Showing posts with label #terrorist Zulfikar. Show all posts
Showing posts with label #terrorist Zulfikar. Show all posts

पाकिस्तान : कसाब को भर्ती करने वाला आतंकी जुल्फिकार ढेर

कालचक्र जब घूमता है तो कहीं आनंद की बौझार तो कहीं डर का साया। 2014 में मोदी सरकार से पहले जो पाकिस्तान भारत में पल रहे अपने sleeper cells और आकाओं के संरक्षण में भारत को आतंक से डराकर रखता था आज वही पाकिस्तान अपने ही बुने जाल में जी रहा है। किस आतंकी को कब 72 हूरों के पास पहुंचा दिया जाए कुछ नहीं पता।   
पाकिस्तान में भारत के एक और बड़े दुश्मन को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोलियों से भूनकर मौत की नींद सुला दिया। मारा गया आतंकी हाफिज जुल्फिकार वही था, जिसने 2008 के मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को भारत पर हमला करने के लिए तैयार और भर्ती किया था। वर्ष 2022 से अब तक पाकिस्तान और अन्य विदेशी जमीनों पर भारत के खिलाफ षडयंत्र रचने वाले 50 से अधिक कुख्यात आतंकी रहस्यमय तरीके से मारे जा चुके हैं।

यह पीएम मोदी का नया भारत है: घर में घुसकर हो रहा हिसाब
यह पीएम मोदी का नया भारत है, जहां देश के दुश्मनों को चुन-चुनकर खत्म किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व और आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति का ही असर है कि भारत विरोधी आतंकी अब अपनी पनाहगाहों में भी सुरक्षित नहीं हैं। पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारी लगातार आतंकियों का सफाया कर रहे हैं। वर्ष 2022 से शुरू हुआ यह सिलसिला लगातार तेज हुआ है—वर्ष 2022 में 5, 2023 में दो दर्जन से अधिक, 2024 में 2, 2025 में 5 और वर्ष 2026 में अब तक 7 बड़े आतंकी ठिकाने लगाए जा चुके हैं। पिछले वर्षों में हरदीप सिंह निज्जर, अवतार सिंह खांडा, परमजीत पंजवार, रिपुदमन सिंह मलिक, हरविंदर रिंडा, सुखदूल सिंह, हैप्पी संघेड़ा, अबू कासिम, जहूर मिस्त्री, अब्दुल सलाम भुट्टावी, सैयद नूर, एजाज अहमद, खालिद रजा, बशीर अहमद, शाहिद लतीफ, मुफ्ती कैसर फारूक, जियाउर रहमान, मलिक दाऊद, सुक्खा दुनिके, ख्वाजा शाहिद, मौलाना रहीम उल्लाह तारिक, साजिद मीर, अदनान अहमद उर्फ हंजला अदनान, मौलाना शेर बहादुर, अब्दुल्ला शाहीन, अबू सैफुल्लाह, अबू कताल, शाह मीर, मौलाना कासिफ अली और लखबीर सिंह रोडे जैसे दुश्मनों का अंत हो चुका है।

26/11 के साजिशकर्ता लखवी का करीबी और कसाब का रिक्रूटर हाफिज जुल्फिकार ढेर
मोदी सरकार के आतंकवाद विरोधी कड़े संदेश के दौर में पाकिस्तान की धरती पर भारत के दुश्मनों का चुन-चुनकर अंत हो रहा है। 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता जकी-उर-रहमान लखवी के करीबी रिश्तेदार और जैश-ए-मोहम्मद के बड़े रिक्रूटर हाफिज जुल्फिकार को अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारकर ढेर कर दिया। जुल्फिकार वही आतंकी था जो अजमल कसाब जैसे आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण नेटवर्क से जुड़ा रहा था। पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों द्वारा आतंकियों को ठिकाने लगाने की इस श्रृंखला ने सीमा पार बैठे भारत विरोधी आकाओं की नींद उड़ा दी है।

