय ने इन आरोपों की शुरुआती तौर पर जांच की है। पता चला है कि राहुल गांधी की ओर से प्रेजेंटेशन में दिखाए गए टिक मार्क ईसी के ऑफिसियल डॉक्युमेंट नहीं है। वहीं, शकुन रानी ने भी बयान दिया है कि उन्होंने केवल एक बार ही मतदान किया है न कि दो बार। इसके बाद 9 अगस्त को चुनाव आयोग ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एक बार फिर चेतावनी दी है कि मतदाता सूचियों के संबंध में लगाए गए आरोपों के समर्थन में वे शपथ पत्र दें या झूठे आरोपों के लिए देश से माफी मांगें।

कमला हैरिस से फोन की बात निकली झूठी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस बार झूठ बोलकर अपनी इंटरनेशनल बेइज्जती कराई है। राहुल के कहने पर कांग्रेसी पक्षकारों ने दुनिया भर में एक खबर फैलाई कि अमेरिका की तत्कालीन उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने 11 जुलाई 2024 को राहुल गांधी से फोन पर बात की है। तब नवंबर में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाला था और राष्ट्रपति जो बाइडन के हेल्थ इश्यू के कारण कमला हैरिस के राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने की चर्चा जोरों पर थी। राहुल गांधी के साथ उनकी फोन पर बात होने की खबर देश-दुनिया में सुर्खियों में आ गई। कांग्रेसी नेता इसे जोर-शोर से प्रचारित-प्रसारित करने लगे। लेकिन जल्द ही इसका पर्दाफाश हो गया कि कमला हैरिस ने राहुल गांधी से कोई बात नहीं की है। अमेरिका में पीटीआई के पत्रकार ललित के झा ने साफ किया कि उपराष्ट्रपति कार्यालय ने इस बात से इनकार किया है कि कमला हैरिस की भारत के विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ फोन पर कोई बात हुई है।

EVM पर झूठ फैलाने के लिए राहुल-राठी साथ-साथ
राहुल गांधी ने ध्रुव राठी के साथ मिलकर एक नैरेटिव बनाया गया कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है। लोकसभा चुनाव के रिजल्ट आने के 11 दिन बाद कांग्रेस ने ईवीएम को लेकर यह झूठ फैलाया। यहां तक कि बिजनेसमैन एलन मस्क ने 15 जून को लिखा- EVM को खत्म कर देना चाहिए। इसके एक दिन बाद 16 जून, 2024 को मिड डे ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट प्रकाशित की कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है, जिसने राजनीतिक हलकों और आम जनता में विवाद खड़ा कर दिया। चुनाव अधिकारी ने मिड-डे की रिपोर्ट को ‘झूठी खबर’ कहकर खारिज कर दिया। अधिकारी ने पब्लिकेशन को मानहानि का नोटिस जारी किया। नोटिस मिलते ही मिड डे ने माफीनामा प्रकाशित कर दिया, लेकिन इंडी अलायंस के नेता राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे समेत विपक्षी नेता इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की नाकाम कोशिश करते रहे। उधर ध्रुव राठी और अन्य लेफ्ट लिबरल एजेंडा चलाने वालों ने इसे जोर-शोर से उठाकर मोदी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की।

अग्निवीर पर राहुल गांधी ने फिर फैलाया झूठ
राहुल गांधी ने 1 जुलाई को संसद में बोलने के बाद 3 जुलाई को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर अग्निवीर पर फिर से झूठ फैलाने का काम किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा- ”सत्य की रक्षा हर धर्म का आधार है! लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीद अग्निवीर के परिवार को सहायता मिलने के बारे में संसद में झूठ बोला। उनके झूठ पर शहीद अग्निवीर अजय सिंह के पिता जी ने खुद सच्चाई बताई। परिवार ने भी कहा कि उसे मुआवजा मिल चुका है। इसके साथ ही सेना ने सामने आकर राहुल के झूठ का पर्दाफाश किया। सेना ने कहा कि परिवार को 98.39 लाख रुपये दिया जा चुका है। सेना ने स्पष्टीकरण में कहा कि कुल राशि लगभग 1.65 करोड़ रुपये दी जाएगी। इसके बाद भी राहुल गांधी द्वारा लगातार इस मुद्दे पर झूठ बोलना कायदे से यह देशद्रोह की श्रेणी में आना चाहिए। यहां सवाल यह भी उठता है कि क्या वो देश के अग्निवीरों में विद्रोह पैदा कराना चाहते हैं?

राहुल गांधी ने बोला झूठ, मुसलमान डरे हुए हैं
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में अल्पसंख्यकों पर अन्याय और हमले बहुत तेज़ी से बढ़े हैं। राहुल गांधी ऐसा कहकर डर फैला रहे हैं। ये भारत के विकास के लिए खतरनाक हो सकता है। अगर भारत में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। अगर वे सचमुच डरे हुए हैं, तो विश्व इतिहास की ये पहली घटना होगी जब एक पीड़ित, भयभीत समुदाय अपनी आबादी को सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ा रहा है। 1951 में जो समुदाय 10 प्रतिशत से कम था, वह अब के प्रोजेक्शन के हिसाब से 15 प्रतिशत से ज्यादा है। बाकी सब घटे हैं। हिंदू सबसे ज्यादा घटे हैं। हिंदू जाति पर वोट करता है। मुसलमान एकजुट होकर धर्म के आधार पर। इसलिए वोट के नतीजों को प्रभावित करने की मुसलमानों की ताकत अधिक है। वे कतई डरे नहीं हैं। देश के कुछ सबसे बड़े बिजनेसमैन मुसलमान हैं। वे आराम से अपना काम करते हुए विकास में योगदान कर रहे हैं। अगर तथ्यों पर गौर करें तो राहुल के झूठ की चिंदियां उड़ जाएंगी। देश में मुसलमान पूरी तरह सुरक्षित है।