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केरल के चर्च ने ‘ईसाई युवतियों’ पर बताया लव जिहाद का नया खतरा, कहा- ड्रग्स या सेक्स ...फँसाने की हो रही कोशिश

     चेन्नामकारी में स्थित सेंट जोसफ सिरो-मालाबार कैथोलिक चर्च (फाइल फोटो साभार: Wikimedia Commons)
केरल में सिरो-मालाबार चर्च के पाला डायसस के बिशप ने अपने डायसस के पादरियों को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने आगाह किया है कि डायसस से जुड़े ईसाई परिवारों की युवतियों को फँसाने की साजिश रची जा रही है, इसीलिए उन्हें सतर्क रहना चाहिए। हालाँकि, इस पत्र में बिशप मार जोसेफ कल्लारंगट ने ये जिक्र नहीं किया है कि कौन सा समूह इस तरह की हरकतें कर रहा है और किस इरादे से वो ऐसा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ ठग ईसाई परिवार की युवा महिलाओं को निशाना बना रहे हैं और इसके लिए वो जाल भी बिछा रहे हैं। उन्होंने 28 अगस्त, 2021 को इस सम्बन्ध में सर्कुलर भी जारी किया। उन्होंने आगाह किया कि कैसे कुछ लोग फोन कॉल के माध्यम से ईसाई युवतियों को फँसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई हथकंडे अपना कर हमारी बच्चियों को ‘कुछ समूह के लोग’ निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का निशाना ऐसी ईसाई महिलाएँ हैं, जो युवा हैं और जो जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने कहा कि कॉल करने वाला अपने को पूर्व पादरी या फिर जूनियर पादरी बताता है, जिसके बाद किसी अकादमिक काम का बहाना बना कर ईसाई प्रतिनिधियों को कॉल कर के युवतियों के फोन नंबर्स लेने की कोशिश करता है। उन्होंने ईसाई प्रतिनिधियों को भी सचेत रहने के लिए आगाह किया है।

इस पत्र में उन्होंने लिखा है, “अगर कॉल करने वाले ठग पर शक हो जाएगा तो वो ये बहाना बनाएगा कि वो हाल ही में विदेश से लौटा है विदेशी देश में अलग मौसम के कारण उसकी आवाज़ पहचान में नहीं आ रही होगी। सबसे पहले तो ये लोग ईमानदारी और फिर माँ-बेटी के रिश्ते पर बातचीत शुरू करेंगे। इसके बाद वो बातचीत की दिशा और मुद्दों को बदल देंगे, ताकि वो अपनी मनचाही सूचना प्राप्त कर सकें।”

इस सर्कुलर में कहा गया है कि अब इस प्रकार की जालसाजी आम बात हो गई है। उन्होंने पादरियों को सलाह दी है कि न सिर्फ वो सतर्क रहें, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों के ईसाई परिवारों को भी इस बारे में आगाह करें। ऐसे दो मामलों के सामने आने के बाद ये सर्कुलर जारी किया गया है। हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब अपनी महिलाओं को निशाना बनाए जाने को लेकर सिरो-मालाबार चर्च ने चेतावनी जारी की हो।

पत्र लिखने वाले बिशप ने कहा कि यह निश्चित नहीं है कि इस तरह के फोन कॉल धार्मिक, ड्रग्स या सेक्स या किस इरादे से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चर्च अपने सदस्यों को ऐसी समस्या से अवगत कराना चाहता है और इसके बावजूद अगर समस्या मौजूद ही रहती है, तो फिर इसके लिए जाँच की माँग की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले 3-4 महीनों में ऐसी कुछ घटनाएँ सामने आई हैं, जिसमें 16-22 आयु वर्ग की युवतियों को निशाना बनाया गया।

बिशप ने कहा कि ऐसे में इन महिलाओं को मानसिक आघात भी पहुँचा है। इससे पहले जनवरी 2020 में केरल के सबसे बड़े चर्च साइरो मालाबार ने राज्य में ‘लव जिहाद’ की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताई थी। सिरो-मालाबार मीडिया कमीशन की रिपोर्ट में कहा गया था कि ‘लव जिहाद’ के नाम पर ईसाई लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनकी हत्या हो रही है। इससे केरल में धर्मनिरपेक्ष सद्भाव और सामाजिक शांति को खतरा भी बताया गया था।