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कांग्रेस दलित नेता उदित राज : ‘खून की प्यासी’ होती हैं तलाकशुदा महिलाएँ’

देश में किसी भी मुद्दे पर बहस चल रही तो और उसमें घुस कर पूर्व-सांसद उदित राज दलित-सवर्ण न खेलें तो फिर वो बहस ही अधूरी रह जाती है। भाजपा में टिकट न मिलने से कांग्रेस में आए उदित राज ने अब अनुराग कश्यप पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर कमेंट्री करते हुए उन्हें सज्जन व्यक्ति करार दिया है और इस खबर की चर्चा की है कि कैसे उनकी दोनों पूर्व-पत्नियाँ कल्कि कोचलिन और आरती बजाज उनका समर्थन कर रही हैं नहीं तो तलाकशुदा महिलाएँ ‘खून की प्यासी’ होती हैं।

कभी अपने-आप को ‘सबसे बड़ा दलित नेता’ घोषित कर चुके उदित राज ने ट्विटर पर लिखा, “अनुराग कश्यप सज्जन व्यक्ति लगते हैं। तलाक़ की गई दोनो पत्नियाँ उनके पक्ष में खड़ी हैं, वर्ना खून की प्यासी होती हैं। कंगना रनौत और पायल घोष को जेल में बंद कर देना चाहिए जो सामाजिक भ्रष्टाचार फैला रही हैं।” उन्होंने दो महिलाओं को बिना मतलब जेल भेजने की बात की और सारी तलाकशुदा महिलाओं को ‘खून की प्यासी’ करार दिया।

यानी, उदित राज का मानना है कि जिन महिलाओं का तलाक हो जाता है, वो अपने पूर्व-पति के लिए ऐसी दुर्भावना रखती हैं कि उनका खून पीना चाहती हैं। वैसे, फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप को देख कर लगता नहीं कि उनके शरीर में खून की कमी है। महिला हितों की बात करने वाले उदित राज जैसे लोग जहाँ एक तरफ खुद को आधुनिक सोच वाला दिखाते हैं, वहीं महिलाओं के लिए इस तरह के तुच्छ विचार रखते हैं।

अगर सारी तलाकशुदा महिलाएँ ‘खून की प्यासी’ हैं फिर तो जितने भी तलाकशुदा पति हैं, वो ज़िंदा ही नहीं बचने चाहिए थे? या फिर उनमें से अधिकतर आज अस्पताल में खून की बोतलें चढ़ाते रहते। अरबाज खान और ऋतिक रौशन के बारे में ‘सबसे बड़े दलित नेता’ के क्या विचार हैं, ये अभी तक साफ़ नहीं हो सका है। लेकिन हाँ, महिलाओं को लेकर उनकी सोच पहले भी कई बार सामने आ चुकी है।

साथ ही उन्होंने बलात्कार के प्रयास की पीड़िता को सामाजिक भ्रष्टाचार फैलाने का आरोपित करार दिया। उदित राज की मानें तो बलात्कार का प्रयास करने वाले की तलाकशुदा पत्नियाँ उनके पक्ष में खड़ी हैं, तो पीड़िता को ही जेल भेज देना चाहिए और इसे सामाजिक भ्रष्टाचार का नाम दिया जाना चाहिए। वैसे 1996 में एक ‘खून की प्यासी’ नामक फिल्म आई थी लेकिन उसमें किसी तलाकशुदा महिला को नहीं दिखाया गया था।

इसी तरह उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने सूई से लेकर परमाणु बम तक बनाया लेकिन फिर भी उसे देशद्रोही कहा जाता है लेकिन भाजपा हवाई जहाज तक बेच कर भी देशभक्त है। भले ही कांग्रेस पार्टी ने सारी सरकारी कंपनियों को खटारा बना दिया और मोदी सरकार प्राइवेट प्लेयर्स को मौका देकर उन्हें उबारने की कोशिश में लगी हों, लेकिन उदित राज को इन सब से क्या मतलब, क्यों ही समझें इन चीजों तो… दलित घुसा दिया, नेहरू-गाँधी का याद किया, काफी है।

