Showing posts with label GST. Show all posts
Showing posts with label GST. Show all posts

क्या 370 और सरदार पटेल पर लाल किले से गलत बोल गए पीएम मोदी?

Prime Minister Narendra Modiप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लगातार छठी बार लाल किले से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के कामों का जमकर बखान किया। उनके कई दावों पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस ने #ModiLiesAtRedFort के साथ कई ट्वीट किए। कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था और भारतीय संविधान से संबंधित पीएम मोदी के बयानों पर पलटवार किया। पार्टी ने देश की आर्थिक वृद्धि में तेज मंदी के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के फायदों पर पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र के 'वन नेशन, वन टैक्स' के सपने को साकार किया गया है। हालांकि, कांग्रेस ने इसे यह कहते हुए नकार दिया कि कराधान प्रणाली में अभी भी पांच टैक्स स्लैब हैं और ये एक कर सिद्धांत वास्तविकता से बहुत दूर है।
 
देश के व्यापार में सुधार पर पीएम मोदी के एक और बयान को कांग्रेस ने गलत बताया। लाल किले से अपनी स्पीच में पीएम ने कहा, 'जब सरकार स्थिर होती है और नीति पूर्वानुमेय होती है, तो दुनिया आप पर भरोसा करती है। अब पूरी दुनिया भारत की ओर बड़ी आशा से देख रही है। वे हमारे साथ व्यापार में जुड़ना चाहते हैं।'
 
इस बयान का खंडन करते हुए कांग्रेस ने कहा, 'यह बात भारत में अंतरराष्ट्रीय निवेश को कम करने, प्रमुख साझेदारों के साथ व्यापार संबंधों को बर्बाद करने, रुपए को ऐतिहासिक कमजोर करने और देश में निर्यात उद्योग को नष्ट करने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार आदमी कह रहा है।'
पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में कहा, '5 ट्रिलियन इकोनॉमी का हमने सपना संजोया है। कुछ लोगों को ये मुश्किल लगाता है, लेकिन मुश्किल लक्ष्य नहीं रखेंगे तो देश आगे कैसे बढ़ेगा। मुश्किल चुनौतियों को नहीं उठाएंगे तो चलने का मिजाज कैसे बनेगा।'
 
इस पर कांग्रेस ने कहा, 'भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की आदर्श अर्थव्यवस्था वर्तमान तरीके से तो बिलकुल नहीं होगा। वहां तक पहुंचने के लिए हमें जीडीपी के 38% की कुल निवेश दर के साथ विकास दर को 5 वर्षों तक लगातार 9% रखने की आवश्यकता है। वर्तमान में हमारी विकास दर 6.8% के साथ निवेश दर 31.3% है।'
 
अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले पर पीएम ने कहा, 'अनुच्छेद 370, 35A हटाना सरदार पटेल के सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण कदम है।' इसको भी कांग्रेस ने गलत ठहराया और पलटवार करते हुए कहा, 'मोदीजी कृपया हमारे इतिहास के मामले में दुष्प्रचार करके स्वर्गीय सरदार पटेल के कार्य और प्रभाव को मलिन करने का प्रयास न करें। न केवल वो अनुच्छेद 370 के प्रस्तावक थे, बल्कि वो वास्तव में इसके वास्तुकारों में से एक थे।'

IMF ने की मोदी के आर्थिक सुधारों की तारीफ

Modi, digital india
भारत में मोदी विरोधी मोदी को हटाने के लिए हर तरह के आरोप लगा रहें हैं, तो विदेश में उसी मोदी के नाम के डंके बज रहे। 
वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) और वर्ल्ड बैंक की सालाना बैठक में जारी रिपोर्ट में मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों को देश के फायदेमंद करार दिया। आईएमएफ के मुताबिक भारत में कुछ ऐसे सुधार हुए हैं, जिसकी वजह से देश में डिजिटाइजेशन बढ़ा है। इसकी वजह से धोखाधड़ी और अन्य फ्रॉड में कमी आयी है। 

जीएसटी और अन्य आर्थिक सुधारों का दिखा देश पर असर

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी कर्ज घटाने की कोशिशों के तहत स्ट्रक्चरल और फाइनेंशियल सेक्टर में सुधार की वजह से भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।रिपोर्ट में कहा गया है कि GST ने इसमें एक अहम रोल अदा किया है। हालांकि सब्सिडी को घटाने पर ग्रोथ रेट और बेहतर होने की उम्मीद जतााई है। इस रिपोर्ट में एनपीए की समस्या से निपटने के लिए भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की गई है। एनपीए समस्या के समाधान करने के लिए केंद्र सरकार ने बैंकरप्सी कानून लागू किया है। 

