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भारत ने फि‍र खोला पाकिस्‍तान का कच्‍चा चिट्ठा

भारत ने फि‍र खोला पाकिस्‍तान का कच्‍चा चिट्ठा, बताई वह बातें जिन पर घिर रहा है PAK
विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार (फोटो साभार- ANI)
जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकियों द्वारा सीआरपीएफ के काफिले पर किए गए हमले के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा पीओके के बालाकोट में की गई एयर स्‍ट्राइक और फिर पाकिस्‍तान की तरफ से भारतीय वायुसीमा में एफ-16 विमान भेजे जाने की घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को फिर पाकिस्‍तान का कच्‍चा चिट्ठा खोला.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने संवाददाता सम्‍मेलन में कहा कि पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के शिविर पर हमारी असैन्य कार्रवाई सफल रही. हमारे सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की पाकिस्तान की असफल कोशिश के दौरान हमने केवल एक विमान खोया. साथ ही उन्‍होंने कहा कि पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के साथ खड़ा है. इसके साथ ही उन्‍होंने भगोड़े नीरव मोदी को लेकर किए गए सवालों के जवाब देते हुए कहा कि हमें पता है नीरव मोदी लंदन में है. हमने ब्रिटेन सरकार को नीरव के प्रत्‍यर्पण का अनुरोध किया है.
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एक तरफ भारत में मोदी विरोधी पाकिस्तान पर हुए एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादियों की लाशें देखने के लिए जनता को भ्.....

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार द्वारा कही गई प्रमुख बातें...
एफ-16 पर पाकिस्‍तान लगातार झूठ बोल रहा है.
जैश-ए-मोहम्‍मद ने खुद पुलवामा हमले की जिम्‍मेदारी ली, लेकिन पाकिस्‍तान इससे नकार रहा है.
पाक ने अपने यहां आतंक न पनपने देने की बात कही थी, लेकिन उसने आतंकियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की
पाक ने पुलवामा हमले में जैश-ए-मोहम्‍मद की भूमिका को नकारा.
पाकिस्‍तान लगातार झूठे दावे कर रहा है.
खुद पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री ने कहा था कि जैश का सरगना मूसद अजहर पाकिस्‍तान में है
आतंकी संगठन और आतंकी लगातार पाकिस्‍तान में अपना सक्रियता बनाए हुए हैं, लेकिन पाकिस्‍तान इन पर गंभीरता नहीं दिखा रहा.
सबूत दिए के बाद भी पाकिस्‍तान आतंकियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा.
जैश-ए-मोहम्‍मद के प्रवक्‍ता की तरह काम कर रहा है पाकिस्‍तान.
हमारी स्‍ट्राइक मिलिट्री स्‍ट्राइक नहीं थी, यह आतंकियों पर की गई कार्रवाई थी.
एफ-16 पर दिए गए सबूतों के बाद भी नकार रहा है पाकिस्‍तान.
हम नीरव मोदी और विजय माल्‍या के प्रत्‍यर्पण की लगातार कोशिश में है. 
ब्रिटेन सरकार को नीरव के प्रत्‍यर्पण का भी अनुरोध किया गया है
हमें पता है नीरव मोदी लंदन में है. 

भारत-पाक के विदेश मंत्रियों नहीं होगी मुलाकात

अब भारत-पाक के विदेश मंत्रियों नहीं होगी मुलाकात, भारत ने लिया बड़ा फैसला
भारत ने पाकिस्तान में बीस आतंकियों के डाक टिकट जारी
करने पर नाराजगी जताई है।
सरहद पर भारतीय सैनिकों की शहादत और उनके साथ हुई बर्बरता के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच न्यूयॉर्क में होने वाली बातचीत अब नहीं होगी. सूत्रों के हवाले से खबर है कि भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच न्यूयॉर्क में होने वाली बाचचीत रद्द हो गई है. ऐसा बताया जा रहा है कि भारतीय सैनिकों के साथ हुई बर्बरता के बाद मोदी सरकार ने ये फैसला लिया है.  
ज्ञात हो सितम्बर 20 को ही भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था, 'भारत, पाकिस्तान के विदेश मंत्री न्यूयॉर्क में बैठक करेंगे.' उन्होंने बताया था, 'मैं इस बात की पुष्टि करता हूं कि पाकिस्तान की तरफ से अनुरोध के बाद विदेश मंत्री और पाकिस्तान के विदेश मंत्री के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा के अवसर पर एक बैठक होगी. इसके लिए आपसी सहमति से दिन और समय तय किया जाएगा.'
उन्होंने करतारपुर कॉरीडोर के बारे में कहा था, 'हमें पाकिस्तान सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है कि वो इस बारे में विचार करने के लिए तैयार हैं. विदेश मंत्री यूएनजीए के मौके पर पाकिस्तानी विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान इस विषय को भी रखेंगी.'
पाक पीएम ने की थी पेशकश 
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि वह चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच चल रहे तमाम मुद्दों को बातचीत से सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ा जाए. उन्होंने लिखा, 'मेरे प्रधानमंत्री बनने पर आपने जो मुझे हार्दिक बधाई भेजी उसके लिए आपका शुक्रिया. मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूं. बातचीत और सहयोग से ही दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाया जा सकता है.'
उन्होंने इस बातचीत का न्योता देते हुए कहा था, 'हम चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच एक आपसी संबंध बने और शांति कायम हो. इसलिए मैं पाकिस्तान के विदेश मंत्री मखदूम शाह महमूद कुरैशी और भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बीच मीटिंग का प्रस्ताव रखता हूं. ये मीटिंग न्यूयॉर्म में होने वाली यूएन जनरल असेंबली के अलावा हो. इस मीटिंग में आगे के रास्ते निकल सकते हैं. खासकर इस्लामाबाद में होने वाली सार्क समिट से पहले ये एक बड़ी पहल होगी. ये समिट मौका होगा, जब आप पाकिस्तान की यात्रा करें और बातचीत के आगे के रास्ते खुलें. मैं आपके साथ मिलकर दोनों देशों के लोगों के फायदे के लिए काम करना चाहता हूं. कृपया इसे स्वीकार करें.'
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान और भारत के रिश्ते बहुत चुनौतीपूर्ण हैं. लेकिन हम चाहते हैं कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए अपने सभी बड़े मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान खोजें. इसमें जम्मू कश्मीर का मु्द्दा भी शामिल है. सिचाचिन और सरक्रीक भी ऐसे ही मुद्दे हैं, जो शांतिपूर्ण हल चाहते हैं. पाकिस्तान आतंकवाद पर भी बातचीत करना करने के लिए तैयार है. हम व्यापार पर भी बातचीत चाहते हैं. लोगों का आपस में संवाद हो. धार्मिक यात्रा मानवीय मुद्दे भी अहम हैं.'
पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान का चेहरा सामने आ गया है। इस बदली हुई परिस्थिति में भारत-पाक के बीच किसी भी स्तर पर बातचीत संभव नहीं है।
पाकिस्तान ने बीस आतंकियों के डाक टिकट जारी किया है। जिसमें बुरहान वानी भी शामिल है। इसे लेकर भी भारत ने अपनी आपत्ति जताई थी। वहीं भारत ने बीएसएफ जवान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई बर्बर हत्या पर भी नाराजगी जताई है। वहीं आज शोपियां में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद भी ये मुद्दा गरमाया हुआ था और इसी हालात को देखते हुए सरकार ने ये फैसला किया है।