वैसे कल को उदित राज ये भी ना कह दें कि जवाहरलाल नेहरू ने खुद बैठ कर कुम्हार की तरह मिट्टी गूँथ कर हवाई जहाजों का निर्माण किया। कांग्रेस के लोगों ने हवाई जहाज का अविष्कार किया, राइट ब्रदर्स को इस तकनीक के बारे में बताया और फिर भारत में उसे उड़ाने लगे – शायद उदित राज कल को ये भी लिख सकते हैं। उनकी सोच है कि शायद मोदी सरकार ने ‘हवाई जहाज’ वैसे ही बेच दिया है, जैसे कोई खिलौना हो।

वहीं उदित राज का आरोप है कि उनसे Y+ सिक्योरिटी इसलिए छीन ली गई, क्योंकि वो आरक्षण का समर्थन करते हैं और कंगना रनौत आरक्षण का विरोध करती हैं, इसीलिए उन्हें सरकारी सिक्योरिटी दी गई है। वैसे आरक्षण का समर्थन और विरोध ही इसकी एकमात्र योग्यता है तो सोनिया गाँधी और मनमोहन सिंह को क्यों सुरक्षा मिली हुई है, ये उन्हें बताना चाहिए। क्या ये दोनों नेता भी आरक्षण के विरोधी हैं।

वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना रनौत ने कहा था कि फिल्म में रोल पाने के लिए हीरो के साथ सोना पड़ता था तो क्या उन्होंने भी ये ‘अपराध’ किया है। उनकी सोच देखिए। एक महिला से वो सीधे पूछ रहे हैं कि क्या वो अभिनेताओं के साथ सोती थीं? ऐसी सोच वाले लोगों के लिए बलात्कार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाली महिलाओं के लिए भी मन में ऐसे ही आपत्तिजनक और घृणित सवाल होते हैं, आश्चर्य है!

साथ ही उन्होंने ये भी बताया है कि राहुल गाँधी को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष क्यों बनना चाहिए। क्योंकि उन्होंने ये सारी भविष्यवाणियाँ कीं- कोरोना आएगा, बेरोजगारी बढ़ेगी, अचानक लॉकडाउन से कुछ नहीं होगा। टेस्टिंग बढ़नी चाहिए और चीन परेशानी पैदा करेगा, आर्थिक स्थति बिगड़ेगी। इनमें से आधी बातें ऐसी हैं, जो सभी को पता हैं और आधी ऐसी हैं, जिनका कॉन्ग्रेस ने ही नैरेटिव बनाया है। और, अगर सारी सही हैं तो फिर राहुल गाँधी को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नहीं, ‘राष्ट्रीय भविष्यवेत्ता’ घोषित किया जाना चाहिए।

असल में गाँवों में आजकल भी कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनका काम होता है लोगों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए बिना माँगे राय देना। बाद में कहीं कोई गड़बड़ होती है तो वो कहते हैं कि देखो, मैंने कहा था ऐसा मत करो। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बनने की अगर यही योग्यता है तो फिर इन्हीं लोगों की एक टीम बना कर उनमें से किसी एक को चुन लेना चाहिए। या फिर बहुत लोग तो आकाश देख कर बता देते हैं कि आज बारिश होगी।

उदित राज दलितों को हिन्दू नहीं मानते। उनका कहना है कि मुसलमानों को डराने के लिए ही दलितों को हिन्दू बताया जाता है। वो कहते हैं कि अगर गाँधी-नेहरू नहीं होते तो आज का भारत ब्रिटिश युग से भी बदतर होता। वो यूएन की रिपोर्ट का हवाला देकर कहते हैं कि दलित महिलाओं की औसत उम्र कम है, जिसके लिए सवर्ण जिम्मेदार हैं। वो सवर्णों को बलात्कारी कहने से भी नहीं हिचकते।

उदित राज ने लिखा था कि दलित महिलाओं का बलात्कार अधिकतर सवर्ण ही करते हैं। आजकल की वेब सीरीज में भी ऐसा ही दिखाया जाता है। वो उत्तर प्रदेश में प्रियंका गाँधी को दलितों की आवाज़ करार देते हैं। जब सचिन पायलट ने कांग्रेस से बगावत की थी तो उन्होंने कहा था कि पायलट इतनी कम उम्र में ही प्रदेश अध्यक्ष और उप-मुख्यमंत्री बन गए थे, जबकि कई लोग ज़िंदगी भर मेहनत कर के भी प्रधान तक नहीं बन पाते।

