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ड्रेसिंग रूम में मोदी ने ऐसा क्या कह दिया कि मुस्कुराने लगे रोहित शर्मा और विराट कोहली: प्रधानमंत्री ने दिया न्योता, वीडियो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खिलाड़ियों से ड्रेसिंग रूम में जाकर मिले और उनका हौसला बढ़ाया। पीएम मोदी द्वारा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें वो खिलाड़ियों की हौसला-अफजाई करते हुए कहते हैं कि पूरा देश आपके साथ खड़ा है। उन्होंने भारतीय टीम के खिलाड़ियों से एक-एक कर मुलाकात की और सभी का हौसला बढ़ाया। इस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के कोच राहुल द्रविड से भी वो गले मिले और उनसे हौसला बनाए रखने को कहा।

मोदी का टीम इंडिया के खिलाड़ियों से ड्रेसिंग रूम में मुलाकात का वीडियो सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि पीएम मोदी टीम के सभी खिलाड़ियों से मुलाकात कर रहे हैं। वह सबसे पहले कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली से मिलते हैं। वो रोहित शर्मा ने बोलते हैं, “आप लोग 10 मैच जीतकर यहाँ तक आए हैं। ये तो होता रहता है। मुस्कुराइए भाई, देश आप लोगों को देख रहा है।” वीडियों में पीएम मोदी रोहित और विराट के कंधे को थपथपाते हुए भी दिख रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी खिलाड़ियों को दिल्ली आने का भी न्यौता दिया है और उनसे संपर्क करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि मैं यहाँ बस हौसला बढ़ाने आ गया था, आप लोग दिल्ली आइए, तो जरूर मिलिए। आपसे मुलाकात के लिए समय निकालेंगे।

पीएम मोदी टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ से कहते हैं, “आप लोगों ने बहुत मेहनत की है।” इस दौरान पीएम मोदी ने रविंद्र जडेजा से गुजराती में बातचीत की, तो जसप्रीत बुमराह से भी पूछा कि क्या वो गुजराती में बात करते हैं, इसके जवाब में बुमराह कहते हैं “थोड़ो-थोड़ो (थोड़ा-थोड़ा)।” फिर वो श्रेयस अय्यर, सूर्य कुमार यादव, कुलदीप यादव से भी मिलते हैं।

पीएम मोदी ने मोहम्मद शमी को गले से लगा लिया और कहा कि आपने इस बार बहुत अच्छा किया है। वहीं, KL राहुल का नाम लेकर उनका हौसला भी पीएम मोदी बढ़ाते दिखे। समाचार एजेंसी ANI ने पीएमओ के हवाले से ये वीडियो जारी किया है और लिखा है, “19 नवंबर को गुजरात के अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईसीसी विश्व कप फाइनल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम इंडिया से उनके ड्रेसिंग रूम में मुलाकात की। पीएम ने खिलाड़ियों से बात की और पूरे टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन के लिए उनका हौसला बढ़ाया।”

भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से 6 विकेट से हार गई। पिछले 10 सालों में भारतीय टीम एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाया है। इस हार के बाद सभी खिलाड़ियों के चेहरे मायूसी से भरे नजर आए थे। खुद पीएम मोदी इस मौके पर स्टेडियम में मौजूद थे और उन्होंने विजेता कप्तान पैट कंमिस को ट्रॉफी भी सौंपी और इसके बाद रात में भारतीय ड्रेसिंग रूप में जाकर उन्होंने फाइनल मुकाबला हारने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की।


‘मर्द नहीं बचे हैं क्या?’, इससे इस्लाम होता है कमजोर : महिलाओं को टिकट देने पर जामा मस्जिद के शाही इमाम शब्बीर अहमद सिद्दीकी

इमाम शब्बीर सिद्दीकी (फोटो साभार: गैटी)
गुजरात विधानसभा चुनावों में मतदान दौरान मुस्लिमों से एकजुट रहने की अपील करने वाले अहमदाबाद स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम शब्बीर अहमद सिद्दीकी ने एक और बयान दिया है। सिद्दीकी ने कहा कि चुनावों में मुस्लिम महिलाओं को टिकट देने वाले इस्लाम के खिलाफ हैं और वे इसे कमजोर कर रहे हैं।

इमाम सिद्दीकी ने कहा, “अभी आपने देखा नमाज पढ़ना। एक भी औरत नजर आई? इस्लाम में सबसे ज्यादा अहमियत नमाज को है। अगर औरतों को इस तरह से लोगों के सामने आना इस्लाम में जायज होता तो उन्हें मस्जिद में नहीं रोका जाता। मस्जिद से रोक दिया गया, क्योंकि औरत का इस्लाम में एक मुकाम है।”

सिद्दीकी मुस्लिम महिलाओं को टिकट देने वालों पर भी भड़के। उन्होंने कहा, “जो मुस्लिम औरतों को टिकट देते हैं, वे इस्लाम के खिलाफ बगावत करते हैं। इस्लाम के खिलाफ उनका ये अमल है। आपको मर्द नहीं मिला कि आप औरतों को ला रहे हैं? इससे हमारा मजहब कमजोर होगा। कमजोर इसलिए होगा, क्योंकि कल कर्नाटक में हिजाब का मसला चला तो काफी हंगामा हुआ।”