डिजिटलाइजेशन से बढ़ी पारदर्शिता

रिपोर्ट में कहा गया कि दुनिया में भारत और इंडोनेशिया दो ऐसे देश है, जिसमें जहां डिजिटलाइजेशन का असर दिख रहा है। उदाहरण के तौर पर बताया गया कि भारत में सामाजिक मदद के लिए डिजिटल प्लेटफार्म को चुना गया। इसका असर यह हुआ कि 17 फीसदी खर्च की बचत हो सकी। इसी तरह आंध्र प्रदेश में स्मार्ट आईडी कार्ड के जरिए लाभार्थियों तक सीधे मदद पहुंचाई गई।

भ्रष्टाचार में हुआ सुधार 

डिजिटलीकरण से चीजों के दाम और उसकी क्वॉलिटी में सुधार हुआ। साथ ही भ्रष्टाचार के इंडेक्स में भी सुधार की बात कही गयी है। इसके अलावा मिस मैनेजमेंट में भी सुधार दिखा है। रिपोर्ट की मानें, तो केंद्र सरकार की ओर से फरवरी में पेश किए गए बजट में किसानों के लिए न्यूनतम सपोर्ट स्कीम की वजह से अर्थव्यवस्था पर असर पडने की बात कही। केंद्र के चालू घाटे को पूरा करने में देरी होने की संभावना जताई है। 

भारत बना रहेगा सबसे तेज अर्थव्यवस्था 

इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) ने इससे पहले मंगलवार को भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बताया था। IMF ने साल 2019 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.3 प्रतिश से बढ़ने की उम्मीद जताई थी, जबकि साल 2020 में इसके 7.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना जाहिर की है। बता दें कि साल 2018 में भारत की ग्रोथ रेट 7.1 फीसदी थी जबकि चीन की ग्रोथ रेट महज 6.6 फीसदी थी। आईएमएफ ने चीन की ग्रोथ रेट 2019 में 6.3 फीसदी और 2020 में 6.1 फीसदी होने का अनुमान लगाया है।

देश का कारोबारी GST से परेशान, ये टीशर्ट बेच रहे हैं, वाह क्या चौकीदार है : असदुद्दीन ओवैसी

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर जोरदार निशाना साधा है।
असदुद्दीन ओवैसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि हर कारोबारी जीएसटी पर परेशान है और ये टी शर्ट बेच रहे हैं। वाह क्या चौकीदार है। अपने इस बयान से ओवैसी ने बीजेपी के मैं भी चौकीदार कैंपेन पर भी निशाना साधा है।
ओवैसी ने कहा कि जेट एयरवेज डूब गई। ये चौकीदार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 1500 करोड़ रुपए उसको दे रहे हैं। मेक इन इंडिया के नाम पर हजारों फैक्ट्रियां आज देश में बंद हैं। क्या आप उनको लोन नहीं दे सकते।
ओवैसी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि जब पुलवामा हमला हुआ तब क्या प्रधानमंत्री मोदी और राजनाथ सिंह बीफ बिरयानी खाकर सो रहे थे। आप देख सकते हैं कि बालाकोट में 300 फोन थे। लेकिन पुलवामा में 50 किलो आरडीएक्स चला गया, आपने उसे क्यों नहीं देखा।

Asaduddin Owaisi: Har karobari GST pe pareshan hai aur yeh t-shirt baech rahe hain, Wah! kya Chowkidar hai. Jet Airways doob gayi,yeh chowkidar ₹1500 crore SBI ke de rahe hain usko. 'Make in India' ke naam par hazaron factories band hain,kya aap unko loan nahi de sakte? (25.03)
ओवैसी अबकी बार फिर हैदाराबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। वह लगातार तीन बार से हैदराबाद से सांसद है। ओवैसी के अलावा उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि पीएम मोदी को अपने आधारकार्ड और पासपोर्ट में चौकीदार लिखना चाहिए। हमें पीएम चाहिए न कि चायवाला, पकौड़ेवाला।

