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उत्तर प्रदेश : बच्चों का गला रेत साजिद ने कहा- आज काम पूरा कर दिया, एनकाउंटर के बाद बोला- ए खुदा आज बचा ले

               फरार आरोपित जावेद (बाएँ) और एनकाउंटर में मारा गया साजिद (दाएँ) (चित्र साभार: NDTV)
19 मार्च की शाम को उत्तर प्रदेश के बदायूँ में 6 और 14 वर्ष के दो हिन्दू बच्चों की गला रेत कर हत्या कर दी गई। मृतक बच्चों के नाम अहान और आयुष थे। बच्चों की हत्या करने वाले साजिद को इस घटना के कुछ घंटों के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम ने एनकाउंटर में मार गिराया। साजिद के साथी जावेद की तलाश जारी है।

साजिद के हमले में मारे गए बच्चों के पिता विनोद कुमार ने इस मामले में FIR दर्ज करवाई है। विनोद कुमार ने पुलिस को दर्ज करवाई गई FIR में बताया है कि साजिद अपने भाई जावेद के साथ शाम 7 बजे के आसपास उनके घर के बाहर बाइक से आया था। इसके बाद साजिद उनके घर के अंदर आ गया और उनकी पत्नी संगीता से ₹5000 उधार माँगे। यह पैसे देने के लिए संगीता घर के अंदर चली गईं। इस बीच साजिद ने विनोद कुमार के मंझले बेटे पीयूष प्रताप को बाहर गुटखा लाने भेज दिया।

इसके थोड़ी देर बार साजिद ने संगीता से कहा कि उसका मन ठीक नहीं है जिसके लिए वह छत पर जाना चाहता है। साजिद ने जावेद को अंदर बुलाया और उनके बेटों को लेकर छत पर चला गया। विनोद कुमार ने पुलिस को बताया है कि इसके बाद उनकी पत्नी संगीता अंदर से पैसे लेकर जब बाहर आई तो देखा कि साजिद और जावेद सीढ़ियों से उतर रहे हैं और उनके हाथ में ख़ून से सनी हुई एक छुरी है।

FIR के अनुसार, साजिद ने विनोद की पत्नी संगीता से कहा कि आज मैंने अपना काम पूरा कर दिया है। संगीता ने इसके बाद छत पर जाकर देखा जहाँ उनके दोनों बेटे आहान और आयुष खून से लथपथ पड़े हुए थे। इस दौरान बाहर से वापस गुटखा लेकर वापस आए पीयूष पर भी हमला किया। हालाँकि, वह बच गया।

इसके बाद जब संगीता ने घबरा कर शोर मचाया तो मोहल्ले वालों ने इकट्ठा होकर साजिद को पकड़ लिया जबकि जावेद इस दौरान भागने में कामयाब रहा। इसके बाद पुलिस बुला कर साजिद को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इस दौरान भीड़ बढ़ गई और आक्रोशित हो गई जिसके कारण साजिद भी भागने में सफल रहा।

इसके कुछ घंटों बाद ही पुलिस से साजिद की एक मुठभेड़ हुई जिसमें वह मारा गया। पुलिस ने साजिद के एनकाउंटर के विषय में इस मामले की केस डायरी में बताया है कि वह बदायूँ के सखानू गाँव का निवासी है। वह बदायूँ में दो बच्चों की हत्या करके भाग रहा था। पुलिस ने बताया है कि सूचना मिलने पर उसकी एक टीम साजिद का पीछा कर रही थी। उन्हें साजिद के बारे में सूचना मिली थी कि वह सिरसा दबरई के जंगल की तरफ भागा है। इस पर पुलिस ने उसका पीछा करके उसकी निशानदेही कर ली और उसको रुकने को कहा।

साजिद इस दौरान भागता रहा और उसने रुकने के बजाय अवैध तमंचे से पुलिस पर फायर कर दिया। इसके बाद उससे पुलिस ने दोबारा रुकने की अपील की जिस पर उसने फायरिंग जारी रखी। इस दौरान एक गोली एक पुलिस अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी लगी। साजिद ने पुलिस पर लगभग 6-7 राउंड फायर किए। उसकी गोली एक पुलिस अधिकारी के लगी जो कि घायल हो गए। पुलिस ने भी साजिद पर जवाबी कार्रवाई की।

पुलिस द्वारा चलाई गई गोली जब साजिद के लगी तो वह ‘ए खुदा आज बचा ले‘ कह कर गिर गया। इसके बाद उसने पुलिस से दो बच्चों की हत्या की बात स्वीकार की और खुद को बचाने की अपील की। पुलिस ने अपने घायल अधिकारी और साजिद को जिला अस्पताल भेजा। साजिद को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस को साजिद के पास एक अवैध तमंचा और चार राउंड ज़िंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

साजिद और जावेद आपस में भाई हैं और उनके पिता का नाम बाबू है। साजिद और जावेद के खिलाफ बदायूँ के सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज की गई है। इन दोनों के ऊपर हत्या, हत्या के प्रयास और घर में घुस कर हमला करने की धाराएँ लगाई गईं हैं। पुलिस ने साजिद के बाप बाबू और चाचा को भी उनके गाँव से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

इस मामले में पुलिस अभी जाँच कर रही है। साजिद जहाँ एनकाउंटर में मारा गया है तो वहीं जावेद फरार है। उसकी तलाश चल रही है। बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है और उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। इलाके में काफी पुलिस बल तैनात किया गया है।