भारत विरोधी लश्कर आतंकी गाजी मुमताज का हुआ सफाया
नए भारत के सख्त तेवर और आतंकवाद के समूल नाश के संकल्प से पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं की नींद उड़ी हुई है। लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के टॉप कमांडर और हाफिज सईद के बेहद करीबी आतंकी गाजी मुमताज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। गाजी मुमताज लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर में सक्रिय रहकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था, लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों की कड़ी कार्रवाई के खौफ से वह पाकिस्तान भाग गया था। वह खैबर पख्तूनख्वा के अपर दीर (बाराहवाल) का रहने वाला था और तब से हाफिज सईद व पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में रहकर लश्कर के कैंपों में नए आतंकियों को ट्रेनिंग देने व लॉजिस्टिक नेटवर्क संभालने का काम कर रहा था। पाकिस्तान में पनाह लिए बैठे इस खूंखार कमांडर का खात्मा कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।

पीओके में जैश आतंकी हमजा बुरहान का अंत, भारत पर नजर गड़ाने वालों का नामोनिशान मिटा
गुलाम कश्मीर (पीओके) में भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमजा बुरहान को अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया। बुरहान नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार आतंकियों की घुसपैठ की साजिशों में शामिल था। मोदी सरकार द्वारा सीमा पार आतंकियों के नेटवर्क को बेअसर करने की स्पष्ट रणनीति का असर है कि अब गुलाम कश्मीर के आतंकी कैंपों में भी भारत के दुश्मन पूरी तरह खौफजदा हैं।

बहावलपुर में जैश का जहर उगलने वाला मौलाना सलमान अजहर खत्म, आतंक के आकाओं में मची भगदड़
जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के करीबी और भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले मौलाना सलमान अजहर को बहावलपुर में एक अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सलमान अजहर जैश के मदरसों में युवाओं का ब्रेनवॉश करने और भारत के खिलाफ जेहादी ट्रेनिंग देने का मुख्य कर्ताधर्ता था। इस रहस्यमयी खात्मे के बाद जैश के मुख्यालय बहावलपुर में सन्नाटा पसरा हुआ है।

खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर आतंकी शेख यूसुफ अफरीदी ढेर, मोदी राज में भारत विरोधियों की उल्टी गिनती
खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात हमलावरों ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख संचालक शेख यूसुफ अफरीदी को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। अफरीदी सीमा पार हथियारों की तस्करी और कश्मीर में हिंसा भड़काने के लिए आतंकियों को साजो-सामान मुहैया कराने का नेटवर्क चला रहा था। नए भारत के कड़े संदेश के बाद से पाकिस्तान में छुपे बैठे आतंकवादियों में अपनी जान बचाने की होड़ मची है, लेकिन अज्ञात हमलावर चुन-चुनकर उनका हिसाब कर रहे हैं।

मुरीदके में लश्कर कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी का खात्मा, नए भारत की नीति से पाकिस्तान में खौफ
आतंकवाद पर भारत के कड़े रुख और जीरो टॉलरेंस नीति के असर के बीच पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकियों का सफाया लगातार जारी है। लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी को मुरीदके स्थित लश्कर कैंप के बाहर अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतार दिया। बिलाल आरिफ भारत के खिलाफ साजिश रचने और आतंकियों की नई पौध तैयार करने के नेटवर्क में जुटा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और फिर चाकू से वार कर उसे वहीं ढेर कर दिया। जो आतंकी कभी पाकिस्तान में बैठकर सुरक्षित महसूस करते थे, वे अब अपने ही गढ़ में डर के साये में जी रहे हैं।

आतंकी हैंडलर लेफ्टिनेंट कर्नल इमरान दयाल को अज्ञात हमलावरों ने भूना
भारत विरोधी आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तानी तंत्र को एक और बड़ा झटका लगा है। डेरा इस्माइल खान में अज्ञात बंदूकधारियों ने पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल और आतंकी हैंडलर इमरान दयाल को गोलियों से छलनी कर ढेर कर दिया। इमरान दयाल जैश और लश्कर के आतंकियों को ट्रेनिंग देने और भारत में अशांति फैलाने के ऑपरेशनों को कोऑर्डिनेट करता था। इस हमले ने पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के नापाक गठजोड़ में भारी दहशत पैदा कर दी है।

