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द कश्मीर फाइल्स को ‘झूठा’ बताने पर नेटिजन्स ने केजरीवाल की लगाई क्लास

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘द कश्मीर फाइल्स‘ (The Kashmir Files) को झूठी फिल्म बताते हुए राज्य में टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया। गुरुवार (24 मार्च 2022) को विधानसभा में उन्होंने फिल्म को टैक्स फ्री करने की बजाय यूट्यूब पर डालने की सलाह भी दी।

हिन्दू विरोध में यह आदमी और इसकी पार्टी कितना नीचे गिर सकती है, दिल्ली से बाहर एक अख़लाक़ की मौत होने पर रोते-रोते उसके घर पहुँचने वाला दिल्ली में आप के वोटबैंक द्वारा हुए हिन्दुओं पर जानलेवा हमलों पर चुप्पी साधना सबसे बड़ा सबूत है।  

कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार को बयाँ करती फिल्म को लेकर उनका यह रवैया नेटिजन्स को रास नहीं आया। सोशल मीडिया यूजर्स ने केजरीवाल के दोहरे रवैए को उजागर करते हुए वे तमाम ट्वीट्स शेयर किए जो उन्होंने अतीत में फिल्मों की तारीफ करते हुए और लोगों से देखने की अपील करते हुए की थी। इनमें नील बट्टे सन्नाटा, पीके, सांड की आँख, उड़ता पंजाब, हमने गाँधी को मार दिया, सीक्रेट सुपरस्टार, गब्बर इज बैक, मॉम जैसी फिल्में शामिल है। इसके अलावा लोग यह भी याद करवा रहे हैं कि कैसे उन्होंने स्वरा भास्कर की नील बट्टे सन्नाटा, तापसी की सांड की आँख, रणबीर सिंह की ‘83’ को टैक्स फ्री किया था।

मनीष गुप्ता नाम के यूजर ने अरविंद केजरावाल द्वारा फिल्मों की तारीफ करने वाले ट्विट्स का स्क्रीनशॉट शेयर किया।

एक यूजर ने लिखा, “कश्मीर नरसंहार झूठा। अरे तुम्हारा अस्तित्व ही झूठा है। 83 को टैक्स फ्री करते हो और द कश्मीर फाइल्स को टैक्स फ्री करने को कहा तो झूठ। अपना गंदा पॉलिटिक्स यहाँ मत घुसाओ। गंभीर मुद्दों पे हँस के पहले भी गिरे ही थे अभी और ज्यादा गिर चुके हो। भारत का बेशर्म मुख्यमंत्री।”

समीर भारद्वाज ने लिखा, “आपकी अंदर की वेदना और संवेदना दोनों ही मर चुकी है तभी आप एक सच जो दबा हुआ था उसको झूठा साबित करने पर लगे हैं। ना तो आपको बिता हुआ कल माफ करेगा और ना ही आने वाला कल। याद रखना..”

जयपी त्रिपाठी ने लिखा, “झूठी पार्टी, जब सन्नाटा और 83 को टैक्स फ्री किया था, तब उन्हें क्यों नहीं यूट्यूब पे डालने को कहा, तुम्हारे जैसा cheap और गिरगिट टाइप नेता न पैदा हुआ था न होगा। तुम तो अपने बच्चों के सगे नहीं निकले। उनकी कसम खाने के बाद भी राजनीति में हो तो और किस बात के लिए भरोसा किया जाए।”

एक यूजर ने लिखा है, “जब आप इन फिल्मों को टैक्स फ्री कर सकते हैं तो कश्मीर फाइल्स को क्यों नहीं।” वहीं नम्रता नाम की एक यूजर ने लिखा, “आप तो दिल्ली को सुधारने आए थे। फिल्मों के ट्वीट क्यों?”

आनंद रंगनाथन ने लिखा, “83 के निर्माताओं से यह कहने की हिम्मत नहीं हुई कि वे अपनी फिल्म को यूट्यूब पर अपलोड करें ताकि लोग इसे मुफ्त में देख सकें। इसके बजाय उन्होंने इसे टैक्स फ्री कर दिया। वह The Kashmir Files को टैक्स फ्री नहीं करेंगे क्योंकि वह चाहते हैं कि लोग सीमित ओवरों के क्रिकेट के बारे में जानें, कश्मीरी हिंदू नरसंहार के बारे में नहीं।”

केजरीवाल की बात सुनने के बाद अनुपम खेर (Anupam Kher) ने भी ट्वीट कर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने लिखा, “अब तो दोस्तों द कश्मीर फाइल्स सिनेमा हॉल में ही जाकर देखना। आप लोगों ने 32 साल बाद #KashmiriHindus के दुःख को जाना है। उनके साथ हुए अत्याचार को समझा है। उनके साथ सहानुभूति दिखाई है। लेकिन जो लोग इस त्रासदी का मजाक उड़ा रहे हैं, कृपया उनको अपनी ताकत का एहसास कराएँ।”