महिलाओं को टिकट देने से इस्लाम कैसे कमजोर होगा, इसको लेकर सिद्दीकी तर्क देते हैं, “अब कल अपनी औरतों को काउंसलर या विधायक बनाएँगे तो हम हिजाब को महफूज नहीं रख पाएँगे। इस मसले को हम फिर नहीं उठा सकेंगे, क्योंकि इसे उठाने के लिए हम सरकार से बात करेंगे तो वे कहेंगे कि आपकी औरतें तो अब एसेंबली हॉल में आ रही हैं, पार्लियामेंट में जा रही हैं, म्युनिसिपालिटी के बोर्ड में बैठ रही हैं। स्टेज पर वो लोगों से अपील कर रही है। इलेक्शन लड़ने के लिए घर-घर जाना पड़ेगा। इस्लाम में औरत की आवाज भी औरत है। इसलिए मैं इसका सख्त मुखालिफ हूँ।”

मुस्लिम महिलाओं को टिकट देने के पीछे के ‘साजिश’ को समझाते हुए सिद्दीकी ने कहा, “आप मर्द को टिकट दीजिए। अगर कहीं हमारे देश का है कि उस सीट से औरतें ही लड़ सकती हैं तो वहाँ आप कह सकते थे कि भाई वहाँ तो मजबूरी है। मेरा मानना है कि ये औरतों या लड़कियों को इसलिए टिकट दे रहे हैं ताकि पूरे कब्जे में किया जा सके। आजकल तो औरतों की चलती है तो वो आगे आ जाएगी तो पूरा परिवार कब्जे में आ जाएगा। इसके सिवाय तो और कोई मकसद मुझे नहीं लगता।”

मुस्लिमों से एकजुट होकर वोट करने की अपील

इमाम शब्बीर अहमद सिद्दीकी ने मुस्लिमों से एकजुट होकर गुजरात चुनाव में वोट डालने की अपील की है। इसके पीछे तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के वोटों के बँटवारे के चलते साल 2012 में अहमदाबाद की जमालपुरा सीट पर भी भाजपा ने कब्ज़ा जमा लिया था। सिद्दीकी ने कहा है कि मुस्लिम उसी को जिताएँ जो उनका प्रतिनिधित्व करता हो। खुद शब्बीर भी दूसरे, यानी कि अंतिम चरण के चुनाव में 5 दिसंबर, 2022 को अपना वोट अहमदाबाद में डालेंगे।
साल 2012 में जमालपुरा सीट से कॉन्ग्रेस पार्टी ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारा था। उनके विरोध में एक स्थानीय नेता साबिर काबलीवाला भी चुनाव लड़े थे। काबलीवाला को लगभग 30 हजार वोट मिले थे। इस खींचतान में भाजपा प्रत्याशी ने 6000 वोटों से जीत दर्ज कर ली थी। एक बार फिर से काबलीवाला उसी जमालपुरा से चुनावी मैदान में हैं। इस बार वो ओवैसी की पार्टी AIMIM से प्रत्याशी हैं।
ओवैसी की पार्टी की गुजरात चुनावों में एंट्री पर सवाल खड़े करते हुए इमाम शब्बीर ने पूछा कि वो विधानसभा में क्या करने जा रहे हैं? बकौल शाही इमाम, मुस्लिमों की भाजपा से दुश्मनी है तो ऐसे समय पर उन्हें कॉन्ग्रेस से भी शत्रुता नहीं करनी चाहिए। इमाम ने खुले तौर पर मुस्लिमों से एकजुट हो कर कॉन्ग्रेस को वोट देने की अपील की।

अहमदाबाद के मौलवी ने दिए हथियार, मुंबई के मौलवी ने ऑर्डर: रिपोर्ट्स में दावा, गुजरात में हिंदू युवक की गोली मारकर कर दी गई थी हत्या

                                                                                                   फोटो साभार: Zeenews gujarati
किशन बोलिया की हत्या के मामले में दो मौलवी की भूमिका सामने आई है। अहमदाबाद पुलिस इस मामले में अब तक दो गिरफ्तारी कर चुकी है। 27 वर्षीय बोलिया की 25 जनवरी 2022 को अहमदाबाद के धंधुका शहर के मोढवाडा-सुंदकुवा इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

जी न्यूज गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार इस हत्या में जिन दो मौलवियों की संलिप्तता सामने आई है, उनमें से एक अहमदाबाद का और दूसरा मुंबई का है। अहमदाबाद के जमालपुर इलाके के मौलवी ने कथित तौर पर हत्यारों को हथियार मुहैया कराए। वहीं मुंबई के मौलवी ने हत्या के निर्देश दिए थे।