जब तक कोई भाजपा विरोधी वीर सावरकर को गाली नहीं दे तब तक उसका विरोध पूरा नहीं होता। उदित राज भी इस मामले में अपवाद नहीं हैं। उन्होंने तो आरोप लगाया था कि सावरकर ने 6 बार अंग्रेजों से माफ़ी माँगी थी और ब्रिटिश फ़ौज की मदद की थी। साथ ही ये भी कहा कि जिन्ना ने उनकी बात मान कर ही भारत का विभाजन करवाया। उन्होंने इसे भाजपा-संघ से जोड़ दिया। सावरकर को गाली देकर सभी कांग्रेस समर्थक खुद को ‘कूल’ मानते हैं।

इसी तरह उदित राज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पद का अपमान किया था। नॉर्थ वेस्ट दिल्ली से 2014 में बीजेपी के टिकट पर जीते और 2019 में टिकट न मिलने पर भाग खड़े हुए उदित राज ने ट्वीट कर ख़ुद को ‘बोलने वाला’ दलित नेता बताया था और कहा कि भाजपा को दलितों से नफ़रत है और वो ‘बोलने वाले’ दलित की जगह सीट हारना पसंद करेंगे। वो संवैधानिक पदों को भी दलित-सवर्ण के दौरे में बाँधते रहे हैं।

पागलपन के कगार पर अनुराग कश्यप, CAA को करेंगे f**k

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‘डरा हुआ मुसलमान नैरेटिव’ गढ़ने में शुमार रहे गालीबाज अनुराग कश्यप ने 9 अगस्त 2019 को यह कहते हुए अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर दिया था कि “आप सभी की ख़ुशी और सफलता की कामना करता हूँ। यह मेरा आख़िरी ट्वीट है क्योंकि मैं ट्विटर अकाउंट डिलीट कर रहा हूँ। जब मुझे मेरे दिमाग में जो चल रहा है वो बिना डर के बोलने नहीं दिया जाएगा तो बेहतर है मैं कुछ भी ना बोलूँ। गुड बाय।”
मगर जैसे ही जामिया मिलिया इस्लामिया में हिंसा हुई, उन्होंने ट्विटर पर वापसी कर ली और आते ही एक बार फिर से ‘डरा हुआ मुसलमान’ को बचाने के लिए मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस पर भड़ास निकाली। इसके बाद अनुराग कश्यप लगातार मोदी सरकार के खिलाफ जहर उगलने में जुटे हुए हैं और साथ ही अपनी मूर्खता का भी परिचय दे रहे हैं।

इसी कड़ी में शनिवार (जनवरी 11, 2019) तड़के एक ट्वीट करते हुए अनुराग कश्यप ने लिखा, “आज CAA लागू हो गया। मोदी को बोलो पहले अपने कागज, अपनी डिग्री इन “entire political science” दिखाए, और अपने बाप का और ख़ानदान का birth सर्टिफ़िकेट दिखाए सारे हिंदुस्तान को। फिर हमसे माँगे। #f**k CAA”
अनुराग कश्यप के इस ट्वीट से साफ नज़र आ रहा है कि वो पागलपन के चरम पर पहुँच चुके हैं। इस पागलपन में प्रधानमंत्री के लिए अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते नज़र आ रहे हैं और साथ ही ये स्पष्ट दिख रहा है कि इन्हें चीजों को जानने में कोई दिलचस्पी नहीं है, और न ही इसका ज्ञान है, इन्हें तो बस मोदी सरकार का विरोध करके अपने प्रोपेगेंडा की दुकान चलानी है। क्योंकि अगर इन्होंने एक बार भी अच्छी तरह से नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के बारे में पढ़ा होता, तो इन्हें समझ में आता कि ये कानून देश में रह रहे नागरिकों के लिए नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित हुए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना है।

