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हैदराबाद : मंदिर में तोड़फोड़ करने के लिए मुनव्वर जमा ने मुस्लिमों को उकसाने वाला खुद को कहता है मोटिवेशनल स्पीकर: 2 अन्य पर भी FIR; इन संयोजित दंगों के विरुद्ध हिन्दू समाज कब सड़क पर आएगा?

                                          मुनव्वर जमा (साभार: video/REPORTLINE)
मंदिरों में तोड़फोड़, शोभायात्राओं पर पत्थरबाज़ी और सनातन धर्म को अपमानित करने के लिए जेहादी जिम्मेदार नहीं, हिन्दू, हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाएं और समस्त धर्म गुरु जिम्मेदार हैं। जिस दिन कमलेश तिवारी की हत्या हुई थी उसी दिन से इन सबको उग्र रूप धारण करना था, सनातन धर्म को अपमानित करने वाले हिन्दुओं के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए सड़क पर ही नहीं इन सबका सामाजिक बहिष्कार करना था और कोर्ट को भी उपद्रवियों पर नरमी बरतने की बजाए यह पूछना की घरों अथवा मस्जिदों में पत्थर क्यों और किसने कहने पर जमा हुए थे? किसने पत्थरबाज़ी के लिए फंडिंग की थी? अगर यही कुकर्म हिन्दुओं की तरफ से हुए होते यही अदालतें हिन्दू जेहादियों और उनके वकीलों से यही सवाल कर कठोर कार्यवाही करती। अभी भी समय है कि साधु समाज और हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाओं को एकजुट होकर सड़क पर आना होगा अन्यथा सबकुछ लूटने के बाद होश में आने का कोई फायदा नहीं होगा।   
हिन्दू महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जातपात में फंसा हुआ है, लेकिन इस मुर्ख हिन्दू को मालूम होना चाहिए कि 1947 में भारत के आज़ाद होने के बाद से आज तक कितनी ही सरकारें आयीं और गयी लेकिन ये समस्याएं नहीं। लेकिन तुम्हे जो बर्बाद होने वाली पूर्वनियोजित घटनाओं के विरुद्ध कब आवाज़ बुलंद करोगो? बिना रोये कभी माँ भी दूध नहीं देती। दूसरे, मुसलमानों से सीखो कि पलटवार होने पर सारा दोष हिन्दुओं पर डाल अपने आपको दूध का धुला साबित करते हैं और तुम पीड़ित होते हुए भी सरकार और अदालतों की तरफ देखते रहते हो। सब पार्टियां पक्ष अथवा विपक्ष मुस्लिम तुष्टिकरण करने में पीछे नहीं, जीता जागता उदाहरण महाराष्ट्र देख लो जहाँ मुस्लिम वोट खरीदने सरकारी खजाना लुटा दिया।       

हैदराबाद पुलिस ने मुत्यालम्मा मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटना मुंबई के मोटिवेशनल स्पीकर मुनव्वर ज़मा और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर नफरत फैलाने और धार्मिक भावनाएँ भड़काने का आरोप है। इस मामले में अब्दुल रशीद बशीर अहमद और रेजिमेंटल बाज़ार में मेट्रोपोलिस होटल के प्रबंधक एवं मालिक रहमान को गिरफ्तार किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि पर्सनालिटी डेवलपमेंट पर एक महीने तक चलने वाले सत्र के बहाने मुनव्वर जमा प्रतिभागियों के बीच हिंदुओं के खिलाफ नफरत को बढ़ावा दे रहा था। उसने दंगे भड़काने के लिए भी वह लोगों को उकसाया था। गोपालपुरम थाने के सब-इंस्पेक्टर एल सुरेश ने कहा, “उसने सलमान को मुत्यालम्मा मंदिर में मूर्ति को नुकसान पहुँचाने के लिए भी उकसाया।”