सरकार को इन दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करनी चाहिए कि इन्हें हथियार कहाँ से और किसने मुहैया करवाए? दूसरे, संविधान की दुहाई देने वाले कट्टरपंथी क्यों गुप्त रूप से शरीयत का समर्थन कर रहे हैं? जनवरी 28 को न्यूज़ 18 पर एंकर अमन चोपड़ा ने मौलाना कादरी से कई बार पूछने कि "हत्या ठीक या गलत?" लेकिन कादरी केवल यही कहते नज़र आया कि "फैसला कानून करेगा", पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी को असहिष्णुता नज़र आती है। अब कोई उनसे और दादरी पर मदारी का तमाशा मचाने वाले कमलेश तिवारी, अंकित सक्सेना और अब किशन आदि हत्याओं पर क्यों खामोश हैं? आखिर कब तक मजहब देख ये छद्दम सेक्युलरिस्ट्स जनता विशेषकर हिन्दुओं को पागल बनाते रहेंगे? इतना ही नहीं मीडिया भी खामोश है, क्यों? 

न्यूज 18 गुजराती की रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस ने घटना की पड़ताल के लिए सात अलग-अलग टीमों का गठन किया है। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने जॉंच की समीक्षा की है। पुलिस ने अब तक जुटाए गई सारी जानकारियों से उन्हें अवगत कराया है।

किशन बोलिया (भरवाड़) की हत्या के बाद से स्थिति तनावपूर्ण है । शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को दो बाइक सवारों ने दो राउंड फायरिंग कर किशन बोलिया को मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए। बुधवार को निकाली गई किशन की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग उमड़े। गुरुवार को धंधुका बंद का ऐलान किया गया।

बताया जा रहा है कि किशन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट अपलोड किया था, जिसके बाद से वह इस्लामी कट्टरपंथी के निशाने पर था। बताया गया कि किशन ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था वो पैगंबर मुहम्मद से संबंधित था। किशन की पोस्ट पर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। पुलिस ने भी किशन के खिलाफ एक्शन लिया था। पोस्ट के बाद से ही किशन को जान से मारने की धमकियाँ मिल रही थीं। इस घटना के बाद से किशन अपने घर से नहीं निकल रहा था। मंगलवार को अचानक ही वो अपनी बाइक से निकला था, लेकिन कुछ ही दूरी पर उसकी हत्या कर दी गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि किशन पर गोली चलाने वाले बाइक सवार उसके पीछे चल रहे थे, जैसे ही वो मोढवाड़ा मोड़ के पास पहुँचे तो किशन पर पहली गोली चलाई गई, लेकिन वह बच गया। इसके बाद उस पर दोबारा हमला किया गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

गुजरात: रानी रूपमती मस्जिद के पीछे अवैध बूचड़खाने पर छापा, 1,500 किलोग्राम माँस जब्त, 12 तस्कर गिरफ्तार

अहमदाबाद, अवैध बूचड़खानाअहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात पुलिस ने शाहपुर में एक अवैध बूचड़खाने पर छापा मार 12 तस्करों को पकड़ा। साथ ही कुरैशी चौक से लगभग 1,500 किलोग्राम माँस भी जब्त किया। यह अवैध बूचड़खाना अहमदाबाद में रानी रूपमती मस्जिद के पीछे स्थित था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने शनिवार (23मई 2020) को अवैध बूचड़खाने से 75 मवेशियों को बचाया है। शनिवार को शाहपुर पुलिस की एक टीम लॉकडाउन ड्यूटी पर ‘तरखुणिया बगीचा’ में वाहनों की जाँच कर रही थी। तभी एक मोटरसाइकिल सवार ने चेक पोस्ट पार करने की कोशिश की और रानी रूपमती मस्जिद की गली की ओर भाग निकला। मामले को संदिग्ध देखते हुए पुलिस ने तुरंत उसका पीछा किया।
रानी रूपमती मस्जिद को पार करते ही पुलिस ने वहाँ खड़े पिकअप ट्रकों में कई मवेशियों को देखा और उन ट्रकों के पास चार भी लोग भी खड़े थे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें मवेशियों के परिवहन के लिए परमिट पास दिखाने को कहा। उनके पास कोई परमिट पास नहीं था।
मवेशियों को ले जाने वाले चार लोगों की पहचान उस्मान गनी कुरैशी, रफीक कुरैशी, घोष कुरैशी और मोहम्मद कुरैशी के तौर पर की गई है। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि कुछ लोग पहले ही कई मवेशियों को बूचड़खाने में ले गए थे। मवेशियों की तलाश में पुलिस ने बूचड़खाने में छापा मारा।

वीडियो में मवेशियों के शव खून से सने बूचड़खाने के बीच देखा जा सकता हैं। पुलिस अधिकारियों ने मौके से कुछ मवेशियों को भी बचाया। शाहपुर पुलिस के इंस्पेक्टर आरके अमीन ने बताया, “75 भैंस की कीमत 5.82 लाख रुपये और माँस की कीमत 1.82 लाख रुपए थी। आरोपियों पर आईपीसी के साथ-साथ पशु संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें कोरोनोवायरस परीक्षण के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।”