GST हटाने की बात कहकर फंसे राहुल गांधी

Confederation of All India Traders slams Rahul gandhi statement on abolishing GST
सत्ता में आने पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) हटाने का बयान देकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी फंस गए हैं। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने राहुल गांधी के इस बयान की कड़ी आलोचना की है। कैट का कहना है कि राहुल अपने राजनीतिक फायदे के लिए GST हटाने की बात कर रहे हैं।
राहुल के पास नहीं वैकल्पिक व्यवस्था
कैट के महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने मार्च 24 को एक बयान जारी कर रहा कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सत्ता में आने पर GST खत्म करने की बात कह रहे हैं। खंडेलवाल ने कहा कि राहुल के पास GST का कोई विकल्प नहीं है। राहुल यह बात केवल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं और व्यापारियों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं। चेतावनी देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि राहुल अपनी राजनीति के लिए व्यापारियों का इस्तेमाल ना करें, नहीं तो आगामी चुनाव में व्यापारी कांग्रेस को करारा जवाब देंगे।
कांग्रेस की प्राथमिकता में नहीं रहे व्यापारी
दिल्ली में व्यापारियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए खंडेलवाल ने कहा कि देश में आजादी से अब तक सबसे ज्यादा कांग्रेस ने शासन किया है। लेकिन व्यापारी कभी भी कांग्रेस की प्राथमिकता में नहीं रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में व्यापारियों के साथ कभी भी न्याय नहीं हुआ। खंडेलवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान राहुल गांधी कितनी बार व्यापारियों से मिले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में देश के व्यापारी बद से बद से बदतर हो गए थे जो आज तक नहीं संभल पाए हैं।

GST Council Meeting: मूवी देखना हुआ सस्ता,टीवी

GST Council Meeting
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
एक बहुत पुरानी एवं चर्चित फिल्म का गीत है कि "सब कुछ लुटा कर होश में आए तो क्या किया ...." जो वर्तमान सरकार की कार्यशैली पर शत-प्रतिशत चरितार्थ हो रहा है। जनता को इस सरकार से बहुत अपेक्षाएं थीं। लेकिन मोदी सरकार की कार्यशैली भी कई मायनों में पिछली सरकारों से मेल खाती दिखती है। पांच राज्यों में चुनाव घोषित होने से पूर्व पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि कर पूंजीपतियों के पेट भर, चुनाव घोषित होते ही, दामों में गिरावट। वही स्थिति GST के साथ हो रही है। यानि 2019 की तैयारी सरकार ने शुरू कर दी है। जनता को जगाने वाले ही जब जनता को मुर्ख बनाने लगेंगे, फिर दोष किसे दिया जाए? पहले तो जनता की जेब काटली, और अब चुनाव निकट आते देख दरों में कमी की जा रही है। भ्रष्टाचार अभी भी बेलगाम, दिल्ली नगर निगम हो या जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें थीं और आज वर्तमान में हैं, कहाँ भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।    
जीएसटी काउंसिल की 31वीं बैठक पूरी हो चुकी है। इस बैठक में वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में राज्यों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। जीएसटी टार्गेट पर बोलते हुए उन्हेंने कहा जिस टार्गेट की हम बात करते है, वह बड़ा कठोर टार्गेट है। विभिन्ना राज्यों डेटा को देखा गया था, तो पता चलता है कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल बेतहर प्रदर्शन कर रहे हैं। जीएसटी परिषद ने 23 वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी कर की दरों में कमी की; राजस्व पर 5,500 करोड़ रुपये का प्रभाव पड़ेगा।पुडुचेरी के मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 33 चीजों पर जीएसटी दर कम की गई है। इन्हें 18 फीसदी के घटाकर 12 फीसदी से 5 फीसदी तक लाया गया है। जबकि 7 वस्तुओं पर जीएसटी दर को 28 फीसदी के घटाकर 18 फीसदी किया गया है।
उत्तराखंड के वित्तमंत्री ने बताया कि कई वस्तुओं को 28 फीसदी से 18 फीसदी के टैक्स स्लैब में लागा गया है। जानकारी के मुताबिक फुटवियर को 12 फीसदी टैक्स स्लैब में लाने की बात कही गई है। अभी कुछ फुटवियर 5 फीसदी और कुछ 12 फीसदी के टैक्स स्लैब में हैं। 
जीएसटी काउंसिल की बैठक में पावर बैंक की सभी कैटगरी को 28 फीसदी से 18 फीसदी कर दिया गया है। सिनेमा टिकट जो 100 रुपए से ज्यादा की कीमत के हैं उनपर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया है। जबकि 100 रुपए से ज्यादा के टिकट पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। 
धार्मिक यात्रा पर जाने वालों से कोई प्रीमियम चार्ज नहीं लिया जाएगा। धार्मिक यात्रा पर जाने वाले के हवाई यात्रा पर 5 फीसदी टैक्स लेगा। पहले इकोनॉमी क्लास में जाने वाले 5 फीसदी जीएसटी लगता था, जबकि चार्टर्ड प्लेन से जाने पर ज्यादा जीएसटी लगता था। अब सभी पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। इसके साथ ही टायर पर भी जीएसटी दर घटाई गई है। वहीं वीडियो गेम व स्पोर्ट आइटम को भी 28 फीसदी जीएसटी स्लैब से बाहर किया गया है। 
हालांकि कई वस्तुएं अभी भी 28 फीसदी जीएसटी स्लैब में हैं। इनमें सीमेंट, ऑटोमोबाइल पार्ट, सिन गुड, लग्जरी गुड शामिल हैं। 28 फीसदी जीएसटी स्लैब में केवल 34 वस्तुएं हैं। कई आइटम पर अगली बैठक में फैसला लिया जाएगा। 
इसके साथ ही लिथियम बैटरी चार्जर को 28 फीसदी के स्लैब से घटाकर 18 फीसदी के स्लैब में लाया गया है। उत्तराखंड के वित्तमंत्री ने बताया कि मोटर व्हीकर पार्ट, टीवी, कम्प्यूटर, टायर समेत कई चीजों की कीमत कम की गई है। 