मुनव्वर जमा ने अपनी कार्यशाला आयोजित करने के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली थी। इसे आयोजित करने में बशीर और रहमान ने मदद की थी। मुनव्वर जमा इंग्लिश हाउस एकेडमी का संस्थापक है और वह खुद को एक मोटिवेशनल स्पीकर और पर्सनालिटी डेवलपमेंट ट्रेनर बताता है। होटल में आयोजित कार्यशाला में कुल 151 लोग शामिल थे।

इनमें से मुत्यलम्मा मंदिर में देवी की प्रतिमा को लात मारकर खंडित करने का एक आरोपित सलीम सलमान भी था। पुलिस के अनुसार, इस कार्यशाला में शामिल लोग भारत के अलग-अलग हिस्सों से आए थे। आरोपित सलीम सलमान भी मुंबई से आया था। पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर सलीम सलमान ने 14 अक्टूबर को मंदिर में घुसकर देवी दुर्गा की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया था।

पुलिस फिलहाल ज़मा और प्रतिभागियों की पृष्ठभूमि की जाँच कर रही है। जाँच की निगरानी कर रहे शहर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “हम कॉन्फ्रेंस की रिकॉर्डिंग, प्रतिभागियों को वितरित की गई सामग्री और कई अन्य विवरणों की भी जाँच कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि होटल के सभी 49 कमरे उपस्थित लोगों के लिए आरक्षित थे।

सलीम सलमान वह भगोड़े जाकिर नाइक सहित अनय इस्लामी कट्टरपंथियों का वीडियो देखता रहता था। इसके बाद वह कट्टरपंथी बन गया था। पुलिस ने मंदिर में मूर्ति को खंडित करने के आरोप में उसे 16 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले वह साल 2022 में मुंबई के गणेश पूजा में तोड़फोड़ और श्रद्धालुओं से मारपीट कर चुका था।

दरअसल, सलीम सलमान मस्जिद जाते समय मंदिर को निशाना बनाया था। आरोपित ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह सिकंदराबाद के ‘सिने पुलिस होटल’ में ठहरा हुआ था। आरोपित की जानकारी के आधार पर पुलिस ने 50 कमरों वाले होटल पर छापा मारा, जहाँ पता चला कि यह होटल ज्यादातर चोरों द्वारा किराए पर लिया जाता था।

पुलिस ने आगे बताया कि सलीम सलमान के साथ और भी असामाजिक तत्व मंदिर पर हमला कर रहे थे, लेकिन बाकी सभी भाग गए। बता दें कि सोमवार (14 सितंबर 2024) को तेलंगाना के कुर्मागुड़ा क्षेत्र में मुत्यालम्मा मंदिर की मूर्ति तोड़े जाने के बाद सिकंदराबाद में तनाव पैदा हो गया, जिससे स्थानीय हिंदू निवासियों में गुस्सा और विरोध भड़क गया।

यह घटना पास के पासपोर्ट कार्यालय के पास की है। घटना के दौरान लोगों ने इस कट्टरपंथी को स्थानीय लोगों ने तुरंत पकड़ लिया। बाद में उसे मार्केट पुलिस स्टेशन की हद में पुलिस को सौंप दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। घटना के बाद अधिकारियों ने सुरक्षा कड़ी कर दी और शांति बहाल करने के प्रयास कर रहे हैं।

इस बीच, स्थानीय लोगों ने मंदिर के पास प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। प्रदर्शन में बीजेपी नेता भी शामिल हुए। इस प्रदर्शन के दौरान हैदराबाद लोकसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार माधवी लता समेत कई बीजेपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी कर लिया गया। वहीं, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी भी मंदिर पहुँचे थे।।

उन्होंने इस घटना को ‘शर्मनाक‘ करार दिया और कुछ लोगों पर जानबूझकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया। इस बीच, घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें एक युवक सफेद कुर्ता और काली इस्लामिक टोपी पहने देवी की मूर्ति पर लात मारते हुए दिख रहा है। उसने मूर्ति को बेरहमी से तोड़ा और उसके टुकड़े ज़मीन पर फेंक दिए।