मगर इन्हें इन बातों से क्या… इन्हें तो बस मोदी विरोधी राजनीति करके अपने जहरीले प्रोपेगेंडा को हवा देनी है। हालाँकि, अनुराग के इस ट्वीट के बाद यूजर्स ने उनकी जमकर क्लास लगाई। एक यूजर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “दूसरों को क्यूँ कह रहे हो मोदी को बोलने को? हिम्मत है तो उनको सामने जाकर बोलो कि उनके बाप में दम है या नहीं? और “F**K” को अपनी सड़ी फ़िल्मों में दिखाने के लिए रखो ! #CAA पूरे देश में लागू #IndiaSupportsCAA #CAAJanJagran”

राकेश त्रिपाठी नाम के एक यूजर ने लिखा, “निरा मूर्ख है तू, काश कि तेरे अध्यापक ने कान के नीचे जमा कर कनपुरिया कंटाप दिया होता तो तेरी बुद्धि ठिकाने आ गई होती। #CitizenshipAmendmentAct में किससे सर्टिफिकेट माँगा गया है? मूर्खतापूर्ण बयानबाजी के बाद तेरा सर्टिफिकेट जरूर माँगा जाना चाहिए और शिक्षक पर जुर्माना लगाना चाहिए।”

वहीं एक यूजर ने लिखा कि इस तरह की मूर्खतापूर्ण टिप्पणी करके कृपया वो अपनी स्कूली पढ़ाई का अपमान न करें, क्योंकि स्कूल जाता बच्चा भी जानता है कि CAA किसी भारतीय से संबंधित नहीं है।


कृष्ण कौशिक नाम के एक यूजर ने लिखा, “बेटा तू तो कहाँ से बताएगा। पैदा नहीं assemble हुआ था तू।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “तब चीख-चीख वो कहते थे भारत में “डर” लगता है..! अब निकलने की बारी आई तो भारत “घर” लगता है..!!”

अनुराग कश्यप इससे पहले भी पीएम मोदी को अनपढ़ बताया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था, “CAA/CAB कहीं नहीं जाने वाला है। इनके लिए कुछ भी वापस लेना नामुमकिन है क्योंकि वो उनके लिए हार होगी। यह सरकार हर चीज़ को हार-जीत में ही देखती है। इनका ईगो ऐसा है कि सब जल जाएगा, राख हो जाएगा लेकिन मोदी कभी ग़लत नहीं हो सकता। क्यों? क्योंकि अनपढ़ लोग ऐसे ही होते हैं।” हालाँकि इस ट्वीट के बाद भी इनकी काफी फजीहत हुई थी और हालिया ट्वीट के बाद ये साफ हो गया कि कौन अनपढ़ है!
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल हमेशा मोदी सरकार पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का झूठ....
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शाहीन बाग़ के मुख्य साज़िशकर्ता शरजील इमाम को देश भर से कई कट्टरवादी मुस्लिमों का साथ मिल रहा है। भारत के ‘टुकड़े-टुक.....

