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‘हमारी मैडम सोनिया जी को क्यों नहीं बुलाया’ – कांग्रेस अधीर रंजन

अधीर रंजन चौधरी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रिभोज कार्यक्रम में निमंत्रण के बाद भी कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया है। दरअसल अधीर रंजन ने रात्रिभोज कार्यक्रम में सोनिया गाँधी को आमंत्रित नहीं किए जाने पर नाराजगी ज़ाहिर की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में बुलाए जाने पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र के कुछ कायदे और शालीनताएँ होती हैं। इसमें विपक्ष क्यों नदारद है? क्यों हमारी मैडम सोनिया जी को नहीं बुलाया गया? अमेरिका में जब हाउडी मोदी हुआ तो वहाँ के मंच पर तो डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों थे।
इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज के लिए 25 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया गया, जिसमें जाने से अधीर रंजन चौधरी ने साफ इंकार कर दिया है। साथ ही इस रात्रिभोज को लेकर सरकार पर कई सारे सवाल भी खड़े किए हैं।

अधीर रंजन ने ट्वीट किया, “ट्रंप अहमदाबाद से अपने राष्ट्रपति चुनाव अभियान को शुरू करने जा रहे हैं। एक साथ दो माचो (मर्दवादी) राजनेता मिलेंगे, खाएँगे और मीडिया के लाइमलाइट में आएँगे। लेकिन संक्षेप में कहें तो, अमेरिका विक्रेता के रूप में होगा जबकि भारत खरीदार होगा। वहीं कांग्रेस ट्रंप की यात्रा का एक तरफ तो स्वागत कर रही है तो दूसरी ओर यात्रा से भारत के नफे-नुकसान को लेकर भी लगातार सवाल उठा रही है।
24 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति भारत दौरे पर अहमदाबाद पहुँचेंगे। इसके बाद अहमदाबाद के नवनिर्मित मोटेरा स्टेडियम में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जहाँ से वह आगरा के लिए रवाना होंगे और ताजमहल का दीदार करेंगे। वहीं 25 को ट्रंप दिल्ली पहुँचकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इससे पहले दोनों देशों के बीच कुछ महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते भी हो सकते हैं।

भाजपा नेता रावण की औलाद : अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस संसदीय दल के नेता

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संसदीय कार्यवाही के दौरान कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने ये बोल कर नया विवाद खड़ा कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता ‘रावण की औलाद’ हैं। लोकसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “वे एक ऐसे व्यक्ति के लिए इस तरह का शब्द कैसे बोल सकते हैं, जिन्होंने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में काफी योगदान दिया, बल्कि पूरी दुनिया में शांति और अहिंसा का संदेश फैलाया। महात्मा गाँधी के सत्याग्रह को ड्रामा कहने वाले रावण की औलाद हैं। वे भगवान राम के उपासक को गाली दे रहे हैं।”
अनंत हेगड़े ने पिछले दिनों बेंगलुरू के एक कार्यक्रम में कहा था कि आजादी की पूरी लड़ाई अंग्रेजों की सहमति एवं सहयोग से लड़ी गई थी और महात्मा गाँधी के नेतृत्व वाला स्वतंत्रता आंदोलन एक ‘नाटक’ था। अधीर रंजन चौधरी ने इसी की प्रतिक्रिया में ये बातें कही थी।

चौधरी के बयान पर बीजेपी ने आपत्ति जताया। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “हम भारतीय जनता पार्टी के लोग असली भक्त हैं। हम महात्मा गाँधी के असल फॉलोअर हैं। ये लोग सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी जैसे ‘नकली’ गाँधी के फॉलोअर हैं।”
हालाँकि, अनंत हेगड़े ने अपनी टिप्पणी के बारे में कहा, “1 फरवरी 2020 को दिए मेरे बयान की जिम्मेदारी लेता हूँ। मैंने किसी राजनीतिक पार्टी, महात्मा गाँधी या किसी और का कोई जिक्र नहीं किया था। मैंने सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम को वर्गीकृत करने की कोशिश की थी।”
आगे उन्होंने कहा, “मेरा भाषण सार्वजनिक है, अगर कोई सुनना चाहता है, तो यह ऑनलाइन और मेरी वेबसाइट पर उपलब्ध है। मैंने कभी महात्मा गाँधी और पंडित नेहरू के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा। मैं सिर्फ हमारे स्वतंत्रता संग्राम के बारे में चर्चा कर रहा था।”
अधीर रंजन चौधरी इससे पहले भी कई सारे विवादित बयान दे चुके हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खुद को पाकिस्तानी बताया था। उन्होंने कहा था, “मुझे पाकिस्तानी कहकर बुलाया जाता है, आज मैं कहना चाहता हूँ कि हाँ, मैं पाकिस्तानी हूँ। आप जो करना चाहते हैं, वो कर सकते हैं। आज हमारे देश में कोई सही बात नहीं कह सकता है, क्योंकि अगर आप सच कहते हो तो आपको देशद्रोही कह दिया जाता है।”
उन्होंने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने पर कहा था कि चूँकि इस मामले को संयुक्त राष्ट्र देख रही है, ऐसे में भारत इससे सम्बंधित विधेयक कैसे ला सकता है? उन्होंने इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताया था। इसी तरह 10 दिसंबर 2019 को उन्होंने लोकसभा में कहा था, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री, जो हर मुद्दे पर बोलते रहते हैं, इस मुद्दे (महिलाओं के साथ अपराध) पर शांत हैं। ‘मेक इन इंडिया’ से भारत धीरे-धीरे ‘रेप इन इंडिया’ की तरफ़ बढ़ रहा है।”