GST काउंसिल बैठक में लिए गए बड़े फैसले-

  1. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने बताया कि बैठक में 33 वस्तुओं की जीएसटी दर 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी और 5 फीसदी की गई है।

  2. उन्होंने बताया कि बैठक में 7 वस्तुओं को 28 फीसदी की जीएसटी दर से घटाकर 18 फीसदी की जीएसटी दर पर लाया गया है।

  3. टीवी स्क्रीन (32 इंच या इससे बड़ी) को 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया गया है।

  4. लिथियम बैटरी चार्जर को 28 फीसदी से 18 फीसदी कर दिया गया है।

  5. फुट वियर को 5 फीसदी और 18 फीसदी से 12 फीसदी के स्लैब में करने का प्रस्ताव।

  6. व्हीलचेयर और हैंडीकैप्ड मोबिलिटी व्हीकल को 5 फीसदी जीएसटी स्लैब में लाया गया।

  7. फ्रोजन वेजीटेबल को 5 फीसदी जीएसटी से 0 फीसदी कर दी गई है।

  8. रजिस्टर कंपनियों से गोल्ड एक्सपोर्ट को 3 फीसदी के 0 फीसदी पर लागा गया है।

  9. म्यूजिक बुक को 12 फीसदी से 0 फीसदी किया गया है।

        रबर टायर को 28 फीसदी से 18 फीसदी में लगाया गया।


  1. सीमेंट और कुछ ऑटो पार्ट की दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पावर बैंक (लिथिम आयन बैटरी वाले) की एक कैटेगरी को 28 फीसदी से 18    फीसदी कर दिया गया है।

  2. सिनेमा टिकट: 100 रुपए तक के टिकट को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी जीएसटी कर दी गई है। जबकि इससे ऊपर की टिकट पर जीएसटी 28 फीसदी के घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।

  3. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी हुई है।

  4. धार्मिक यात्रा पर जाने वालों को अब चार्टर प्लेने के लिए भी अब सिर्फ 5 फीसदी टैक्स देना होगा।

  5. सोलर पावर जनरेटिंग आइटम पर अब 5 फीसदी जीएसटी लगेगा।

  6. अब 28 फीसदी जीएसटी स्लैब में केवल 34 वस्तुएं हैं। जिसमें सिन गुड या लग्जरी गुड शामिल हैं।

  7. कई आइटम पर अगली बैठक में फैसला लिया जाएगा। जिसमें प्रॉपर्टी से मुद्दे शामिल हैं।

  8. लॉटरी पर चर्चा अगली बैठक में होगी।

  9. डिजास्टर सेस पर फैसला अगली बैठक में होगी।