#MeToo: अब 'हम साथ साथ हैं' की क्रू मेंबर ने आलोक नाथ पर लगाए आरोप

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फिल्म "हम साथ साथ हैं" के एक दृश्य में रीमा लागु के साथ अलोक नाथ 
जैसे ही मी टू कैम्पेन शुरू हुआ, रोजाना फिल्म इंडस्ट्री का एक अलग ही चेहरा सामने आ रहा है। राइटर, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर विनीता नंंदा ने खुलासा किया था कि सीरियल 'तारा' में काम करते हुए आलोक नाथ ने उनके साथ सेट पर और अन्य जगहों पर गलत हरकतें की थी। भले ही विनीता ने अपनी चिट्ठी में सीरियल के लीड एक्टर कहकर आरोप लगाए लेकिन सोशल मीडिया पर आलोक नाथ का नाम ही तेजी से चल रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि अब जो अलोक नाथ पर तीर फेंका है, वह अपना नाम गुप्त रखे हुए हैं, क्यों? इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि इस चकाचौंध रौशनी के पीछे अँधेरे में क्या है? लेकिन अभिनय क्षमता भी होनी चाहिए, परन्तु अपनी कमी के कारण असफल होने पर दूसरों पर कीजड़ फेंक फिल्म जगत तो क्या शायद में किसी धारावाहिक में भी स्थान मिल सके, क्योकि इन्होने सबके दिल में एक डर उत्पन्न जो कर दिया है। 
चर्चित गायक अभिजीत भट्टाचार्य भी लगभग वही बात कह रहे हैं, जिन पर मैं भी अपने लेखों में शंका व्यक्त कर रहा हूँ। इन पर भी एक पब में एक महिला ने कान कुतरते किस करने का प्रयास करने के लगे आरोपों पर इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि "वह कभी पब ही नहीं गए।आप मुझे कभी page 3 या फ़िल्मी पार्टियों में नहीं पाओगे। मेरा नाम बिकता है। .... इस समय कुछ लोग डर्टी वे में बाहर आ रहे हैं। "     
वो क्रू मेंबर कौन है? क्या नाम है?
लेकिन अब आलोक नाथ पर 'हम साथ साथ हैं' की एक क्रू मेंबर ने आरोप लगाया है। फिल्म के क्रू में शामिल इस महिला के मुताबिक रात के समय की शूटिंग थी और जब वह कॉस्ट्यूम लेकर आलोक नाथ के पास पहुंची तो वह एक्टर उनके सामने ही कपड़े उतारने लगे। ये देखकर वह झिझकी और तुरंत ही कमरे से बाहर निकलने लगी तो उन्होंने उसका हाथ पकड़ लिया। उन्होंने जबरदस्ती की कोशिश की। वह किसी तरह आलोक नाथ से बचकर कमरे से भाग पाई थी।
वह यह बात सूरज बड़जात्या को बताना चाहती थी लेकिन वह रूक गई। उसे डर था कि इस मामले में कुछ नहीं होने वाला क्योंकि आलोक नाथ, बड़जात्या के करीबी थे। उसके मुताबिक, ' मुझे नहीं पता था कि वो मेरा भरोसा करेंगे या नहीं।'
इस सन्दर्भ में अवलोकन करें:--
लगता है बिल्ली थैले से बाहर आ रही है। जिसे सिद्ध कर रही है,दैनिक भास्कर पर प्रकाशित लेख। वास्तव में #Metoo अभियान महिला शोषण को उजागर करना नहीं, बल्कि मुख्य समस्याओं से मोदी सरकार का ध्यान भटकाने का है। फिर जिनके चरित्रों पर कीजड़ फेंकी जा रही है, वह सभी किसी न किसी मोड़ पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के साथ रहे हैं। दूसरे, इस अभियान पर प्रतिक्रिया करने वालों को भी पहचानने की कोशिश करें।भास्कर ने भी अपनी रपट में इस अभियान को हवा देने वालों को उजागर करने का एक प्रयास किया है। भा...
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लगता है बिल्ली थैले से बाहर आ रही है। जिसे सिद्ध कर रही है,दैनिक भास्कर पर प्रकाशित लेख। वास्तव में #Metoo अभियान महिला ...