लश्कर के सक्रिय कमांडर अब्दुल गफ्फार का खात्मा, सुरक्षित पनाहगाहों में भारत के दुश्मनों का अंत
आतंकवाद को घर में घुसकर खत्म करने की भारत की नीति के बीच पाकिस्तान में आतंकियों के खात्मे का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय कमांडर अब्दुल गफ्फार संदिग्ध और रहस्यमयी परिस्थितियों में मारा गया। गफ्फार लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकी हमलों के लिए युवाओं को भड़काने और फंड जुटाने का काम कर रहा था। पाकिस्तान की जमीन पर एक के बाद एक आतंकियों का इस तरह सफाया होना यह साबित करता है कि अब देश के गद्दारों और दुश्मनों के लिए कोई भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।

पेशावर में जैश आतंकी मुश्ताक उर्फ गाजी बाबा का काम तमाम, नए भारत के डर से थर्राया पाकिस्तान
मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और भारत के कड़े रुख का खौफ सीमा पार साफ नजर आ रहा है। पेशावर के पास चामकानी इलाके में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कुख्यात कमांडर मुश्ताक उर्फ गाजी बाबा को अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियों से भून दिया। गाजी बाबा भारत में कई आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने और आतंकियों की घुसपैठ कराने में शामिल था। अज्ञात बंदूकधारियों की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।

IISc बेंगलुरु पर हुए हमले की साजिश में भी शामिल था सैफुल्लाह
लश्कर-ए-तैयबा और जमात का आतंकवादी रजुल्लाह निजामनी उर्फ अबू सैफुल्लाह को पाकिस्तान के सिंध के बादिन जिले के मातली में उस समय गोली मार दी गई जब वह अपने घर से बाहर निकला था। लश्कर ए तैयबा का प्रमुख आतंकवादी अबु सैफुल्लाह नेपाल में लश्कर मॉड्यूल पर काम कर रहा था। वह नेपाल में विनोद कुमार के नाम से काम करता था। उसने नेपाली महिला नगमा बानू से शादी की थी। सैफुल्लाह लश्कर के ऑपरेशनल कमांडर आजम चीमा उर्फ बाबाजी का सहयोगी था। नागपुर में RSS हेडक्वाटर पर हमले के अलावा वह रामपुर में 2002 में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले और 2005 में IISc बेंगलुरु पर हुए हमले की साजिश में भी शामिल था। सैफुल्लाह भारत में आतंकियों की घुसपैठ और आर्थिक मदद जुटाने जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सैफुल्लाह लश्कर के ऑपरेशनल कमांडर आजम चीमा उर्फ बाबाजी का सहयोगी था।

जम्मू-कश्मीर में कई घातक हमलों को अंजाम देने वाले अबु कताल को गोली मारी
जम्मू-कश्मीर में कई घातक हमलों को अंजाम देने में अपनी भूमिका के कारण अबु कताल उर्फ फैसल नदीम राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और भारतीय सेना सहित भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के टारगेट पर था। अबू कताल को मार्च 2025 में पाकिस्तान में झेलम के दीना में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस हमले में उसके ड्राइवर की भी मौत हो गई। अबू कताल 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का रिश्तेदार और लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था। अबू कताल दो दशक से जम्मू कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों और घुसपैठ कराने का अहम रोल निभाता आया है। पुंछ जिले में सेना के काफिलों से लेकर राजौरी के गांव में हिंदुओं पर अबू कताल के इशारे पर ही हमले हुए थे। जम्मू कश्मीर में भेजे जाने से पहले ही अबू कताल ही आतंकियों को ट्रेंड करता था, ताकि वो अपने नापाक मंसूबों में कामयाब हो पाए।