महिला के मुताबिक इस घटना के बाद वह इस कदर डर गई कि उसने ग्लैमर की दुनिया से दूरी बना ली। वह कहती है, 'मैं अब फिल्मों में सक्रिय नहीं हूं। उस घटना ने मेरा करियर ही बदल दिया।'
वह कहती हैं, 'मुझे खुशी है कि सिन्टा उनके खिलाफ एक्शन ले रहा है। मैं विनीत के साहस को सलाम करती हूं। काश मैं ऐसा साहस दिखा पाती।'
अब भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा का भी फूटा दर्द 
#Metoo: ज्वाला गुट्टा के साथ भी हुआ था ऐसा, बयां की आप-बीतीयौन उत्पीड़न का दर्द झेल चुकी महिलाओं के लिए आवाज बुलंदी का जरिया बना #MeToo लगातार चर्चा में है। अब भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने अपनी आप-बीती दुनिया के सामने रखी है। ज्वाला गुट्टा ने एक के बाद एक ट्वीट कर लिखा कि शायद मुझे भी उस मानसिक प्रताड़ना की बात करनी चाहिए जिससे मैं गुजरी हूं।
Maybe I should talk about the mental harassment I had to go through...
हालांकि उन्होंने न तो किसी का नाम लिया और न ही यौन उत्पीड़न के किसी मामले का जिक्र किया, लेकिन ‘मानसिक प्रताड़ना’ और चयन में भेदभाव की शिकायत का मुद्दा उठाया। ज्‍वाला ने कहा, उन्होंने जो झेला वह मौजूदा ‘मी टू’ खुलासों के अंतर्गत आता है।
2006 से इस व्यक्ति के प्रमुख बनने के बाद से राष्ट्रीय चैंपियन होने के बावजूद मुझे राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया। ताजा मामला तब का है जब मैं रियो से लौटी। मुझे फिर राष्ट्रीय टीम से बाहर कर दिया गया। एक कारण बताया गया कि मैंने खेलना छोड़ दिया है।
बस ऐश्वर्या राय बच्चन उनके समर्थन में आगे आई--एक्ट्रेस फ्लोरा सैनी
Flora Saini and Aishwarya Rai Bachchan
यौन शोषण के खिलाफ मूवमेंट #MeToo में कई लोग खुलकर सामने आ रहे हैं और अपने-अपने अनुभव शेयर कर रहे हैं। हालिया फिल्म 'स्त्री' से चर्चा में आई एक्ट्रेस फ्लोरा सैनी ने भी यौन शोषण को लेकर फेसबुक पर अपनी आपबीती शेयर की है। फेसबुक पोस्ट के जरिए फ्लोरा ने प्रोड्यूसर गौरांग दोशी पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। फ्लोरा के मुताबिक यह घटना 2007 की है।
That's me.. Valentine's day 2007 beaten up by a known producer "Gaurang Doshi' who I loved n was dating then .. this was the last of the one year abuse I took..came out with a fractured jaw n a scarred soul for life..
I realised me talking about it ,that time, jus went against me ,cos he was the powerful one n nobody wanted to believe some girl who was relatively new in the industry, it was his word against mine ,and of course, his word mattered.
He threatened me that he will...
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फेसबुक पोस्ट में फ्लोरा ने कहा है कि उसने घटना के एक साल के बाद ही इसके बारे में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि उस दौरान किसी ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया था। लेकिन अब जब इस तरह की घटनाएं खुलकर सबके सामने आ रही हैं तो उनकी इस कहानी को भी लोगों ने गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।
11 साल पुरानी घटना, शायद उस समय पुलिस नाम की कोई चीज़ नहीं थी?
एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में फ्लोरा ने बताया कि चूंकि यह मामला अभी भी लंबित है इसलिए वह इस पर ज्यादा बात नहीं कर सकती हैं। हालांकि यहां फ्लोरा ने ये भी कहा कि वह #MeToo मूवमेंट के अंतर्गत अपनी कहानी नहीं शेयर कर रही है क्योंकि उसने अपनी कहानी के बारे में 11 साल पहले ही रिपोर्ट कर दिया था। लेकिन उस समय वह नई थी तो इसलिए किसी ने भी उस पर गंभीरता से स्टैंड नहीं लिया।
उन्होंने बताया कि अब इस पोस्ट के पीछे उनका मकसद ये बताना था कि कैसे अब समय बदल रहा है और लोग एक दूसरे के समर्थन में आगे आ रही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वह उन सभी लड़कियों और महिलाओं की तारीफ करती हैं जिन्होंने खुलकर दूसरों का साथ दिया है और आगे आ रही हैं।
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अब #MeToo अभियान का नंगा नाच देखिए 
निम्न लिंक इस अभियान की कलाई खोल रहा है। इस अभियान में जो सम्मिलित हो रही हैं, क्या है सच्चाई 

khabarspecial.com/ये एक्ट्रेस बॉलीवुड में न्यूड होकर भी नहीं बना पायीं अपनी जगह, जानिये कौन-कौन हीरोइन हैं, khabar special news, bollywood hot gossips, bollywood news, bold bollywood, hot photo shoot, bollywood flop actress, bold actress, gita basra, mallika sherawat, udita goswami, emraan hashmi, bold films, bollywood, entertainmen, गीता बसरा, स्याली भगत, तनुश्री दत्ता, उदिता गोस्वामी, मल्लिका शेरावत, कोईना मित्रा, रिया सेन, अमृता अरोड़ा, पाओली डैम, सोनल चौहान, समीरा रेड्डी, नेहा धूपियाये एक्ट्रेस बॉलीवुड में न्यूड होकर भी नहीं बना पायीं अपनी जगह, जानिये कौन-कौन हीरोइन हैं, khabar special news, bollywood hot gossips, bollywood news, bold bollywood, hot photo shoot, bollywood flop actress, bold actress, gita basra, mallika sherawat, udita goswami, emraan hashmi, bold films, bollywood, entertainmen, गीता बसरा, स्याली भगत, तनुश्री दत्ता, उदिता गोस्वामी, मल्लिका शेरावत, कोईना मित्रा, रिया सेन, अमृता अरोड़ा, पाओली डैम, सोनल चौहान, समीरा रेड्डी, नेहा धूपिया

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2007 में फ्लोरा इंडस्ट्री में नई थी। वे बताती हैं कि हम बच्चों को सिखाते हैं कि 'यौन शोषण' और 'बैड टच' से कैसे बचा जाए। लेकिन यही अगर हम एडल्ट के साथ हो तो? वे बताती हैं कि उनके समर्थन में कोई आगे नहीं आया लेकिन बस एक एक्ट्रेस थी जो उनके समर्थन में आगे आई, वो थी ऐश्वर्या राय बच्चन। फ्लोरा बताती हैं कि ऐश्वर्या ने प्रोड्यूसर गौरांग की फिल्म ठुकरा कर इस मुद्दे के प्रति अपनी विरोध जताया था।

विकास बहल ने अनुराग कश्यप और 

विक्रमादित्य मोटवानी को भेजा लीगल नोटिस

vikas bahlबॉलीवुड डायरेक्‍टर विकास बहल पर #Metoo कैंपेन के तहत उनकी को वर्कर ने सेक्सुअल हैरेसमेंट का अरोप लगया था। उसके बाद जब यह मामला पूरी तरह से सामने आया तो फैंटम फिल्‍म में विकास के दो पार्टनर अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवानी ने सोशल मीडिया पर अपनी चुप्‍पी तोड़ी और इस साफ किया कि उन्‍हें विकास की इस हरकत के बारे में पहले से ही पता था। 
विकास बहल के वकील द्वारा भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि अनुराग कश्यप ने अपनी कंपनी की एक एम्पलाई को घूस देकर उससे मेरे खिनाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाने को बोला है। विकास ने यह भी बताया कि वे चारों बहुत पहले ही अलग हो जाना चाहते थे, जिसके बारे में उन्‍होंने मिल कर चर्चा भी की थी। 
विकास बहल के खिलाफ कंगना रानोट ने भी खुलासा किया था कि क्वीन की शूटिंग के दौरान विकास उन्हें गलत तरीके से छूते थे। कंगना रनौत के बाद अब उसी फिल्‍म की एक और एक्‍ट्रेस नयनी दीक्षित ने भी विकास बहल की गंदी करतूतों से पर्दा उठाया है। 
sends notice to Anurag Kashyap & Vikramaditya Motwane, asking them to withdraw their tweet against him & tender unconditional apology on social media platform,desist from making further statements likely to harm his reputation, failing which legal action will be taken.



Phantom was a dream, a glorious one and all dreams come to an end . We did our best and we succeeded and we failed. But i know for sure we will come out of this stronger, wiser and will continue to pursue our dreams our own individual ways. We wish each other the best.
जिसके चलते अब विकास बहल ने दोनों डायरेक्टर अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवानी को लीगल नोटिस भेजा है। इस पर विकास बहल ने कहा है कि इन दोनों ने  #Metoo कैंपेन के नाम का फायदा उठाते हुए उनको बदनाम कर रहे हैं। 

उन्‍होंने बताया कि ये दोनों ये दिखा रहे हैं कि उनकी वजह से ही फैंटम फिल्म्स बंद खत्‍म हुआ है। एक न्यूज एजेंसी के ट्विट के मुताबिक पूरे मामले में विकास ने अनुराग और विक्रमादित्य मोटवानी उनकी इमेज को खराब करने कर अरोप लगाया है।